टीबी मुक्त गुमला की दिशा में जिला प्रशासन की बड़ी पहल, आगामी चार माह के लिए तैयार की गई विशेष कार्ययोजना उपायुक्त ने जिला क्षय केंद्र के नवनिर्मित भवन का किया उद्घाटन, ‘Build, Prevent, Detect एवं Treat’ के चार स्तंभों पर आधारित होगी रणनीति गुमला: टीबी (Tuberculosis) देश एवं झारखंड राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। टीबी का प्रभाव केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को भी प्रभावित करता है। गुमला जिले में टीबी के अधिकांश मरीज कामकाजी आयु वर्ग से संबंधित हैं, जिससे परिवारों की आय एवं उत्पादकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए टीबी के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए वर्ष 2026 के आगामी चार माह में गुमला जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसी क्रम में आज उपायुक्त, गुमला दिलेश्वर महत्तो द्वारा सदर अस्पताल परिसर में जिला क्षय केंद्र के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया गया। साथ ही ‘टीबी मुक्त गुमला जिला’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला टीबी सेल द्वारा तैयार की गई आगामी चार माह की रणनीतिक कार्ययोजना को उपायुक्त द्वारा अनुमोदित किया गया तथा कार्ययोजना पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पूर्व में जिला क्षय केंद्र शहर से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित था, जिसके कारण लोगों को जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाओं के लिए आने-जाने में कठिनाई होती थी। अब नए भवन के माध्यम से जिला मुख्यालय में ही टीबी की जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को समय पर जांच कराने और उपचार प्राप्त करने में सुविधा होगी। उपायुक्त ने कहा कि गुमला जिले को आगामी चार माह में टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रणनीति तैयार की गई है। इस रणनीति के तहत केवल टीबी मरीजों की पहचान और उपचार ही नहीं, बल्कि बीमारी के संक्रमण को रोकने, जोखिम वाले समूहों की पहचान करने तथा टीबी से जुड़े प्रमुख जोखिम कारकों पर भी प्रभावी तरीके से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीबी की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं और जिले में CBNAAT एवं TrueNat जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए टीबी के मामलों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘टीबी मुक्त गुमला जिला’ का उद्देश्य केवल टीबी के मामलों को कम करना नहीं, बल्कि जिले की स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत बनाना है, ताकि टीबी के सभी संभावित मामलों का जल्द पता लगाया जा सके, मजबूत निगरानी प्रणाली विकसित हो तथा उच्च जोखिम वाले समूहों में संक्रमण की जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं आमजनों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी के जोखिम को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों, जैसे मधुमेह, कुपोषण, पुरानी सांस संबंधी बीमारियां तथा अल्कोहल एवं तंबाकू का सेवन को कम करने के लिए भी विशेष प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सामूहिक प्रयास एवं सहभागिता से ‘टीबी मुक्त गुमला’ का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है और यह प्रयास जिले में टीबी मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। जिला टीबी सेल द्वारा तैयार कार्ययोजना नेशनल स्ट्रैटेजिक प्लान (NSP) के चार प्रमुख स्तंभों Build (स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना), Prevent (रोकथाम), Detect (समय पर पहचान) एवं Treat (प्रभावी उपचार) पर आधारित है। कार्ययोजना के तहत टीबी के मामलों की सक्रिय खोज, समय पर जांच, उपचार की निरंतर निगरानी, उच्च जोखिम वाले समूहों पर विशेष फोकस तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को गति दी जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एक चरण में जिले की 62 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में चिन्हित किया गया है। वर्ष 2026 में जिले की 169 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में पंचायत स्तर तक टीबी की पहचान, जांच, उपचार एवं फॉलोअप को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त को नगर भवन, गुमला में टीबी मुक्त पंचायतों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें 62 टीबी मुक्त पंचायतों के मुखिया एवं संबंधित प्रखंडों के प्रमुखों की उपस्थिति में पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। टीबी उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को कांस्य प्रतिमा/सम्मान चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन जिले की अन्य पंचायतों को भी टीबी मुक्त अभियान के लिए प्रेरित करने का माध्यम बनेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि नए जिला क्षय केंद्र के माध्यम से अब जिला स्तर पर टीबी की जांच एवं उपचार संबंधी सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। केंद्र में उपलब्ध अत्याधुनिक जांच सुविधाओं का लाभ आमजनों को मिलेगा। आगामी चार माह की कार्ययोजना के तहत टीबी मरीजों की सक्रिय खोज, जांच, उपचार एवं फॉलोअप पर विशेष जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर, जिला क्षय रोग पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं जिला क्षय केंद्र के कर्मी उपस्थित थे।
टीबी मुक्त गुमला की दिशा में जिला प्रशासन की बड़ी पहल, आगामी चार माह के लिए तैयार की गई विशेष कार्ययोजना उपायुक्त ने जिला क्षय केंद्र के नवनिर्मित भवन का किया उद्घाटन, ‘Build, Prevent, Detect एवं Treat’ के चार स्तंभों पर आधारित होगी रणनीति गुमला: टीबी (Tuberculosis) देश एवं झारखंड राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। टीबी का प्रभाव केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को भी प्रभावित करता है। गुमला जिले में टीबी के अधिकांश मरीज कामकाजी आयु वर्ग से संबंधित हैं, जिससे परिवारों की आय एवं उत्पादकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए टीबी के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए वर्ष 2026 के आगामी चार माह में गुमला जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसी क्रम में आज उपायुक्त, गुमला दिलेश्वर महत्तो द्वारा सदर अस्पताल परिसर में जिला क्षय केंद्र के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया गया। साथ ही ‘टीबी मुक्त गुमला जिला’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला टीबी सेल द्वारा तैयार की गई आगामी चार माह की रणनीतिक कार्ययोजना को उपायुक्त द्वारा अनुमोदित किया गया तथा कार्ययोजना पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पूर्व में जिला क्षय केंद्र शहर से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित था, जिसके कारण लोगों को जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाओं के लिए आने-जाने में कठिनाई होती थी। अब नए भवन के माध्यम से जिला मुख्यालय में ही टीबी की जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को समय पर जांच कराने और उपचार प्राप्त करने में सुविधा होगी। उपायुक्त ने कहा कि गुमला जिले को आगामी चार माह में टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रणनीति तैयार की गई है। इस रणनीति के तहत केवल टीबी मरीजों की पहचान और उपचार ही नहीं, बल्कि बीमारी के संक्रमण को रोकने, जोखिम वाले समूहों की पहचान करने तथा टीबी से जुड़े प्रमुख जोखिम कारकों पर भी प्रभावी तरीके से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीबी की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं और जिले में CBNAAT एवं TrueNat जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए टीबी के मामलों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘टीबी मुक्त गुमला जिला’ का उद्देश्य केवल टीबी के मामलों को कम करना नहीं, बल्कि जिले की स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत बनाना है, ताकि टीबी के सभी संभावित मामलों का जल्द पता लगाया जा सके, मजबूत निगरानी प्रणाली विकसित हो तथा उच्च जोखिम वाले समूहों में संक्रमण की जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं आमजनों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी के जोखिम को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों, जैसे मधुमेह, कुपोषण, पुरानी सांस संबंधी बीमारियां तथा अल्कोहल एवं तंबाकू का सेवन को कम करने के लिए भी विशेष प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सामूहिक प्रयास एवं सहभागिता से ‘टीबी मुक्त गुमला’ का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है और यह प्रयास जिले में टीबी मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। जिला टीबी सेल द्वारा तैयार कार्ययोजना नेशनल स्ट्रैटेजिक प्लान (NSP) के चार प्रमुख स्तंभों Build (स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना), Prevent (रोकथाम), Detect (समय पर पहचान) एवं Treat (प्रभावी उपचार) पर आधारित है। कार्ययोजना के तहत टीबी के मामलों की सक्रिय खोज, समय पर जांच, उपचार की निरंतर निगरानी, उच्च जोखिम वाले समूहों पर विशेष फोकस तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को गति दी जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एक चरण में जिले की 62 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में चिन्हित किया गया है। वर्ष 2026 में जिले की 169 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में पंचायत स्तर तक टीबी की पहचान, जांच, उपचार एवं फॉलोअप को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त को नगर भवन, गुमला में टीबी मुक्त पंचायतों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें 62 टीबी मुक्त पंचायतों के मुखिया एवं संबंधित प्रखंडों के प्रमुखों की उपस्थिति में पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। टीबी उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को कांस्य प्रतिमा/सम्मान चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन जिले की अन्य पंचायतों को भी टीबी मुक्त अभियान के लिए प्रेरित करने का माध्यम बनेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि नए जिला क्षय केंद्र के माध्यम से अब जिला स्तर पर टीबी की जांच एवं उपचार संबंधी सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। केंद्र में उपलब्ध अत्याधुनिक जांच सुविधाओं का लाभ आमजनों को मिलेगा। आगामी चार माह की कार्ययोजना के तहत टीबी मरीजों की सक्रिय खोज, जांच, उपचार एवं फॉलोअप पर विशेष जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर, जिला क्षय रोग पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं जिला क्षय केंद्र के कर्मी उपस्थित थे।
- सावन के दूसरी सोमवारी को अम्बिकेश्वर शिव मंदिर उमड़ी श्रद्धालुओं का जनसैलाब सावन मास की दूसरी सोमवारी के अवसर पर सिसई कृष्णा के छारदा रोड स्थित ऐतिहासिक अम्बिकेश्वर शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह के चार बजे से ही मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार सहित क्षेत्र की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर संचालन समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने और कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। वही आज संध्या 7 बजे से विशेष श्रृंगार दर्शन, संध्या आरती के बाद प्रसाद वितरण के पश्चात डोम्बा गांव के भजन मंडली के कलाकारों के द्वारा रात्रि 8 बजे से भजन कीर्तन किया जाएगा। मंदिर संचालन समिति ने सभी श्रद्धालु भक्तों को समय से पहुंचने की अपील किए हैं।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के ग्रामीण क्षेत्र की हालत देखिए चमरा लिंडा जी आपका क्षेत्र की रोड झारखंड के लोहरदगा जिले के ग्रामीण क्षेत्र की हालत देखिए चमरा लिंडा जी आपका क्षेत्र की रोड1
- मोजम्मिल अहमद बोले-जनसेवा ही झारखंड मुक्ति मोर्चा की पहचान, जरूरतमंदों के सुख-दुख में हमेशा खड़ी रहेगी पार्टी हेमंत सोरेन के जन्मदिन पर सेवा का संदेश, सदर अस्पताल में मरीजों के बीच झामुमो ने बांटे फल व जूस *मोजम्मिल अहमद बोले-जनसेवा ही झारखंड मुक्ति मोर्चा की पहचान, जरूरतमंदों के सुख-दुख में हमेशा खड़ी रहेगी पार्टी* लोहरदगाः झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के जन्मदिन के अवसर पर सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा लोहरदगा जिला समिति की ओर से सेवा और जनकल्याण की अनूठी पहल की गई। जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सदर अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों के बीच फल एवं जूस का वितरण किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मरीजों एवं उनके परिजनों का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जन्मदिन हमारे लिए केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद और पीड़ित लोगों के बीच पहुंचकर सेवा करने का संकल्प दोहराने का दिन है। झारखंड मुक्ति मोर्चा की राजनीति का मूल आधार ही जनता की सेवा, सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों की रक्षा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के हितों को केंद्र में रखकर काम कर रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार और संगठन की प्राथमिकता है। मोजम्मिल अहमद ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज बीमारी और परेशानी से जूझ रहे होते हैं। ऐसे समय में उनके बीच पहुंचना, उनका हाल जानना और छोटी-सी मदद के माध्यम से उनके चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्ची मानव सेवा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल फल और जूस बांटना नहीं है, बल्कि यह संदेश देना है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खुद को अकेला न समझे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता जनता के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जेएमएम केवल चुनाव और राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित संगठन नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों और जनसेवा से गहराई से जुड़ा हुआ आंदोलन है। पार्टी के कार्यकर्ता समय-समय पर रक्तदान, जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सेवा जैसे कार्यों के माध्यम से अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे हैं और आगे भी जनहित के कार्यों को और व्यापक स्तर पर जारी रखा जाएगा। मोजम्मिल अहमद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और शक्ति प्रदान करें, ताकि वे झारखंड की जनता की सेवा और राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहें। उनके नेतृत्व में झारखंड को सामाजिक न्याय, अधिकार और विकास की नई दिशा मिले, यही हमारी कामना है। फल एवं जूस वितरण के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने जेएमएम कार्यकर्ताओं की इस पहल की सराहना की। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में मरीजों के बीच पहुंचकर उन्हें फल एवं जूस वितरित किया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में जेएमएम जिला सचिव अनिल उरांव, युवा जिलाध्यक्ष अजय उरांव, जयप्रकाश शर्मा, कुडू प्रखंड अध्यक्ष शंकर उरांव, कृष्णा भगत, हसनैन खलीफा, रोशन ठाकुर, लालू लोहरा, कैफ खान सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए जनसेवा को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।1
- जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्रों ने कहा हमने जेपीएससी जेएसएससी में धांधली से आजादी चाहिए बार-बार पेपर लीक से आजादी चाहिए1
- मंईयां सम्मान योजना पर बड़ा सवाल.😱 #shorts #shortvideo #ranchi #aandolan #news1
- सिमडेगा। दिनभर राजधानी रांची की बसों को जाने के लिए सिमडेगा से नहीं दिया गया और रात को भी रोका जा रहा है जिस पर महावीर चौक को बस चालकों के द्वारा जाम कर दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सिमडेगा। दिनभर राजधानी रांची की बसों को जाने के लिए सिमडेगा से नहीं दिया गया और रात को भी रोका जा रहा है जिस पर महावीर चौक को बस चालकों के द्वारा जाम कर दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।1
- लातेहार: लौंवाडीह में फुटबॉल टूर्नामेंट 17 अगस्त से शुरू होगी। जवाहर नवोदय विद्यालय के सामने वाला मैदान लउवाडीह में फुटबॉल टूर्नामेंट 17 अगस्त से शुरू होगी, एंट्री फीस 550 रुपया है, प्रथम पुरस्कार बड़ा खस्सी द्वितीय पुरस्कार छोटा खस्सी रखी गई है एंट्री के लिए 9122444474 पर कॉल करे ।।1
- विधानसभा घेराव के लिए बड़ी संख्या में पहुंचे छात्र.? #shorts #shortvideo #vidhansabha #ranchi #news1