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झारखंड के लोहरदगा जिले के ग्रामीण क्षेत्र की हालत देखिए चमरा लिंडा जी आपका क्षेत्र की रोड झारखंड के लोहरदगा जिले के ग्रामीण क्षेत्र की हालत देखिए चमरा लिंडा जी आपका क्षेत्र की रोड
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झारखंड के लोहरदगा जिले के ग्रामीण क्षेत्र की हालत देखिए चमरा लिंडा जी आपका क्षेत्र की रोड झारखंड के लोहरदगा जिले के ग्रामीण क्षेत्र की हालत देखिए चमरा लिंडा जी आपका क्षेत्र की रोड
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- सिमडेगा। दिनभर राजधानी रांची की बसों को जाने के लिए सिमडेगा से नहीं दिया गया और रात को भी रोका जा रहा है जिस पर महावीर चौक को बस चालकों के द्वारा जाम कर दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सिमडेगा। दिनभर राजधानी रांची की बसों को जाने के लिए सिमडेगा से नहीं दिया गया और रात को भी रोका जा रहा है जिस पर महावीर चौक को बस चालकों के द्वारा जाम कर दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।1
- लातेहार: लौंवाडीह में फुटबॉल टूर्नामेंट 17 अगस्त से शुरू होगी। जवाहर नवोदय विद्यालय के सामने वाला मैदान लउवाडीह में फुटबॉल टूर्नामेंट 17 अगस्त से शुरू होगी, एंट्री फीस 550 रुपया है, प्रथम पुरस्कार बड़ा खस्सी द्वितीय पुरस्कार छोटा खस्सी रखी गई है एंट्री के लिए 9122444474 पर कॉल करे ।।1
- सावन के दूसरी सोमवारी को अम्बिकेश्वर शिव मंदिर उमड़ी श्रद्धालुओं का जनसैलाब सावन मास की दूसरी सोमवारी के अवसर पर सिसई कृष्णा के छारदा रोड स्थित ऐतिहासिक अम्बिकेश्वर शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह के चार बजे से ही मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार सहित क्षेत्र की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर संचालन समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने और कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। वही आज संध्या 7 बजे से विशेष श्रृंगार दर्शन, संध्या आरती के बाद प्रसाद वितरण के पश्चात डोम्बा गांव के भजन मंडली के कलाकारों के द्वारा रात्रि 8 बजे से भजन कीर्तन किया जाएगा। मंदिर संचालन समिति ने सभी श्रद्धालु भक्तों को समय से पहुंचने की अपील किए हैं।1
- AIMIM की प्रखंड स्तरीय बैठक में संगठन विस्तार पर जोर, बिजली, ओवरब्रिज और भूमि विवाद समेत कई मुद्दे उठे लातेहार। बारियातु प्रखंड में रविवार को ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) की प्रखंड स्तरीय बैठक आयोजित हुई। अध्यक्षता प्रखंड अध्यक्ष मो. शफीक अंसारी ने की, जबकि संचालन लातेहार प्रखंड अध्यक्ष मुफ्ती मुहसिन अमजदी ने किया। जिला अध्यक्ष इंजीनियर मो. शहबाज के नेतृत्व तथा श्रवण पासवान और मो. आरिफ की मौजूदगी में जिला, प्रखंड, पंचायत एवं बूथ कमेटियों के विस्तार और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा हुई। बैठक में माब लिंचिंग पर कठोर कानून बनाने, उर्दू अकादमी की स्थापना और मदरसा बोर्ड के गठन की मांग उठी आलिम-फाजिल की डिग्री से जुड़े लंबित मामलों का शीघ्र समाधान करने की भी मांग की गई। नन्द किशोर यादव ने बारियातु, हेरंज और बालूमाथ क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी के बाद लंबे समय तक बिजली आपूर्ति बाधित होने का मुद्दा उठाया। नब्बू भुइयां ने टोरी रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण कराने तथा इस मुद्दे को विधानसभा में उठाए जाने का विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। मो. जुबैर ने तीन वर्षों से लंबित प्री-मैट्रिक एवं पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति का भुगतान जल्द कराने की मांग की। साथ ही अंचल कार्यालयों में गरीबों की जमीन की कथित खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की बात कही गई। वरिष्ठ नेता मो. आरिफ ने टुबैद कोल माइंस में रैयतों से किए गए वादों को पूरा करने की मांग की। जिला अध्यक्ष मो. शहबाज ने बालूमाथ कोल क्षेत्र में हाइवा मार्ग पर नियमित पानी का छिड़काव कराने और नो-एंट्री व्यवस्था लागू करने की मांग रखी। बैठक के दौरान बड़ी संख्या में नए सदस्यों को AIMIM की सदस्यता दिलाई गई। श्रवण पासवान ने जिला, प्रखंड एवं प्रखंड प्रभारी पदाधिकारियों के साथ विचार-विमर्श कर संगठन को और मजबूत करने का निर्णय लिया।1
- लातेहार में विकास की एक अद्भुत गाथा की कहानी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ने ग्रामीणों को सुविधा दिया ही नहीं अब नया आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनाया जा रहा है। लातेहार जिला के मनिका प्रखंड अंतर्गत कोपे जेरूआ ग्राम में विगत दिनों लाखों रुपए की लागत से आयुष्मान आरोग्य मंदिर का निर्माण किया जा रहा है। जबकि वर्ष 2013-14 में ही इस ग्राम में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण किया गया था। जो निर्माण के बाद ग्रामीणों को बेहतर सुविधा देने में सफल हो गई और अब नया आयुष्मान आरोग्य मंदिर इसी स्थान पर बनाया जा रहा है ताकि ग्रामीणों को पुनः झूठी सुविधा दी जा सके।1
- हेमंत सोरेन पर बड़ा आरोप पूरा खोखला करके भाग जाएंगे.? #shorts #shortvideo #ranchi1
- लोहरदगा का बड़ी खबर लोहरदगा जिला अंतर्गत आने वाले हिरहि गांव में इन दिनों ग्रामीण संस्कृति और आपसी भाईचारे का एक बेहद अनूठा और भव्य मेला देखने को मिल रहा है, जहां आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे लोगों लोहरदगा जिला अंतर्गत आने वाले हिरहि गांव में इन दिनों ग्रामीण संस्कृति और आपसी भाईचारे का एक बेहद अनूठा और भव्य मेला देखने को मिल रहा है, जहां आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। मेले की शुरुआत होते ही पूरे इलाके में एक अलग ही उत्सव और उमंग का माहौल बन गया है1
- केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ झारखंड राज्य किसान सभा का हल्लाबोल,भरनो में एनएच-23 जाम कर जताया विरोध,संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत प्रदर्शन। भरनो (गुमला):- संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को झारखंड राज्य किसान सभा की गुमला जिला कमेटी के नेतृत्व में भरनो में देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत विरोध प्रदर्शन किया गया।किसान सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भरनो स्कूल चौक के समीप एनएच-23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग को लगभग डेढ़ घंटे तक जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।आंदोलन का नेतृत्व किसान सभा जिला कमेटी गुमला के अध्यक्ष शंकर उरांव ने किया।इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आवाज बुलंद करते हुए किसान-मजदूर हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति बेहद खराब है।किसान दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है,लेकिन उसकी हालत बद से बदतर होती जा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय किसान विरोधी और मजदूर विरोधी कानून बना रही है।उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता,बीज विधेयक और लेबर कोड जैसे कानूनों से किसान और मजदूरों को कोई फायदा नहीं होने वाला है।जब तक ऐसे कानूनों को वापस नहीं लिया जाता,तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।इस मौके पर झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य मदुवा कच्छप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण किसान-मजदूर परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सरकारें जनता विरोधी कानून बना रही हैं। केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेते समय बीज विधेयक और एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की बात कही थी,लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया।मधु कच्छप ने कहा कि भरनो प्रखंड में 1982 के गलत सर्वे के कारण जमीन ऑनलाइन रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।जमीन लूट और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध नहीं हो रहा है और यूरिया-डीएपी की बढ़ती कीमतों पर भी सरकार प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है।उन्होंने कहा कि जब तक किसान के खेत में पानी और बिजली की सुविधा,फसल बेचने की व्यवस्था और उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित नहीं होता,तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।किसान अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसान हित में नीतियां बनाने की मांग की।सड़क जाम की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ जाम स्थल पर पहुंचे और जमाकर्ताओं को समझा बुझा कर सड़क जाम समाप्त करवाया गया,जिसके बाद सभी से सामूहिक रूप से अपनी गिरफ्तारी दी।इस आंदोलन में आयता उरांव, चन्द्रदेव उरांव,अली उरांव,राजेन्द्र उरांव,विनोद उरांव,बलदेव उरांव,मिनसारिया उरांव, बुधनी उरांव,सुरेश उरांव,मालिता उरांव,प्रतिभा उरांव,परदेशिया उरांव,बिरसा उरांव,शंकर उरांव,करमचन्द उरांव,तुष्या उरांव,पूनम उरांव,लछवा उरांव,बिरसमुनी उरांव,अवतार किंडो,राज कमल उरांव,पुष्पा उरांव,सुमन उरांव,रजनी उरांव,गन्दूर उरांव,नवीन उरांव,लालू उरांव,मालती उरांव,सामु उरांव,सोमरा उरांव सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता एवं किसान शामिल हुए।1
- कंटीले तारों की घेराबंदी तोड़ आगे बढ़े अभ्यर्थी, विधानसभा घेराव के दौरान दिखा जंग जैसा मंजर। राँची: झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुआ टकराव काफी उग्र हो गया। प्रशासन ने अभ्यर्थियों को रोकने के लिए विधानसभा के आसपास बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसमें कई परतों में भारी लोहे के बैरिकेड्स और तीखे कंटीले तार (Barbed Wires) लगाए गए थे। बॉर्डर जैसा दिखा नजारा विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों और जगन्नाथपुर मंदिर के आसपास का नजारा देखकर ऐसा लग रहा था मानो किसी देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा या युद्ध क्षेत्र का इलाका हो। सड़कों पर बिछाए गए कई लेयर के कंटीले तारों और बैरिकेड्स के पीछे भारी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के जवान तैनात थे। कंटीले तारों को भी पार कर गए आक्रोशित छात्र पिछले 16 दिनों से अनशन कर रहे और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे युवाओं का गुस्सा इन सख्त पाबंदियों से भी नहीं थमा। अभ्यर्थियों का रुख इतना आक्रामक और दृढ़ था कि वे कंटीले तारों की परवाह किए बिना बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उन्हें उखाड़ने की कोशिश करने लगे। छात्रों का कहना था, "हम अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, ये कंटीले तार और बैरिकेड्स हमारे हौसलों को नहीं रोक सकते।" प्रशासन द्वारा लगाई गई लेयर-दर-लेयर सुरक्षा घेराबंदी जब टूटने लगी, तो स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन की बौछारें कीं और फिर आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए छात्रों पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया।1