केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ झारखंड राज्य किसान सभा का हल्लाबोल,भरनो में एनएच-23 जाम कर जताया विरोध,संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत प्रदर्शन। भरनो (गुमला):- संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को झारखंड राज्य किसान सभा की गुमला जिला कमेटी के नेतृत्व में भरनो में देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत विरोध प्रदर्शन किया गया।किसान सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भरनो स्कूल चौक के समीप एनएच-23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग को लगभग डेढ़ घंटे तक जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।आंदोलन का नेतृत्व किसान सभा जिला कमेटी गुमला के अध्यक्ष शंकर उरांव ने किया।इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आवाज बुलंद करते हुए किसान-मजदूर हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति बेहद खराब है।किसान दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है,लेकिन उसकी हालत बद से बदतर होती जा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय किसान विरोधी और मजदूर विरोधी कानून बना रही है।उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता,बीज विधेयक और लेबर कोड जैसे कानूनों से किसान और मजदूरों को कोई फायदा नहीं होने वाला है।जब तक ऐसे कानूनों को वापस नहीं लिया जाता,तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।इस मौके पर झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य मदुवा कच्छप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण किसान-मजदूर परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सरकारें जनता विरोधी कानून बना रही हैं। केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेते समय बीज विधेयक और एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की बात कही थी,लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया।मधु कच्छप ने कहा कि भरनो प्रखंड में 1982 के गलत सर्वे के कारण जमीन ऑनलाइन रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।जमीन लूट और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध नहीं हो रहा है और यूरिया-डीएपी की बढ़ती कीमतों पर भी सरकार प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है।उन्होंने कहा कि जब तक किसान के खेत में पानी और बिजली की सुविधा,फसल बेचने की व्यवस्था और उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित नहीं होता,तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।किसान अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसान हित में नीतियां बनाने की मांग की।सड़क जाम की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ जाम स्थल पर पहुंचे और जमाकर्ताओं को समझा बुझा कर सड़क जाम समाप्त करवाया गया,जिसके बाद सभी से सामूहिक रूप से अपनी गिरफ्तारी दी।इस आंदोलन में आयता उरांव, चन्द्रदेव उरांव,अली उरांव,राजेन्द्र उरांव,विनोद उरांव,बलदेव उरांव,मिनसारिया उरांव, बुधनी उरांव,सुरेश उरांव,मालिता उरांव,प्रतिभा उरांव,परदेशिया उरांव,बिरसा उरांव,शंकर उरांव,करमचन्द उरांव,तुष्या उरांव,पूनम उरांव,लछवा उरांव,बिरसमुनी उरांव,अवतार किंडो,राज कमल उरांव,पुष्पा उरांव,सुमन उरांव,रजनी उरांव,गन्दूर उरांव,नवीन उरांव,लालू उरांव,मालती उरांव,सामु उरांव,सोमरा उरांव सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता एवं किसान शामिल हुए।
केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ झारखंड राज्य किसान सभा का हल्लाबोल,भरनो में एनएच-23 जाम कर जताया विरोध,संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत प्रदर्शन। भरनो (गुमला):- संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को झारखंड राज्य किसान सभा की गुमला जिला कमेटी के नेतृत्व में भरनो में देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत विरोध प्रदर्शन किया गया।किसान सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भरनो स्कूल चौक के समीप एनएच-23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग को लगभग डेढ़ घंटे तक जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।आंदोलन का नेतृत्व किसान सभा जिला कमेटी गुमला के अध्यक्ष शंकर उरांव ने किया।इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आवाज बुलंद करते हुए किसान-मजदूर हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति बेहद खराब है।किसान दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है,लेकिन उसकी हालत बद से बदतर होती जा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय किसान विरोधी और मजदूर विरोधी कानून बना रही है।उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता,बीज विधेयक और लेबर कोड जैसे कानूनों से किसान और मजदूरों को कोई फायदा नहीं होने वाला है।जब तक ऐसे कानूनों को वापस नहीं लिया जाता,तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।इस मौके पर झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य मदुवा कच्छप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण किसान-मजदूर परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सरकारें जनता विरोधी कानून बना रही हैं। केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेते समय बीज विधेयक और एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की बात कही थी,लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया।मधु कच्छप ने कहा कि भरनो प्रखंड में 1982 के गलत सर्वे के कारण जमीन ऑनलाइन रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।जमीन लूट और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध नहीं हो रहा है और यूरिया-डीएपी की बढ़ती कीमतों पर भी सरकार प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है।उन्होंने कहा कि जब तक किसान के खेत में पानी और बिजली की सुविधा,फसल बेचने की व्यवस्था और उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित नहीं होता,तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।किसान अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसान हित में नीतियां बनाने की मांग की।सड़क जाम की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ जाम स्थल पर पहुंचे और जमाकर्ताओं को समझा बुझा कर सड़क जाम समाप्त करवाया गया,जिसके बाद सभी से सामूहिक रूप से अपनी गिरफ्तारी दी।इस आंदोलन में आयता उरांव, चन्द्रदेव उरांव,अली उरांव,राजेन्द्र उरांव,विनोद उरांव,बलदेव उरांव,मिनसारिया उरांव, बुधनी उरांव,सुरेश उरांव,मालिता उरांव,प्रतिभा उरांव,परदेशिया उरांव,बिरसा उरांव,शंकर उरांव,करमचन्द उरांव,तुष्या उरांव,पूनम उरांव,लछवा उरांव,बिरसमुनी उरांव,अवतार किंडो,राज कमल उरांव,पुष्पा उरांव,सुमन उरांव,रजनी उरांव,गन्दूर उरांव,नवीन उरांव,लालू उरांव,मालती उरांव,सामु उरांव,सोमरा उरांव सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता एवं किसान शामिल हुए।
- मोजम्मिल अहमद बोले-जनसेवा ही झारखंड मुक्ति मोर्चा की पहचान, जरूरतमंदों के सुख-दुख में हमेशा खड़ी रहेगी पार्टी हेमंत सोरेन के जन्मदिन पर सेवा का संदेश, सदर अस्पताल में मरीजों के बीच झामुमो ने बांटे फल व जूस *मोजम्मिल अहमद बोले-जनसेवा ही झारखंड मुक्ति मोर्चा की पहचान, जरूरतमंदों के सुख-दुख में हमेशा खड़ी रहेगी पार्टी* लोहरदगाः झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के जन्मदिन के अवसर पर सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा लोहरदगा जिला समिति की ओर से सेवा और जनकल्याण की अनूठी पहल की गई। जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सदर अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों के बीच फल एवं जूस का वितरण किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मरीजों एवं उनके परिजनों का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जन्मदिन हमारे लिए केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद और पीड़ित लोगों के बीच पहुंचकर सेवा करने का संकल्प दोहराने का दिन है। झारखंड मुक्ति मोर्चा की राजनीति का मूल आधार ही जनता की सेवा, सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों की रक्षा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के हितों को केंद्र में रखकर काम कर रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार और संगठन की प्राथमिकता है। मोजम्मिल अहमद ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज बीमारी और परेशानी से जूझ रहे होते हैं। ऐसे समय में उनके बीच पहुंचना, उनका हाल जानना और छोटी-सी मदद के माध्यम से उनके चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्ची मानव सेवा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल फल और जूस बांटना नहीं है, बल्कि यह संदेश देना है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खुद को अकेला न समझे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता जनता के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जेएमएम केवल चुनाव और राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित संगठन नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों और जनसेवा से गहराई से जुड़ा हुआ आंदोलन है। पार्टी के कार्यकर्ता समय-समय पर रक्तदान, जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सेवा जैसे कार्यों के माध्यम से अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे हैं और आगे भी जनहित के कार्यों को और व्यापक स्तर पर जारी रखा जाएगा। मोजम्मिल अहमद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और शक्ति प्रदान करें, ताकि वे झारखंड की जनता की सेवा और राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहें। उनके नेतृत्व में झारखंड को सामाजिक न्याय, अधिकार और विकास की नई दिशा मिले, यही हमारी कामना है। फल एवं जूस वितरण के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने जेएमएम कार्यकर्ताओं की इस पहल की सराहना की। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में मरीजों के बीच पहुंचकर उन्हें फल एवं जूस वितरित किया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में जेएमएम जिला सचिव अनिल उरांव, युवा जिलाध्यक्ष अजय उरांव, जयप्रकाश शर्मा, कुडू प्रखंड अध्यक्ष शंकर उरांव, कृष्णा भगत, हसनैन खलीफा, रोशन ठाकुर, लालू लोहरा, कैफ खान सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए जनसेवा को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।1
- झारखंड के लोहरदगा जिले के ग्रामीण क्षेत्र की हालत देखिए चमरा लिंडा जी आपका क्षेत्र की रोड झारखंड के लोहरदगा जिले के ग्रामीण क्षेत्र की हालत देखिए चमरा लिंडा जी आपका क्षेत्र की रोड1
- एमआरएमए पहल 2.0 के अंतर्गत जशपुर में हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रांची तथा रेशम विभाग, जशपुर के समन्वय में हुई बैठक में तसर कृषकों, अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों सहित कुल 28 हितधारकों ने भाग लिया। जशपुर जनसम्पर्क अधिकारी से रविवार की दोपहर तीन बजे मिली जानकारी के अनुसार बैठक में सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA) और आधारभूत सर्वेक्षण के माध्यम से कृषकों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं का आकलन किया गया। सर्वेक्षण में तसर पालन में चींटियों, ततैया के प्रकोप और वायरोसिस रोग को प्रमुख समस्या पाया गया। किसानों की जरूरतों के आधार पर 9 आवश्यकता-आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक से जशपुर जिले के लिए पांच वर्षीय तसर रेशम विकास कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार प्राप्त हुआ।1
- देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा के लिए रवाना हो गए हैं. वो बाकी छात्रों के साथ मार्च में शामिल होंगे.1
- सिमडेगा। दिनभर राजधानी रांची की बसों को जाने के लिए सिमडेगा से नहीं दिया गया और रात को भी रोका जा रहा है जिस पर महावीर चौक को बस चालकों के द्वारा जाम कर दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सिमडेगा। दिनभर राजधानी रांची की बसों को जाने के लिए सिमडेगा से नहीं दिया गया और रात को भी रोका जा रहा है जिस पर महावीर चौक को बस चालकों के द्वारा जाम कर दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।1
- मंईयां सम्मान योजना पर बड़ा सवाल.😱 #shorts #shortvideo #ranchi #aandolan #news1
- जेपीएससी जेएसएससी सीजीएल मामले को लेकर छात्रों का आज विधानसभा घेराव। रांची जेपीएससी जेएसएससी सीजीएल मामले को लेकर पूरे झारखंड राज्य भर के छात्र यहां तक ही नहीं झारखंड के अलावे दूसरे राज्यों के छात्र भी इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए आज रांची के विधानसभा घेराव के लिए उमड़ पड़े हैं छात्रों का मांग है जितने भी परीक्षण अनियमित पाई गई है सभी परीक्षाओं को सरकार अभिलंब निरस्त करें और जेपीएससी सीजीएल जैसे परीक्षाओं को सीबीआई, और ईडी जैसी संस्थाओं से निष्पक्ष तरीका से जांच करने की मांग को लेकर छात्र अड़े हुए है छात्रों का मांग नियुक्ति परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आपस में किसी भी तरह की अनियमित बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- कंटीले तारों की घेराबंदी तोड़ आगे बढ़े अभ्यर्थी, विधानसभा घेराव के दौरान दिखा जंग जैसा मंजर। राँची: झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुआ टकराव काफी उग्र हो गया। प्रशासन ने अभ्यर्थियों को रोकने के लिए विधानसभा के आसपास बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसमें कई परतों में भारी लोहे के बैरिकेड्स और तीखे कंटीले तार (Barbed Wires) लगाए गए थे। बॉर्डर जैसा दिखा नजारा विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों और जगन्नाथपुर मंदिर के आसपास का नजारा देखकर ऐसा लग रहा था मानो किसी देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा या युद्ध क्षेत्र का इलाका हो। सड़कों पर बिछाए गए कई लेयर के कंटीले तारों और बैरिकेड्स के पीछे भारी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के जवान तैनात थे। कंटीले तारों को भी पार कर गए आक्रोशित छात्र पिछले 16 दिनों से अनशन कर रहे और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे युवाओं का गुस्सा इन सख्त पाबंदियों से भी नहीं थमा। अभ्यर्थियों का रुख इतना आक्रामक और दृढ़ था कि वे कंटीले तारों की परवाह किए बिना बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उन्हें उखाड़ने की कोशिश करने लगे। छात्रों का कहना था, "हम अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, ये कंटीले तार और बैरिकेड्स हमारे हौसलों को नहीं रोक सकते।" प्रशासन द्वारा लगाई गई लेयर-दर-लेयर सुरक्षा घेराबंदी जब टूटने लगी, तो स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन की बौछारें कीं और फिर आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए छात्रों पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया।1