कंटीले तारों की घेराबंदी तोड़ आगे बढ़े अभ्यर्थी, विधानसभा घेराव के दौरान दिखा जंग जैसा मंजर। राँची: झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुआ टकराव काफी उग्र हो गया। प्रशासन ने अभ्यर्थियों को रोकने के लिए विधानसभा के आसपास बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसमें कई परतों में भारी लोहे के बैरिकेड्स और तीखे कंटीले तार (Barbed Wires) लगाए गए थे। बॉर्डर जैसा दिखा नजारा विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों और जगन्नाथपुर मंदिर के आसपास का नजारा देखकर ऐसा लग रहा था मानो किसी देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा या युद्ध क्षेत्र का इलाका हो। सड़कों पर बिछाए गए कई लेयर के कंटीले तारों और बैरिकेड्स के पीछे भारी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के जवान तैनात थे। कंटीले तारों को भी पार कर गए आक्रोशित छात्र पिछले 16 दिनों से अनशन कर रहे और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे युवाओं का गुस्सा इन सख्त पाबंदियों से भी नहीं थमा। अभ्यर्थियों का रुख इतना आक्रामक और दृढ़ था कि वे कंटीले तारों की परवाह किए बिना बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उन्हें उखाड़ने की कोशिश करने लगे। छात्रों का कहना था, "हम अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, ये कंटीले तार और बैरिकेड्स हमारे हौसलों को नहीं रोक सकते।" प्रशासन द्वारा लगाई गई लेयर-दर-लेयर सुरक्षा घेराबंदी जब टूटने लगी, तो स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन की बौछारें कीं और फिर आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए छात्रों पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया।
कंटीले तारों की घेराबंदी तोड़ आगे बढ़े अभ्यर्थी, विधानसभा घेराव के दौरान दिखा जंग जैसा मंजर। राँची: झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुआ टकराव काफी उग्र हो गया। प्रशासन ने अभ्यर्थियों को रोकने के लिए विधानसभा के आसपास बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसमें कई परतों में भारी लोहे के बैरिकेड्स और तीखे कंटीले तार (Barbed Wires) लगाए गए थे। बॉर्डर जैसा दिखा नजारा विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों और जगन्नाथपुर मंदिर के आसपास का नजारा देखकर ऐसा लग रहा था मानो किसी देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा या युद्ध क्षेत्र का इलाका हो। सड़कों पर बिछाए गए कई लेयर के कंटीले तारों और बैरिकेड्स के पीछे भारी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के जवान तैनात थे। कंटीले तारों को भी पार कर गए आक्रोशित छात्र पिछले 16 दिनों से अनशन कर रहे और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे युवाओं का गुस्सा इन सख्त पाबंदियों से भी नहीं थमा। अभ्यर्थियों का रुख इतना आक्रामक और दृढ़ था कि वे कंटीले तारों की परवाह किए बिना बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उन्हें उखाड़ने की कोशिश करने लगे। छात्रों का कहना था, "हम अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, ये कंटीले तार और बैरिकेड्स हमारे हौसलों को नहीं रोक सकते।" प्रशासन द्वारा लगाई गई लेयर-दर-लेयर सुरक्षा घेराबंदी जब टूटने लगी, तो स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन की बौछारें कीं और फिर आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए छात्रों पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया।
- सावन के दूसरी सोमवारी को अम्बिकेश्वर शिव मंदिर उमड़ी श्रद्धालुओं का जनसैलाब सावन मास की दूसरी सोमवारी के अवसर पर सिसई कृष्णा के छारदा रोड स्थित ऐतिहासिक अम्बिकेश्वर शिव मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा। सुबह के चार बजे से ही मंदिर के कपाट खुलते ही भक्तों की लंबी कतारें लग गईं। हर-हर महादेव और बोल-बम के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गुंजायमान रहा।श्रद्धालुओं ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर परिवार सहित क्षेत्र की सुख, समृद्धि और शांति की कामना की। मंदिर संचालन समिति द्वारा भीड़ को नियंत्रित करने और कतारबद्ध तरीके से दर्शन कराने के लिए व्यापक इंतजाम किए गए थे। वही आज संध्या 7 बजे से विशेष श्रृंगार दर्शन, संध्या आरती के बाद प्रसाद वितरण के पश्चात डोम्बा गांव के भजन मंडली के कलाकारों के द्वारा रात्रि 8 बजे से भजन कीर्तन किया जाएगा। मंदिर संचालन समिति ने सभी श्रद्धालु भक्तों को समय से पहुंचने की अपील किए हैं।1
- खूंटी जिला के कर्रा प्रखंड अंतर्गत बक्सपुर के महिलाओं ने कलश यात्रा निकाली। शुरू ऐप्प न्यूज़ संवाददाता। खूंटी। कर्रा प्रखंड के बक्सपुर पंचायत के किनू टोली से 101 महिलाओं ने खूंटी जिला भाजपा महिला मोर्चा अध्यक्ष सीमा देवी और सुगंती देवी के अगुवाई में सोमवार को कलश यात्रा निकाली गई। सावन के पवित्र माह के दुसरी सोमवार को सर्व प्रथम सुबह बक्सपुर पंचायत के महिलाओं ने किनू टोली स्थित बजरंग बली मंदिर में एकत्रित हुए। उसके बाद नंगे पांव करीब दो किलोमीटर दुर कारों नदी पहुंचे और नदी में ही स्नान किये साथ ही सभी महिलाएं गेरुआ साड़ी और वस्त्र पहनी। पंडित द्वारा विधि विधान के साथ पुजा और मंत्रोंचारण करने के बाद सभी महिलाओं ने नदी से जल उठाई और हर हर महादेव, बम-बम भोले, जय बजरंगबली का उद्घोष लगाते हुए किनू टोली गांव पहुंच कर गांव का भ्रमण करने के बाद शिवालय में सभी महिलाएं ने जल अभिषेक किया। महिलाओं ने शिव शंकर भोलेनाथ से प्रार्थना किये की क्षेत्र में हरियाली और खुशीहाली बना रहे। सभी व्यक्ति के चहरे में हमेशा मुस्कान रहें साथ ही हमारे देश में कोरोना जैसे महामारी बिमारी कभी ना हो। सभी व्यक्ति एक दुसरे से आदर और प्रेम का भावना रखें। इस मौके पर काफी संख्या में स्थानीय महिला पुरुष उपस्थित थे।1
- देवेंद्र नाथ महतो एंबुलेंस से विधानसभा के लिए रवाना हो गए हैं. वो बाकी छात्रों के साथ मार्च में शामिल होंगे.1
- +91 7667913218 address angrabari bichna khunti pin code 835210 jharkhand1
- मोजम्मिल अहमद बोले-जनसेवा ही झारखंड मुक्ति मोर्चा की पहचान, जरूरतमंदों के सुख-दुख में हमेशा खड़ी रहेगी पार्टी हेमंत सोरेन के जन्मदिन पर सेवा का संदेश, सदर अस्पताल में मरीजों के बीच झामुमो ने बांटे फल व जूस *मोजम्मिल अहमद बोले-जनसेवा ही झारखंड मुक्ति मोर्चा की पहचान, जरूरतमंदों के सुख-दुख में हमेशा खड़ी रहेगी पार्टी* लोहरदगाः झारखंड के मुख्यमंत्री एवं झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन के जन्मदिन के अवसर पर सोमवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा लोहरदगा जिला समिति की ओर से सेवा और जनकल्याण की अनूठी पहल की गई। जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद के नेतृत्व में पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सदर अस्पताल पहुंचकर भर्ती मरीजों के बीच फल एवं जूस का वितरण किया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मरीजों एवं उनके परिजनों का हालचाल जाना और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। साथ ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वस्थ, सुखी एवं दीर्घायु जीवन की प्रार्थना की गई। इस अवसर पर जिलाध्यक्ष मोजम्मिल अहमद ने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का जन्मदिन हमारे लिए केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि समाज के जरूरतमंद और पीड़ित लोगों के बीच पहुंचकर सेवा करने का संकल्प दोहराने का दिन है। झारखंड मुक्ति मोर्चा की राजनीति का मूल आधार ही जनता की सेवा, सामाजिक न्याय और वंचितों के अधिकारों की रक्षा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में झारखंड सरकार गांव, गरीब, किसान, मजदूर, महिला, युवा तथा आदिवासी-मूलवासी समाज के हितों को केंद्र में रखकर काम कर रही है। सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे, यही सरकार और संगठन की प्राथमिकता है। मोजम्मिल अहमद ने कहा कि अस्पताल में भर्ती मरीज बीमारी और परेशानी से जूझ रहे होते हैं। ऐसे समय में उनके बीच पहुंचना, उनका हाल जानना और छोटी-सी मदद के माध्यम से उनके चेहरे पर मुस्कान लाना ही सच्ची मानव सेवा है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य केवल फल और जूस बांटना नहीं है, बल्कि यह संदेश देना है कि कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खुद को अकेला न समझे। झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकर्ता जनता के सुख-दुख में हमेशा उनके साथ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि जेएमएम केवल चुनाव और राजनीतिक गतिविधियों तक सीमित संगठन नहीं है, बल्कि सामाजिक सरोकारों और जनसेवा से गहराई से जुड़ा हुआ आंदोलन है। पार्टी के कार्यकर्ता समय-समय पर रक्तदान, जरूरतमंदों की सहायता, स्वास्थ्य एवं सामाजिक सेवा जैसे कार्यों के माध्यम से अपनी जिम्मेदारी निभाते रहे हैं और आगे भी जनहित के कार्यों को और व्यापक स्तर पर जारी रखा जाएगा। मोजम्मिल अहमद ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जन्मदिन की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि हम ईश्वर से प्रार्थना करते हैं कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और शक्ति प्रदान करें, ताकि वे झारखंड की जनता की सेवा और राज्य के विकास के लिए निरंतर कार्य करते रहें। उनके नेतृत्व में झारखंड को सामाजिक न्याय, अधिकार और विकास की नई दिशा मिले, यही हमारी कामना है। फल एवं जूस वितरण के दौरान अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों ने जेएमएम कार्यकर्ताओं की इस पहल की सराहना की। कार्यकर्ताओं ने अस्पताल परिसर में मरीजों के बीच पहुंचकर उन्हें फल एवं जूस वितरित किया और हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया। कार्यक्रम में जेएमएम जिला सचिव अनिल उरांव, युवा जिलाध्यक्ष अजय उरांव, जयप्रकाश शर्मा, कुडू प्रखंड अध्यक्ष शंकर उरांव, कृष्णा भगत, हसनैन खलीफा, रोशन ठाकुर, लालू लोहरा, कैफ खान सहित पार्टी के कई पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के स्वस्थ एवं दीर्घायु जीवन की कामना करते हुए जनसेवा को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया।1
- छोटा अमरनाथ के नाम पर चर्चित हो रहा सुदूरवर्ती क्षेत्र के प्राचीन गुफानुमा शिवलिंग भक्तो की उमड़ी भीड़ यह दर्शनिक स्थल लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर पश्चिम क्षेत्र के चंदवा गढगांव में 12 सौ फीट ऊपर पहाड़ की चोटी में प्राचीन काल से अवस्थित है जो स्थानीय लोगो के बीच महादेव मंडा के नाम से प्रसिद्ध था। लेकिन धीरे धीरे यह स्थल दर्शनिक स्थल में विकसित हुआ और आज लोग इसे झारखंड के छोटा अमरनाथ का नाम दे रहें है जो काफी चर्चित हो रहा है और दूर दूर से पर्यटक एवं भक्तगण की तांता लग रही है। इस स्थल की जितना विशेषता किया जाए वह कम है1
- जेपीएससी जेएसएससी सीजीएल मामले को लेकर छात्रों का आज विधानसभा घेराव। रांची जेपीएससी जेएसएससी सीजीएल मामले को लेकर पूरे झारखंड राज्य भर के छात्र यहां तक ही नहीं झारखंड के अलावे दूसरे राज्यों के छात्र भी इस आंदोलन को समर्थन देने के लिए आज रांची के विधानसभा घेराव के लिए उमड़ पड़े हैं छात्रों का मांग है जितने भी परीक्षण अनियमित पाई गई है सभी परीक्षाओं को सरकार अभिलंब निरस्त करें और जेपीएससी सीजीएल जैसे परीक्षाओं को सीबीआई, और ईडी जैसी संस्थाओं से निष्पक्ष तरीका से जांच करने की मांग को लेकर छात्र अड़े हुए है छात्रों का मांग नियुक्ति परीक्षा निष्पक्ष तरीके से आपस में किसी भी तरह की अनियमित बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- कंटीले तारों की घेराबंदी तोड़ आगे बढ़े अभ्यर्थी, विधानसभा घेराव के दौरान दिखा जंग जैसा मंजर। राँची: झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुआ टकराव काफी उग्र हो गया। प्रशासन ने अभ्यर्थियों को रोकने के लिए विधानसभा के आसपास बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसमें कई परतों में भारी लोहे के बैरिकेड्स और तीखे कंटीले तार (Barbed Wires) लगाए गए थे। बॉर्डर जैसा दिखा नजारा विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों और जगन्नाथपुर मंदिर के आसपास का नजारा देखकर ऐसा लग रहा था मानो किसी देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा या युद्ध क्षेत्र का इलाका हो। सड़कों पर बिछाए गए कई लेयर के कंटीले तारों और बैरिकेड्स के पीछे भारी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के जवान तैनात थे। कंटीले तारों को भी पार कर गए आक्रोशित छात्र पिछले 16 दिनों से अनशन कर रहे और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे युवाओं का गुस्सा इन सख्त पाबंदियों से भी नहीं थमा। अभ्यर्थियों का रुख इतना आक्रामक और दृढ़ था कि वे कंटीले तारों की परवाह किए बिना बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उन्हें उखाड़ने की कोशिश करने लगे। छात्रों का कहना था, "हम अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, ये कंटीले तार और बैरिकेड्स हमारे हौसलों को नहीं रोक सकते।" प्रशासन द्वारा लगाई गई लेयर-दर-लेयर सुरक्षा घेराबंदी जब टूटने लगी, तो स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन की बौछारें कीं और फिर आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए छात्रों पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया।1