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छोटा अमरनाथ के नाम पर चर्चित हो रहा सुदूरवर्ती क्षेत्र के प्राचीन गुफानुमा शिवलिंग भक्तो की उमड़ी भीड़ यह दर्शनिक स्थल लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर पश्चिम क्षेत्र के चंदवा गढगांव में 12 सौ फीट ऊपर पहाड़ की चोटी में प्राचीन काल से अवस्थित है जो स्थानीय लोगो के बीच महादेव मंडा के नाम से प्रसिद्ध था। लेकिन धीरे धीरे यह स्थल दर्शनिक स्थल में विकसित हुआ और आज लोग इसे झारखंड के छोटा अमरनाथ का नाम दे रहें है जो काफी चर्चित हो रहा है और दूर दूर से पर्यटक एवं भक्तगण की तांता लग रही है। इस स्थल की जितना विशेषता किया जाए वह कम है
आलोक कुमार
छोटा अमरनाथ के नाम पर चर्चित हो रहा सुदूरवर्ती क्षेत्र के प्राचीन गुफानुमा शिवलिंग भक्तो की उमड़ी भीड़ यह दर्शनिक स्थल लोहरदगा जिले के सेन्हा प्रखंड मुख्यालय से महज 20 किलोमीटर दूर पश्चिम क्षेत्र के चंदवा गढगांव में 12 सौ फीट ऊपर पहाड़ की चोटी में प्राचीन काल से अवस्थित है जो स्थानीय लोगो के बीच महादेव मंडा के नाम से प्रसिद्ध था। लेकिन धीरे धीरे यह स्थल दर्शनिक स्थल में विकसित हुआ और आज लोग इसे झारखंड के छोटा अमरनाथ का नाम दे रहें है जो काफी चर्चित हो रहा है और दूर दूर से पर्यटक एवं भक्तगण की तांता लग रही है। इस स्थल की जितना विशेषता किया जाए वह कम है
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- सिमडेगा। दिनभर राजधानी रांची की बसों को जाने के लिए सिमडेगा से नहीं दिया गया और रात को भी रोका जा रहा है जिस पर महावीर चौक को बस चालकों के द्वारा जाम कर दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। सिमडेगा। दिनभर राजधानी रांची की बसों को जाने के लिए सिमडेगा से नहीं दिया गया और रात को भी रोका जा रहा है जिस पर महावीर चौक को बस चालकों के द्वारा जाम कर दिया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।1
- केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ झारखंड राज्य किसान सभा का हल्लाबोल,भरनो में एनएच-23 जाम कर जताया विरोध,संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत प्रदर्शन। भरनो (गुमला):- संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को झारखंड राज्य किसान सभा की गुमला जिला कमेटी के नेतृत्व में भरनो में देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत विरोध प्रदर्शन किया गया।किसान सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भरनो स्कूल चौक के समीप एनएच-23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग को लगभग डेढ़ घंटे तक जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।आंदोलन का नेतृत्व किसान सभा जिला कमेटी गुमला के अध्यक्ष शंकर उरांव ने किया।इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आवाज बुलंद करते हुए किसान-मजदूर हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति बेहद खराब है।किसान दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है,लेकिन उसकी हालत बद से बदतर होती जा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय किसान विरोधी और मजदूर विरोधी कानून बना रही है।उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता,बीज विधेयक और लेबर कोड जैसे कानूनों से किसान और मजदूरों को कोई फायदा नहीं होने वाला है।जब तक ऐसे कानूनों को वापस नहीं लिया जाता,तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।इस मौके पर झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य मदुवा कच्छप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण किसान-मजदूर परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सरकारें जनता विरोधी कानून बना रही हैं। केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेते समय बीज विधेयक और एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की बात कही थी,लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया।मधु कच्छप ने कहा कि भरनो प्रखंड में 1982 के गलत सर्वे के कारण जमीन ऑनलाइन रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।जमीन लूट और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध नहीं हो रहा है और यूरिया-डीएपी की बढ़ती कीमतों पर भी सरकार प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है।उन्होंने कहा कि जब तक किसान के खेत में पानी और बिजली की सुविधा,फसल बेचने की व्यवस्था और उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित नहीं होता,तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।किसान अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसान हित में नीतियां बनाने की मांग की।सड़क जाम की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ जाम स्थल पर पहुंचे और जमाकर्ताओं को समझा बुझा कर सड़क जाम समाप्त करवाया गया,जिसके बाद सभी से सामूहिक रूप से अपनी गिरफ्तारी दी।इस आंदोलन में आयता उरांव, चन्द्रदेव उरांव,अली उरांव,राजेन्द्र उरांव,विनोद उरांव,बलदेव उरांव,मिनसारिया उरांव, बुधनी उरांव,सुरेश उरांव,मालिता उरांव,प्रतिभा उरांव,परदेशिया उरांव,बिरसा उरांव,शंकर उरांव,करमचन्द उरांव,तुष्या उरांव,पूनम उरांव,लछवा उरांव,बिरसमुनी उरांव,अवतार किंडो,राज कमल उरांव,पुष्पा उरांव,सुमन उरांव,रजनी उरांव,गन्दूर उरांव,नवीन उरांव,लालू उरांव,मालती उरांव,सामु उरांव,सोमरा उरांव सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता एवं किसान शामिल हुए।1
- भारत, USA और रूस को पीछे छोड़कर रेल से दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मालवाहक बन गया है, जिसने लगभग 1.67 बिलियन टन माल हैंडल किया है। 🇨🇳 चीन — 4B+ MT 🇮🇳 भारत — 1.67B MT 🇺🇸 USA — ~1.5B MT 🇷🇺 रूस — ~1.2B MT यह सिर्फ़ एक नंबर नहीं है। यह इंडियन रेलवे के बड़े स्केल और देश भर में कोयला, मिनरल, फ़ूडग्रेन, पेट्रोलियम और दूसरी ज़रूरी चीज़ों के ट्रांसपोर्ट में इसकी बढ़ती भूमिका को दिखाता है। डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर को बढ़ाने से लेकर रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर को मॉडर्न बनाने तक, इंडिया का रेल नेटवर्क इकोनॉमिक ग्रोथ का एक ज़रूरी इंजन बन रहा है। स्केल बहुत बड़ा है। मोमेंटम असली है। इंडियन रेलवे धीमा नहीं पड़ रहा है। 🇮🇳 अनस्टॉपेबल इंडियन रेलवे।1
- बसीया कोनावीर के सरहुल अखाड़ा में बहुत धूमधाम से सुजीत टेटे के नेतृत्व में मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस,मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति भेंगरा रही उपस्थित बसीया कोनावीर के सरहुल अखाड़ा में बहुत धूमधाम से सुजीत टेटे के नेतृत्व में मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस,मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति भेंगरा रही उपस्थित गुमला जिले की बसिया प्रखंड में कोनवीर स्थित सरहुल अखाड़ा में रविवार को बहुत ही धूमधाम के साथ बसिया के सामाजिक कार्यकर्ता सुजीत टेटे के नेतृत्व में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति भेंगरा पहुंची हुई थी। मुख्य अतिथि तथा सुजीत टेटे,चारो उरांव,विवियाना एक्का, निकोलस मुंडा,मुकुल किंडो, अभय तिर्की, प्रदीप तिर्की,दिलीप तिर्की, शशीकांत भगत, एमलेन कुल्लू,रतीया उरांव,पीसी बड़ाइक,अमृता बड़ाइक,गुलशन टेटे,पुष्पा देवी, रश्मि टेटे, वीरेंद्र मुखिया, सुनिल टोपनो, शिशु टोपनो, अजित गुड़िया, रवि साहु, बसंती डुंगडुंग, विनोद भगत, बसिया अनुमंडल के पहान,पुजार महतो साथ सैकड़ों गणमान्य लोग और हजारों ग्रामीणो ने उपस्थित होकर तेलंगा खड़िया और बिरसा मुंडा की प्रतिमा में माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में आदिवासियों के इतिहास के बारे में चर्चा हुई। मुख्य अतिथि ज्योति भेंगरा ने भी सभी को संबोधित किया। कार्यक्रम में खोड़ा दल और हजारों की संख्या में ग्रामीण अपने पारंपरिक वेशभूषा में आए हुए थे जो नगाड़ा और मांदर के साथ सांस्कृतिक नृत्य संगीत कर रहे थे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए हुए ग्रामीणों के लिए खिचड़ी की व्यवस्था की गई थी।1
- लातेहार: लौंवाडीह में फुटबॉल टूर्नामेंट 17 अगस्त से शुरू होगी। जवाहर नवोदय विद्यालय के सामने वाला मैदान लउवाडीह में फुटबॉल टूर्नामेंट 17 अगस्त से शुरू होगी, एंट्री फीस 550 रुपया है, प्रथम पुरस्कार बड़ा खस्सी द्वितीय पुरस्कार छोटा खस्सी रखी गई है एंट्री के लिए 9122444474 पर कॉल करे ।।1
- हेमंत सोरेन पर बड़ा आरोप पूरा खोखला करके भाग जाएंगे.? #shorts #shortvideo #ranchi1
- लोहरदगा का बड़ी खबर लोहरदगा जिला अंतर्गत आने वाले हिरहि गांव में इन दिनों ग्रामीण संस्कृति और आपसी भाईचारे का एक बेहद अनूठा और भव्य मेला देखने को मिल रहा है, जहां आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे लोगों लोहरदगा जिला अंतर्गत आने वाले हिरहि गांव में इन दिनों ग्रामीण संस्कृति और आपसी भाईचारे का एक बेहद अनूठा और भव्य मेला देखने को मिल रहा है, जहां आसपास के दर्जनों गांवों से पहुंचे लोगों का भारी जनसैलाब उमड़ पड़ा है। मेले की शुरुआत होते ही पूरे इलाके में एक अलग ही उत्सव और उमंग का माहौल बन गया है1
- गुमला बस स्टैंड में जुआ खेलते दो गिरफ्तार, 13,500 रुपये बरामद गुमला। गुमला थाना की पुलिस ने रविवार रात बस स्टैंड स्थित शैड के पास छापेमारी कर सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलते दो लोगों को गिरफ्तार किया। सअनि श्याम लाल पूर्ति ने बताया कि गुप्त सूचना पर रात करीब 9 बजे छापा मारा गया। पुलिस को देखकर 7-8 लोग भागने लगे, जिनमें से 2 लोगों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गणेश प्रसाद (28), निवासी डीएसपी रोड मुरली बगीचा और रवि राम (54), निवासी लक्ष्मण नगर के रूप में हुई। मौके से 52 पत्ते ताश और 7,500 रुपये बरामद हुए। गणेश के पास से 6,000 रुपये और मिले। कुल 13,500 रुपये जब्त किए गए। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अन्य फरार लोगों की तलाश जारी है।1
- कंटीले तारों की घेराबंदी तोड़ आगे बढ़े अभ्यर्थी, विधानसभा घेराव के दौरान दिखा जंग जैसा मंजर। राँची: झारखंड विधानसभा घेराव के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारी छात्रों के बीच हुआ टकराव काफी उग्र हो गया। प्रशासन ने अभ्यर्थियों को रोकने के लिए विधानसभा के आसपास बहुस्तरीय (मल्टी-लेयर) सुरक्षा व्यवस्था की थी, जिसमें कई परतों में भारी लोहे के बैरिकेड्स और तीखे कंटीले तार (Barbed Wires) लगाए गए थे। बॉर्डर जैसा दिखा नजारा विधानसभा की ओर जाने वाले प्रमुख रास्तों और जगन्नाथपुर मंदिर के आसपास का नजारा देखकर ऐसा लग रहा था मानो किसी देश की अंतरराष्ट्रीय सीमा या युद्ध क्षेत्र का इलाका हो। सड़कों पर बिछाए गए कई लेयर के कंटीले तारों और बैरिकेड्स के पीछे भारी संख्या में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) और पुलिस के जवान तैनात थे। कंटीले तारों को भी पार कर गए आक्रोशित छात्र पिछले 16 दिनों से अनशन कर रहे और परीक्षाओं में पारदर्शिता की मांग कर रहे युवाओं का गुस्सा इन सख्त पाबंदियों से भी नहीं थमा। अभ्यर्थियों का रुख इतना आक्रामक और दृढ़ था कि वे कंटीले तारों की परवाह किए बिना बैरिकेड्स पर चढ़ गए और उन्हें उखाड़ने की कोशिश करने लगे। छात्रों का कहना था, "हम अपने हक और भविष्य की लड़ाई लड़ रहे हैं, ये कंटीले तार और बैरिकेड्स हमारे हौसलों को नहीं रोक सकते।" प्रशासन द्वारा लगाई गई लेयर-दर-लेयर सुरक्षा घेराबंदी जब टूटने लगी, तो स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस ने पहले वाटर कैनन की बौछारें कीं और फिर आंसू गैस के गोले छोड़ते हुए छात्रों पर लाठियां भांजना शुरू कर दिया।1