एमआरएमए पहल 2.0 के अंतर्गत जशपुर में हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रांची तथा रेशम विभाग, जशपुर के समन्वय में हुई बैठक में तसर कृषकों, अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों सहित कुल 28 हितधारकों ने भाग लिया। जशपुर जनसम्पर्क अधिकारी से रविवार की दोपहर तीन बजे मिली जानकारी के अनुसार बैठक में सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA) और आधारभूत सर्वेक्षण के माध्यम से कृषकों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं का आकलन किया गया। सर्वेक्षण में तसर पालन में चींटियों, ततैया के प्रकोप और वायरोसिस रोग को प्रमुख समस्या पाया गया। किसानों की जरूरतों के आधार पर 9 आवश्यकता-आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक से जशपुर जिले के लिए पांच वर्षीय तसर रेशम विकास कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार प्राप्त हुआ।
एमआरएमए पहल 2.0 के अंतर्गत जशपुर में हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रांची तथा रेशम विभाग, जशपुर के समन्वय में हुई बैठक में तसर कृषकों, अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों सहित कुल 28 हितधारकों ने भाग लिया। जशपुर जनसम्पर्क अधिकारी से रविवार की दोपहर तीन बजे मिली जानकारी के अनुसार बैठक में सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA) और आधारभूत सर्वेक्षण के माध्यम से कृषकों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं का आकलन किया गया। सर्वेक्षण में तसर पालन में चींटियों, ततैया के प्रकोप और वायरोसिस रोग को प्रमुख समस्या पाया गया। किसानों की जरूरतों के आधार पर 9 आवश्यकता-आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक से जशपुर जिले के लिए पांच वर्षीय तसर रेशम विकास कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार प्राप्त हुआ।
- एमआरएमए पहल 2.0 के अंतर्गत जशपुर में हितधारक परामर्श बैठक आयोजित की गई। केंद्रीय तसर अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, रांची तथा रेशम विभाग, जशपुर के समन्वय में हुई बैठक में तसर कृषकों, अधिकारियों और क्षेत्रीय कर्मचारियों सहित कुल 28 हितधारकों ने भाग लिया। जशपुर जनसम्पर्क अधिकारी से रविवार की दोपहर तीन बजे मिली जानकारी के अनुसार बैठक में सहभागी ग्रामीण मूल्यांकन (PRA) और आधारभूत सर्वेक्षण के माध्यम से कृषकों की समस्याओं एवं आवश्यकताओं का आकलन किया गया। सर्वेक्षण में तसर पालन में चींटियों, ततैया के प्रकोप और वायरोसिस रोग को प्रमुख समस्या पाया गया। किसानों की जरूरतों के आधार पर 9 आवश्यकता-आधारित कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई। बैठक से जशपुर जिले के लिए पांच वर्षीय तसर रेशम विकास कार्ययोजना तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण आधार प्राप्त हुआ।1
- स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों को लेकर एसडीएम की अध्यक्षता में बैठक, झंडोत्तोलन की समय-सारणी निर्धारित चैनपुर। स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों को लेकर सोमवार को चैनपुर अनुमंडल कार्यालय सभागार में अनुमंडल पदाधिकारी हरि उरांव की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। बैठक में 15 अगस्त को होने वाले स्वतंत्रता दिवस समारोह को सफल, व्यवस्थित एवं भव्य बनाने को लेकर विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई।1
- विश्व आदिवासी दिवस पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा, अमर शहीद अलबर्ट एक्का को दी श्रद्धांजलि चैनपुर: विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर चैनपुर में आदिवासी एकता मंच एवं गुड शेफर्ड के संयुक्त तत्वावधान में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर क्षेत्र में एक विशाल एवं भव्य शोभायात्रा निकाली गई। शोभायात्रा के उपरांत लोगों ने परमवीर चक्र विजेता अमर शहीद अलबर्ट एक्का की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।इसके पश्चात बारवे मैदान में मुख्य समारोह का आयोजन हुआ, जिसकी शुरुआत अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में चैनपुर अनुमंडल पदाधिकारी हरि उरांव और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी श्रुति शामिल हुईं। अतिथियों ने अपने संबोधन में आदिवासी समाज की संस्कृति, एकजुटता और अधिकारों के प्रति जागरूक रहने पर जोर दिया।समारोह को संबोधित करते हुए जिला परिषद सदस्य मेरी लकड़ा ने कहा कि अब आदिवासियों के जागने का समय आ गया है। लोगों को अपने हक और अधिकारों की प्राप्ति के लिए आगे आकर आवाज उठानी होगी। वहीं सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा ने बच्चों द्वारा अपने अधिकारों की मांग को लेकर किए जा रहे धरना-प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि हक और अधिकार पाने के लिए संघर्ष जरूरी है।कार्यक्रम के दौरान स्थानीय ग्रामीणों और बच्चों ने एक से बढ़कर एक पारंपरिक नृत्य एवं सांस्कृतिक गीत प्रस्तुत कर उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।इस अवसर पर जिला परिषद मेरी लकड़ा, थाना प्रभारी अरविंद कुमार, एसआई विजय उरांव, मुखिया शोभा देवी, सुशील दीपक मिंज, मधुरा मिंज, प्रियंका असुर, पूर्व उप प्रमुख अनुप संजय टोप्पो, उप प्रमुख प्रमोद खलखो, सांसद प्रतिनिधि अल्बर्ट तिग्गा, गुड शेफर्ड कॉन्वेंट की सिस्टर नीतियां, कुमुद मुंडा, सिस्टर निर्मल लकड़ा, सिस्टर ज्योति, सिस्टर स्वाति लीडर प्रोजेक्ट ज्योति, फिया फाउंडेशन, हीरा बरवे कॉन्वेंट रामपुर की सिस्टर दीप्ति सहित भारी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।3
- टीबी मुक्त गुमला की दिशा में जिला प्रशासन की बड़ी पहल, आगामी चार माह के लिए तैयार की गई विशेष कार्ययोजना उपायुक्त ने जिला क्षय केंद्र के नवनिर्मित भवन का किया उद्घाटन, ‘Build, Prevent, Detect एवं Treat’ के चार स्तंभों पर आधारित होगी रणनीति गुमला: टीबी (Tuberculosis) देश एवं झारखंड राज्य में सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक बड़ी चुनौती है। टीबी का प्रभाव केवल स्वास्थ्य तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिले की सामाजिक एवं आर्थिक प्रगति को भी प्रभावित करता है। गुमला जिले में टीबी के अधिकांश मरीज कामकाजी आयु वर्ग से संबंधित हैं, जिससे परिवारों की आय एवं उत्पादकता पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। इसी को ध्यान में रखते हुए टीबी के खिलाफ अभियान को और तेज करते हुए वर्ष 2026 के आगामी चार माह में गुमला जिले को टीबी मुक्त बनाने के उद्देश्य से विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। इसी क्रम में आज उपायुक्त, गुमला दिलेश्वर महत्तो द्वारा सदर अस्पताल परिसर में जिला क्षय केंद्र के नवनिर्मित भवन का उद्घाटन किया गया। साथ ही ‘टीबी मुक्त गुमला जिला’ के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जिला टीबी सेल द्वारा तैयार की गई आगामी चार माह की रणनीतिक कार्ययोजना को उपायुक्त द्वारा अनुमोदित किया गया तथा कार्ययोजना पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर उपायुक्त ने कहा कि पूर्व में जिला क्षय केंद्र शहर से लगभग चार किलोमीटर की दूरी पर स्थित था, जिसके कारण लोगों को जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाओं के लिए आने-जाने में कठिनाई होती थी। अब नए भवन के माध्यम से जिला मुख्यालय में ही टीबी की जांच एवं उपचार संबंधी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इससे मरीजों को समय पर जांच कराने और उपचार प्राप्त करने में सुविधा होगी। उपायुक्त ने कहा कि गुमला जिले को आगामी चार माह में टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को लेकर जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष रणनीति तैयार की गई है। इस रणनीति के तहत केवल टीबी मरीजों की पहचान और उपचार ही नहीं, बल्कि बीमारी के संक्रमण को रोकने, जोखिम वाले समूहों की पहचान करने तथा टीबी से जुड़े प्रमुख जोखिम कारकों पर भी प्रभावी तरीके से कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि टीबी की दवाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं और जिले में CBNAAT एवं TrueNat जैसी अत्याधुनिक जांच सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इन सुविधाओं का अधिकतम उपयोग करते हुए टीबी के मामलों की समय पर पहचान एवं उपचार सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ‘टीबी मुक्त गुमला जिला’ का उद्देश्य केवल टीबी के मामलों को कम करना नहीं, बल्कि जिले की स्वास्थ्य प्रणाली को और मजबूत बनाना है, ताकि टीबी के सभी संभावित मामलों का जल्द पता लगाया जा सके, मजबूत निगरानी प्रणाली विकसित हो तथा उच्च जोखिम वाले समूहों में संक्रमण की जांच एवं उपचार सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने सभी संबंधित विभागों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं आमजनों से इस अभियान में सक्रिय सहभागिता की अपील की। उन्होंने कहा कि टीबी के जोखिम को बढ़ाने वाले प्रमुख कारकों, जैसे मधुमेह, कुपोषण, पुरानी सांस संबंधी बीमारियां तथा अल्कोहल एवं तंबाकू का सेवन को कम करने के लिए भी विशेष प्रयास आवश्यक हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि सभी के सामूहिक प्रयास एवं सहभागिता से ‘टीबी मुक्त गुमला’ का लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है और यह प्रयास जिले में टीबी मुक्त समाज के निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। जिला टीबी सेल द्वारा तैयार कार्ययोजना नेशनल स्ट्रैटेजिक प्लान (NSP) के चार प्रमुख स्तंभों Build (स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करना), Prevent (रोकथाम), Detect (समय पर पहचान) एवं Treat (प्रभावी उपचार) पर आधारित है। कार्ययोजना के तहत टीबी के मामलों की सक्रिय खोज, समय पर जांच, उपचार की निरंतर निगरानी, उच्च जोखिम वाले समूहों पर विशेष फोकस तथा समुदाय स्तर पर जागरूकता गतिविधियों को गति दी जाएगी। सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी ने बताया कि जिले में टीबी उन्मूलन को लेकर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। एक चरण में जिले की 62 पंचायतों को टीबी मुक्त पंचायत के रूप में चिन्हित किया गया है। वर्ष 2026 में जिले की 169 पंचायतों को टीबी मुक्त बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इस दिशा में पंचायत स्तर तक टीबी की पहचान, जांच, उपचार एवं फॉलोअप को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि 21 अगस्त को नगर भवन, गुमला में टीबी मुक्त पंचायतों के सम्मान में विशेष कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसमें 62 टीबी मुक्त पंचायतों के मुखिया एवं संबंधित प्रखंडों के प्रमुखों की उपस्थिति में पंचायतों को सम्मानित किया जाएगा। टीबी उन्मूलन की दिशा में बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों को कांस्य प्रतिमा/सम्मान चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया जाएगा। यह आयोजन जिले की अन्य पंचायतों को भी टीबी मुक्त अभियान के लिए प्रेरित करने का माध्यम बनेगा। जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता ने बताया कि नए जिला क्षय केंद्र के माध्यम से अब जिला स्तर पर टीबी की जांच एवं उपचार संबंधी सेवाओं को और सुदृढ़ किया जा सकेगा। केंद्र में उपलब्ध अत्याधुनिक जांच सुविधाओं का लाभ आमजनों को मिलेगा। आगामी चार माह की कार्ययोजना के तहत टीबी मरीजों की सक्रिय खोज, जांच, उपचार एवं फॉलोअप पर विशेष जोर दिया जाएगा। कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. शंभूनाथ चौधरी, सदर अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. अनुपम किशोर, जिला क्षय रोग पदाधिकारी डॉ. के.के. मिश्रा, जिला आरसीएच पदाधिकारी डॉ. सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम समन्वयक विनय कुमार गुप्ता सहित स्वास्थ्य विभाग के पदाधिकारी एवं जिला क्षय केंद्र के कर्मी उपस्थित थे।1
- केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ झारखंड राज्य किसान सभा का हल्लाबोल,भरनो में एनएच-23 जाम कर जताया विरोध,संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत प्रदर्शन। भरनो (गुमला):- संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर सोमवार को झारखंड राज्य किसान सभा की गुमला जिला कमेटी के नेतृत्व में भरनो में देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत विरोध प्रदर्शन किया गया।किसान सभा के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भरनो स्कूल चौक के समीप एनएच-23 रांची-गुमला मुख्य मार्ग को लगभग डेढ़ घंटे तक जाम कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।आंदोलन का नेतृत्व किसान सभा जिला कमेटी गुमला के अध्यक्ष शंकर उरांव ने किया।इस दौरान केंद्र सरकार की नीतियों के विरोध में आवाज बुलंद करते हुए किसान-मजदूर हित में आवश्यक कदम उठाने की मांग की।किसान सभा जिला कमेटी के अध्यक्ष शंकर उरांव ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति बेहद खराब है।किसान दिन-रात मेहनत कर देश का पेट भरता है,लेकिन उसकी हालत बद से बदतर होती जा रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार किसानों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय किसान विरोधी और मजदूर विरोधी कानून बना रही है।उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता,बीज विधेयक और लेबर कोड जैसे कानूनों से किसान और मजदूरों को कोई फायदा नहीं होने वाला है।जब तक ऐसे कानूनों को वापस नहीं लिया जाता,तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।इस मौके पर झारखंड राज्य किसान सभा के राज्य कमेटी सदस्य मदुवा कच्छप ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों के कारण किसान-मजदूर परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों सरकारें जनता विरोधी कानून बना रही हैं। केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानूनों को वापस लेते समय बीज विधेयक और एमएसपी को कानूनी दर्जा देने की बात कही थी,लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कदम नहीं उठाया गया।मधु कच्छप ने कहा कि भरनो प्रखंड में 1982 के गलत सर्वे के कारण जमीन ऑनलाइन रिकॉर्ड से जुड़ी समस्याएं बनी हुई हैं।जमीन लूट और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने की जरूरत है।उन्होंने कहा कि किसानों को समय पर खाद-बीज उपलब्ध नहीं हो रहा है और यूरिया-डीएपी की बढ़ती कीमतों पर भी सरकार प्रभावी नियंत्रण नहीं कर पा रही है।उन्होंने कहा कि जब तक किसान के खेत में पानी और बिजली की सुविधा,फसल बेचने की व्यवस्था और उपज का उचित मूल्य सुनिश्चित नहीं होता,तब तक किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।किसान अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरने को मजबूर हैं।प्रदर्शन के दौरान किसानों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और किसान हित में नीतियां बनाने की मांग की।सड़क जाम की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी संतोष कुमार सिंह पुलिस बल के साथ जाम स्थल पर पहुंचे और जमाकर्ताओं को समझा बुझा कर सड़क जाम समाप्त करवाया गया,जिसके बाद सभी से सामूहिक रूप से अपनी गिरफ्तारी दी।इस आंदोलन में आयता उरांव, चन्द्रदेव उरांव,अली उरांव,राजेन्द्र उरांव,विनोद उरांव,बलदेव उरांव,मिनसारिया उरांव, बुधनी उरांव,सुरेश उरांव,मालिता उरांव,प्रतिभा उरांव,परदेशिया उरांव,बिरसा उरांव,शंकर उरांव,करमचन्द उरांव,तुष्या उरांव,पूनम उरांव,लछवा उरांव,बिरसमुनी उरांव,अवतार किंडो,राज कमल उरांव,पुष्पा उरांव,सुमन उरांव,रजनी उरांव,गन्दूर उरांव,नवीन उरांव,लालू उरांव,मालती उरांव,सामु उरांव,सोमरा उरांव सहित काफी संख्या में कार्यकर्ता एवं किसान शामिल हुए।1
- विश्व आदिवासी दिवस पर शानदार आदिवासी नृत्य प्रस्तुति कांसाबेल में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में आदिवासी समाज के कलाकारों ने शानदार पारंपरिक ग्रुप नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। 🪘 विश्व आदिवासी दिवस पर शानदार आदिवासी नृत्य प्रस्तुति कांसाबेल में आयोजित विश्व आदिवासी दिवस कार्यक्रम में आदिवासी समाज के कलाकारों ने शानदार पारंपरिक ग्रुप नृत्य की प्रस्तुति देकर सभी का मन मोह लिया। 🎶💃 पारंपरिक वेशभूषा, संगीत और संस्कृति से सजी इस प्रस्तुति ने आदिवासी कला एवं परंपरा की खूबसूरत झलक पेश की। ❤️ 🎥 देखिए Jashpur Times की खास पेशकश — आदिवासी दिवस पर शानदार पारंपरिक नृत्य प्रस्तुति। 📰 Jashpur Times | सच सब तक #विश्वआदिवासीदिवस #कांसाबेल #आदिवासीनृत्य #आदिवासीसंस्कृति #जशपुर #JashpurTimes #TribalDance #AdivasiDiwas #JashpurNews1
- बसीया कोनावीर के सरहुल अखाड़ा में बहुत धूमधाम से सुजीत टेटे के नेतृत्व में मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस,मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति भेंगरा रही उपस्थित बसीया कोनावीर के सरहुल अखाड़ा में बहुत धूमधाम से सुजीत टेटे के नेतृत्व में मनाया गया विश्व आदिवासी दिवस,मुख्य अतिथि सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति भेंगरा रही उपस्थित गुमला जिले की बसिया प्रखंड में कोनवीर स्थित सरहुल अखाड़ा में रविवार को बहुत ही धूमधाम के साथ बसिया के सामाजिक कार्यकर्ता सुजीत टेटे के नेतृत्व में विश्व आदिवासी दिवस मनाया गया। मुख्य अतिथि के रूप में सामाजिक कार्यकर्ता ज्योति भेंगरा पहुंची हुई थी। मुख्य अतिथि तथा सुजीत टेटे,चारो उरांव,विवियाना एक्का, निकोलस मुंडा,मुकुल किंडो, अभय तिर्की, प्रदीप तिर्की,दिलीप तिर्की, शशीकांत भगत, एमलेन कुल्लू,रतीया उरांव,पीसी बड़ाइक,अमृता बड़ाइक,गुलशन टेटे,पुष्पा देवी, रश्मि टेटे, वीरेंद्र मुखिया, सुनिल टोपनो, शिशु टोपनो, अजित गुड़िया, रवि साहु, बसंती डुंगडुंग, विनोद भगत, बसिया अनुमंडल के पहान,पुजार महतो साथ सैकड़ों गणमान्य लोग और हजारों ग्रामीणो ने उपस्थित होकर तेलंगा खड़िया और बिरसा मुंडा की प्रतिमा में माल्यार्पण किया। कार्यक्रम में आदिवासियों के इतिहास के बारे में चर्चा हुई। मुख्य अतिथि ज्योति भेंगरा ने भी सभी को संबोधित किया। कार्यक्रम में खोड़ा दल और हजारों की संख्या में ग्रामीण अपने पारंपरिक वेशभूषा में आए हुए थे जो नगाड़ा और मांदर के साथ सांस्कृतिक नृत्य संगीत कर रहे थे। कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आए हुए ग्रामीणों के लिए खिचड़ी की व्यवस्था की गई थी।1
- गुमला बस स्टैंड में जुआ खेलते दो गिरफ्तार, 13,500 रुपये बरामद गुमला। गुमला थाना की पुलिस ने रविवार रात बस स्टैंड स्थित शैड के पास छापेमारी कर सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलते दो लोगों को गिरफ्तार किया। सअनि श्याम लाल पूर्ति ने बताया कि गुप्त सूचना पर रात करीब 9 बजे छापा मारा गया। पुलिस को देखकर 7-8 लोग भागने लगे, जिनमें से 2 लोगों को पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गणेश प्रसाद (28), निवासी डीएसपी रोड मुरली बगीचा और रवि राम (54), निवासी लक्ष्मण नगर के रूप में हुई। मौके से 52 पत्ते ताश और 7,500 रुपये बरामद हुए। गणेश के पास से 6,000 रुपये और मिले। कुल 13,500 रुपये जब्त किए गए। दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। अन्य फरार लोगों की तलाश जारी है।1