पटना में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजीव नगर स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) में आईटी उद्योग और स्टार्टअप प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि बिहार को औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी बनाने और युवाओं को राज्य में ही रोजगार के नए अवसर देने के लिए जल्द ही 'बिहार टेक' पोर्टल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले पाँच वर्षों में बिहार अपनी कानून व्यवस्था के साथ-साथ उद्योग और व्यापार के लिए भी जाना जाएगा। संवाद कार्यक्रम के दौरान आईएमजेड कॉरपोरेट, टाइगर कंपनी, NIRO जीआईएफ, आईटी एसोसिएशन फेडरेशन, हाईप्रोटेक, केआरआईएम एसएसआई लैब्स, जीलो हेल्प और सर्वो सुविधा सहित विभिन्न स्टार्टअप्स और आईटी फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी उद्यमियों की बातों को ध्यान से सुना और भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों को लागू करने के लिए कानूनी व प्रशासनिक बाधाओं को तुरंत दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए जमीन की कोई कमी नहीं है, क्योंकि राज्य में 2 लाख एकड़ सरकारी जमीन चिन्हित की गई है। साथ ही, बिहार को नई रफ्तार देने के लिए 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं, जिसमें किसानों को जमीन अधिग्रहण के एवज में उचित मुआवजा दिया जा रहा है। सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'समृद्ध बिहार' के सपने को पूरा करने के लिए चौतरफा काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही पर कड़ा रुख अपनाते हुए 'सहयोग शिविर' और 'सहयोग पोर्टल' की सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि सहयोग पोर्टल पर आवेदन आने के 30 दिनों के भीतर अगर कार्रवाई नहीं होती है, तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे निलंबित करने का आदेश चला जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक इस पोर्टल पर 3 लाख 26 हजार आवेदन आए हैं, जिनका समाधान किया जा चुका है, जबकि 7 हजार ऐसे मामले हैं जहाँ अधिकारियों के आदेश त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं, जिनमें वरीय अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर सही आदेश निर्गत करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ऐसी मजबूत व्यवस्था बना रही है जिससे बिहार की प्रतिभा का पलायन रुके और बच्चे उच्च शिक्षा तथा स्टार्टअप के जरिए नए रोजगार पैदा करने के लिए राज्य में ही रहें, जिससे बिहार आत्मनिर्भर बनेगा। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने युवाओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टार्टअप स्टॉलों का बारीकी से निरीक्षण कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस भव्य संवाद कार्यक्रम को बिहार के नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी संबोधित किया।
पटना में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राजीव नगर स्थित सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क ऑफ इंडिया (STPI) में आईटी उद्योग और स्टार्टअप प्रतिनिधियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने घोषणा की कि बिहार को औद्योगिक मानचित्र पर अग्रणी बनाने और युवाओं को राज्य में ही रोजगार के नए अवसर देने के लिए जल्द ही 'बिहार टेक' पोर्टल का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि अगले पाँच वर्षों में बिहार अपनी कानून व्यवस्था के साथ-साथ उद्योग और व्यापार के लिए भी जाना जाएगा। संवाद कार्यक्रम के दौरान आईएमजेड कॉरपोरेट, टाइगर कंपनी, NIRO जीआईएफ, आईटी एसोसिएशन फेडरेशन, हाईप्रोटेक, केआरआईएम एसएसआई लैब्स, जीलो हेल्प और सर्वो सुविधा सहित विभिन्न स्टार्टअप्स और आईटी फेडरेशन के प्रतिनिधियों ने अपने अनुभव और महत्वपूर्ण सुझाव साझा किए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सभी उद्यमियों की बातों को ध्यान से सुना और भरोसा दिलाया कि उनके सुझावों को लागू करने के लिए कानूनी व प्रशासनिक बाधाओं को तुरंत दूर किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि बिहार में उद्योग लगाने के लिए जमीन की कोई कमी नहीं है, क्योंकि राज्य में 2 लाख एकड़ सरकारी जमीन चिन्हित की गई है। साथ ही, बिहार को नई रफ्तार देने के लिए 11 नए सैटेलाइट टाउनशिप विकसित किए जा रहे हैं, जिसमें किसानों को जमीन अधिग्रहण के एवज में उचित मुआवजा दिया जा रहा है। सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 'समृद्ध बिहार' के सपने को पूरा करने के लिए चौतरफा काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक जवाबदेही पर कड़ा रुख अपनाते हुए 'सहयोग शिविर' और 'सहयोग पोर्टल' की सफलता का भी उल्लेख किया। उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि सहयोग पोर्टल पर आवेदन आने के 30 दिनों के भीतर अगर कार्रवाई नहीं होती है, तो 31वें दिन संबंधित अधिकारी को मुख्यमंत्री कार्यालय से सीधे निलंबित करने का आदेश चला जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक इस पोर्टल पर 3 लाख 26 हजार आवेदन आए हैं, जिनका समाधान किया जा चुका है, जबकि 7 हजार ऐसे मामले हैं जहाँ अधिकारियों के आदेश त्रुटिपूर्ण पाए गए हैं, जिनमें वरीय अधिकारियों को 30 दिनों के भीतर सही आदेश निर्गत करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि सरकार ऐसी मजबूत व्यवस्था बना रही है जिससे बिहार की प्रतिभा का पलायन रुके और बच्चे उच्च शिक्षा तथा स्टार्टअप के जरिए नए रोजगार पैदा करने के लिए राज्य में ही रहें, जिससे बिहार आत्मनिर्भर बनेगा। कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने युवाओं द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टार्टअप स्टॉलों का बारीकी से निरीक्षण कर उनका उत्साहवर्धन किया। इस भव्य संवाद कार्यक्रम को बिहार के नगर विकास एवं आवास तथा सूचना प्रावैधिकी मंत्री नीतीश मिश्रा, मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत और एसटीपीआई के महानिदेशक अरविंद कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने भी संबोधित किया।
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर CJP (कंसोलिडेटेड जर्नलिस्ट फाउंडेशन) का प्रदर्शन शुरू होने जा रहा है। इस प्रदर्शन के मद्देनजर दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। पुलिस पूरी तैयारी के साथ अलर्ट मोड पर है और उसने मोर्चा संभाल लिया है।1
- महेन्द्र बुद्ध बिहार को राज्य स्तरीय बुद्ध बिहार का दर्जा दिलाने का लक्ष्य रखा गया है। इस विषय पर विस्तृत जानकारी को ITS पर अशोक सम्राट के साथ देखा जा सकता है।1
- गयाजी जिला परिषद सभागार में शनिवार को 16वें वित्त आयोग के तहत त्रिस्तरीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के लिए एक दिवसीय ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य पंचायतों के विकास कार्यों को गति देना और केंद्र व राज्य सरकार की नई गाइडलाइंस के अनुसार योजनाओं को जमीनी स्तर पर उतारना है। कार्यक्रम की शुरुआत जिला परिषद अध्यक्षा नैना देवी, जिला उपाध्यक्ष डॉ. शीतल प्रसाद और जिला पंचायती राज अधिकारी आदित्य कुमार ने संयुक्त रूप से की, जिसमें विभिन्न प्रखंडों से आए प्रमुख, उप-प्रमुख, प्रखंड विकास पदाधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधि व कर्मी उपस्थित रहे। प्रशिक्षण शिविर को संबोधित करते हुए जिला परिषद अध्यक्षा नैना देवी ने बताया कि 16वें वित्त आयोग के अंतर्गत पंचायतों के विकास के लिए कई नए दिशा-निर्देश जारी हुए हैं, जिनके आलोक में जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण से पंचायत स्तर पर चल रहे विकास कार्यों में तेजी आएगी। अध्यक्षा ने स्पष्ट किया कि नई गाइडलाइंस के तहत अब जनसंख्या के आधार पर योजनाओं का चयन होगा और पारदर्शी कार्यप्रणाली सुनिश्चित करने के लिए सभी योजनाओं को निर्धारित सरकारी पोर्टल पर अपलोड करना अनिवार्य है। वहीं, जिला उपाध्यक्ष डॉ. शीतल प्रसाद ने कार्यशाला के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसका मुख्य केंद्र बिंदु पंचायतों का सर्वांगीण विकास और उनकी प्रगति के लिए एक विस्तृत रणनीति तैयार करना है, जिसके लिए उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से प्रशिक्षण का पूरा लाभ उठाने का आग्रह किया। जिला पंचायती राज अधिकारी आदित्य कुमार ने प्रशिक्षण के तकनीकी पहलुओं की जानकारी देते हुए बताया कि अब पंचायतों की विकास योजनाएं संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) के अनुरूप तैयार की जाएंगी। उन्होंने जोर दिया कि गरीबी मुक्त पंचायत और बाल हितैषी पंचायत जैसे महत्वपूर्ण विषयों को ध्यान में रखकर योजनाओं का चयन किया जाना है। इस दौरान अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को यह भी सिखाया गया कि इन योजनाओं को सरकारी पोर्टल पर कैसे अपलोड किया जाए और जनसंख्या के आंकड़ों को किस प्रकार अद्यतन रखा जाए।1
- पूर्व केंद्रीय मंत्री अश्विनी चौबे ने भारत तिवारी के परिवार से मुलाकात की और न्याय की उनकी मांग का समर्थन किया। इस मुलाकात के दौरान, उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि इस मामले के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए और न्याय बिना किसी देरी के सुनिश्चित किया जाना चाहिए।1
- मुहर्रम के मद्देनज़र पातेपुर प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट हो गया है। इसी कड़ी में, पातेपुर थाना परिसर में शांति समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई है। इस बैठक में मुहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखने हेतु कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए हैं। प्रशासन ने डीजे के उपयोग पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया है, और इसके साथ ही अफवाह फैलाने वाले व्यक्तियों पर भी कड़ी निगरानी रखने का निर्णय लिया गया है।1
- पटना जिले के बिक्रम थाना क्षेत्र में रफ्तार का कहर देखने को मिला, जहाँ शनिवार शाम NH 139 पथ पर आंध्र चौकी के पास एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रक ने बाइक सवार युवक को कुचल दिया। इस दर्दनाक हादसे में युवक बुरी तरह से घायल हो गया, जिसके बाद बालू लदा ट्रक नौबतपुर की ओर भाग निकला। घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुँची और घायल युवक को बिक्रम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक युवक की पहचान बिक्रम थाना क्षेत्र के मनेर तेलपा गाँव निवासी संजय सिंह के पुत्र जय राम कुमार के रूप में हुई है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, जय राम कुमार शनिवार शाम नौबतपुर की ओर से अपने घर लौट रहे थे, तभी आंध्र चौकी गाँव के पास सामने से आ रहे तेज़ रफ़्तार बालू लदे ट्रक ने उन्हें कुचल दिया था। इस दुखद घटना के बाद युवक के परिवार में कोहराम मच गया है।1
- गया में आनंद मोहन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर जमकर निशाना साधा है। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री पर तीखी आलोचना की।1
- अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और वित्तीय अनियमितताओं के मामले की जांच कर रही विशेष जांच दल (SIT) ने अपनी प्रारंभिक जांच पूरी कर ली है। यह टीम आज अयोध्या से लखनऊ लौटकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इस पूरे विवाद को देखते हुए, ट्रस्टी अनिल मिश्रा पर कार्रवाई होना लगभग तय माना जा रहा है, और उन्हें उनके पद से हटाया भी जा सकता है।1
- आज फैसल खान उर्फ खान सर के नाम से पहचाने जाने वाले व्यक्ति के अस्पताल में अग्निशमन टीम दूसरी बार पहुंची है। यह कदम पहली जांच में मिली खामियों के बाद उठाया गया है। इस दौरान टीम अस्पताल का ऑडिट कर रही है, जिसकी जानकारी अग्निशमन पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने दी है। इस पूरे घटनाक्रम से खान सर की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं।1