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दमोह जिला अस्पताल में भर्ती दो मरीजों के लिए रक्त की आवश्यकता पड़ने पर जागरूक युवा विनय असाटी ने मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने कुम्हारी निवासी मूरत यादव की 19 वर्षीय पुत्री को रक्त की व्यवस्था कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रक्तदाता शुभम पटेल से संपर्क करके विनय असाटी ने तत्काल रक्त दान सुनिश्चित कराया। इसी प्रकार, फुटेरा कला निवासी नरेश असाटी की 15 वर्षीय पुत्री वैष्णवी को भी रक्त की जरूरत थी, जिसके लिए विनय असाटी ने इमलाई निवासी मनीष जैन से संपर्क कर उनके द्वारा रक्त दान करवाया। दोनों मरीजों के परिजन, मूरत यादव और नरेश असाटी ने रक्तदाताओं शुभम पटेल और मनीष जैन के प्रति आभार व्यक्त किया।
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दमोह जिला अस्पताल में भर्ती दो मरीजों के लिए रक्त की आवश्यकता पड़ने पर जागरूक युवा विनय असाटी ने मदद का हाथ बढ़ाया। उन्होंने कुम्हारी निवासी मूरत यादव की 19 वर्षीय पुत्री को रक्त की व्यवस्था कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। रक्तदाता शुभम पटेल से संपर्क करके विनय असाटी ने तत्काल रक्त दान सुनिश्चित कराया। इसी प्रकार, फुटेरा कला निवासी नरेश असाटी की 15 वर्षीय पुत्री वैष्णवी को भी रक्त की जरूरत थी, जिसके लिए विनय असाटी ने इमलाई निवासी मनीष जैन से संपर्क कर उनके द्वारा रक्त दान करवाया। दोनों मरीजों के परिजन, मूरत यादव और नरेश असाटी ने रक्तदाताओं शुभम पटेल और मनीष जैन के प्रति आभार व्यक्त किया।
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- कटनी शहर में एक शराब दुकान पर कट्टा लहराकर कर्मचारियों और ग्राहकों में दहशत फैलाने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। इन आरोपियों ने खुलेआम हथियार दिखाकर इलाके में भय का माहौल बनाने की कोशिश की थी, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस तत्काल सक्रिय हुई और आरोपियों की तलाश शुरू कर दी। पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई के परिणामस्वरूप, तीनों आरोपी जल्द ही गिरफ्त में आ गए। पुलिस अब गिरफ्तार बदमाशों से पूछताछ कर रही है और उनके आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाले जा रहे हैं। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आरोपियों ने शराब दुकान पहुँचकर कट्टा लहराते हुए कर्मचारियों को धमकाया, जिससे वहाँ मौजूद लोगों में दहशत फैल गई थी। इस गिरफ्तारी के बाद क्षेत्र में पुलिस की तत्परता की सराहना की जा रही है, और लोगों का कहना है कि समय पर कार्रवाई होने से एक बड़ा हादसा टल गया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कटनी में गुंडागर्दी, हथियारबाजी और आम जनता को डराने-धमकाने वालों के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चलाया जाएगा और कानून हाथ में लेने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। कटनी पुलिस का साफ संदेश है कि कट्टा लहराने वालों की जगह अब सलाखों के पीछे है।1
- Post by RAHUL YADAV1
- कटनी नगर में नेशनल मीडिया प्रेस क्लब (NMPC) द्वारा पत्रकारों के लिए एक निःशुल्क कानूनी पाठशाला संचालित की जा रही है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य डिजिटल युग में पत्रकारिता के गिरते मानकों की रक्षा करना और मीडियाकर्मियों को उनके वैधानिक अधिकारों, सुरक्षा और पत्रकारिता के नैतिक मूल्यों के प्रति जागरूक करना है। यह कार्यशाला पत्रकारों को कानूनी चुनौतियों से बचाने और उन्हें एक सशक्त व जिम्मेदार प्रहरी के रूप में कार्य करने के लिए तैयार करती है। इस पाठशाला के तहत कानूनी सुरक्षा और अधिकार सुनिश्चित करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि मीडियाकर्मी कार्यस्थल पर होने वाले गैर-संवैधानिक हमलों, उत्पीड़न या झूठे मुकदमों के खिलाफ कानूनी रूप से लड़ सकें। इसके अतिरिक्त, पत्रकारों को प्रेस की स्वतंत्रता के दायरे में रहकर निष्पक्ष, सटीक और जवाबदेह रिपोर्टिंग करने का प्रशिक्षण भी प्रदान किया जाता है। कार्यशाला का एक अन्य महत्वपूर्ण पहलू यह है कि यह भारतीय प्रेस परिषद और मीडिया कानूनों, जैसे मानहानि और सूचना का अधिकार, की सटीक व स्पष्ट जानकारी देकर पत्रकारों को बिना किसी भय के कार्य करने हेतु दबाव से मुक्ति दिलाती है। नेशनल मीडिया प्रेस क्लब इस मुहिम में शामिल होने के लिए पत्रकारों को आमंत्रित कर रहा है, जहाँ संगठित होकर अपने अधिकारों व कर्तव्यों की आवाज उठाने पर जोर दिया जा रहा है। ‘संघे शक्ति कलयुगे’ के सिद्धांत को रेखांकित करते हुए, यह बताया गया है कि इस कलयुग में संगठन व संगठित रहना ही शक्ति है। क्लब की ओर से स्पष्ट किया गया है कि केवल नैतिक व संवैधानिक रूप से सही दिशा पर कार्य कर रहे पत्रकार ही इससे जुड़ें। पत्रकारों को संवैधानिक अधिकार मिलने चाहिए, इसी उद्देश्य के साथ यह कानूनी पाठशाला अपने अधिकारों व कर्तव्यों को विस्तार से समझने, संगठित होकर बुलंद आवाज के साथ ‘पत्रकार एकता जिंदाबाद’ का उद्घोष करने और पत्रकारों के हितों की लड़ाई में सहभागिता निभाने का आह्वान करती है।1
- एक बेहद गंभीर मामले में, एक लड़के को 13 साल की उम्र में जेल भेज दिया गया था और अब, 25 साल की उम्र में, वह आखिरकार रिहा हो गया है, जिसने अपनी ज़िंदगी के महत्वपूर्ण 12 साल जेल में बिताए हैं। इस पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं कि एक मासूम 13 साल का लड़का पार्टी पॉलिटिक्स के बारे में क्या जान सकता था। आरोप है कि अभिषेक बनर्जी ने एक दिन लड़के के हाथ में बीजेपी का झंडा देखा, जिसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को बुलाया और लड़के को ऐसे आरोपों में जेल भेजने का आदेश दिया जिससे उसे ज़िंदगी भर कभी जमानत न मिल सके। इस घटना की तुलना अंग्रेजों के अत्याचार से करते हुए कहा गया है कि अंग्रेज भी इतने बेरहम नहीं थे, फिर भी एक लड़के की पूरी ज़िंदगी बर्बाद कर दी गई। सवाल उठाया गया है कि अब उसके उन सालों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा जिनसे उसका भविष्य बनना चाहिए था, और क्या हमारे संविधान में इसका कोई प्रावधान है। यह मांग की गई है कि अभिषेक बनर्जी को लड़के की ज़िंदगी बर्बाद करने के लिए ज़िम्मेदार ठहराया जाना चाहिए और उसे तथा उसके परिवार को तुरंत कम से कम पांच करोड़ रुपये का मुआवज़ा दिया जाना चाहिए। इसके अलावा, एफआईआर दर्ज होने के समय थाने में मौजूद पूरे पुलिस स्टाफ को नौकरी से निकाल देना चाहिए और उनसे जुर्माना भी वसूला जाना चाहिए।1
- जी डी मेमोरियल हॉस्पिटल में एक निशुल्क चिकित्सा शिविर सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस शिविर में जबलपुर और नागपुर से आए वरिष्ठ डॉक्टरों ने मरीजों को परामर्श प्रदान किया।1
- पन्ना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर 108 एंबुलेंस की बदहाली को लेकर प्रशासन ने अब पूरी तरह से सख्त रुख अपना लिया है। यह कदम हाल ही में सामने आई एक घटना के बाद उठाया गया है, जहाँ अजयगढ़ से पन्ना आ रही एक एंबुलेंस का टायर पंचर होने के कारण एक गंभीर मरीज और उनके परिजन भीषण गर्मी में एक घंटे तक जंगल में तड़पते रहे। इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेते हुए, सीएमएचओ डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी ने एंबुलेंस सेवा के मैनेजर को कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्देशों में सभी एंबुलेंस की सघन जांच कर एक सप्ताह के भीतर फिटनेस रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, आपातकालीन स्थिति में मरीज तक एंबुलेंस पहुँचने के निर्धारित समय (45 मिनट से 1 घंटा) का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि समय पर सेवा न मिलने या वाहनों की खराबी के कारण मरीज को परेशानी होने पर सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और उम्मीद जताई है कि इस कड़े कदम से जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।1
- अंतरराष्ट्रीय विश्व योग दिवस के अवसर पर कटनी शहर के प्रसिद्ध जागृति पार्क (12 पीपल) में एक भव्य योग एवं ध्यान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। सुबह से ही पार्क में योग प्रेमियों, समाजसेवियों और गणमान्य नागरिकों की बड़ी उपस्थिति रही, जिससे कार्यक्रम को विशेष पहचान मिली। भजनों की मधुर स्वर लहरियों और आध्यात्मिक वातावरण के बीच सभी प्रतिभागियों ने सामूहिक योगाभ्यास किया, और इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य, अनुशासन तथा सकारात्मक जीवनशैली का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कार्यक्रम में "करें योग, रहें निरोग" के संदेश के साथ स्वस्थ भारत के निर्माण का संकल्प लिया गया। इस दौरान विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की क्रियाएं कराई गईं। योग विशेषज्ञों ने बताया कि नियमित योग केवल शरीर को ही स्वस्थ नहीं रखता, बल्कि मानसिक तनाव को भी दूर कर व्यक्ति को ऊर्जावान और आत्मविश्वासी बनाता है। उपस्थित लोगों ने योग को अपनी दैनिक दिनचर्या का हिस्सा बनाने का संकल्प भी लिया। कार्यक्रम में डॉ. उमा निगम, निरंजन पंजवानी, आनंद सुहाने, प्रमोद जायसवाल, लकी गुप्ता, संजय सोनी, संजय खंडेलवाल, अतुल जैन, शिवहरी जी, लक्ष्मीकांत भारद्वाज, पाठक जी, रमेश गुप्ता, कपूर सोनी, अनिल नेमा, सत्येंद्र सिंह चौहान (राजस्थान), अशोक वर्मा, मनीष दुबे, बी.डी. तिवारी जी, पारीक जी, गोयल जी सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे और योगाभ्यास में सक्रिय रूप से सहभागिता की। वक्ताओं ने इस अवसर पर कहा कि योग भारत की हजारों वर्षों पुरानी अमूल्य धरोहर है, जिसे आज पूरा विश्व अपना रहा है। योग शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करके जीवन को एक नई दिशा प्रदान करता है। विश्व योग दिवस का मुख्य उद्देश्य भी लोगों को स्वस्थ, तनावमुक्त और जागरूक जीवन की ओर प्रेरित करना है। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने नियमित योग करने और समाज में योग के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन में उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक ऊर्जा का एक अद्भुत संगम देखने को मिला, जिससे जागृति पार्क से एक बार फिर "योग है जीवन का आधार, स्वस्थ शरीर और सशक्त विचार" का सशक्त संदेश दिया गया।1
- अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को दमोह की पुलिस लाइन में एक सामूहिक योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। पुलिस अधीक्षक आनंद कलादगि के निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने बड़े उत्साह के साथ योगाभ्यास किया। योग प्रशिक्षकों ने उपस्थित अधिकारियों-कर्मचारियों को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास कराया, साथ ही उन्हें योग से होने वाले शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक लाभों के बारे में भी जानकारी दी। अधिकारियों को नियमित रूप से योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि योग भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर है, जो व्यक्ति को स्वस्थ, तनावमुक्त और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने में सहायता करता है। नियमित योगाभ्यास से शरीर की क्षमता बढ़ने के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता और कार्यक्षमता में भी सुधार आता है। इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुजीत सिंह भदौरिया, सूबेदार अभिनय साहू, आकांक्षा जोशी सहित पुलिस विभाग के कई अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने स्वस्थ और निरोगी जीवन के लिए प्रतिदिन योग करने का संकल्प लिया।1