पन्ना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर 108 एंबुलेंस की बदहाली को लेकर प्रशासन ने अब पूरी तरह से सख्त रुख अपना लिया है। यह कदम हाल ही में सामने आई एक घटना के बाद उठाया गया है, जहाँ अजयगढ़ से पन्ना आ रही एक एंबुलेंस का टायर पंचर होने के कारण एक गंभीर मरीज और उनके परिजन भीषण गर्मी में एक घंटे तक जंगल में तड़पते रहे। इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेते हुए, सीएमएचओ डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी ने एंबुलेंस सेवा के मैनेजर को कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्देशों में सभी एंबुलेंस की सघन जांच कर एक सप्ताह के भीतर फिटनेस रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, आपातकालीन स्थिति में मरीज तक एंबुलेंस पहुँचने के निर्धारित समय (45 मिनट से 1 घंटा) का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि समय पर सेवा न मिलने या वाहनों की खराबी के कारण मरीज को परेशानी होने पर सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और उम्मीद जताई है कि इस कड़े कदम से जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
पन्ना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर 108 एंबुलेंस की बदहाली को लेकर प्रशासन ने अब पूरी तरह से सख्त रुख अपना लिया है। यह कदम हाल ही में सामने आई एक घटना के बाद उठाया गया है, जहाँ अजयगढ़ से पन्ना आ रही एक एंबुलेंस का टायर पंचर होने के कारण एक गंभीर मरीज और उनके परिजन भीषण गर्मी में एक घंटे तक जंगल में तड़पते रहे। इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेते हुए, सीएमएचओ डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी ने एंबुलेंस सेवा के मैनेजर को कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्देशों में सभी एंबुलेंस की सघन जांच कर एक सप्ताह के भीतर फिटनेस रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, आपातकालीन स्थिति में मरीज तक एंबुलेंस पहुँचने के निर्धारित समय (45 मिनट से 1 घंटा) का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि समय पर सेवा न मिलने या वाहनों की खराबी के कारण मरीज को परेशानी होने पर सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और उम्मीद जताई है कि इस कड़े कदम से जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
- पन्ना जिले में स्वास्थ्य सेवाओं, विशेषकर 108 एंबुलेंस की बदहाली को लेकर प्रशासन ने अब पूरी तरह से सख्त रुख अपना लिया है। यह कदम हाल ही में सामने आई एक घटना के बाद उठाया गया है, जहाँ अजयगढ़ से पन्ना आ रही एक एंबुलेंस का टायर पंचर होने के कारण एक गंभीर मरीज और उनके परिजन भीषण गर्मी में एक घंटे तक जंगल में तड़पते रहे। इस संवेदनशील मामले का संज्ञान लेते हुए, सीएमएचओ डॉ. राजेश प्रसाद तिवारी ने एंबुलेंस सेवा के मैनेजर को कड़े निर्देश जारी किए हैं। मुख्य निर्देशों में सभी एंबुलेंस की सघन जांच कर एक सप्ताह के भीतर फिटनेस रिपोर्ट पेश करना अनिवार्य किया गया है। साथ ही, आपातकालीन स्थिति में मरीज तक एंबुलेंस पहुँचने के निर्धारित समय (45 मिनट से 1 घंटा) का कड़ाई से पालन करने को कहा गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि समय पर सेवा न मिलने या वाहनों की खराबी के कारण मरीज को परेशानी होने पर सीधे तौर पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि जनता के स्वास्थ्य और जीवन के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा, और उम्मीद जताई है कि इस कड़े कदम से जिले की आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।1
- पन्ना जिला अस्पताल में परिजनों ने एंबुलेंस सेवा में हुई देरी और पोस्टमार्टम में लापरवाही को लेकर जमकर हंगामा किया। इस घटना से आक्रोशित परिजनों ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन किया।1
- पन्ना जिले की बृजपुर थाना अंतर्गत हरिजन बस्ती में एक युवक के टावर पर चढ़ने से 'शोले फिल्म' की शैली में एक हाई-वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला। कथित तौर पर शराब के नशे में धुत यह युवक टावर पर जा चढ़ा, जिसके बाद उसे नीचे उतारने के लिए काफी जद्दोजहद हुई और कई संदेश दिए गए। लंबे समय तक समझाने-बुझाने और बातचीत के बाद, जब युवक का शराब का नशा उतरना शुरू हुआ, तो वह घबरा गया और उसकी समझ काम करना बंद कर गई। आखिरकार, रात 11:45 बजे वह टावर से नीचे उतर आया। यह जानकारी बृजपुर से रूपेश जैन द्वारा दी गई है।1
- सिमरिया तहसील की विरासन ग्राम पंचायत में स्थानीय ग्रामीणों ने एक बेटी की शादी में एकजुट होकर भरपूर सहयोग किया। यह सहयोग इसलिए दिया गया क्योंकि ग्राम के बलवान सिंह और उनकी पत्नी एक मोटरसाइकिल दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इस शादी समारोह में सेना के जवान सूबेदार पुष्पेंद्र तिवारी भी शामिल हुए।1
- छतरपुर जिले के राजनगर विकासखंड के अंतर्गत आने वाले चंद्रनगर में, बमीठा से सतना नेशनल हाईवे 39 पर बने तीन यात्री प्रतीक्षालय लगभग 4 महीनों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त स्थिति में पड़े हैं। इस स्थिति ने राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के प्रबंधन की घोर लापरवाही को सामने ला दिया है। एक ओर सरकार यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतीक्षालयों की व्यवस्था करती है ताकि वे बसों या अन्य वाहनों का इंतजार कर सकें, वहीं चंद्रनगर में इन प्रतीक्षालयों का लंबे समय से क्षतिग्रस्त पड़े रहना प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। इस मुद्दे पर अभी तक जिला प्रशासन का ध्यान भी नहीं गया है। स्थानीय लोगों द्वारा NHAI हेल्पलाइन 1030 पर शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है। अब मीडिया द्वारा इस मामले का संज्ञान लेने के बाद, यह देखना बाकी है कि प्रशासन इन क्षतिग्रस्त प्रतीक्षालयों की मरम्मत या पुनर्निर्माण की व्यवस्था कितनी जल्दी करता है, या फिर ये इसी तरह जर्जर अवस्था में पड़े रहेंगे।4
- पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी के पत्रकारिता कार्यों की सराहना करते हुए, उन्हें 'समाज का हीरा' बताया गया है, खासकर एक ब्राह्मण समाज की बेटी के बलात्कार मामले में न्याय दिलाने के लिए खुलकर आवाज उठाने के उनके प्रयासों के लिए। हालांकि, उनके खिलाफ एक बड़े षड्यंत्र का आरोप लगाया गया है, जिसमें कुछ पत्रकारों और पुलिस कर्मियों को जिम्मेदार ठहराया गया है जो उनकी तरक्की पचा नहीं पा रहे हैं। आरोप है कि इन्हीं षड्यंत्रों के चलते पुष्पेंद्र लोधी को कानूनी पेचीदगियों में फंसाया जा रहा है। विडंबना यह है कि जिस ब्राह्मण समाज की बेटी को वे न्याय दिलाना चाहते थे, उसी समाज की ओर से उन्हें फंसाने की साजिश की गई है। पोस्ट में विश्वास व्यक्त किया गया है कि जब इस मामले की सच्चाई सामने आएगी, तो ब्राह्मण समाज भी मजबूरी में पुष्पेंद्र लोधी के साथ खड़ा होगा और षड्यंत्रकारी खुद अकेले में रोएंगे। यह भी कहा गया है कि पुष्पेंद्र लोधी का उद्देश्य बलात्कारी को फाँसी दिलाना है। इस मामले में एक बहुत बड़ी साजिश होने का दावा किया गया है, और क्षेत्र में की गई पड़ताल के अनुसार, एक अच्छी जाँच होने पर असली षड्यंत्रकारी सामने आ सकते हैं। ओबीसी एससी एसटी संगठन ने भी निर्दोष पत्रकार पुष्पेंद्र लोधी पर की गई कार्रवाई की कड़ी निंदा की है।1
- देशभर में सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से कई परियोजनाओं पर लगातार काम जारी है। इन नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से यात्रा के समय में कमी आने, कनेक्टिविटी में सुधार होने और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञ इस पहल को देश के बुनियादी ढाँचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।1
- शराब के नशे में धुत एक शख्स मोबाइल टावर पर चढ़ गया, जिससे नीचे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह शख्स 'शोले' फिल्म के वीरू की तरह टावर पर चढ़ा, जिसकी जानकारी मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंच गई।1