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देशभर में सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से कई परियोजनाओं पर लगातार काम जारी है। इन नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से यात्रा के समय में कमी आने, कनेक्टिविटी में सुधार होने और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञ इस पहल को देश के बुनियादी ढाँचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
Dilip Kumar Bharti
देशभर में सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से कई परियोजनाओं पर लगातार काम जारी है। इन नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से यात्रा के समय में कमी आने, कनेक्टिविटी में सुधार होने और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञ इस पहल को देश के बुनियादी ढाँचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।
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- देशभर में सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से कई परियोजनाओं पर लगातार काम जारी है। इन नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से यात्रा के समय में कमी आने, कनेक्टिविटी में सुधार होने और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञ इस पहल को देश के बुनियादी ढाँचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।1
- बांदा जिले के तिन्दवारा गांव में अज्ञात हमलावरों ने एक साधु पर कुल्हाड़ी और डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में साधु गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद साधु को मृत घोषित कर दिया।1
- बांदा में विकास की आड़ में शहर की पहचान बन चुके 80 वर्ष पुराने बरगद, पीपल और नीम के वृक्षों को काटने की तैयारी से जनता में भारी आक्रोश है। पल्हरी रोड पर पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने की खबर फैलते ही शनिवार को छात्र, समाजसेवी और आम नागरिक घरों से निकलकर सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने पेड़ों को बचाने के लिए मानव श्रृंखला बनाई, वहीं आम नागरिकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें 'विकास चाहिए, लेकिन विनाश की कीमत पर नहीं'। नागरिकों ने इस बात पर सवाल उठाया कि जब सड़क पहले से चौड़ी है और नाली व बिजली के खंभों के लिए पर्याप्त जगह मौजूद है, तब इन वृक्षों को आखिर क्यों निशाना बनाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं, जिसमें व्यंग्यात्मक ढंग से कहा गया कि शायद बरगद मुफ्त छाया देने, पीपल वर्षों से ऑक्सीजन बांटने या नीम धरती को मजबूती देने के कारण दोषी ठहराए जा रहे हैं। सबसे बड़ा व्यंग्य तो यह है कि अधिकारी कटान का कोई आदेश न होने की बात कह रहे हैं, जिस पर जनता ने पूछा कि फिर कुल्हाड़ी किसकी अनुमति से चली। वरिष्ठ पूर्व छात्र नेता रितेश त्रिपाठी ने शहर के बढ़ते तापमान पर चिंता जताते हुए पेड़ों को काटना 'आग पर घी डालने जैसा' बताया, और वातानुकूलित कमरों में बैठकर फैसले लेने वालों पर सवाल उठाए जिन्हें 48-50 डिग्री की तपिश महसूस नहीं होती। छात्र नेता अमित यादव और शमशेर यादव ने चेतावनी दी है कि यदि पेड़ों के कटान पर स्थायी रोक नहीं लगाई गई, तो छात्र सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह चेतावनी सिर्फ प्रशासन को नहीं, बल्कि उस सोच को भी है जो हरियाली को विकास की राह का रोड़ा मानती है। फिलहाल पल्हरी रोड पर पेड़ों के कटान पर अस्थायी रोक लगा दी गई है, लेकिन यह सवाल अभी भी कायम है कि क्या बांदा अपने बरगद बचा पाएगा, या फिर आने वाली पीढ़ियां केवल इतिहास की किताबों में पढ़ेंगी कि यहाँ कभी पेड़ हुआ करते थे। लोगों ने जोर देकर कहा कि पेड़ कटते हैं तो सिर्फ लकड़ी नहीं गिरती, बल्कि एक शहर की सांसें टूटती हैं, एक पीढ़ी की छांव छिनती है, और विकास के नाम पर इंसान अपनी ही कब्र के लिए धूप इकट्ठा करता है। इस दौरान पूरा बांदा कुल्हाड़ी के सामने दीवार बन गया और पल्हरी रोड पर बरगद और पीपल के पक्ष में जनसैलाब उमड़ पड़ा।1
- मां शारदे की नगरी मैहर में भारतीय जन मोर्चा पार्टी का स्थापना दिवस कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसमें यह प्रण लिया गया कि अभी तक देश में जितनी भी पार्टियां हैं, वे हिंदुओं की पार्टी नहीं हैं। पार्टी ने घोषणा की कि केवल भारतीय जन मोर्चा पार्टी ही हिंदुओं की रक्षा, सुरक्षा और उनके विकास के लिए बनी है। इसका मुख्य उद्देश्य देश में हिंदुओं को पूरी तरह सुरक्षित करना, हिंदुओं के खिलाफ बने कानूनों को समाप्त करना और देश में हिंदू राष्ट्र की स्थापना करना है। इस अवसर पर, महामंडलेश्वर द्वारा लोगों से अपील की गई कि देश में सनातन के लिए बनी भारतीय जन मोर्चा पार्टी का समर्थन सभी हिंदुओं को करना चाहिए, ताकि देश का हिंदू सुरक्षित हो सके। महामंडलेश्वर ने हर हिंदू से सनातन की पार्टी भारतीय जन मोर्चा पार्टी को वोट देने का आग्रह भी किया।1
- सतना के मेडिकल कॉलेज मार्ग पर बने एक जानलेवा गड्ढे ने आज नीट यूजी की परीक्षा देकर लौट रहे छात्रों और उनके परिजनों को बुरी तरह परेशान किया। कारगिल ढाबा के सामने स्थित इस सड़क का हाल बेहाल है, जिससे आवागमन में काफी दिक्कतें आ रही हैं। यह सड़क कथित तौर पर पीआईयू की बताई जा रही है, जो शहर के महत्वपूर्ण मेडिकल कॉलेज मार्ग का हिस्सा है। इसके बावजूद, इसकी दयनीय स्थिति पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है और जिम्मेदार अधिकारियों को यह समस्या दिखाई नहीं दे रही है।1
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बाँदा पुलिस ने 'पहले सेहत, फिर ड्यूटी' का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के तहत पुलिस लाइन में एक विशाल योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक सहित सभी अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। शिविर में मौजूद योगाचार्यों और विशेषज्ञों ने विभिन्न योग आसनों और प्राणायाम की विस्तृत जानकारी दी और सभी जवानों से उनका अभ्यास कराया। जवानों ने शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार लाने, तनावमुक्त जीवन जीने तथा कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न आसन किए। यह पहल केवल पुलिस लाइन तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि जिले के हर थाने में भी योग शिविर लगाए गए, जहाँ थाना प्रभारियों से लेकर सिपाहियों तक सभी ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिसार निरीक्षक बेलास यादव सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी इन शिविरों में उपस्थित रहे। बाँदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल का मानना है कि 'योग से जवान तंदुरुस्त होगा, तो अपराधी होंगे पस्त'। इस आयोजन के माध्यम से वर्दीधारियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि एक स्वस्थ और सेहतमंद पुलिस बल ही एक सुरक्षित समाज की गारंटी है।1
- पवई विधानसभा क्षेत्र के बनौली से दनवारा मोड़ तक का व्यस्त मार्ग क्षेत्र के 'विकास मॉडल' की ऐसी तस्वीर पेश कर रहा है, जिसे देखकर राहगीर प्रतिदिन इस 'विकास' को महसूस कर रहे हैं। सड़कों की इस कथित 'शानदार' स्थिति पर जनता सवाल उठा रही है, पूछ रही है कि जब सड़कें ऐसी हैं, तो आखिर और किस तरह के विकास की आवश्यकता है।1
- महोबा के आल्हा चौक स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को बड़े उत्साह, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष योग एवं प्राणायाम शिविर में विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों, जिनमें शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं शामिल थे, ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सामूहिक योगाभ्यास करते हुए सभी ने स्वस्थ जीवन जीने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती के पूजन-वंदन के साथ किया। इसके बाद, योग प्रशिक्षक देवेंद्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन में शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। प्रधानाचार्य कमलेश सिंह ने अपने संबोधन में योग को केवल शरीर को स्वस्थ रखने की क्रिया नहीं, बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली एक जीवन पद्धति बताया। उन्होंने ज़ोर दिया कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सशक्त, मानसिक रूप से शांत और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता है। शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और सूर्य नमस्कार जैसे महत्वपूर्ण योगाभ्यास किए, जिनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी योग प्रशिक्षक ने दी। उन्होंने सभी को प्रतिदिन योग करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश भी दिया। विद्यालय परिसर में योगाभ्यास के दौरान अनुशासन, एकाग्रता और उत्साह का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पूरे मनोयोग से योग क्रियाओं का अभ्यास कर यह संदेश दिया कि एक स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होते हैं। कार्यक्रम के अंत में, प्रधानाचार्य श्री कमलेश सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई दी। शांति मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ इस कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। इस आयोजन ने पूरे समाज को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और सकारात्मक बनाने का एक सतत अभ्यास है।1