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बांदा जिले के तिन्दवारा गांव में अज्ञात हमलावरों ने एक साधु पर कुल्हाड़ी और डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में साधु गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद साधु को मृत घोषित कर दिया।
Surash Sahu
बांदा जिले के तिन्दवारा गांव में अज्ञात हमलावरों ने एक साधु पर कुल्हाड़ी और डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में साधु गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद साधु को मृत घोषित कर दिया।
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- बांदा जिले के तिन्दवारा गांव में अज्ञात हमलावरों ने एक साधु पर कुल्हाड़ी और डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में साधु गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन तत्काल उन्हें मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन वहां डॉक्टरों ने जांच के बाद साधु को मृत घोषित कर दिया।1
- बांदा में विकास की आड़ में शहर की पहचान बन चुके 80 वर्ष पुराने बरगद, पीपल और नीम के वृक्षों को काटने की तैयारी से जनता में भारी आक्रोश है। पल्हरी रोड पर पेड़ों पर कुल्हाड़ी चलने की खबर फैलते ही शनिवार को छात्र, समाजसेवी और आम नागरिक घरों से निकलकर सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने पेड़ों को बचाने के लिए मानव श्रृंखला बनाई, वहीं आम नागरिकों ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें 'विकास चाहिए, लेकिन विनाश की कीमत पर नहीं'। नागरिकों ने इस बात पर सवाल उठाया कि जब सड़क पहले से चौड़ी है और नाली व बिजली के खंभों के लिए पर्याप्त जगह मौजूद है, तब इन वृक्षों को आखिर क्यों निशाना बनाया जा रहा है। विरोध प्रदर्शन के दौरान तीखी प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं, जिसमें व्यंग्यात्मक ढंग से कहा गया कि शायद बरगद मुफ्त छाया देने, पीपल वर्षों से ऑक्सीजन बांटने या नीम धरती को मजबूती देने के कारण दोषी ठहराए जा रहे हैं। सबसे बड़ा व्यंग्य तो यह है कि अधिकारी कटान का कोई आदेश न होने की बात कह रहे हैं, जिस पर जनता ने पूछा कि फिर कुल्हाड़ी किसकी अनुमति से चली। वरिष्ठ पूर्व छात्र नेता रितेश त्रिपाठी ने शहर के बढ़ते तापमान पर चिंता जताते हुए पेड़ों को काटना 'आग पर घी डालने जैसा' बताया, और वातानुकूलित कमरों में बैठकर फैसले लेने वालों पर सवाल उठाए जिन्हें 48-50 डिग्री की तपिश महसूस नहीं होती। छात्र नेता अमित यादव और शमशेर यादव ने चेतावनी दी है कि यदि पेड़ों के कटान पर स्थायी रोक नहीं लगाई गई, तो छात्र सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे। यह चेतावनी सिर्फ प्रशासन को नहीं, बल्कि उस सोच को भी है जो हरियाली को विकास की राह का रोड़ा मानती है। फिलहाल पल्हरी रोड पर पेड़ों के कटान पर अस्थायी रोक लगा दी गई है, लेकिन यह सवाल अभी भी कायम है कि क्या बांदा अपने बरगद बचा पाएगा, या फिर आने वाली पीढ़ियां केवल इतिहास की किताबों में पढ़ेंगी कि यहाँ कभी पेड़ हुआ करते थे। लोगों ने जोर देकर कहा कि पेड़ कटते हैं तो सिर्फ लकड़ी नहीं गिरती, बल्कि एक शहर की सांसें टूटती हैं, एक पीढ़ी की छांव छिनती है, और विकास के नाम पर इंसान अपनी ही कब्र के लिए धूप इकट्ठा करता है। इस दौरान पूरा बांदा कुल्हाड़ी के सामने दीवार बन गया और पल्हरी रोड पर बरगद और पीपल के पक्ष में जनसैलाब उमड़ पड़ा।1
- 12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर बाँदा पुलिस ने 'पहले सेहत, फिर ड्यूटी' का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस पहल के तहत पुलिस लाइन में एक विशाल योग शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक सहित सभी अधिकारियों और जवानों ने उत्साहपूर्वक योगाभ्यास किया। शिविर में मौजूद योगाचार्यों और विशेषज्ञों ने विभिन्न योग आसनों और प्राणायाम की विस्तृत जानकारी दी और सभी जवानों से उनका अभ्यास कराया। जवानों ने शारीरिक और मानसिक सेहत में सुधार लाने, तनावमुक्त जीवन जीने तथा कार्यक्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से विभिन्न आसन किए। यह पहल केवल पुलिस लाइन तक ही सीमित नहीं रही, बल्कि जिले के हर थाने में भी योग शिविर लगाए गए, जहाँ थाना प्रभारियों से लेकर सिपाहियों तक सभी ने सक्रिय रूप से भाग लिया। प्रतिसार निरीक्षक बेलास यादव सहित कई अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी इन शिविरों में उपस्थित रहे। बाँदा के पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल का मानना है कि 'योग से जवान तंदुरुस्त होगा, तो अपराधी होंगे पस्त'। इस आयोजन के माध्यम से वर्दीधारियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि एक स्वस्थ और सेहतमंद पुलिस बल ही एक सुरक्षित समाज की गारंटी है।1
- देशभर में सड़क और एक्सप्रेसवे नेटवर्क को मजबूत करने के उद्देश्य से कई परियोजनाओं पर लगातार काम जारी है। इन नए एक्सप्रेसवे के निर्माण से यात्रा के समय में कमी आने, कनेक्टिविटी में सुधार होने और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। विशेषज्ञ इस पहल को देश के बुनियादी ढाँचे के विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मान रहे हैं।1
- लोकसभा चुनाव में बुंदेलखंड क्षेत्र में अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आगामी विधानसभा चुनावों के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी अब विकास योजनाओं और सरकारी उपलब्धियों को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाकर क्षेत्र में अपनी पकड़ मजबूत करने का प्रयास कर रही है। वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने बुंदेलखंड की 19 में से 16 सीटों पर जीत दर्ज की थी, जबकि समाजवादी पार्टी (सपा) को केवल तीन सीटें मिली थीं। हालांकि, हाल ही में हुए लोकसभा चुनाव में सपा ने क्षेत्र की चार में से तीन सीटों पर जीत हासिल कर भाजपा के सामने एक नई चुनौती पेश की है। आगामी विधानसभा चुनाव के लिए, जहां समाजवादी पार्टी बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने और पीडीए, संविधान तथा आरक्षण जैसे मुद्दों को लेकर जनता के बीच पहुंचने की रणनीति पर काम कर रही है, वहीं भाजपा विकास और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को अपना मुख्य चुनावी मुद्दा बना रही है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही में झांसी, ललितपुर, महोबा और राठ का दौरा किया, जहां उन्होंने कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और अन्य क्षेत्रों से जुड़ी करोड़ों रुपये की परियोजनाओं की सौगात दी। मुख्यमंत्री ने इस दौरान दावा किया कि प्रदेश सरकार की योजनाओं से बुंदेलखंड में विकास को गति मिली है और पलायन पर भी नियंत्रण हुआ है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि बुंदेलखंड में भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिल सकता है। दोनों दल संगठन विस्तार और जनसंपर्क अभियान के जरिए अपनी चुनावी जमीन मजबूत करने में जुटे हैं। हालांकि, विकास योजनाओं और राजनीतिक रणनीतियों का जनता पर कितना असर होगा, इसका फैसला आगामी विधानसभा चुनाव के नतीजे ही करेंगे।2
- हमीरपुर जिले में 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर रविवार को जिला मुख्यालय स्थित राजकीय स्पोर्ट्स स्टेडियम में एक भव्य योग कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जहाँ उन्होंने सामूहिक योगाभ्यास किया और नियमित रूप से योग को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद ने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। मुख्य अतिथि ने उपस्थित जनसमूह के साथ मिलकर विभिन्न योगासन एवं प्राणायामों का अभ्यास कर योग के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने संबोधन में उन्होंने योग को भारतीय संस्कृति की एक अमूल्य धरोहर बताते हुए स्वस्थ जीवन के लिए प्रतिदिन योग करने की आवश्यकता पर बल दिया। इस दौरान गायत्री परिवार के बच्चों ने योग पर आधारित अपनी आकर्षक प्रस्तुतियाँ दीं, जिनसे लोगों को जागरूक किया गया और वहाँ मौजूद सभी ने उनकी सराहना की। कार्यक्रम में सदर विधायक मनोज प्रजापति, नगर पालिका चेयरमैन, भाजपा जिला अध्यक्ष, खनिज निदेशक माला श्रीवास्तव और मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) सहित जिले के कई अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। योग शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का गहन अभ्यास किया। कार्यक्रम का समापन लोगों से नियमित रूप से योग को अपनाने और एक स्वस्थ व निरोग जीवन जीने की अपील के साथ हुआ।1
- राम मंदिर निर्माण से जुड़ी एक गंभीर खबर सामने आई है, जिसमें ट्रस्टियों के भतीजे और रिश्तेदारों पर ज़मीन खरीद में धांधली के आरोप लगे हैं। दावा किया जा रहा है कि इन लोगों ने ज़मीन के लिए वास्तविक दाम से 17 गुना तक अधिक भुगतान किया। इसके अतिरिक्त, निर्माण सामग्री की खरीद में भी 40% तक कमीशन लेने का आरोप है, जिससे मंदिर निर्माण प्रक्रिया में वित्तीय अनियमितताओं की बात कही जा रही है।1
- महोबा के आल्हा चौक स्थित सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को बड़े उत्साह, अनुशासन और आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर आयोजित विशेष योग एवं प्राणायाम शिविर में विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों, जिनमें शिक्षक, शिक्षणेत्तर कर्मचारी और छात्र-छात्राएं शामिल थे, ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। सामूहिक योगाभ्यास करते हुए सभी ने स्वस्थ जीवन जीने का संकल्प लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य कमलेश सिंह ने दीप प्रज्ज्वलन और माँ सरस्वती के पूजन-वंदन के साथ किया। इसके बाद, योग प्रशिक्षक देवेंद्र सिंह के कुशल मार्गदर्शन में शिक्षकों, शिक्षणेत्तर कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं ने विभिन्न योगासनों और प्राणायाम का अभ्यास किया। प्रधानाचार्य कमलेश सिंह ने अपने संबोधन में योग को केवल शरीर को स्वस्थ रखने की क्रिया नहीं, बल्कि मन, मस्तिष्क और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली एक जीवन पद्धति बताया। उन्होंने ज़ोर दिया कि नियमित योगाभ्यास व्यक्ति को शारीरिक रूप से सशक्त, मानसिक रूप से शांत और आध्यात्मिक रूप से समृद्ध बनाता है। शिविर के दौरान प्रतिभागियों ने कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायाम और सूर्य नमस्कार जैसे महत्वपूर्ण योगाभ्यास किए, जिनके स्वास्थ्य लाभों की जानकारी योग प्रशिक्षक ने दी। उन्होंने सभी को प्रतिदिन योग करने और समाज में इसके प्रति जागरूकता फैलाने का संदेश भी दिया। विद्यालय परिसर में योगाभ्यास के दौरान अनुशासन, एकाग्रता और उत्साह का एक अद्भुत संगम देखने को मिला। विद्यार्थियों ने पूरे मनोयोग से योग क्रियाओं का अभ्यास कर यह संदेश दिया कि एक स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन ही उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला होते हैं। कार्यक्रम के अंत में, प्रधानाचार्य श्री कमलेश सिंह ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले समस्त शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए सभी को बधाई दी। शांति मंत्र के सामूहिक उच्चारण के साथ इस कार्यक्रम का विधिवत समापन हुआ। इस आयोजन ने पूरे समाज को यह महत्वपूर्ण संदेश दिया कि योग केवल एक दिवस का आयोजन नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, स्वस्थ और सकारात्मक बनाने का एक सतत अभ्यास है।1