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मनपसंद व्यक्ति से शादी करना जीवन के सबसे सुखद और यादगार अनुभवों में से एक माना जाता है, जो व्यक्ति के मन में अपार खुशी, उत्साह और संतोष का भाव जगाता है। जब जीवनसाथी ऐसा होता है जिसे हम अच्छी तरह समझते हैं और जिस पर विश्वास करते हैं, तो वैवाहिक जीवन अधिक सुखद और मजबूत बनता है। पसंद के साथी से विवाह होने पर दोनों व्यक्ति एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और सपनों का सम्मान करते हैं। उनके बीच प्रेम, विश्वास और समझदारी का रिश्ता बनता है, जो उन्हें हर कठिन परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देने की प्रेरणा देता है। शादी के बाद नए जीवन की शुरुआत करने का उत्साह भी बहुत विशेष होता है। ऐसी शादी अगर परिवार और समाज के सहयोग से हो तो यह खुशी और भी बढ़ जाती है। जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाएँ बनाना, सुख-दुख साझा करना और मिलकर परिवार का निर्माण करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है। इस प्रकार, मनपसंद व्यक्ति से शादी करना केवल एक सामाजिक बंधन नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और खुशियों से भरे नए जीवन की एक सुंदर शुरुआत है, जो जीवनभर याद रहने वाली अनमोल खुशी प्रदान करती है।

2 hrs ago
user_Hari Singh Gautam
Hari Singh Gautam
Teacher जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
2 hrs ago

मनपसंद व्यक्ति से शादी करना जीवन के सबसे सुखद और यादगार अनुभवों में से एक माना जाता है, जो व्यक्ति के मन में अपार खुशी, उत्साह और संतोष का भाव जगाता है। जब जीवनसाथी ऐसा होता है जिसे हम अच्छी तरह समझते हैं और जिस पर विश्वास करते हैं, तो वैवाहिक जीवन अधिक सुखद और मजबूत बनता है। पसंद के साथी से विवाह होने पर दोनों व्यक्ति एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और सपनों का सम्मान करते हैं। उनके बीच प्रेम, विश्वास और समझदारी का रिश्ता बनता है, जो उन्हें हर कठिन परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देने की प्रेरणा देता है। शादी के बाद नए जीवन की शुरुआत करने का उत्साह भी बहुत विशेष होता है। ऐसी शादी अगर परिवार और समाज के सहयोग से हो तो यह खुशी और भी बढ़ जाती है। जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाएँ बनाना, सुख-दुख साझा करना और मिलकर परिवार का निर्माण करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है। इस प्रकार, मनपसंद व्यक्ति से शादी करना केवल एक सामाजिक बंधन नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और खुशियों से भरे नए जीवन की एक सुंदर शुरुआत है, जो जीवनभर याद रहने वाली अनमोल खुशी प्रदान करती है।

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  • भारत में कोर्ट मैरिज विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत दो वयस्क व्यक्तियों को बिना किसी धार्मिक रीति-रिवाज के कानूनी रूप से विवाह करने की सुविधा प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के लोगों को विवाह बंधन में बंधने का अवसर देना है, हालांकि समान धर्म के लोग भी इस प्रक्रिया का उपयोग कर सकते हैं। कोर्ट मैरिज के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए। विवाह दोनों पक्षों की स्वतंत्र सहमति से होना चाहिए, जिसमें कोई दबाव, धोखा या भय न हो। इसके अतिरिक्त, दोनों में से कोई भी व्यक्ति पहले से विवाहित नहीं होना चाहिए, जब तक कि उसका पिछला विवाह कानूनी रूप से समाप्त न हो गया हो। प्रक्रिया के तहत, सबसे पहले विवाह अधिकारी के कार्यालय में आवेदन किया जाता है, जिसमें पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट आकार के फोटो जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। आवेदन के बाद, विवाह अधिकारी 30 दिनों के लिए एक नोटिस जारी करता है। यदि इस अवधि में कोई वैध आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो विवाह की तारीख तय कर दी जाती है। निर्धारित तिथि पर, दोनों पक्ष तीन गवाहों के साथ विवाह अधिकारी के सामने उपस्थित होते हैं और अपनी इच्छा से विवाह करने की घोषणा करते हैं। इसके बाद विवाह रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए जाते हैं और विवाह अधिकारी द्वारा विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है, जो विवाह का कानूनी प्रमाण होता है। कोर्ट मैरिज के कई लाभ हैं, जिनमें सरलता, सुरक्षा, कानूनी मान्यता और अनावश्यक खर्चों में कमी शामिल है। यह दहेज जैसी कुरीतियों को भी बढ़ावा नहीं देती और अंतरजातीय व अंतरधार्मिक विवाह करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है। कोर्ट मैरिज के बाद पति-पत्नी को कानून द्वारा सभी वैवाहिक अधिकार और सुरक्षा प्राप्त होती है। हालांकि, इस प्रक्रिया में सभी दस्तावेज सही होने चाहिए और कानूनी नियमों का पालन अनिवार्य है, क्योंकि गलत जानकारी या धोखाधड़ी पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। यह आधुनिक समाज में विवाह का एक सुरक्षित, सरल और कानूनी तरीका है जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता, समानता और संवैधानिक अधिकारों को बढ़ावा देता है।
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    भारत में कोर्ट मैरिज विशेष विवाह अधिनियम, 1954 के तहत दो वयस्क व्यक्तियों को बिना किसी धार्मिक रीति-रिवाज के कानूनी रूप से विवाह करने की सुविधा प्रदान करती है। इसका मुख्य उद्देश्य विभिन्न धर्मों, जातियों या समुदायों के लोगों को विवाह बंधन में बंधने का अवसर देना है, हालांकि समान धर्म के लोग भी इस प्रक्रिया का उपयोग कर सकते हैं।

कोर्ट मैरिज के लिए लड़के की न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़की की 18 वर्ष होनी चाहिए। विवाह दोनों पक्षों की स्वतंत्र सहमति से होना चाहिए, जिसमें कोई दबाव, धोखा या भय न हो। इसके अतिरिक्त, दोनों में से कोई भी व्यक्ति पहले से विवाहित नहीं होना चाहिए, जब तक कि उसका पिछला विवाह कानूनी रूप से समाप्त न हो गया हो।

प्रक्रिया के तहत, सबसे पहले विवाह अधिकारी के कार्यालय में आवेदन किया जाता है, जिसमें पहचान पत्र, आयु प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र और पासपोर्ट आकार के फोटो जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं। आवेदन के बाद, विवाह अधिकारी 30 दिनों के लिए एक नोटिस जारी करता है। यदि इस अवधि में कोई वैध आपत्ति प्राप्त नहीं होती है, तो विवाह की तारीख तय कर दी जाती है। निर्धारित तिथि पर, दोनों पक्ष तीन गवाहों के साथ विवाह अधिकारी के सामने उपस्थित होते हैं और अपनी इच्छा से विवाह करने की घोषणा करते हैं। इसके बाद विवाह रजिस्टर पर हस्ताक्षर किए जाते हैं और विवाह अधिकारी द्वारा विवाह प्रमाण पत्र जारी कर दिया जाता है, जो विवाह का कानूनी प्रमाण होता है।

कोर्ट मैरिज के कई लाभ हैं, जिनमें सरलता, सुरक्षा, कानूनी मान्यता और अनावश्यक खर्चों में कमी शामिल है। यह दहेज जैसी कुरीतियों को भी बढ़ावा नहीं देती और अंतरजातीय व अंतरधार्मिक विवाह करने वालों के लिए एक महत्वपूर्ण विकल्प है। कोर्ट मैरिज के बाद पति-पत्नी को कानून द्वारा सभी वैवाहिक अधिकार और सुरक्षा प्राप्त होती है। हालांकि, इस प्रक्रिया में सभी दस्तावेज सही होने चाहिए और कानूनी नियमों का पालन अनिवार्य है, क्योंकि गलत जानकारी या धोखाधड़ी पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। यह आधुनिक समाज में विवाह का एक सुरक्षित, सरल और कानूनी तरीका है जो व्यक्तिगत स्वतंत्रता, समानता और संवैधानिक अधिकारों को बढ़ावा देता है।
    user_Hari Singh Gautam
    Hari Singh Gautam
    Teacher जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • जोधपुर एयरपोर्ट पर सोमवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्री सुविधा दिवस मनाया। इस अवसर पर यात्रियों का तिलक लगाकर और स्वागत किट देकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन हुए, जिसमें लोक नृत्यांगनाओं के साथ फिल्म अभिनेत्री उपासना सिंह ने भी प्रस्तुति दी। आगमन कक्ष में लोक नृत्य और लोक संगीत के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखाई गई। एयरपोर्ट डायरेक्टर डॉ. मनोज उनियाल ने बताया कि पिछली बार यात्री सेवा दिवस सितंबर में मनाया गया था, जबकि इस बार यात्री सुविधा दिवस जून में आयोजित किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना और एयरपोर्ट की सुविधाओं के साथ-साथ जनभागीदारी को भी बढ़ाना है। इस अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
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    जोधपुर एयरपोर्ट पर सोमवार को एयरपोर्ट अथॉरिटी ने यात्री सुविधा दिवस मनाया। इस अवसर पर यात्रियों का तिलक लगाकर और स्वागत किट देकर अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन हुए, जिसमें लोक नृत्यांगनाओं के साथ फिल्म अभिनेत्री उपासना सिंह ने भी प्रस्तुति दी। आगमन कक्ष में लोक नृत्य और लोक संगीत के माध्यम से राजस्थान की समृद्ध संस्कृति की झलक दिखाई गई।

एयरपोर्ट डायरेक्टर डॉ. मनोज उनियाल ने बताया कि पिछली बार यात्री सेवा दिवस सितंबर में मनाया गया था, जबकि इस बार यात्री सुविधा दिवस जून में आयोजित किया जा रहा है। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करना और एयरपोर्ट की सुविधाओं के साथ-साथ जनभागीदारी को भी बढ़ाना है। इस अवसर पर 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम भी आयोजित किया गया।
    user_रबेन्द्र सिंह परमार संपादक
    रबेन्द्र सिंह परमार संपादक
    एतमादपुर, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • हाथरस जिले के हसायन में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पी.एन. दीक्षित ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की। यह बैठक शासन के निर्देशों के अनुपालन में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण को लेकर की गई थी। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शिकायतों के प्रभावी समाधान पर जोर दिया, चेतावनी दी कि इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सीडीओ दीक्षित ने स्पष्ट किया कि आयोग से प्राप्त संदर्भ, आरटीआई प्रकरण, आईजीआरएस पोर्टल और जनता दर्शन के माध्यम से मिली शिकायतों का निपटारा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतकर्ताओं से संपर्क करें और उनकी समस्याओं का वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सीडीओ ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई मामला संबंधित विभाग से जुड़ा नहीं है, तो उसे तत्काल सक्षम विभाग को भेजा जाए। इसके अतिरिक्त, आरटीआई सहित अन्य प्रकरणों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सटीक और संतोषजनक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। आयोग से संबंधित मामलों में समय पर जांच कर गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए गए। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट सहित कई अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
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    हाथरस जिले के हसायन में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) पी.एन. दीक्षित ने बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की। यह बैठक शासन के निर्देशों के अनुपालन में आईजीआरएस पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण को लेकर की गई थी। सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए शिकायतों के प्रभावी समाधान पर जोर दिया, चेतावनी दी कि इसमें किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सीडीओ दीक्षित ने स्पष्ट किया कि आयोग से प्राप्त संदर्भ, आरटीआई प्रकरण, आईजीआरएस पोर्टल और जनता दर्शन के माध्यम से मिली शिकायतों का निपटारा शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे शिकायतकर्ताओं से संपर्क करें और उनकी समस्याओं का वास्तविक एवं संतोषजनक समाधान सुनिश्चित करें। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी भी स्तर पर शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या शिथिलता पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ जिम्मेदारी तय कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।

बैठक में सीडीओ ने यह भी निर्देश दिया कि यदि कोई मामला संबंधित विभाग से जुड़ा नहीं है, तो उसे तत्काल सक्षम विभाग को भेजा जाए। इसके अतिरिक्त, आरटीआई सहित अन्य प्रकरणों में निर्धारित समय सीमा के भीतर सटीक और संतोषजनक सूचना उपलब्ध कराना सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। आयोग से संबंधित मामलों में समय पर जांच कर गुणवत्तापूर्ण रिपोर्ट भेजने के भी निर्देश दिए गए। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व, अपर जिलाधिकारी न्यायिक, परियोजना निदेशक, जिला विकास अधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी, सभी उप जिलाधिकारी, प्रभारी अधिकारी कलेक्ट्रेट सहित कई अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
    user_Sunil kumar
    Sunil kumar
    पत्रकार Hathras, Uttar Pradesh•
    9 hrs ago
  • मनपसंद व्यक्ति से शादी करना जीवन के सबसे सुखद और यादगार अनुभवों में से एक माना जाता है, जो व्यक्ति के मन में अपार खुशी, उत्साह और संतोष का भाव जगाता है। जब जीवनसाथी ऐसा होता है जिसे हम अच्छी तरह समझते हैं और जिस पर विश्वास करते हैं, तो वैवाहिक जीवन अधिक सुखद और मजबूत बनता है। पसंद के साथी से विवाह होने पर दोनों व्यक्ति एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और सपनों का सम्मान करते हैं। उनके बीच प्रेम, विश्वास और समझदारी का रिश्ता बनता है, जो उन्हें हर कठिन परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देने की प्रेरणा देता है। शादी के बाद नए जीवन की शुरुआत करने का उत्साह भी बहुत विशेष होता है। ऐसी शादी अगर परिवार और समाज के सहयोग से हो तो यह खुशी और भी बढ़ जाती है। जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाएँ बनाना, सुख-दुख साझा करना और मिलकर परिवार का निर्माण करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है। इस प्रकार, मनपसंद व्यक्ति से शादी करना केवल एक सामाजिक बंधन नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और खुशियों से भरे नए जीवन की एक सुंदर शुरुआत है, जो जीवनभर याद रहने वाली अनमोल खुशी प्रदान करती है।
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    मनपसंद व्यक्ति से शादी करना जीवन के सबसे सुखद और यादगार अनुभवों में से एक माना जाता है, जो व्यक्ति के मन में अपार खुशी, उत्साह और संतोष का भाव जगाता है। जब जीवनसाथी ऐसा होता है जिसे हम अच्छी तरह समझते हैं और जिस पर विश्वास करते हैं, तो वैवाहिक जीवन अधिक सुखद और मजबूत बनता है।

पसंद के साथी से विवाह होने पर दोनों व्यक्ति एक-दूसरे की भावनाओं, विचारों और सपनों का सम्मान करते हैं। उनके बीच प्रेम, विश्वास और समझदारी का रिश्ता बनता है, जो उन्हें हर कठिन परिस्थिति में एक-दूसरे का साथ देने की प्रेरणा देता है। शादी के बाद नए जीवन की शुरुआत करने का उत्साह भी बहुत विशेष होता है। ऐसी शादी अगर परिवार और समाज के सहयोग से हो तो यह खुशी और भी बढ़ जाती है। जीवनसाथी के साथ भविष्य की योजनाएँ बनाना, सुख-दुख साझा करना और मिलकर परिवार का निर्माण करना जीवन को अर्थपूर्ण बनाता है।

इस प्रकार, मनपसंद व्यक्ति से शादी करना केवल एक सामाजिक बंधन नहीं है, बल्कि यह प्रेम, विश्वास और खुशियों से भरे नए जीवन की एक सुंदर शुरुआत है, जो जीवनभर याद रहने वाली अनमोल खुशी प्रदान करती है।
    user_Hari Singh Gautam
    Hari Singh Gautam
    Teacher जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    2 hrs ago
  • एटा जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र में महरारा दरवाजे से भूतिया सीर रोड तक के निवासियों को नगरपालिका की कथित लापरवाही के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
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    एटा जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र में महरारा दरवाजे से भूतिया सीर रोड तक के निवासियों को नगरपालिका की कथित लापरवाही के कारण भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोग इस समस्या से जूझ रहे हैं।
    user_Rihan Qureshi india voice public app
    Rihan Qureshi india voice public app
    जलेसर, एटा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
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