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कांग्रेस नेता जीतू पटवारी, मुख्यमंत्री मोहन यादव से जमीन अधिग्रहण संबंधी आरोपों पर उनकी स्थिति स्पष्ट करने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए।
Abhishek Pandey
कांग्रेस नेता जीतू पटवारी, मुख्यमंत्री मोहन यादव से जमीन अधिग्रहण संबंधी आरोपों पर उनकी स्थिति स्पष्ट करने की मांग को लेकर सड़क पर उतर आए।
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- शिव पुलिस द्वारा 'क्लिक 2.0 अभियान' के अंतर्गत एक साइबर जागरूकता रैली और जन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में एसपी गुरुकरड सिंह जी ने भी अपनी भागीदारी दर्ज कराई।1
- रीवा के बाढ़सागर कॉलोनी से एक बड़ी खबर सामने आई है, जहाँ आसिफ खान, पिता सलीम अंसारी, और उनके घर के सदस्यों पर गौ माता को लात मारने का आरोप लगा है। इसी मोहल्ले के निवासी राहुल गुप्ता ने जब इस कृत्य का विरोध किया, तो आसिफ खान और उसके परिवार ने राहुल गुप्ता तथा उनके घर के सदस्यों को यह कहते हुए धमकियाँ दीं कि "मैं ऐसे ही करूँगा, जो तुमको करते बन कर लो, शासन प्रशासन हमारा कुछ नहीं कर पाएगा।" इसके अगले दिन, 20 तारीख को सुबह लगभग 10 बजे, झब्बू खान, बिट्टू खान, फिरोज खान, सफीक खान और आसिफ अंसारी ने राहुल गुप्ता के घर में घुसकर उन पर प्राणघातक हमला कर दिया। इस दौरान, राहुल के घर के जो भी सदस्य और दोस्त उन्हें बचाने आए, उन सभी को भी मारा गया। यह घटना 19 तारीख की है और पुलिस प्रशासन को समान थाने में इसकी सूचना दी जा चुकी है। हालाँकि, ब्यूरो चीफ रिप्पू पाण्डेय के अनुसार, समान थाना ने आज तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है, जिससे पुलिस की भूमिका पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में अपराधियों की "पहुंच" होने का संदेह व्यक्त किया गया है, जिसके कारण 19 तारीख की घटना के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई और अपराधी खुलेआम घूम रहा है। रीवा के आईजी, एसपी साहब और कलेक्टर साहब भी इस मामले में मौन धारण किए हुए हैं, जिससे यह प्रतीत होता है कि अपराधी का यह दावा सच साबित हो रहा है कि शासन-प्रशासन उसका कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा।1
- रीवा में एक युवती ने अवैध हथियार के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर 'भौकाल जमाने' की कोशिश की है। यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवती अवैध हथियार के साथ दिख रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूर्व में भी बदमाशों द्वारा इसी तरह के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा चुके हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए, पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस इस युवती के खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी।1
- भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए भूमि संबंधी आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने इन आरोपों को पूरी तरह गलत, निराधार और तथ्यहीन बताया, साथ ही कहा कि कांग्रेस मुख्यमंत्री और उनकी सरकार की छवि धूमिल करने का प्रयास कर रही है। खंडेलवाल के अनुसार, कांग्रेस और उसके नेता केवल भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं।1
- एक सीलबंद पानी की बोतल के अंदर एक मृत कीड़ा पाए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर तत्काल जांच करने और जिम्मेदार लोगों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की जा रही है।1
- सतना कलेक्टर द्वारा रामपुर बघेलान से अमरपाटन रोड पर भारी वाहनों के प्रवेश को निषेध कर नो-एंट्री घोषित की गई थी। हालांकि, पुलिस प्रशासन की कथित अनदेखी के कारण, कुछ दिनों की पाबंदी के बाद अब भारी वाहन जैसे ट्रक, डंपर और हाइवा फिर से इस मार्ग पर फर्राटा भरते हुए दौड़ रहे हैं। बताया गया है कि इन वाहनों में से अधिकांश प्रिज्म जानसन सीमेंट के लिए पत्थर ढो रहे हैं, जिससे कलेक्टर के आदेश का खुलेआम उल्लंघन हो रहा है।1
- कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट का हवाला देते हुए, जीतू पटवारी ने आरोप लगाया है कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास कुल 245 प्लॉट में 335 एकड़ जमीन है। पटवारी के अनुसार, इस जमीन में नीलेश यादव के नाम पर 108 एकड़, गोविंद यादव के पास 47 एकड़, मोहन यादव के पास 17 एकड़, सीमा यादव के पास 11 एकड़, वैभव यादव के पास 17 एकड़, शालिनी यादव के पास 10 एकड़, नारायण यादव के पास 19 एकड़, नंदलाल यादव के पास 17 एकड़, कलावती के पास 17 एकड़, अभय यादव के पास 16 एकड़ और रेखा यादव के पास 6 एकड़ जमीन दर्ज है। इस मामले में चार रियल एस्टेट कंपनियों का भी जिक्र किया गया है, जिनमें बहुमत हिस्सेदारी सीमा यादव और मोहन यादव की बताई गई है। रिपोर्ट के अनुसार, मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी है, जबकि मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन जुड़ी हुई है। इसके साथ ही, परिवार के करीबी रिश्तेदारों की तीन अलग-अलग कंपनियों में भी बड़ी हिस्सेदारी का दावा किया गया है। जीतू पटवारी ने यह भी आरोप लगाया है कि मोहन यादव के मंत्री रहने और बाद में मुख्यमंत्री बनने के दौरान कई सड़क परियोजनाएं इन्हीं जमीनों के आसपास से निकाली गईं।1
- पूर्व मंत्री डॉक्टर नरोत्तम मिश्रा ने आपातकाल के अवसर पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने आपातकाल को 'काला दिवस' और 'संविधान हत्या दिवस' बताया।1