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रीवा में एक युवती ने अवैध हथियार के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर 'भौकाल जमाने' की कोशिश की है। यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवती अवैध हथियार के साथ दिख रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूर्व में भी बदमाशों द्वारा इसी तरह के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा चुके हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए, पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस इस युवती के खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी।
पत्रकार शुभम तिवारी
रीवा में एक युवती ने अवैध हथियार के साथ वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर 'भौकाल जमाने' की कोशिश की है। यह वीडियो अब तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें युवती अवैध हथियार के साथ दिख रही है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पूर्व में भी बदमाशों द्वारा इसी तरह के वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किए जा चुके हैं। इस मामले का संज्ञान लेते हुए, पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने के बाद पुलिस इस युवती के खिलाफ सख्त कार्यवाही करेगी।
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- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अंतर्गत आने वाले रायपुर कर्चुलियांन थाना क्षेत्र में आज वीर शहीद भरत तिवारी को आम जनता द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बिहार के एक छोटे से गाँव के क्रांतिकारी वीर स्व: भरत तिवारी के बलिदान पर रायपुर कर्चुलियांन के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला, जो थाने के सामने से शुरू होकर जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियांन स्थित शहीद स्मारक पर संपन्न हुआ। इस दौरान लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। जनता ने बिहार में हुई इस घटना को 'दुष्कृत्य' और 'निंदनीय' बताया, साथ ही बिहार पुलिस के कृत्य की कड़ी निंदा की। लोगों का कहना था कि समाज और हक के लिए लड़ने वाला व्यक्ति आतंकवादी नहीं, बल्कि क्रांतिकारी होता है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि बिहार पुलिस ने अमर शहीद भरत तिवारी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि 'हत्या' की है। इस घटना को लेकर केवल आम जनता में ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला, तो हर घर से भरत तिवारी निकलेगा और इस 'भ्रष्ट सिस्टम' के खिलाफ लड़ेगा। बिहार पुलिस के खिलाफ गुस्सा जताते हुए 'भरत तिवारी अमर रहे' के नारे भी लगाए गए। श्रद्धांजलि अर्पित करने और दो मिनट का मौन धारण करने के बाद कार्यक्रम समाप्त किया गया।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। यह पहल साइबर सुरक्षा और जन-जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1
- अमरेंद्र पांडेय 250 गाड़ियों के एक बड़े काफिले के साथ भरत तिवारी के बिलौटी गांव पहुंचे हैं। उनके इस आगमन ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।1
- अयोध्या में श्री राम मंदिर ट्रस्ट में कथित भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। दावा किया गया है कि ट्रस्ट में, विशेष रूप से अध्यक्ष से जुड़े, कई भ्रष्टाचारों की 'खुली पोल' हो रही है। इस खुलासे से संबंधित एक वीडियो जारी किया गया है, जिसमें इन भ्रष्टाचारों का पर्दाफाश करने की बात कही गई है। लोगों से इस वीडियो को पूरा सुनने और अधिक से अधिक साझा करने की अपील की जा रही है।1
- पुलिस विभाग द्वारा 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता कार्यक्रम के तहत सिरमौर थाना प्रभारी दीपक तिवारी और उनके स्टाफ ने सिरमौर कस्बे में एक पैदल जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस रैली में सीएम राइज स्कूल के बच्चे भी शामिल हुए। प्रतिभागियों को साइबर ठगी से बचने के विभिन्न तरीके बताए गए, जिसमें अनजान लिंक से बचने, अपने ओटीपी, पिन और पासवर्ड की गोपनीयता बनाए रखने तथा उन्हें किसी के साथ साझा न करने पर जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त, ऑनलाइन दोस्ती करते समय सतर्क रहने, निजी जानकारी साझा न करने और इंटरनेट का सुरक्षित तरीके से उपयोग करने के बारे में भी महत्वपूर्ण जानकारी दी गई।2
- मैहर जिले में पुलिस विभाग ने हाल ही में "सेफ क्लिक 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" नामक एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। इस पहल का लक्ष्य लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया पर होने वाले अपराधों और समग्र डिजिटल सुरक्षा के महत्व के बारे में सचेत करना है। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। नागरिकों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें, और संदिग्ध कॉल या संदेशों के प्रति हमेशा सतर्क रहें। पुलिस ने आम जनता से यह भी अपील की है कि यदि वे कभी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर विस्तृत जानकारी देनी चाहिए। पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने इस अभियान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि "सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" केवल एक अभियान मात्र नहीं है, बल्कि यह डिजिटल सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य नागरिकों को साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचाना है। इस अभियान के माध्यम से डिजिटल युग में सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम का सशक्त संदेश दिया गया।4
- सुखेंद्र सिंह बन्ना ने प्रशासन के अन्याय के खिलाफ एक और जंग का ऐलान किया है। उन्होंने प्रशासनिक अन्याय के विरुद्ध अपनी लड़ाई जारी रखने की घोषणा की है।1
- रीवा में सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज और पुलिस विभाग के खिलाफ एक अभद्र वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, मध्य प्रदेश के प्रदेश सचिव पं. सतीश चौबे ने 23 जून 2026 को रीवा पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत सौंपकर इस पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, त्योथर तहसील के ग्राम ककरहा, चौकी सोनौरी, थाना सोहागी निवासी अलोक पटेल पिता कमला शंकर पटेल ने फेसबुक पर एक रील बनाई है। इस वीडियो में ब्राह्मण समाज के साथ-साथ पुलिस विभाग को लेकर भी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की गई हैं, जिनमें माँ-बहन की गालियाँ और जान से मारने की धमकी शामिल है, जिससे समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संगठन ने अपनी शिकायत के साथ फेसबुक स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं। शिकायतकर्ताओं में पं. सतीश चौबे के साथ प्रसू तिवारी, अनुराग मिश्रा, राजकुमार शुक्ला, रहीश शुक्ला, मोहित चौबे, गौरव मिश्रा, पीयूष द्विवेदी, रोशन शुक्ला, सुभाष शर्मा, शिवम पांडे, पारस तिवारी, रोहित कुमार शुक्ला, गिरीश गौतम, रोहित मिश्रा, देवेंद्र कुमार, शिवम शुक्ला, शुभम उपाध्याय, रीतेश गुरु और राजकुमार सहित कई अन्य सामाजिक कार्यकर्ता शामिल हैं। प्रदेश सचिव पं. सतीश चौबे ने मांग की है कि इन सभी लोगों की पहचान कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाए और वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और भाईचारा बना रहे। संगठन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो एक बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।1
- भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और राज्य को विकसित बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र है, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया और ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की थी। अध्यक्ष ने आरोप में उल्लिखित रिश्तेदारों के दावों को भी गलत बताया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, और इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे अपनी बात रखेंगे व कानूनी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे। खंडेलवाल ने दृढ़तापूर्वक कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी कामों में मुख्यमंत्री को पीछे नहीं कर सके, तो वे इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।1