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अमरेंद्र पांडेय 250 गाड़ियों के एक बड़े काफिले के साथ भरत तिवारी के बिलौटी गांव पहुंचे हैं। उनके इस आगमन ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

3 hrs ago
user_ऋषिकेश त्रिपाठी
ऋषिकेश त्रिपाठी
रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
3 hrs ago

अमरेंद्र पांडेय 250 गाड़ियों के एक बड़े काफिले के साथ भरत तिवारी के बिलौटी गांव पहुंचे हैं। उनके इस आगमन ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।

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  • अमरेंद्र पांडेय 250 गाड़ियों के एक बड़े काफिले के साथ भरत तिवारी के बिलौटी गांव पहुंचे हैं। उनके इस आगमन ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
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    अमरेंद्र पांडेय 250 गाड़ियों के एक बड़े काफिले के साथ भरत तिवारी के बिलौटी गांव पहुंचे हैं। उनके इस आगमन ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और राज्य को विकसित बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र है, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया और ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की थी। अध्यक्ष ने आरोप में उल्लिखित रिश्तेदारों के दावों को भी गलत बताया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, और इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे अपनी बात रखेंगे व कानूनी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे। खंडेलवाल ने दृढ़तापूर्वक कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी कामों में मुख्यमंत्री को पीछे नहीं कर सके, तो वे इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
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    भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और राज्य को विकसित बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र है, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया और ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की थी। अध्यक्ष ने आरोप में उल्लिखित रिश्तेदारों के दावों को भी गलत बताया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, और इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे अपनी बात रखेंगे व कानूनी कार्रवाई करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे। खंडेलवाल ने दृढ़तापूर्वक कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी कामों में मुख्यमंत्री को पीछे नहीं कर सके, तो वे इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    8 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा धाम में बुधवार को विशेष मुंडन मुहूर्त के अवसर पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जिसके कारण श्रद्धालुओं को अपनी जान जोखिम में डालकर मंदिर तक पहुंचने पर मजबूर होना पड़ा। एक ओर जहाँ प्रशासन और मां शारदा प्रबंध समिति श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कराने के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे, वहीं ज़मीनी हकीकत ने इन दावों की पोल खोल दी। पर्याप्त व्यवस्थाओं के अभाव में, कई श्रद्धालु पहाड़ों और दुर्गम रास्तों से होकर मंदिर पहुंचे। श्रद्धालुओं ने बताया कि भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक मार्गों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें कठिन और खतरनाक रास्तों से गुज़रना पड़ा। इस स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं कि जब प्रशासन को विशेष मुहूर्त और संभावित भीड़ की जानकारी पहले से थी, तो अतिरिक्त व्यवस्थाएं क्यों नहीं की गईं और ऐसी क्या मजबूरी थी कि श्रद्धालुओं को पहाड़ी रास्तों का सहारा लेना पड़ा। श्रद्धालुओं के अनुसार, यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसी है, और भविष्य में किसी भी दुर्घटना की ज़िम्मेदारी प्रशासन या मां शारदा प्रबंध समिति की होगी। धार्मिक नगरी मैहर में प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और प्रबंध समिति की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। यह स्पष्ट किया गया है कि केवल दावों और कागज़ी व्यवस्थाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि ज़मीनी स्तर पर प्रभावी इंतज़ाम करना भी आवश्यक है, ताकि आस्था के इस केंद्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
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    मध्य प्रदेश के मैहर स्थित मां शारदा धाम में बुधवार को विशेष मुंडन मुहूर्त के अवसर पर भारी अव्यवस्था देखने को मिली, जिसके कारण श्रद्धालुओं को अपनी जान जोखिम में डालकर मंदिर तक पहुंचने पर मजबूर होना पड़ा। एक ओर जहाँ प्रशासन और मां शारदा प्रबंध समिति श्रद्धालुओं को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित दर्शन कराने के बड़े-बड़े दावे कर रहे थे, वहीं ज़मीनी हकीकत ने इन दावों की पोल खोल दी। पर्याप्त व्यवस्थाओं के अभाव में, कई श्रद्धालु पहाड़ों और दुर्गम रास्तों से होकर मंदिर पहुंचे।

श्रद्धालुओं ने बताया कि भीड़ प्रबंधन, बैरिकेडिंग और वैकल्पिक मार्गों की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण उन्हें कठिन और खतरनाक रास्तों से गुज़रना पड़ा। इस स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं कि जब प्रशासन को विशेष मुहूर्त और संभावित भीड़ की जानकारी पहले से थी, तो अतिरिक्त व्यवस्थाएं क्यों नहीं की गईं और ऐसी क्या मजबूरी थी कि श्रद्धालुओं को पहाड़ी रास्तों का सहारा लेना पड़ा। श्रद्धालुओं के अनुसार, यह स्थिति किसी बड़े हादसे को न्योता देने जैसी है, और भविष्य में किसी भी दुर्घटना की ज़िम्मेदारी प्रशासन या मां शारदा प्रबंध समिति की होगी।

धार्मिक नगरी मैहर में प्रतिदिन हज़ारों श्रद्धालु मां शारदा के दर्शन के लिए पहुंचते हैं, ऐसे में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन और प्रबंध समिति की प्राथमिक ज़िम्मेदारी है। यह स्पष्ट किया गया है कि केवल दावों और कागज़ी व्यवस्थाओं से काम नहीं चलेगा, बल्कि ज़मीनी स्तर पर प्रभावी इंतज़ाम करना भी आवश्यक है, ताकि आस्था के इस केंद्र में श्रद्धालुओं की सुरक्षा से कोई समझौता न हो।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    1 hr ago
  • सतना जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, मरीजों को सोनोग्राफी जांच करवाने के लिए दो महीने बाद का नंबर दिया जा रहा है। यह स्थिति जिला अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रश्नचिह्न लगाती है।
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    सतना जिला अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, मरीजों को सोनोग्राफी जांच करवाने के लिए दो महीने बाद का नंबर दिया जा रहा है। यह स्थिति जिला अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सीधा प्रश्नचिह्न लगाती है।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अंतर्गत आने वाले रायपुर कर्चुलियांन थाना क्षेत्र में आज वीर शहीद भरत तिवारी को आम जनता द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बिहार के एक छोटे से गाँव के क्रांतिकारी वीर स्व: भरत तिवारी के बलिदान पर रायपुर कर्चुलियांन के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला, जो थाने के सामने से शुरू होकर जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियांन स्थित शहीद स्मारक पर संपन्न हुआ। इस दौरान लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। जनता ने बिहार में हुई इस घटना को 'दुष्कृत्य' और 'निंदनीय' बताया, साथ ही बिहार पुलिस के कृत्य की कड़ी निंदा की। लोगों का कहना था कि समाज और हक के लिए लड़ने वाला व्यक्ति आतंकवादी नहीं, बल्कि क्रांतिकारी होता है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि बिहार पुलिस ने अमर शहीद भरत तिवारी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि 'हत्या' की है। इस घटना को लेकर केवल आम जनता में ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला, तो हर घर से भरत तिवारी निकलेगा और इस 'भ्रष्ट सिस्टम' के खिलाफ लड़ेगा। बिहार पुलिस के खिलाफ गुस्सा जताते हुए 'भरत तिवारी अमर रहे' के नारे भी लगाए गए। श्रद्धांजलि अर्पित करने और दो मिनट का मौन धारण करने के बाद कार्यक्रम समाप्त किया गया।
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    मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अंतर्गत आने वाले रायपुर कर्चुलियांन थाना क्षेत्र में आज वीर शहीद भरत तिवारी को आम जनता द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बिहार के एक छोटे से गाँव के क्रांतिकारी वीर स्व: भरत तिवारी के बलिदान पर रायपुर कर्चुलियांन के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला, जो थाने के सामने से शुरू होकर जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियांन स्थित शहीद स्मारक पर संपन्न हुआ। इस दौरान लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

जनता ने बिहार में हुई इस घटना को 'दुष्कृत्य' और 'निंदनीय' बताया, साथ ही बिहार पुलिस के कृत्य की कड़ी निंदा की। लोगों का कहना था कि समाज और हक के लिए लड़ने वाला व्यक्ति आतंकवादी नहीं, बल्कि क्रांतिकारी होता है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि बिहार पुलिस ने अमर शहीद भरत तिवारी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि 'हत्या' की है।

इस घटना को लेकर केवल आम जनता में ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला, तो हर घर से भरत तिवारी निकलेगा और इस 'भ्रष्ट सिस्टम' के खिलाफ लड़ेगा। बिहार पुलिस के खिलाफ गुस्सा जताते हुए 'भरत तिवारी अमर रहे' के नारे भी लगाए गए। श्रद्धांजलि अर्पित करने और दो मिनट का मौन धारण करने के बाद कार्यक्रम समाप्त किया गया।
    user_JOURNALIST RIPPU PANDEY
    JOURNALIST RIPPU PANDEY
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक ऐसी स्थिति सामने आई जहाँ आठ रिक्त पदों के लिए मात्र एक ही अभ्यर्थी उपस्थित हुई। इस एकमात्र उम्मीदवार का वनरक्षक के पद पर चयन कर लिया गया है।
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    वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक ऐसी स्थिति सामने आई जहाँ आठ रिक्त पदों के लिए मात्र एक ही अभ्यर्थी उपस्थित हुई। इस एकमात्र उम्मीदवार का वनरक्षक के पद पर चयन कर लिया गया है।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    19 hrs ago
  • लखनादौन ब्लॉक के पीएम श्री स्कूल धनकाकड़ी में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ प्रचार न रहने के कारण विद्यालय के मुख्य गेट और कई कक्षों के दरवाजे रात 9 बजे तक खुले रह गए। यह स्थिति प्रभारी प्राचार्य की घोर अनदेखी का नतीजा बताई जा रही है। ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के बाद यह गंभीर मामला उजागर हुआ। अब इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ आखिर कब कार्रवाई की जाएगी।
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    लखनादौन ब्लॉक के पीएम श्री स्कूल धनकाकड़ी में एक बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहाँ प्रचार न रहने के कारण विद्यालय के मुख्य गेट और कई कक्षों के दरवाजे रात 9 बजे तक खुले रह गए। यह स्थिति प्रभारी प्राचार्य की घोर अनदेखी का नतीजा बताई जा रही है। ग्रामीणों द्वारा दी गई सूचना के बाद यह गंभीर मामला उजागर हुआ। अब इस बात पर सवाल उठ रहे हैं कि इतनी बड़ी लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ आखिर कब कार्रवाई की जाएगी।
    user_उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    उमेश पाठक सेमरिया रीवा
    सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • सतना जिले में प्रताड़ना से तंग आकर एक युवक ने जहर खा लिया, जिसकी इलाज के दौरान सतना जिला अस्पताल में मौत हो गई। युवक अपने घर से परीक्षा देने के लिए अमरपाटन निकला था, जहाँ उसकी हालत गंभीर होने पर उसे सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया था। मृतक के जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने गाँव के ही कुछ लोगों पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। मृतक रामपुर थाना क्षेत्र के खेरिया गाँव का निवासी था। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
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    सतना जिले में प्रताड़ना से तंग आकर एक युवक ने जहर खा लिया, जिसकी इलाज के दौरान सतना जिला अस्पताल में मौत हो गई। युवक अपने घर से परीक्षा देने के लिए अमरपाटन निकला था, जहाँ उसकी हालत गंभीर होने पर उसे सतना जिला अस्पताल रेफर किया गया था। मृतक के जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने गाँव के ही कुछ लोगों पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाया है। मृतक रामपुर थाना क्षेत्र के खेरिया गाँव का निवासी था। पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    1 hr ago
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