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वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक ऐसी स्थिति सामने आई जहाँ आठ रिक्त पदों के लिए मात्र एक ही अभ्यर्थी उपस्थित हुई। इस एकमात्र उम्मीदवार का वनरक्षक के पद पर चयन कर लिया गया है।
Abhishek Pandey
वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक ऐसी स्थिति सामने आई जहाँ आठ रिक्त पदों के लिए मात्र एक ही अभ्यर्थी उपस्थित हुई। इस एकमात्र उम्मीदवार का वनरक्षक के पद पर चयन कर लिया गया है।
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- रीवा में सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज और पुलिस विभाग के विरुद्ध एक अभद्र वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, मध्य प्रदेश के प्रदेश सचिव पं. सतीश चौबे ने मंगलवार को रीवा के पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत सौंपकर इस पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि ग्राम ककरहा, चौकी सोनौरी, थाना सोहागी, तहसील त्योथर निवासी अलोक पटेल पिता कमला शंकर पटेल ने फेसबुक पर रील बनाकर ब्राह्मण समाज के साथ-साथ पुलिस विभाग के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। वीडियो में माँ-बहन की गालियाँ दी गई हैं और जान से मारने की धमकी भी शामिल है, जिससे समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संगठन ने अपनी शिकायत के साथ फेसबुक के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं। इस शिकायत को पं. सतीश चौबे, प्रसू तिवारी, अनुराग मिश्रा, राजकुमार शुक्ला, रहीश शुक्ला, मोहित चौबे, गौरव मिश्रा, पीयूष द्विवेदी, रोशन शुक्ला, सुभाष शर्मा, शिवम पांडे, पारस तिवारी, रोहित कुमार शुक्ला, गिरीश गौतम, रोहित मिश्रा, देवेन्द्र कुमार, शिवम शुक्ला, शुभम उपाध्याय, रीतेश गुरु और राजकुमार सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराया है। प्रदेश सचिव पं. सतीश चौबे ने मांग की है कि इन सभी संबंधित लोगों की पहचान कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाए और वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और भाईचारा बना रहे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।2
- वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक ऐसी स्थिति सामने आई जहाँ आठ रिक्त पदों के लिए मात्र एक ही अभ्यर्थी उपस्थित हुई। इस एकमात्र उम्मीदवार का वनरक्षक के पद पर चयन कर लिया गया है।1
- भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और राज्य को विकसित बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र है, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया और ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की थी। अध्यक्ष ने आरोप में उल्लिखित रिश्तेदारों के दावों को भी गलत बताया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, और इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे अपनी बात रखेंगे व कानूनी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे। खंडेलवाल ने दृढ़तापूर्वक कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी कामों में मुख्यमंत्री को पीछे नहीं कर सके, तो वे इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।1
- मूल पाठ में व्यक्तियों को प्रकृति से जुड़ने की प्रबल सलाह दी गई है, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि प्रकृति को समझने के लिए यह जुड़ाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। संदेश बार-बार इस बात पर बल देता है कि अन्य सभी गतिविधियों के बावजूद, प्राकृतिक दुनिया के साथ संबंध स्थापित करना इस गहरी समझ को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।1
- भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम की स्थिति पैदा करने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाया, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताया जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह गलत करार देते हुए कहा कि इनमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री की संपत्ति का ब्यौरा देते हुए बताया कि 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। खंडेलवाल ने सिद्धि विनायक कंपनी का भी जिक्र किया, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया। यह सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान एरिया के बाहर की है। उन्होंने आरोपों में उल्लिखित रिश्तेदारों के साथ मुख्यमंत्री और उनके परिवार के किसी भी संबंध से इनकार किया, यह कहते हुए कि उनके रिश्तेदारों का स्वतंत्र अस्तित्व है और उन पर लगाए गए तथ्य भी गलत हैं। खंडेलवाल को यह भी बताया गया है कि ये रिश्तेदार स्वयं अपनी बात रखेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब-जब प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला, चाहे उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों या डॉ. मोहन यादव, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे हैं। उन्होंने समाज के ऐसे ठेकेदारों की आलोचना की जिन्हें पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता और जो इस तरह एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम करते हैं। खंडेलवाल ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी मुख्यमंत्री के कामों में उन्हें पीछे नहीं कर सके, तो वे ऐसे षडयंत्र रच रहे हैं, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।1
- मध्यप्रदेश के रीवा जिले के रायपुर कर्चुलियान में आम लोगों ने बिहार के क्रांतिकारी वीर स्व: भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कैंडल मार्च निकाला। यह कैंडल मार्च रायपुर कर्चुलियान थाने के सामने से शुरू होकर जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियान स्थित शहीद स्मारक के पास संपन्न हुआ। इस दौरान लोगों में बिहार पुलिस के खिलाफ गहरा आक्रोश देखा गया। लोगों ने बिहार में हुई इस घटना को 'दुष्कृत्य' और 'निंदनीय' करार दिया। उनका कहना था कि बिहार पुलिस के इस निंदा भरे कृत्य को लेकर न केवल स्थानीय जनमानस, बल्कि पूरे देश के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि समाज और हक के लिए लड़ने वाला व्यक्ति आतंकवादी नहीं, बल्कि क्रांतिकारी होता है, और बिहार पुलिस ने अमर शहीद भरत तिवारी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि उनकी हत्या की है। आक्रोशित लोगों ने चेतावनी दी कि यदि भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला, तो हर घर से एक भरत तिवारी निकलेगा और इस भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ लड़ेगा। इस दौरान बिहार पुलिस के खिलाफ नारे लगाते हुए 'भरत तिवारी अमर रहे' के नारे भी बुलंद किए गए। श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद, 2 मिनट का मौन धारण कर कार्यक्रम का समापन किया गया।1
- एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है जहाँ एक पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की साजिश रची। इस सनसनीखेज वारदात के खुलासे के बाद पूरे क्षेत्र में कोहराम फैल गया है, जिससे लोग सदमे और आक्रोश में हैं।1
- उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित पुरनिया इलाके में सोमवार को एक कोचिंग सेंटर में भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया। इस अग्निकांड की चपेट में आकर कम से कम 15 लोगों की दुखद मृत्यु हो गई, जिनमें अधिकांश छात्र बताए जा रहे हैं। घटना में कई अन्य लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने के बाद भवन में अफरा-तफरी मच गई, और अपनी जान बचाने के लिए कई छात्रों ने बालकनी, छज्जों तथा छतों से छलांग लगा दी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और बड़े पैमाने पर बचाव अभियान शुरू किया गया। बताया गया कि जिस भवन में यह हादसा हुआ, वहां कोचिंग सेंटर के अलावा अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी संचालित थे। घायलों को तत्काल विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, और राहत एवं बचाव कार्य देर शाम तक जारी रहा। इस हृदय विदारक घटना पर उपमुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों और घायलों की पुष्टि की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वयं घटनास्थल का दौरा कर अधिकारियों को राहत कार्य में तेजी लाने और घायलों को समुचित उपचार प्रदान करने के निर्देश दिए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त की हैं। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग लगने के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है, और प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश के साथ-साथ भवन की सुरक्षा व्यवस्थाओं और अग्नि सुरक्षा मानकों की समीक्षा भी शुरू कर दी है। प्रशासन ने यह भी नोट किया है कि मृतकों और घायलों की संख्या राहत एवं बचाव कार्य पूरा होने के बाद बदल सकती है।1