logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और राज्य को विकसित बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र है, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया और ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की थी। अध्यक्ष ने आरोप में उल्लिखित रिश्तेदारों के दावों को भी गलत बताया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, और इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे अपनी बात रखेंगे व कानूनी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे। खंडेलवाल ने दृढ़तापूर्वक कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी कामों में मुख्यमंत्री को पीछे नहीं कर सके, तो वे इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

2 hrs ago
user_रामदत्त दाहिया
रामदत्त दाहिया
Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और राज्य को विकसित बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र है, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया और ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की थी। अध्यक्ष ने आरोप में उल्लिखित रिश्तेदारों के दावों को भी गलत बताया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, और इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे अपनी बात रखेंगे व कानूनी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे। खंडेलवाल ने दृढ़तापूर्वक कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी कामों में मुख्यमंत्री को पीछे नहीं कर सके, तो वे इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।

More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
  • भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और राज्य को विकसित बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र है, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया और ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की थी। अध्यक्ष ने आरोप में उल्लिखित रिश्तेदारों के दावों को भी गलत बताया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, और इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे अपनी बात रखेंगे व कानूनी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे। खंडेलवाल ने दृढ़तापूर्वक कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी कामों में मुख्यमंत्री को पीछे नहीं कर सके, तो वे इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
    1
    भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और राज्य को विकसित बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र है, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया और ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की थी। अध्यक्ष ने आरोप में उल्लिखित रिश्तेदारों के दावों को भी गलत बताया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, और इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे अपनी बात रखेंगे व कानूनी कार्रवाई करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे। खंडेलवाल ने दृढ़तापूर्वक कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी कामों में मुख्यमंत्री को पीछे नहीं कर सके, तो वे इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम की स्थिति पैदा करने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाया, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताया जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह गलत करार देते हुए कहा कि इनमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री की संपत्ति का ब्यौरा देते हुए बताया कि 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। खंडेलवाल ने सिद्धि विनायक कंपनी का भी जिक्र किया, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया। यह सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान एरिया के बाहर की है। उन्होंने आरोपों में उल्लिखित रिश्तेदारों के साथ मुख्यमंत्री और उनके परिवार के किसी भी संबंध से इनकार किया, यह कहते हुए कि उनके रिश्तेदारों का स्वतंत्र अस्तित्व है और उन पर लगाए गए तथ्य भी गलत हैं। खंडेलवाल को यह भी बताया गया है कि ये रिश्तेदार स्वयं अपनी बात रखेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब-जब प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला, चाहे उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों या डॉ. मोहन यादव, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे हैं। उन्होंने समाज के ऐसे ठेकेदारों की आलोचना की जिन्हें पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता और जो इस तरह एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम करते हैं। खंडेलवाल ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी मुख्यमंत्री के कामों में उन्हें पीछे नहीं कर सके, तो वे ऐसे षडयंत्र रच रहे हैं, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
    1
    भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए सभी आरोपों का खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम की स्थिति पैदा करने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाया, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। बीजेपी ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को एक लोकप्रिय नेता बताया जो प्रदेश को विकसित राज्य बनाने की दिशा में दिन-रात काम कर रहे हैं।

बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस के आरोपों को पूरी तरह गलत करार देते हुए कहा कि इनमें बिल्कुल भी सच्चाई नहीं है। उन्होंने मुख्यमंत्री की संपत्ति का ब्यौरा देते हुए बताया कि 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 में कोई परिवर्तन नहीं हुआ। खंडेलवाल ने सिद्धि विनायक कंपनी का भी जिक्र किया, जिसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके डायरेक्टर पद से इस्तीफा दे दिया था।

खंडेलवाल ने यह भी स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें डॉ. मोहन यादव के मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया। यह सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान एरिया के बाहर की है। उन्होंने आरोपों में उल्लिखित रिश्तेदारों के साथ मुख्यमंत्री और उनके परिवार के किसी भी संबंध से इनकार किया, यह कहते हुए कि उनके रिश्तेदारों का स्वतंत्र अस्तित्व है और उन पर लगाए गए तथ्य भी गलत हैं। खंडेलवाल को यह भी बताया गया है कि ये रिश्तेदार स्वयं अपनी बात रखेंगे और आवश्यक कार्रवाई करेंगे।

प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर आरोप लगाया कि जब-जब प्रदेश को पिछड़े वर्ग का मुख्यमंत्री मिला, चाहे उमा भारती हों, शिवराज सिंह चौहान हों या डॉ. मोहन यादव, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे हैं। उन्होंने समाज के ऐसे ठेकेदारों की आलोचना की जिन्हें पिछड़े वर्ग का नेतृत्व स्वीकार नहीं होता और जो इस तरह एक लोकप्रिय मुख्यमंत्री को कमजोर करने का काम करते हैं। खंडेलवाल ने पूरी विनम्रता और सख्ती के साथ कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी मुख्यमंत्री के कामों में उन्हें पीछे नहीं कर सके, तो वे ऐसे षडयंत्र रच रहे हैं, जिसे जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    56 min ago
  • रीवा में सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज और पुलिस विभाग के विरुद्ध एक अभद्र वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, मध्य प्रदेश के प्रदेश सचिव पं. सतीश चौबे ने मंगलवार को रीवा के पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत सौंपकर इस पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत में बताया गया है कि ग्राम ककरहा, चौकी सोनौरी, थाना सोहागी, तहसील त्योथर निवासी अलोक पटेल पिता कमला शंकर पटेल ने फेसबुक पर रील बनाकर ब्राह्मण समाज के साथ-साथ पुलिस विभाग के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। वीडियो में माँ-बहन की गालियाँ दी गई हैं और जान से मारने की धमकी भी शामिल है, जिससे समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संगठन ने अपनी शिकायत के साथ फेसबुक के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं। इस शिकायत को पं. सतीश चौबे, प्रसू तिवारी, अनुराग मिश्रा, राजकुमार शुक्ला, रहीश शुक्ला, मोहित चौबे, गौरव मिश्रा, पीयूष द्विवेदी, रोशन शुक्ला, सुभाष शर्मा, शिवम पांडे, पारस तिवारी, रोहित कुमार शुक्ला, गिरीश गौतम, रोहित मिश्रा, देवेन्द्र कुमार, शिवम शुक्ला, शुभम उपाध्याय, रीतेश गुरु और राजकुमार सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराया है। प्रदेश सचिव पं. सतीश चौबे ने मांग की है कि इन सभी संबंधित लोगों की पहचान कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाए और वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और भाईचारा बना रहे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
    2
    रीवा में सोशल मीडिया पर ब्राह्मण समाज और पुलिस विभाग के विरुद्ध एक अभद्र वीडियो बनाने का मामला सामने आया है। अखिल भारतीय ब्राह्मण समाज, मध्य प्रदेश के प्रदेश सचिव पं. सतीश चौबे ने मंगलवार को रीवा के पुलिस अधीक्षक को एक लिखित शिकायत सौंपकर इस पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

शिकायत में बताया गया है कि ग्राम ककरहा, चौकी सोनौरी, थाना सोहागी, तहसील त्योथर निवासी अलोक पटेल पिता कमला शंकर पटेल ने फेसबुक पर रील बनाकर ब्राह्मण समाज के साथ-साथ पुलिस विभाग के बारे में भी आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की हैं। वीडियो में माँ-बहन की गालियाँ दी गई हैं और जान से मारने की धमकी भी शामिल है, जिससे समाज में तनाव की स्थिति उत्पन्न हो रही है। संगठन ने अपनी शिकायत के साथ फेसबुक के स्क्रीनशॉट भी संलग्न किए हैं।

इस शिकायत को पं. सतीश चौबे, प्रसू तिवारी, अनुराग मिश्रा, राजकुमार शुक्ला, रहीश शुक्ला, मोहित चौबे, गौरव मिश्रा, पीयूष द्विवेदी, रोशन शुक्ला, सुभाष शर्मा, शिवम पांडे, पारस तिवारी, रोहित कुमार शुक्ला, गिरीश गौतम, रोहित मिश्रा, देवेन्द्र कुमार, शिवम शुक्ला, शुभम उपाध्याय, रीतेश गुरु और राजकुमार सहित अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराया है। प्रदेश सचिव पं. सतीश चौबे ने मांग की है कि इन सभी संबंधित लोगों की पहचान कर भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत तत्काल FIR दर्ज की जाए और वैधानिक कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में शांति और भाईचारा बना रहे। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा।
    user_JOURNALIST RIPPU PANDEY
    JOURNALIST RIPPU PANDEY
    Court reporter हुजूर, रीवा, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक ऐसी स्थिति सामने आई जहाँ आठ रिक्त पदों के लिए मात्र एक ही अभ्यर्थी उपस्थित हुई। इस एकमात्र उम्मीदवार का वनरक्षक के पद पर चयन कर लिया गया है।
    1
    वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक ऐसी स्थिति सामने आई जहाँ आठ रिक्त पदों के लिए मात्र एक ही अभ्यर्थी उपस्थित हुई। इस एकमात्र उम्मीदवार का वनरक्षक के पद पर चयन कर लिया गया है।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    13 hrs ago
  • साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के मद्देनजर, सतना पुलिस ने प्रदेशव्यापी 'Safe Click 2.0' अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने लोगों को किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल प्रभाव से साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। यह 'Safe Click 2.0' अभियान पूरे मध्यप्रदेश राज्य में 24 जून से 8 जुलाई तक चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
    1
    साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के मद्देनजर, सतना पुलिस ने प्रदेशव्यापी 'Safe Click 2.0' अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने लोगों को किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल प्रभाव से साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया।

यह 'Safe Click 2.0' अभियान पूरे मध्यप्रदेश राज्य में 24 जून से 8 जुलाई तक चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
    user_Ravin singh
    Ravin singh
    उंचाहरा, सतना, मध्य प्रदेश•
    29 min ago
  • मूल पाठ में व्यक्तियों को प्रकृति से जुड़ने की प्रबल सलाह दी गई है, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि प्रकृति को समझने के लिए यह जुड़ाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। संदेश बार-बार इस बात पर बल देता है कि अन्य सभी गतिविधियों के बावजूद, प्राकृतिक दुनिया के साथ संबंध स्थापित करना इस गहरी समझ को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।
    1
    मूल पाठ में व्यक्तियों को प्रकृति से जुड़ने की प्रबल सलाह दी गई है, इस बात पर ज़ोर देते हुए कि प्रकृति को समझने के लिए यह जुड़ाव अत्यंत महत्वपूर्ण है। संदेश बार-बार इस बात पर बल देता है कि अन्य सभी गतिविधियों के बावजूद, प्राकृतिक दुनिया के साथ संबंध स्थापित करना इस गहरी समझ को प्राप्त करने के लिए अनिवार्य है।
    user_Sandeep Raj Thakur
    Sandeep Raj Thakur
    Video Creator सेमरिया, रीवा, मध्य प्रदेश•
    34 min ago
  • कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास 245 प्लॉट में कुल 335 एकड़ जमीन है। यह रिपोर्ट परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज भूमि के विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करती है। रिपोर्ट में विभिन्न सदस्यों के पास मौजूद भूमि का ब्योरा दिया गया है, जिसमें नीलेश यादव के नाम 108 एकड़, गोविंद यादव के नाम 47 एकड़, मोहन यादव के नाम 17 एकड़, सीमा यादव के नाम 11 एकड़, वैभव यादव के नाम 17 एकड़, शालिनी यादव के नाम 10 एकड़, नारायण यादव के नाम 19 एकड़, नंदलाल यादव के नाम 17 एकड़, कलावती के नाम 17 एकड़, अभय यादव के नाम 16 एकड़ और रेखा यादव के नाम 6 एकड़ जमीन बताई गई है। इस मामले में चार रियल एस्टेट कंपनियों का भी उल्लेख है, जिनमें मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव की बहुमत हिस्सेदारी है। मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी है, जबकि मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन जुड़ी हुई पाई गई है। इसके अतिरिक्त, परिवार के करीबी रिश्तेदारों की भी तीन अलग-अलग कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मोहन यादव के मंत्री रहने और बाद में मुख्यमंत्री बनने के दौरान, कई सड़क परियोजनाएं इन्हीं जमीनों के आसपास से निकली हैं।
    1
    कुल भूमि स्वामित्व रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के परिवार और रिश्तेदारों के पास 245 प्लॉट में कुल 335 एकड़ जमीन है। यह रिपोर्ट परिवार के सदस्यों के नाम पर दर्ज भूमि के विस्तृत आंकड़े प्रस्तुत करती है।

रिपोर्ट में विभिन्न सदस्यों के पास मौजूद भूमि का ब्योरा दिया गया है, जिसमें नीलेश यादव के नाम 108 एकड़, गोविंद यादव के नाम 47 एकड़, मोहन यादव के नाम 17 एकड़, सीमा यादव के नाम 11 एकड़, वैभव यादव के नाम 17 एकड़, शालिनी यादव के नाम 10 एकड़, नारायण यादव के नाम 19 एकड़, नंदलाल यादव के नाम 17 एकड़, कलावती के नाम 17 एकड़, अभय यादव के नाम 16 एकड़ और रेखा यादव के नाम 6 एकड़ जमीन बताई गई है। इस मामले में चार रियल एस्टेट कंपनियों का भी उल्लेख है, जिनमें मोहन यादव और उनकी पत्नी सीमा यादव की बहुमत हिस्सेदारी है। मोहन यादव की पत्नी सीमा यादव और पुत्र वैभव से 25 एकड़ जमीन जुड़ी है, जबकि मोहन यादव की बहन कलावती की भाभी सुनीता से 47 एकड़ जमीन जुड़ी हुई पाई गई है। इसके अतिरिक्त, परिवार के करीबी रिश्तेदारों की भी तीन अलग-अलग कंपनियों में बड़ी हिस्सेदारी है।

रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मोहन यादव के मंत्री रहने और बाद में मुख्यमंत्री बनने के दौरान, कई सड़क परियोजनाएं इन्हीं जमीनों के आसपास से निकली हैं।
    user_Shiv Singh rajput dahiya journ
    Shiv Singh rajput dahiya journ
    Court reporter Amarpatan, Satna•
    1 hr ago
  • सतना जिले के सिंहपुर के भंवर में एक आदिवासी पीड़ित की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उनके परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे हैं। इस पूरे मामले में सिंहपुर पुलिस ने अभी तक कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया है। हालांकि, अब जानकारी मिल रही है कि पीड़ित के जिला अस्पताल पहुंचने के बाद सिंहपुर टीआई भी उनके पीछे-पीछे अस्पताल पहुंच रहे हैं।
    1
    सतना जिले के सिंहपुर के भंवर में एक आदिवासी पीड़ित की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उनके परिजन उन्हें लेकर जिला अस्पताल पहुंचे हैं। इस पूरे मामले में सिंहपुर पुलिस ने अभी तक कोई प्रकरण दर्ज नहीं किया है। हालांकि, अब जानकारी मिल रही है कि पीड़ित के जिला अस्पताल पहुंचने के बाद सिंहपुर टीआई भी उनके पीछे-पीछे अस्पताल पहुंच रहे हैं।
    user_रोहित कुमार पाठक
    रोहित कुमार पाठक
    Lawyer अमरपाटन, सतना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.