Shuru
Apke Nagar Ki App…
साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के मद्देनजर, सतना पुलिस ने प्रदेशव्यापी 'Safe Click 2.0' अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने लोगों को किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल प्रभाव से साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। यह 'Safe Click 2.0' अभियान पूरे मध्यप्रदेश राज्य में 24 जून से 8 जुलाई तक चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
Ravin singh
साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के मद्देनजर, सतना पुलिस ने प्रदेशव्यापी 'Safe Click 2.0' अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने लोगों को किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल प्रभाव से साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। यह 'Safe Click 2.0' अभियान पूरे मध्यप्रदेश राज्य में 24 जून से 8 जुलाई तक चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- सतना पुलिस ने डिजिटल युग में तेजी से बढ़ते साइबर अपराधों पर लगाम कसने के लिए एक 'साइबर सुरक्षा जागरूकता रैली' का आयोजन किया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को साइबर अपराधियों से सचेत करना और उन्हें खुद को सुरक्षित रखने के प्रभावी तरीके सिखाना था। पुलिस अधिकारियों ने रैली के माध्यम से लोगों को सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर अपनी व्यक्तिगत जानकारी, जैसे फोटो, वीडियो और फोन नंबर साझा करते समय अत्यधिक सावधानी बरतने का संदेश दिया। इस दौरान, आम जनता को विशेष सुझाव दिए गए, जिनमें अपने ऑनलाइन खातों के लिए मजबूत पासवर्ड रखने और उन्हें समय-समय पर बदलते रहने की सलाह शामिल थी। साथ ही, अज्ञात व्यक्तियों से ऑनलाइन संपर्क न बनाने, लॉटरी जीतने या भारी मुनाफा देने जैसे फर्जी ऑफर्स से सावधान रहने और किसी भी अज्ञात व्यक्ति या वेबसाइट पर पैसे भेजने की मांग होने पर तुरंत सतर्क हो जाने का आग्रह किया गया। सतना पुलिस ने इस रैली के माध्यम से साइबर अपराधों के प्रति समाज में जागरूकता फैलाने का एक प्रशंसनीय कार्य किया है। नागरिकों को यह भी बताया गया कि यदि उनके साथ कोई साइबर अपराध होता है, तो वे तुरंत 1930 हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।1
- साइबर अपराधों के बढ़ते खतरों के मद्देनजर, सतना पुलिस ने प्रदेशव्यापी 'Safe Click 2.0' अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता रैली का आयोजन किया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नागरिकों को ऑनलाइन धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, OTP फ्रॉड, फिशिंग लिंक और डिजिटल अरेस्ट जैसे विभिन्न साइबर अपराधों से सतर्क रहने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। साथ ही, उन्होंने लोगों को किसी भी प्रकार की साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल प्रभाव से साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। यह 'Safe Click 2.0' अभियान पूरे मध्यप्रदेश राज्य में 24 जून से 8 जुलाई तक चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य डिजिटल दुनिया में नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने 21 जून को अपने स्थापना दिवस के अवसर पर देश के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।1
- ग्वालियर के थाटीपुर थाना क्षेत्र में देर रात नियमों का उल्लंघन कर अवैध रूप से शराब बेची जा रही थी, जिसे रोकने के लिए पुलिस को सख्ती दिखानी पड़ी। इस पूरी कार्रवाई का एक वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात करीब 12:30 बजे की है, जहाँ एक शराब दुकान का मुख्य शटर नियमानुसार बंद था, लेकिन दुकान के अंदर से खिड़की के जरिए गुपचुप तरीके से ग्राहकों को शराब बेची जा रही थी। देर रात शराब मिलने की खबर फैलते ही दुकान के बाहर पियक्कड़ों और खरीदारों की भारी भीड़ जमा हो गई। रात में अचानक भीड़ जुटने और हंगामे की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुँची। सोशल मीडिया पर वायरल हुए 58 सेकंड के सीसीटीवी/वीडियो फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी मुस्तैदी से कार्रवाई कर रहे हैं और शराब खरीदने आए लोगों को डंडे दिखाकर व डंडे मारकर मौके से खदेड़ रहे हैं। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई के बाद वहाँ भगदड़ मच गई और लोग अपनी गाड़ियाँ छोड़कर भागते दिखे। स्थानीय निवासियों ने इस घटना पर आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्र में देर रात तक खिड़की से शराब बेचना और असामाजिक तत्वों का जमावड़ा होना एक आम बात बन चुकी है, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस के आला अधिकारियों ने मामले का संज्ञान लिया है और नियम उल्लंघन करने वाले आबकारी ठेकेदार व दुकान प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई की बात कही जा रही है।1
- आज, दिनांक 24 जून 2026 को, जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में प्रातः काल के दिव्य दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने माता रानी के भव्य रूप का दर्शन लाभ प्राप्त किया।2
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के पद संभालने के बाद उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने का मामला चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार और संबद्ध कंपनियों ने लगभग 168 एकड़ क्षेत्र में फैले 137 प्लॉट खरीदे हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि खरीदी गई कई जमीनें सरकारी परियोजनाओं और विकास योजनाओं के आसपास स्थित हैं। इस खुलासे के बाद भूमि खरीद और संभावित हितों के टकराव को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक स्थिति पर भी नजर बनी हुई है।1
- मैहर, मध्य प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष सोमदत्त साकेत ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज के लोगों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान सोमदत्त साकेत ने प्रभात द्विवेदी पर लगातार दलित समाज के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया, जिसके कारण समाज में नाराजगी और आक्रोश बढ़ रहा है। साकेत ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी वर्गों और समुदायों का सम्मान सर्वोपरि है, और किसी भी व्यक्ति या संगठन को किसी विशेष समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि अनुसूचित जाति समाज ने वर्षों तक अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष किया है। इसलिए, यदि समाज के लोगों के साथ भेदभाव, अपमान या अन्याय की कोई घटना सामने आती है, तो कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग इसका पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं हुआ और समाज के सम्मान पर लगातार आघात होता रहा, तो दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के लोग एकजुट होकर एक व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साकेत ने यह भी स्पष्ट किया कि समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए यह संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लड़ा जाएगा। प्रेस वार्ता में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समाज के प्रतिनिधियों ने भी एकजुटता दिखाते हुए समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया, साथ ही प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रेस वार्ता के बाद मैहर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।1
- मध्य प्रदेश के मैहर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इटमा में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ नवनिर्मित पानी की टंकी अपने निर्माण के कुछ ही दिनों के भीतर ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय मौके पर मौजूद लोग सतर्कता दिखाते हुए समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा जन-धन का नुकसान होने से बच गया। मिली जानकारी के अनुसार, यह पानी की टंकी ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाई गई थी, लेकिन इसकी निर्माण गुणवत्ता इतनी घटिया थी कि वह अपना भार भी नहीं सह सकी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टंकी गिरने के दौरान एक व्यक्ति वहाँ से गुजर रहा था, जो चमत्कारिक ढंग से बाल-बाल बच गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और संबंधित ठेकेदार के प्रति गहरा आक्रोश है, और लोग इसे सरकारी धन के सीधे-सीधे बंदरबांट और भ्रष्टाचार का मामला बता रहे हैं। ग्राम इटमा के नागरिकों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। वे दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने निर्माण कार्य की देखरेख करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और घटिया सामग्री के उपयोग पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।1