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आज, दिनांक 24 जून 2026 को, जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में प्रातः काल के दिव्य दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने माता रानी के भव्य रूप का दर्शन लाभ प्राप्त किया।
Satyanarayan tiwari
आज, दिनांक 24 जून 2026 को, जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में प्रातः काल के दिव्य दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने माता रानी के भव्य रूप का दर्शन लाभ प्राप्त किया।
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- आज, दिनांक 24 जून 2026 को, जगत जननी माँ शारदा भवानी जी के मैहर स्थित श्री शारदा शक्तिपीठ में प्रातः काल के दिव्य दर्शन हुए। इस अवसर पर भक्तों ने माता रानी के भव्य रूप का दर्शन लाभ प्राप्त किया।2
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव के पद संभालने के बाद उनके परिवार और उनसे जुड़ी कंपनियों द्वारा उज्जैन में बड़े पैमाने पर जमीन खरीदने का मामला चर्चा में है। रिपोर्टों के अनुसार, मुख्यमंत्री बनने के बाद परिवार और संबद्ध कंपनियों ने लगभग 168 एकड़ क्षेत्र में फैले 137 प्लॉट खरीदे हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 45 करोड़ रुपये बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि खरीदी गई कई जमीनें सरकारी परियोजनाओं और विकास योजनाओं के आसपास स्थित हैं। इस खुलासे के बाद भूमि खरीद और संभावित हितों के टकराव को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। हालांकि, इस मामले में संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया और आधिकारिक स्थिति पर भी नजर बनी हुई है।1
- मैहर, मध्य प्रदेश में जिला कांग्रेस कमेटी अनुसूचित जाति विभाग के जिला अध्यक्ष सोमदत्त साकेत ने एक प्रेस वार्ता आयोजित कर दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के सम्मान और अधिकारों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाज के लोगों के सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस दौरान सोमदत्त साकेत ने प्रभात द्विवेदी पर लगातार दलित समाज के लोगों का अपमान करने का आरोप लगाया, जिसके कारण समाज में नाराजगी और आक्रोश बढ़ रहा है। साकेत ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सभी वर्गों और समुदायों का सम्मान सर्वोपरि है, और किसी भी व्यक्ति या संगठन को किसी विशेष समाज की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का अधिकार नहीं है। उन्होंने याद दिलाया कि अनुसूचित जाति समाज ने वर्षों तक अपने अधिकारों और सम्मान के लिए संघर्ष किया है। इसलिए, यदि समाज के लोगों के साथ भेदभाव, अपमान या अन्याय की कोई घटना सामने आती है, तो कांग्रेस अनुसूचित जाति विभाग इसका पुरजोर विरोध करेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते स्थिति में सुधार नहीं हुआ और समाज के सम्मान पर लगातार आघात होता रहा, तो दलित एवं अनुसूचित जाति समाज के लोग एकजुट होकर एक व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे। साकेत ने यह भी स्पष्ट किया कि समाज के स्वाभिमान की रक्षा के लिए यह संघर्ष लोकतांत्रिक तरीके से सड़क से लेकर प्रशासनिक स्तर तक लड़ा जाएगा। प्रेस वार्ता में उपस्थित कांग्रेस कार्यकर्ताओं और समाज के प्रतिनिधियों ने भी एकजुटता दिखाते हुए समाज के सम्मान और अधिकारों की रक्षा का संकल्प दोहराया, साथ ही प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करने और दोषियों पर उचित कार्रवाई करने की मांग की। इस प्रेस वार्ता के बाद मैहर के राजनीतिक और सामाजिक गलियारों में चर्चाएं तेज हो गई हैं, और अब सभी की निगाहें प्रशासन और संबंधित पक्ष की प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।1
- मैहर के सरलानगर में शासन-प्रशासन की नाक के नीचे अवैध शराब का कारोबार धड़ल्ले से फल-फूल रहा है। स्थानीय ग्रामीणों और प्रबुद्ध नागरिकों ने पुलिस अधीक्षक (एसपी) और जिला कलेक्टर तक को लिखित शिकायत दी है, लेकिन इसके बावजूद अवैध शराब की पैकारी बंद होने का नाम नहीं ले रही है। जिम्मेदार अधिकारियों की इस बेरुखी से स्थानीय ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। क्षेत्र में बढ़ते इस अवैध कारोबार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए ग्रामीणों ने बीते 19 मई 2026 को एसपी और कलेक्टर को एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा था। इस पत्र में प्रशासन को बताया गया था कि अवैध शराब विक्रेताओं के कारण आम जनमानस, विशेषकर महिलाओं और बच्चों का जीवन दूभर हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से इन शराब ठिकानों को तत्काल बंद करने या अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की थी। हालांकि, इस शिकायत को एक महीने से भी अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन अब तक धरातल पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। प्रशासन की इस निष्क्रियता के कारण शराब माफियाओं के हौसले और बुलंद हो गए हैं। सरलानगर के निवासियों का कहना है कि अवैध शराब पैकारी के कारण गली-मोहल्लों में अराजकता का माहौल बना रहता है। शराबियों के जमावड़े के चलते महिलाओं और युवतियों का रास्ते से निकलना मुश्किल हो गया है। क्षेत्र के युवा और दैनिक मजदूर इस अवैध शराब की लत के शिकार होकर अपने परिवारों को बर्बाद कर रहे हैं। पैकारी स्थलों के आसपास देर रात तक असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे कभी भी कोई बड़ी अप्रिय घटना घटित होने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने अपनी निराशा व्यक्त करते हुए कहा है कि उन्होंने कानून व्यवस्था पर भरोसा करके शांतिपूर्वक कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा था, परंतु एक महीना बीतने के बाद भी पुलिस या आबकारी विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया। उनका मानना है कि प्रशासन को उनकी परेशानियों से कोई सरोकार नहीं है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सरलानगर को इस अवैध शराब के अभिशाप से मुक्ति नहीं दिलाई गई, तो वे उग्र आंदोलन और चक्काजाम करने के लिए मजबूर होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी। अब देखना यह है कि इस गंभीर स्थिति के बावजूद "कुंभकर्णी नींद में सोया" आबकारी विभाग और स्थानीय पुलिस जागेगी या शराब माफियाओं को यूं ही खुली छूट मिलती रहेगी।2
- मध्य प्रदेश के मैहर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम इटमा में विकास कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ नवनिर्मित पानी की टंकी अपने निर्माण के कुछ ही दिनों के भीतर ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गई। गनीमत रही कि घटना के समय मौके पर मौजूद लोग सतर्कता दिखाते हुए समय रहते हट गए, जिससे एक बड़ा जन-धन का नुकसान होने से बच गया। मिली जानकारी के अनुसार, यह पानी की टंकी ग्रामीणों की सुविधा के लिए बनाई गई थी, लेकिन इसकी निर्माण गुणवत्ता इतनी घटिया थी कि वह अपना भार भी नहीं सह सकी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि टंकी गिरने के दौरान एक व्यक्ति वहाँ से गुजर रहा था, जो चमत्कारिक ढंग से बाल-बाल बच गया। इस घटना को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन और संबंधित ठेकेदार के प्रति गहरा आक्रोश है, और लोग इसे सरकारी धन के सीधे-सीधे बंदरबांट और भ्रष्टाचार का मामला बता रहे हैं। ग्राम इटमा के नागरिकों ने अब जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। वे दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने की अपील कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी गंभीर दुर्घटनाओं को रोका जा सके। इस घटना ने निर्माण कार्य की देखरेख करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों और घटिया सामग्री के उपयोग पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।1
- भारतीय जन मोर्चा पार्टी ने 21 जून को अपने स्थापना दिवस के अवसर पर देश के सभी नागरिकों को हार्दिक शुभकामनाएँ दी हैं।1
- सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र में एक आदिवासी युवक के साथ कथित मारपीट के मामले में नया घटनाक्रम सामने आया है। जानकारी के अनुसार, सिंहपुर थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत भंवर के युवक पप्पू आदिवासी ने प्रारंभिक तौर पर ग्राम पंचायत भंवर के सरपंच पति विकास सिंह और उनके परिजनों पर मारपीट का आरोप लगाया था। हालांकि, बाद में युवक और उसके परिजनों के कथित तौर पर दिए गए बयान में बदलाव की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर यह भी चर्चा है कि घटना के समय युवक नशे की हालत में था। सूत्रों के अनुसार, पुलिस द्वारा कराए गए चिकित्सीय परीक्षण (एमएलसी) में युवक को कोई गंभीर अथवा स्पष्ट चोट के निशान नहीं मिले हैं। इस बीच, स्थानीय लोगों का एक वर्ग इस पूरे मामले को राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता से जोड़कर देख रहा है और आरोप लगा रहा है कि यह सरपंच पति की छवि खराब करने तथा मामला दर्ज कराने का प्रयास हो सकता है।1
- मैहर जिले के नादन बरिया क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है, जहाँ सड़क पर अचानक एक विशाल यूकेलिप्टस (लिप्टिस) का पेड़ गिर गया। इस भयावह हादसे में एक बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, वहीं पेड़ की चपेट में आने से एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को तत्काल मैहर के जिला अस्पताल पहुँचाया गया, जहाँ उसका उपचार जारी है। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुँचे और मामले की जाँच शुरू कर दी है।1