Shuru
Apke Nagar Ki App…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। यह पहल साइबर सुरक्षा और जन-जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
रामदत्त दाहिया
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। यह पहल साइबर सुरक्षा और जन-जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवींद्र भवन में 'सेफ क्लिक 2.0' साइबर जागरूकता अभियान का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। यह पहल साइबर सुरक्षा और जन-जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।1
- अमरेंद्र पांडेय 250 गाड़ियों के एक बड़े काफिले के साथ भरत तिवारी के बिलौटी गांव पहुंचे हैं। उनके इस आगमन ने बिहार की सियासत में भूचाल ला दिया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।1
- मैहर जिले में पुलिस विभाग ने हाल ही में "सेफ क्लिक 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" नामक एक व्यापक अभियान शुरू किया है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। इस पहल का लक्ष्य लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया पर होने वाले अपराधों और समग्र डिजिटल सुरक्षा के महत्व के बारे में सचेत करना है। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने सक्रिय रूप से विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर लोगों को साइबर सुरक्षा संबंधी महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान की। नागरिकों को विशेष रूप से आगाह किया गया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें, और संदिग्ध कॉल या संदेशों के प्रति हमेशा सतर्क रहें। पुलिस ने आम जनता से यह भी अपील की है कि यदि वे कभी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो उन्हें बिना किसी देरी के राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए अथवा साइबर क्राइम पोर्टल पर विस्तृत जानकारी देनी चाहिए। पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने इस अभियान के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि "सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन" केवल एक अभियान मात्र नहीं है, बल्कि यह डिजिटल सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका लक्ष्य नागरिकों को साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बचाना है। इस अभियान के माध्यम से डिजिटल युग में सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम का सशक्त संदेश दिया गया।4
- मैहर जिले में पुलिस विभाग द्वारा 'सेफ क्लिक 2.0 – सुरक्षित क्लिक, सुरक्षित जीवन' नामक एक अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य नागरिकों को साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। इस पहल के तहत लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराधों और डिजिटल सुरक्षा के खतरों से सचेत किया जा रहा है। अभियान के दौरान, पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों, सार्वजनिक स्थलों, बाजार क्षेत्रों और ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर साइबर सुरक्षा से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। नागरिकों को यह सलाह दी गई कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें, अपनी बैंकिंग या ओटीपी संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें और संदिग्ध कॉल या संदेशों से हमेशा सावधान रहें। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि वे कभी साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं या साइबर क्राइम पोर्टल पर विस्तृत जानकारी दें। पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने इस पहल को केवल एक अभियान नहीं, बल्कि डिजिटल सुरक्षा के प्रति जन जागरूकता बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास बताया, जिससे नागरिक साइबर अपराधियों के जाल में फंसने से बच सकें। इस अभियान के माध्यम से डिजिटल युग में सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार अपनाने और साइबर अपराधों पर प्रभावी रोकथाम का संदेश दिया गया है।1
- मध्य प्रदेश के रीवा जिले के अंतर्गत आने वाले रायपुर कर्चुलियांन थाना क्षेत्र में आज वीर शहीद भरत तिवारी को आम जनता द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। बिहार के एक छोटे से गाँव के क्रांतिकारी वीर स्व: भरत तिवारी के बलिदान पर रायपुर कर्चुलियांन के लोगों ने कैंडल मार्च निकाला, जो थाने के सामने से शुरू होकर जनपद पंचायत रायपुर कर्चुलियांन स्थित शहीद स्मारक पर संपन्न हुआ। इस दौरान लोगों में भारी आक्रोश देखने को मिला। जनता ने बिहार में हुई इस घटना को 'दुष्कृत्य' और 'निंदनीय' बताया, साथ ही बिहार पुलिस के कृत्य की कड़ी निंदा की। लोगों का कहना था कि समाज और हक के लिए लड़ने वाला व्यक्ति आतंकवादी नहीं, बल्कि क्रांतिकारी होता है। उन्होंने स्पष्ट आरोप लगाया कि बिहार पुलिस ने अमर शहीद भरत तिवारी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि 'हत्या' की है। इस घटना को लेकर केवल आम जनता में ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लोगों में आक्रोश व्याप्त है। लोगों ने चेतावनी दी कि यदि भरत तिवारी को न्याय नहीं मिला, तो हर घर से भरत तिवारी निकलेगा और इस 'भ्रष्ट सिस्टम' के खिलाफ लड़ेगा। बिहार पुलिस के खिलाफ गुस्सा जताते हुए 'भरत तिवारी अमर रहे' के नारे भी लगाए गए। श्रद्धांजलि अर्पित करने और दो मिनट का मौन धारण करने के बाद कार्यक्रम समाप्त किया गया।1
- वनरक्षक भर्ती प्रक्रिया के दौरान एक ऐसी स्थिति सामने आई जहाँ आठ रिक्त पदों के लिए मात्र एक ही अभ्यर्थी उपस्थित हुई। इस एकमात्र उम्मीदवार का वनरक्षक के पद पर चयन कर लिया गया है।1
- सतना जिले में साइबर अपराधों की रोकथाम और जन-जागरूकता के उद्देश्य से "सेफ क्लिक-2026" नामक एक साइबर जागरूकता अभियान का शुभारंभ किया गया है। यह अभियान पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देशों और पुलिस अधीक्षक सतना के मार्गदर्शन में महिला थाना प्रभारी निरीक्षक श्वेता मौर्या द्वारा शुरू किया गया। अभियान के तहत, संदीपनी शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल बगहा (सतना), पुलिस कल्याण पेट्रोल पंप और महिला थाना परिसर में साइबर सुरक्षा संबंधी जानकारी प्रदान की जा रही है। इसमें छात्रों और नागरिकों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक के खतरे, ओटीपी साझा करने की सावधानियाँ, सोशल मीडिया फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, निवेश धोखाधड़ी, साइबर बुलिंग तथा अन्य साइबर अपराधों से बचाव के उपायों के बारे में जागरूक किया जा रहा है। निरीक्षक श्वेता मौर्या ने बताया कि वर्तमान समय में साइबर अपराधों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जिसके चलते प्रत्येक नागरिक के लिए डिजिटल माध्यमों का सुरक्षित उपयोग करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने या ऑनलाइन रिपोर्ट करने की सलाह दी है। नागरिकों तक साइबर सुरक्षा का संदेश पहुंचाने के लिए अभियान के दौरान पोस्टर, पम्पलेट, जनसंवाद, सोशल मीडिया संदेश और जागरूकता कार्यक्रमों का उपयोग किया जा रहा है। महिला थाना सतना ने लोगों से अपील की है कि वे अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें, किसी को भी ओटीपी, बैंकिंग जानकारी या पासवर्ड साझा न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें। इस पहल के माध्यम से नागरिकों से साइबर सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने और सुरक्षित डिजिटल व्यवहार अपनाने का आग्रह किया गया है, जिसका मूल मंत्र है: 'सावधान रहें, सुरक्षित रहें – SAFE CLICK करें।'1
- भारतीय जनता पार्टी की प्रदेश इकाई ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों का कड़ा खंडन किया है। पार्टी ने कांग्रेस पर भ्रम फैलाने और षडयंत्र रचने का आरोप लगाते हुए कहा है कि प्रदेश की जनता इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। भाजपा के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक लोकप्रिय नेता हैं और राज्य को विकसित बनाने की दिशा में लगातार प्रयासरत हैं। बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कांग्रेस द्वारा डॉ. मोहन यादव पर लगाए गए आरोपों को पूरी तरह गलत बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री द्वारा 2023 में दाखिल नामांकन के अनुसार उनके पास 17 एकड़ जमीन थी, जो 2026 में भी उतनी ही है। उनकी पत्नी सीमा यादव के नाम पर दर्ज 12.29 एकड़ जमीन में भी 2026 तक कोई परिवर्तन नहीं हुआ। आरोपों में जिस सिद्धि विनायक कंपनी का जिक्र है, उसके पास 2023 में 68 एकड़ जमीन थी, जो जून में घटकर 65 एकड़ रह गई; मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 2017 में ही इसके निदेशक पद से इस्तीफा दे दिया था। खंडेलवाल ने यह भी बताया कि मुख्यमंत्री के बेटे वैभव के पास 2023 से पहले जो 16 एकड़ जमीन थी, उसमें मुख्यमंत्री बनने के बाद कोई बदलाव नहीं आया और ये सभी जमीनें मास्टर प्लान लागू होने से पहले की थीं। उनकी बहू शालिनी यादव द्वारा खरीदी गई 10 एकड़ कृषि भूमि भी मास्टर प्लान क्षेत्र से बाहर की थी। अध्यक्ष ने आरोप में उल्लिखित रिश्तेदारों के दावों को भी गलत बताया, कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार का उनसे कोई लेना-देना नहीं है, और इन रिश्तेदारों का अपना स्वतंत्र अस्तित्व है। उन्होंने यह भी बताया कि रिश्तेदारों पर लगे आरोपों के तथ्य भी गलत हैं और वे अपनी बात रखेंगे व कानूनी कार्रवाई करेंगे। प्रदेश अध्यक्ष खंडेलवाल ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़े वर्ग के नेतृत्व को स्वीकार नहीं कर पाती। उन्होंने कहा कि जब भी प्रदेश को उमा भारती, शिवराज सिंह चौहान या डॉ. मोहन यादव जैसे पिछड़े वर्ग के मुख्यमंत्री मिले, कांग्रेस ने उन्हें कमजोर करने के लिए षडयंत्र रचे। खंडेलवाल ने दृढ़तापूर्वक कांग्रेस के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि जब कांग्रेसी कामों में मुख्यमंत्री को पीछे नहीं कर सके, तो वे इस तरह का षडयंत्र कर रहे हैं, जिसे प्रदेश की जनता कतई बर्दाश्त नहीं करेगी।1