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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के कुंडा में बिजली संकट को लेकर भारी जनआक्रोश फूट पड़ा है। इस समस्या के खिलाफ एक ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा हो गया है, जिसके तहत एक विशाल धरना-रैली निकाली गई। आक्रोशित लोगों ने तहसील कार्यालय और बिजली विभाग का घेराव कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस उग्र प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब बैरिकेड्स पर प्रदर्शनकारियों का पुलिस के साथ सीधा टकराव और तीखी झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा यहीं नहीं थमा और उन्होंने क्षेत्र के विधायक का पुतला दहन कर अपना तीव्र आक्रोश प्रकट किया।
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छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के कुंडा में बिजली संकट को लेकर भारी जनआक्रोश फूट पड़ा है। इस समस्या के खिलाफ एक ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा हो गया है, जिसके तहत एक विशाल धरना-रैली निकाली गई। आक्रोशित लोगों ने तहसील कार्यालय और बिजली विभाग का घेराव कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस उग्र प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब बैरिकेड्स पर प्रदर्शनकारियों का पुलिस के साथ सीधा टकराव और तीखी झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा यहीं नहीं थमा और उन्होंने क्षेत्र के विधायक का पुतला दहन कर अपना तीव्र आक्रोश प्रकट किया।
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- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले की 40 महिलाओं ने 'सोलर दीदी' बनकर पूरे प्रदेश में अपनी एक नई पहचान बनाई है। जिला पंचायत कबीरधाम, बिहान और CSPDCL के संयुक्त सहयोग से इन महिलाओं को सौर ऊर्जा पैनल स्थापित करने का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। प्रदेश में पहली बार मिले इस अनूठे स्वरोजगार के तहत इन महिलाओं को अब तक लगभग 40 घरों में सोलर पैनल लगाने के ऑर्डर भी मिल चुके हैं, जिनमें से कुछ घरों में पैनल लगाने का काम पूरा भी किया जा चुका है। इस मुहिम को आगे बढ़ाने के लिए पीएम सूर्य घर योजना के तहत महिला स्व-सहायता समूहों से जुड़े परिवारों को मात्र 6 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण की सुविधा दी जा रही है। इस सराहनीय पहल पर कलेक्टर गोपाल वर्मा का कहना है कि इससे ग्रामीणों को जहां एक तरफ सस्ती बिजली मिलेगी, वहीं दूसरी तरफ महिलाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता का नया अवसर मिल रहा है। इसके साथ ही जिला पंचायत के सीईओ अभिषेक अग्रवाल ने इसे ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण कदम बताया है।3
- कबीरधाम के पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) का स्थानांतरण होने पर न्यू पुलिस लाइन सभागार में एक बेहद गरिमामय एवं भावुक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। 18 जुलाई 2026 की रात आयोजित इस समारोह में जिले के समस्त राजपत्रित अधिकारी, थाना व चौकी प्रभारी और बड़ी संख्या में पुलिस जवान उपस्थित रहे। श्री धर्मेंद्र सिंह का स्थानांतरण आठवीं वाहिनी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल, राजनांदगांव में नवीन पदस्थापना के तौर पर हुआ है। वे 26 नवंबर 2024 से लेकर 14 जुलाई 2026 तक, यानी लगभग 1 वर्ष 7 माह 18 दिन के सफल कार्यकाल के बाद कबीरधाम से कार्यमुक्त हुए हैं। अपने इस कार्यकाल के दौरान उन्होंने उत्कृष्ट नेतृत्व, संवेदनशील पुलिसिंग और जनोन्मुख प्रशासन के जरिए कबीरधाम पुलिस को नई पहचान दी। उनके मार्गदर्शन में संचालित 'स्वामी विवेकानंद एकेडमी' जिले के बेरोजगार और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं को निःशुल्क शारीरिक व लिखित परीक्षा की तैयारी करवाकर एक अनुकरणीय मॉडल बन चुकी है, जिसका वे स्वयं समय-समय पर निरीक्षण करते थे। इसके अलावा, उन्होंने संवेदनशील अवसरों पर प्रभावी कानून-व्यवस्था बनाए रखी और वैज्ञानिक अनुसंधान तथा तकनीकी साक्ष्यों के जरिए वर्षों से लंबित हत्या व अन्य अनसुलझे गंभीर मामलों का सफल खुलासा किया। समारोह में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पुष्पेंद्र बघेल और श्री अमित पटेल ने उनके नेतृत्व कौशल, पारदर्शिता और सकारात्मक कार्यसंस्कृति की जमकर सराहना की। अपने विदाई भाषण में एसपी धर्मेंद्र सिंह ने कबीरधाम पुलिस परिवार से मिले स्नेह और सहयोग के लिए सभी का हृदय से आभार जताया और युवाओं के सशक्तिकरण को अपने कार्यकाल की सबसे संतोषजनक उपलब्धि बताया। कार्यक्रम के अंत में स्मृति-चिह्न भेंट करने और सामूहिक भोज के बाद, पुलिस विभाग की गौरवशाली परंपरा के अनुरूप उपस्थित अधिकारियों और जवानों ने एसपी के शासकीय वाहन को परंपरानुसार धक्का देकर उन्हें ससम्मान और अश्रुपूर्ण विदाई दी।1
- छत्तीसगढ़ के खैरागढ़ में तालुक विधिक सेवा समिति द्वारा विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया, जिसमें आपसी समझौते के जरिए चेक बाउंस के कुल 6 मामलों का निपटारा किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (नालसा) एवं छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण राजनांदगांव के मार्गदर्शन में आयोजित इस लोक अदालत में एनआई एक्ट की धारा 138 (चेक बाउंस) से जुड़े मामलों का भौतिक एवं वर्चुअल कॉन्फ्रेंसिंग दोनों माध्यमों से निराकरण किया गया। इस विशेष लोक अदालत में कुल 24 लाख 78 हजार 640 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। इसके अंतर्गत न्यायाधीश मोहनी कंवर की अदालत में 3 मामलों का निपटारा कर 13 लाख 43 हजार रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई, जबकि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट निधि शर्मा की अदालत में भी 3 मामलों का निपटारा कर 11 लाख 35 हजार 640 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। पक्षकारों को सुलह के लिए प्री सिटिंग के माध्यम से भी प्रेरित किया गया था। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में न्यायिक अधिकारियों, कोर्ट स्टाफ, पैरालीगल वालंटियर तथा अधिवक्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा।1
- छत्तीसगढ़ के रायपुर जिले के तिल्दा में छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना और जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के संयुक्त तत्वावधान में महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी व छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वप्नदृष्टा डॉ. खूबचंद बघेल की जयंती पूरे सम्मान, गौरव और उत्साह के साथ मनाई गई। इस अवसर पर संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने डॉ. खूबचंद बघेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उनके व्यक्तित्व और कृतित्व को याद किया तथा उनके आदर्शों पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया। सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने डॉ. खूबचंद बघेल को छत्तीसगढ़ की आत्मा, स्वाभिमान और जनअधिकारों का सशक्त प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. बघेल का सपना एक ऐसा छत्तीसगढ़ था, जहां विकास का लाभ सबसे पहले यहाँ के लोगों को मिले और प्रदेश की प्राकृतिक संपदा पर पहला अधिकार छत्तीसगढ़वासियों का हो। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि जब तक छत्तीसगढ़ के जल, जंगल, जमीन, खनिज संपदा और स्थानीय युवाओं के अधिकार पूरी मजबूती के साथ सुरक्षित नहीं होंगे, तब तक डॉ. बघेल के सपनों का आत्मनिर्भर छत्तीसगढ़ अधूरा रहेगा। इस अवसर पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने लोकतांत्रिक और संवैधानिक तरीके से छत्तीसगढ़ की अस्मिता, भाषा, संस्कृति और जनअधिकारों की रक्षा के लिए निरंतर संघर्ष करने का संकल्प लिया। कार्यकर्ताओं ने डॉ. खूबचंद बघेल के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने के अभियान को और अधिक सशक्त करने की प्रतिबद्धता जताई। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में दोनों संगठनों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समाज के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।4
- प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से अब लोगों को बिजली बिल से मुक्ति मिलेगी। रविवार सुबह 10 बजे मिली जानकारी के अनुसार, इस योजना के जरिए स्वच्छ ऊर्जा अपनाकर पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ हर घर आत्मनिर्भर बन रहा है। इसके साथ ही, लोगों को 24×7 ऊर्जा सुरक्षा और अतिरिक्त बिजली से कमाई का मौका मिल रहा है। इस योजना के तहत लोग न केवल आत्मनिर्भर बन रहे हैं, बल्कि अपने घरों में बची हुई अतिरिक्त बिजली को ग्रिड में वापस बेच भी रहे हैं। ग्रिड में बिजली वापस बेचकर लोग सालाना ₹15,000 तक की कमाई भी कर रहे हैं।1
- कवर्धा - पंडरिया विधानसभा क्षेत्र के ग्राम पंचायत सोनपुरी के आश्रित ग्राम नवागांव में आज तक विकास की किरण नहीं पहुंच पाई है। आजादी मिलने के बाद भी आज तक यहाँ पक्की सड़क का निर्माण नहीं हो पाया है और यहाँ की सड़क बेहद जर्जर हालत में है। सड़क की खस्ताहाली और विकास न होने के कारण गाँव के ग्रामीण आज भी अपनी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरसने को मजबूर हैं।2
- छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले के कुंडा में बिजली संकट को लेकर भारी जनआक्रोश फूट पड़ा है। इस समस्या के खिलाफ एक ऐतिहासिक आंदोलन खड़ा हो गया है, जिसके तहत एक विशाल धरना-रैली निकाली गई। आक्रोशित लोगों ने तहसील कार्यालय और बिजली विभाग का घेराव कर अपना कड़ा विरोध दर्ज कराया। इस उग्र प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय बेहद तनावपूर्ण हो गया, जब बैरिकेड्स पर प्रदर्शनकारियों का पुलिस के साथ सीधा टकराव और तीखी झड़प हो गई। प्रदर्शनकारियों का गुस्सा यहीं नहीं थमा और उन्होंने क्षेत्र के विधायक का पुतला दहन कर अपना तीव्र आक्रोश प्रकट किया।1