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राजकोट में बागेश्वर सरकार के कथा प्रवास के दौरान, 'हिंदू शेरनी' के नाम से प्रसिद्ध काजल हिंदुस्तानी ने बागेश्वर सरकार से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। काजल हिंदुस्तानी अपने परिजनों के साथ राजकोट स्थित बागेश्वर सरकार धीरेन्द्र शास्त्री के निवास पर पहुँचीं। इस भेंट के दौरान दोनों ने सनातन, समाज और संस्कृति में व्याप्त समस्याओं के समाधान जैसे विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों की प्रशंसा की। गौरतलब है कि बागेश्वर सरकार इन दिनों गुजरात के राजकोट में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य दरबार एवं श्री हनुमंत कथा के लिए प्रवास पर हैं, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन और कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे हैं।

2 hrs ago
user_Sharique Akhtar Durrani
Sharique Akhtar Durrani
बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
2 hrs ago

राजकोट में बागेश्वर सरकार के कथा प्रवास के दौरान, 'हिंदू शेरनी' के नाम से प्रसिद्ध काजल हिंदुस्तानी ने बागेश्वर सरकार से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। काजल हिंदुस्तानी अपने परिजनों के साथ राजकोट स्थित बागेश्वर सरकार धीरेन्द्र शास्त्री के निवास पर पहुँचीं। इस भेंट के दौरान दोनों ने सनातन, समाज और संस्कृति में व्याप्त समस्याओं के समाधान जैसे विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों की प्रशंसा की। गौरतलब है कि बागेश्वर सरकार इन दिनों गुजरात के राजकोट में आयोजित तीन दिवसीय दिव्य दरबार एवं श्री हनुमंत कथा के लिए प्रवास पर हैं, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालु उनके दर्शन और कथा श्रवण के लिए पहुँच रहे हैं।

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  • मुख्यमंत्री मोहन ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस ऐलान के अनुसार, किसानों के लिए एक नई शुगर फैक्ट्री का निर्माण किया जाएगा।
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    मुख्यमंत्री मोहन ने किसानों के हित में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। इस ऐलान के अनुसार, किसानों के लिए एक नई शुगर फैक्ट्री का निर्माण किया जाएगा।
    user_Danish Raza Khan
    Danish Raza Khan
    बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • रतलाम रेल मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने खंडवा से संबंधित प्रमुख रेल मुद्दों को उठाया। इस दौरान उन्होंने गेज कन्वर्जन के कार्यों में तेजी लाने की पुरजोर मांग की। बैठक में ओंकारेश्वर स्टेशन के निर्माण कार्य को अगस्त माह तक पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया। यह जानकारी ANT ALL india News Netwark के एडिटर इन चीफ मसूद जावेद कादरी की रिपोर्ट में सामने आई है।
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    रतलाम रेल मंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक में सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने खंडवा से संबंधित प्रमुख रेल मुद्दों को उठाया। इस दौरान उन्होंने गेज कन्वर्जन के कार्यों में तेजी लाने की पुरजोर मांग की। बैठक में ओंकारेश्वर स्टेशन के निर्माण कार्य को अगस्त माह तक पूरा करने का आश्वासन भी दिया गया। यह जानकारी ANT ALL india News Netwark के एडिटर इन चीफ मसूद जावेद कादरी की रिपोर्ट में सामने आई है।
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • सुलगांव में एक विधवा महिला के खेत में टावर लगाए जाने का विरोध किया जा रहा है। यह विरोध महिला के खेत में टावर लगाने की योजना से संबंधित है।
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    सुलगांव में एक विधवा महिला के खेत में टावर लगाए जाने का विरोध किया जा रहा है। यह विरोध महिला के खेत में टावर लगाने की योजना से संबंधित है।
    user_रजाक खान पुनासा पत्रकार
    रजाक खान पुनासा पत्रकार
    पुनासा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • ode All Videos Images Short videos Shopping News Web Maps Books Flights Finance 16 sites रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा।  Wikipedia +2 माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं: 1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष) जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया।  YouTube·Tilak +4 दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे।  Quora +1 प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता ode All Videos Images Short videos Shopping News Web Maps Books Flights Finance 16 sites रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा।  Wikipedia +2 माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं: 1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष) जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया।  YouTube·Tilak +4 दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे।  प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता
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रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा। 

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माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं:

1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष)

जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया। 

YouTube·Tilak +4

दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे। 

Quora +1

प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता


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रामायण के अनुसार माता सीता को अपने जीवन में दो बार वनवास का सामना करना पड़ा था। पहला वनवास उन्होंने भगवान श्रीराम और लक्ष्मण के साथ सहर्ष स्वीकार किया था, जबकि दूसरा वनवास उन्हें अयोध्या की प्रजा के संकोच और राजधर्म के कारण एकाकी बिताना पड़ा। 
Wikipedia +2
माता सीता के दोनों वनवास की मुख्य बातें नीचे विस्तार से दी गई हैं:
1. पहला वनवास (प्रभु श्रीराम के साथ 14 वर्ष)
जब राजा दशरथ ने कैकेयी के वचनों के कारण श्री राम को 14 वर्ष का वनवास दिया, तब सीता जी ने महलों के सुख त्याग कर पति के साथ वन जाने का निर्णय लिया। 
YouTube·Tilak +4
दिव्य वस्त्र: वनवास यात्रा के दौरान अत्रि ऋषि की पत्नी माता अनुसूया ने सीता जी को एक दिव्य साड़ी और आभूषण भेंट किए थे, जो कभी मैले नहीं होते थे। 
प्रमुख निवास स्थान: इस वनवास के दौरान उन्होंने चित्रकूट, दंडकारण्य और पंचवटी जैसे वनों में कुटिया बनाकर लंबा समय बिता
    user_Sachinphotograpy Harsud
    Sachinphotograpy Harsud
    Photographer हरसूद, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    19 hrs ago
  • नर्मदाक्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, यहां ठेकों से युवाओं के माध्यम से शराब की लगातार सप्लाई की जा रही है, जिससे यह अवैध धंधा बेरोकटोक जारी है।
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    नर्मदाक्षेत्र में अवैध शराब का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, यहां ठेकों से युवाओं के माध्यम से शराब की लगातार सप्लाई की जा रही है, जिससे यह अवैध धंधा बेरोकटोक जारी है।
    user_SNY R LIVE MP
    SNY R LIVE MP
    Local News Reporter धरमपुरी, धार, मध्य प्रदेश•
    10 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित "इंडिया-LAC ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम 2026" के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक पुस्तिका और उसकी आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण किया। यह पुस्तिका और वेबसाइट फोरम की गतिविधियों और उसकी उपलब्धियों को समर्पित हैं।
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    मध्य प्रदेश के इंदौर में आयोजित "इंडिया-LAC ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट फोरम 2026" के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक पुस्तिका और उसकी आधिकारिक वेबसाइट का लोकार्पण किया। यह पुस्तिका और वेबसाइट फोरम की गतिविधियों और उसकी उपलब्धियों को समर्पित हैं।
    user_Sharique Akhtar Durrani
    Sharique Akhtar Durrani
    बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
    2 hrs ago
  • मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए घोषणा की है कि मध्यप्रदेश अब टाइगर, चीता और घड़ियाल स्टेट बन गया है।
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    मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक महत्वपूर्ण बयान जारी करते हुए घोषणा की है कि मध्यप्रदेश अब टाइगर, चीता और घड़ियाल स्टेट बन गया है।
    user_Danish Raza Khan
    Danish Raza Khan
    बुरहानपुर, बुरहानपुर, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • भोपाल की बेटी और बोहरा समाज के गौरव डॉ. फरहीन दाऊदी को समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय ऑनरेरी डॉक्टरेट सम्मान से नवाज़ा गया है। यह जानकारी रतलाम जिला ब्यूरो के लियाकत अली मुंशी बोहरा की रिपोर्ट में सामने आई है।
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    भोपाल की बेटी और बोहरा समाज के गौरव डॉ. फरहीन दाऊदी को समाज सेवा के क्षेत्र में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए राष्ट्रीय ऑनरेरी डॉक्टरेट सम्मान से नवाज़ा गया है। यह जानकारी रतलाम जिला ब्यूरो के लियाकत अली मुंशी बोहरा की रिपोर्ट में सामने आई है।
    user_Masood Javed Qadri
    Masood Javed Qadri
    खंडवा, पूर्वी निमाड़, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • सनावद और आसपास के क्षेत्रों में एनटीपीसी (NTPC) पावर प्लांट से निकलने वाली राखड़ (फ्लाई एश) के परिवहन में नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पावर प्लांट से निकलने वाले डंपर क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग कर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन डंपरों से लगातार राखड़ गिरने के कारण पूरे मार्ग पर धूल का गुबार और धुआं फैल रहा है, जिसने राहगीरों और वाहन चालकों के लिए सड़क पर चलना बेहद मुश्किल कर दिया है। इस उड़ती राखड़ की वजह से न केवल राहगीरों की आँखों में धूल जा रही है, बल्कि विजिबिलिटी भी काफी कम हो रही है। इसके चलते स्टेट हाईवे नंबर 26, जो बैडिया से सनावद को जोड़ता है, और ग्रामीण मार्गों पर बड़े सड़क हादसे होने की गंभीर संभावना बनी हुई है। स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि इस जानलेवा लापरवाही के संबंध में शासन और प्रशासन को पहले भी कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद, प्रशासन की नाक के नीचे दिन-रात ओवरलोडिंग का यह खेल बेरोकटोक जारी है। संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेने और ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
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    सनावद और आसपास के क्षेत्रों में एनटीपीसी (NTPC) पावर प्लांट से निकलने वाली राखड़ (फ्लाई एश) के परिवहन में नियमों का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है, जिससे नागरिकों की मुसीबतें लगातार बढ़ती जा रही हैं। पावर प्लांट से निकलने वाले डंपर क्षमता से अधिक ओवरलोडिंग कर सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इन डंपरों से लगातार राखड़ गिरने के कारण पूरे मार्ग पर धूल का गुबार और धुआं फैल रहा है, जिसने राहगीरों और वाहन चालकों के लिए सड़क पर चलना बेहद मुश्किल कर दिया है।

इस उड़ती राखड़ की वजह से न केवल राहगीरों की आँखों में धूल जा रही है, बल्कि विजिबिलिटी भी काफी कम हो रही है। इसके चलते स्टेट हाईवे नंबर 26, जो बैडिया से सनावद को जोड़ता है, और ग्रामीण मार्गों पर बड़े सड़क हादसे होने की गंभीर संभावना बनी हुई है।

स्थानीय निवासियों और राहगीरों का कहना है कि इस जानलेवा लापरवाही के संबंध में शासन और प्रशासन को पहले भी कई बार अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद, प्रशासन की नाक के नीचे दिन-रात ओवरलोडिंग का यह खेल बेरोकटोक जारी है। संबंधित जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर मुद्दे पर मौन साधे हुए हैं, जिससे क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेने और ओवरलोडिंग करने वाले वाहनों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
    user_रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    रिपोर्टर भगवान सिंह चौहान
    खरगोन, खरगोन, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
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