सायबर गुन्हेगारांना APK फाइल्स बनवून विकल्याप्रकरणी मुंबई पोलिसांकडून झारखंडमधील विद्यार्थ्याला पश्चिम बंगालमधून अटक सायबर गुन्हेगारांकडून बँकिंग तपशील चोरण्यासाठी आणि देशभरातील हजारो लोकांची कोट्यवधी रुपयांची फसवणूक करण्यासाठी वापरल्या जाणाऱ्या बनावट मोबाइल ॲप्लिकेशन्सची निर्मिती केल्याच्या आरोपाखाली मुंबई पोलिसांनी २६ वर्षीय विज्ञान शाखेतील पदवीधर विद्यार्थ्याला अटक केली आहे, तांत्रिक तपासानंतर डी.बी. मार्ग पोलीस ठाण्यातील एका पथकाने या आरोपीला अटक केली; या तपासादरम्यान पोलीस अधिकारी झारखंड आणि पश्चिम बंगालपर्यंत पोहोचले होते. "संशयित आरोपीचे नाव 'एस. मंडल' असून तो मूळचा झारखंडचा रहिवासी आहे. तपासादरम्यान त्याचा मागोवा घेतल्यानंतर तो पश्चिम बंगालमध्ये असल्याचे निष्पन्न झाले," असे एका अधिकाऱ्याने सांगितले. पोलिसांनी दिलेल्या माहितीनुसार, 'महानगर गॅस लिमिटेड' (MGL) कडून आल्याचा दावा करणाऱ्या एका बनावट टेक्स्ट मेसेजद्वारे फसवणूक झाल्याची तक्रार मुंबईतील एका रहिवाशाने केल्यानंतर या प्रकरणाचा तपास सुरू झाला. गॅस बिलाची माहिती अद्ययावत (update) करण्यासाठी एका मोबाइल ॲप्लिकेशन फाइलची लिंक त्या मेसेजमध्ये देण्यात आली होती आणि ती फाइल डाउनलोड करण्यास सांगण्यात आले होते. ते ॲप्लिकेशन इन्स्टॉल केल्यानंतर पीडित व्यक्तीची बँकिंग माहिती चोरली गेली आणि परिणामी त्यांचे ७०,५०० रुपयांचे नुकसान झाले. या तक्रारीनंतर, पोलिसांनी 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) आणि 'माहिती तंत्रज्ञान कायदा' (IT Act) यांच्या संबंधित कलमांखाली गुन्हा दाखल केला. डिजिटल ट्रॅकिंग आणि तांत्रिक विश्लेषणाचा वापर करून, पोलिसांनी या कथित ॲप डेव्हलपरचा दोन राज्यांमध्ये शोध घेतला आणि त्याला अटक केली. या कारवाईदरम्यान, पोलीस पथकाने १० मोबाइल फोन, एक लॅपटॉप, सात सिम कार्ड्स, चार क्रेडिट/डेबिट कार्ड्स, ९६७ घातक (malicious) APK फाइल्स आणि ३७,२०० व्यक्तींची वैयक्तिक व बँकिंग माहिती असलेला डेटाबेस जप्त केला. या कथित सायबर फसवणुकीच्या नेटवर्कमधील इतर सदस्यांची ओळख पटवण्यासाठी पोलीस डिजिटल पुराव्यांची तपासणी करत आहेत. अनाहूत (unsolicited) टेक्स्ट मेसेजेस किंवा मेसेजिंग प्लॅटफॉर्म्सद्वारे प्राप्त होणारी मोबाइल ॲप्लिकेशन्स किंवा APK फाइल्स डाउनलोड न करण्याचा सल्ला पोलिसांनी नागरिकांना दिला आहे. अधिकृत सेवा पुरवठादार कधीही ग्राहकांना बिल भरण्यासाठी किंवा खात्याची पडताळणी करण्यासाठी अनधिकृत 'थर्ड-पार्टी' ॲप्लिकेशन्स इन्स्टॉल करण्यास सांगत नाहीत, असे अधिकाऱ्यांनी स्पष्ट केले. वैयक्तिक किंवा बँकिंग माहिती शेअर करण्यापूर्वी अधिकृत वेबसाइट्स किंवा ग्राहक सेवा (customer care) माध्यमांद्वारे मेसेजेसची खात्री करण्याचे आवाहन लोकांना करण्यात आले आहे.
सायबर गुन्हेगारांना APK फाइल्स बनवून विकल्याप्रकरणी मुंबई पोलिसांकडून झारखंडमधील विद्यार्थ्याला पश्चिम बंगालमधून अटक सायबर गुन्हेगारांकडून बँकिंग तपशील चोरण्यासाठी आणि देशभरातील हजारो लोकांची कोट्यवधी रुपयांची फसवणूक करण्यासाठी वापरल्या जाणाऱ्या बनावट मोबाइल ॲप्लिकेशन्सची निर्मिती केल्याच्या आरोपाखाली मुंबई पोलिसांनी २६ वर्षीय विज्ञान शाखेतील पदवीधर विद्यार्थ्याला अटक केली आहे, तांत्रिक तपासानंतर डी.बी. मार्ग पोलीस ठाण्यातील एका पथकाने या आरोपीला अटक केली; या तपासादरम्यान पोलीस अधिकारी झारखंड आणि पश्चिम बंगालपर्यंत पोहोचले होते. "संशयित आरोपीचे नाव 'एस. मंडल' असून तो मूळचा झारखंडचा रहिवासी आहे. तपासादरम्यान त्याचा मागोवा घेतल्यानंतर तो पश्चिम बंगालमध्ये असल्याचे निष्पन्न झाले," असे एका अधिकाऱ्याने सांगितले. पोलिसांनी दिलेल्या माहितीनुसार, 'महानगर गॅस लिमिटेड' (MGL) कडून आल्याचा दावा करणाऱ्या एका बनावट टेक्स्ट मेसेजद्वारे फसवणूक झाल्याची तक्रार मुंबईतील एका रहिवाशाने केल्यानंतर या प्रकरणाचा तपास सुरू झाला. गॅस बिलाची माहिती अद्ययावत (update) करण्यासाठी एका मोबाइल ॲप्लिकेशन फाइलची लिंक त्या मेसेजमध्ये देण्यात आली होती आणि ती फाइल डाउनलोड करण्यास सांगण्यात आले होते. ते ॲप्लिकेशन इन्स्टॉल केल्यानंतर पीडित व्यक्तीची बँकिंग माहिती चोरली गेली आणि परिणामी त्यांचे ७०,५०० रुपयांचे नुकसान झाले. या तक्रारीनंतर, पोलिसांनी 'भारतीय न्याय संहिता' (BNS) आणि 'माहिती तंत्रज्ञान कायदा' (IT Act) यांच्या संबंधित कलमांखाली गुन्हा दाखल केला. डिजिटल ट्रॅकिंग आणि तांत्रिक विश्लेषणाचा वापर करून, पोलिसांनी या कथित ॲप डेव्हलपरचा दोन राज्यांमध्ये शोध घेतला आणि त्याला अटक केली. या कारवाईदरम्यान, पोलीस पथकाने १० मोबाइल फोन, एक लॅपटॉप, सात सिम कार्ड्स, चार क्रेडिट/डेबिट कार्ड्स, ९६७ घातक (malicious) APK फाइल्स आणि ३७,२०० व्यक्तींची वैयक्तिक व बँकिंग माहिती असलेला डेटाबेस जप्त केला. या कथित सायबर फसवणुकीच्या नेटवर्कमधील इतर सदस्यांची ओळख पटवण्यासाठी पोलीस डिजिटल पुराव्यांची तपासणी करत आहेत. अनाहूत (unsolicited) टेक्स्ट मेसेजेस किंवा मेसेजिंग प्लॅटफॉर्म्सद्वारे प्राप्त होणारी मोबाइल ॲप्लिकेशन्स किंवा APK फाइल्स डाउनलोड न करण्याचा सल्ला पोलिसांनी नागरिकांना दिला आहे. अधिकृत सेवा पुरवठादार कधीही ग्राहकांना बिल भरण्यासाठी किंवा खात्याची पडताळणी करण्यासाठी अनधिकृत 'थर्ड-पार्टी' ॲप्लिकेशन्स इन्स्टॉल करण्यास सांगत नाहीत, असे अधिकाऱ्यांनी स्पष्ट केले. वैयक्तिक किंवा बँकिंग माहिती शेअर करण्यापूर्वी अधिकृत वेबसाइट्स किंवा ग्राहक सेवा (customer care) माध्यमांद्वारे मेसेजेसची खात्री करण्याचे आवाहन लोकांना करण्यात आले आहे.
- Post by Aleem Inamdar1
- रिज़वी कॉलेज ने शांतिपूर्ण छात्र हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की अनूठी मिसाल पेश की रिज़वी कॉलेज ने शांतिपूर्ण छात्र हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की अनूठी मिसाल पेश की मुंबई: देशभर में छात्र मुद्दों को लेकर बढ़ती भावनाओं के बीच रिज़वी कॉलेज ने एक अलग और जिम्मेदार पहल करते हुए छात्रों को कॉलेज परिसर के भीतर शांतिपूर्ण हस्ताक्षर अभियान और लिखित विरोध-पत्र के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर दिया। कॉलेज ने छात्रों की आवाज़ दबाने के बजाय उन्हें संविधानसम्मत, सुरक्षित और सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराया, जहां वे अपनी चिंताओं को व्यक्त कर सकें और साथ ही उनकी सुरक्षा, गरिमा तथा शैक्षणिक वातावरण भी सुरक्षित रहे। संस्थान का मानना है कि लोकतंत्र और अनुशासन साथ-साथ चल सकते हैं तथा शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि छात्रों को नैतिकता और संवैधानिक जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखना भी सिखाना है। रिज़वी एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स की निदेशक एडवोकेट रुबीना अख्तर हसन रिज़वी ने कहा, "मैं सम्मानजनक विरोध में विश्वास रखती हूं। गाली-गलौज, व्यक्तिगत आरोप या अपमानजनक भाषा न तो नैतिक है और न ही हमारे अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के मूल्यों के अनुरूप। सरकार की नीतियों से मतभेद हो सकते हैं और मुस्लिम समुदाय की भावनाएं भी कुछ मुद्दों पर आहत हो सकती हैं, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत अपमान करना उचित नहीं है। असहमति भी गरिमा के साथ व्यक्त की जानी चाहिए।" उन्होंने कहा, "सड़क पर प्रदर्शन की इच्छा को शांतिपूर्ण दिशा देने के लिए मैंने छात्रों से संस्थान के भीतर ही विरोध-पत्र लिखवाया और उस पर हस्ताक्षर करवाए। एक वकील होने के नाते मेरी पहली जिम्मेदारी अपने संस्थान, शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा करना है। नेतृत्व का अर्थ अपने लोगों की रक्षा करते हुए उनकी आवाज़ को उचित मंच देना है।" उन्होंने आगे कहा, "हमने विरोध को रोका नहीं, बल्कि उसका तरीका बदला। हर छात्र को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संस्थान की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें यह भी सिखाए कि इस अधिकार का उपयोग सम्मान, अनुशासन और गरिमा के साथ कैसे किया जाए।" एडवोकेट रुबीना रिज़वी ने कहा कि उनके संस्थानों में नैतिकता और संस्कार सर्वोपरि हैं। "यदि कुछ छात्र कहीं और भी विरोध में शामिल हुए होंगे तो मुझे विश्वास है कि उन्होंने भी शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से अपनी बात रखी होगी। हम अपने छात्रों को किसी का अपमान करना या आक्रामक होना नहीं सिखाते, बल्कि जिम्मेदार, सम्मानजनक और साहसी नागरिक बनना सिखाते हैं।" उन्होंने इस पहल को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्राचार्यों, उप-प्राचार्यों, शिक्षकों, गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों और रिज़वी परिवार के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैं हमारे सभी प्राचार्यों, उप-प्राचार्यों, शिक्षकों, गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों और रिज़वी परिवार के प्रत्येक सदस्य का हृदय से धन्यवाद करती हूं। आपके सहयोग से छात्रों को शांतिपूर्ण, नैतिक और लोकतांत्रिक वातावरण में अपनी बात रखने का अवसर मिला।" उन्होंने छात्रों की भी सराहना करते हुए कहा, "मुझे अपने छात्रों पर गर्व है कि उन्होंने यह साबित किया कि मजबूत विचार बिना नफरत के भी व्यक्त किए जा सकते हैं, असहमति बिना असम्मान के भी हो सकती है और लोकतंत्र अनुशासन एवं गरिमा से और मजबूत बनता है। उन्होंने दिखाया कि उकसावे से अधिक ताकत कलम में होती है।" रिज़वी कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की भूमिका जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की है। यह पहल संवैधानिक मूल्यों, नैतिक नेतृत्व और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों के हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।1
- Special Video From PM Please Subscribe My Channel Mi Marathi India Special Special Video From PM Please Subscribe My Channel Mi Marathi India From PM1
- चांद पर फिर जाग उठा चंद्रयान-2! वैज्ञानिकों का दावा—'हम अभी जिंदा हैं', दुनिया हैरान। नई दिल्ली: सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि भारत का चंद्रयान-2 लैंडर एक बार फिर सक्रिय हो गया है और उसने सिग्नल भेजे हैं। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि वैज्ञानिक खुशी से झूम उठे और पूरी दुनिया हैरान रह गई। हालांकि, इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। आधिकारिक तौर पर इस तरह की किसी नई उपलब्धि की घोषणा नहीं की गई है। इसलिए वायरल वीडियो में किए गए दावों को बिना पुष्टि के सच मानना उचित नहीं होगा। यदि भविष्य में इस संबंध में ISRO की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी जारी की जाती है, तो वह भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। 'आपकी जंग' की अपील: सोशल मीडिया पर वायरल किसी भी वीडियो या खबर को साझा करने से पहले उसकी आधिकारिक पुष्टि अवश्य करें। सत्यापित जानकारी ही समाज को सही दिशा देती है।1
- 🚨 छात्रों पर दर्ज FIR वापस लेने की मांग, NCP नेता फैज़ अंसारी ने CM फडणवीस को लिखा पत्र। महाराष्ट्र में हालिया छात्र आंदोलनों में शामिल छात्रों पर दर्ज FIR और आपराधिक मामलों को वापस लेने की मांग अब तेज हो गई है। राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के जोगेश्वरी (पूर्व) तालुका अध्यक्ष फैज़ रईस अंसारी ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर छात्रों पर दर्ज सभी FIR और कानूनी कार्रवाई तत्काल वापस लेने की अपील की है। पत्र में कहा गया है कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उनके खिलाफ दर्ज मामलों को समाप्त किया जाना चाहिए, ताकि उनकी शिक्षा, रोजगार और भविष्य पर कोई नकारात्मक असर न पड़े। इस पूरे मामले की जानकारी और पत्र की मुख्य बातें जानने के लिए वीडियो को अंत तक देखें।1
- संसद में गरमाया माहौल! अमित शाह के संजय सिंह के पास पहुंचते ही बढ़ा सियासी तापमान, स्पीकर को करना पड़ा हस्तक्षेप नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा में एक बार फिर तीखी नोकझोंक देखने को मिली। सदन की कार्यवाही के बीच केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह विपक्षी सांसद संजय सिंह की ओर बढ़े, जिसके बाद सदन का माहौल अचानक गरमा गया। इस दौरान सभापति की ओर से व्यवस्था बनाए रखने की अपील की गई और कार्यवाही कुछ समय के लिए तनावपूर्ण माहौल में चलती रही। संसद में विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच कई मुद्दों को लेकर लगातार टकराव जारी है। विरोध, नारेबाजी और तीखी बहस के बीच यह घटनाक्रम राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया। सोशल मीडिया पर भी इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिस पर लोग अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।1
- चंद्रशेखर आज़ाद बोले – मुझे 15 मिनट की जगह सिर्फ 5 मिनट बोलने दिया गया! | संसद में हंगामा 🚨 लोकसभा की कार्यवाही के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद ने आरोप लगाया कि उन्हें पूरा समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि 15 मिनट के बजाय उन्हें केवल कुछ मिनट ही बोलने का अवसर मिला। इस वीडियो में जानिए उनके बयान की मुख्य बातें और सदन में हुई चर्चा1