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4 hrs ago
user_Aleem Inamdar
Aleem Inamdar
News Anchor मुंबई, महाराष्ट्र•
4 hrs ago

More news from Maharashtra and nearby areas
  • Raj Thakre Raj Thakre mantri
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    Raj Thakre
Raj Thakre mantri
    user_Mukesh Mukesh raj
    Mukesh Mukesh raj
    Mumbai, Maharashtra•
    18 min ago
  • अतिवृष्टी झालेल्या भागामध्ये सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले यांच्या कडून रस्त्यांची प्रत्यक्ष पाहणी अतिवृष्टी झालेल्या भागामध्ये सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले यांच्या कडून रस्त्यांची प्रत्यक्ष पाहणी सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम वगळून) मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले यांनी पालघर जिल्ह्यातील मार्गांची प्रत्यक्ष पाहणी करून रस्त्यांच्या स्थितीचा आढावा घेतला. पावसाळ्याच्या पार्श्वभूमीवर रस्त्यांची गुणवत्ता, दुरुस्तीची कामे आणि नागरिकांना सुरक्षित व सुकर प्रवासाच्या दृष्टीने आवश्यक उपाययोजनांची त्यांनी संबंधित अधिकाऱ्यांकडून माहिती घेतली. यावेळी खासदार डॉ. हेमंत सवरा, आमदार निरंजन डावखरे, आमदार विलास तरे, आमदार राजेंद्र गावित, आमदार हरिश्चंद्र भोये,जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड, जिल्हा परिषदेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पोलीस अधीक्षक यतीश देशमुख, सार्वजनिक बांधकाम विभागाचे कार्यकारी अभियंता किनी तसेच वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित होते. पाहणी दौऱ्यादरम्यान शिवेंद्रराजे भोसले यांनी मनोर–मासवण–पालघर, पालघर–सरावली–बोईसर तसेच बोईसर–चिंचणी–डहाणू या प्रमुख मार्गांची प्रत्यक्ष पाहणी केली. या मार्गांवरील रस्त्यांची अवस्था, सुरू असलेली विकासकामे आणि आवश्यक दुरुस्तीच्या कामांचा त्यांनी आढावा घेत संबंधित अधिकाऱ्यांना आवश्यक सूचना दिल्या. यानंतर डहाणू येथे सार्वजनिक बांधकाम विभागाची आढावा बैठक पार पडली. उपविभागीय अधिकारी कार्यालय सभागृहात झालेल्या या बैठकीत जिल्ह्यातील रस्ते विकास प्रकल्प, प्रलंबित कामे, पावसामुळे झालेली हानी, दुरुस्तीची प्रगती आणि भविष्यातील नियोजन यावर सविस्तर चर्चा करण्यात आली. विकासकामांमध्ये गुणवत्ता, वेळेचे काटेकोर पालन आणि नागरिकांच्या सुरक्षिततेला सर्वोच्च प्राधान्य देण्याचे निर्देश यावेळी मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले यांनी दिले. पालघर जिल्ह्यातील रस्ते पायाभूत सुविधांचा दर्जा उंचावण्यासाठी शासन कटिबद्ध असून, नागरिकांना सुरक्षित, दर्जेदार आणि अखंड वाहतूक सुविधा उपलब्ध करून देण्यासाठी आवश्यक ती सर्व पावले उचलली जातील, असा विश्वास यावेळी मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले यांनी व्यक्त केला.
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    अतिवृष्टी झालेल्या भागामध्ये सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले यांच्या कडून रस्त्यांची प्रत्यक्ष पाहणी
अतिवृष्टी झालेल्या भागामध्ये सार्वजनिक बांधकाम मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले यांच्या कडून रस्त्यांची प्रत्यक्ष पाहणी
सार्वजनिक बांधकाम (सार्वजनिक उपक्रम वगळून) मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले यांनी  पालघर जिल्ह्यातील  मार्गांची प्रत्यक्ष पाहणी करून रस्त्यांच्या स्थितीचा आढावा घेतला. पावसाळ्याच्या पार्श्वभूमीवर रस्त्यांची गुणवत्ता, दुरुस्तीची कामे आणि नागरिकांना सुरक्षित व सुकर प्रवासाच्या दृष्टीने आवश्यक उपाययोजनांची त्यांनी संबंधित अधिकाऱ्यांकडून माहिती घेतली.
यावेळी खासदार डॉ. हेमंत सवरा, आमदार निरंजन डावखरे, आमदार विलास तरे, आमदार राजेंद्र गावित, आमदार हरिश्चंद्र भोये,जिल्हाधिकारी डॉ. इंदु राणी जाखड, जिल्हा परिषदेचे मुख्य कार्यकारी अधिकारी मनोज रानडे, पोलीस अधीक्षक यतीश देशमुख, सार्वजनिक बांधकाम विभागाचे कार्यकारी अभियंता किनी  तसेच वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित होते.
पाहणी दौऱ्यादरम्यान शिवेंद्रराजे भोसले यांनी मनोर–मासवण–पालघर, पालघर–सरावली–बोईसर तसेच बोईसर–चिंचणी–डहाणू या प्रमुख मार्गांची प्रत्यक्ष पाहणी केली. 
या मार्गांवरील रस्त्यांची अवस्था, सुरू असलेली विकासकामे आणि आवश्यक दुरुस्तीच्या कामांचा त्यांनी आढावा घेत संबंधित अधिकाऱ्यांना आवश्यक सूचना दिल्या.
यानंतर डहाणू येथे सार्वजनिक बांधकाम विभागाची आढावा बैठक पार पडली. उपविभागीय अधिकारी कार्यालय सभागृहात झालेल्या या बैठकीत जिल्ह्यातील रस्ते विकास प्रकल्प, प्रलंबित कामे, पावसामुळे झालेली हानी, दुरुस्तीची प्रगती आणि भविष्यातील नियोजन यावर सविस्तर चर्चा करण्यात आली. विकासकामांमध्ये गुणवत्ता, वेळेचे काटेकोर पालन आणि नागरिकांच्या सुरक्षिततेला सर्वोच्च प्राधान्य देण्याचे निर्देश यावेळी मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले यांनी दिले.
पालघर जिल्ह्यातील रस्ते पायाभूत सुविधांचा दर्जा उंचावण्यासाठी शासन कटिबद्ध असून, नागरिकांना सुरक्षित, दर्जेदार आणि अखंड वाहतूक सुविधा उपलब्ध करून देण्यासाठी आवश्यक ती सर्व पावले उचलली जातील, असा विश्वास यावेळी मंत्री शिवेंद्रराजे भोसले यांनी व्यक्त केला.
    user_आपले मानवाधिकार
    आपले मानवाधिकार
    Yoga instructor मुंबई, महाराष्ट्र•
    39 min ago
  • मुंब्रा का पहला सिग्नल शुरू! कौसा नाका पर डॉक्टर मुमताज शाह और यातायात विभाग मुंब्रा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अतुल अहेर ने किया उद्घाटन NCP AP गुट के सभी नगरसेवक और पदाधिकारी और कार्यकर्ता के उपस्थिति में किया सत्कार मुंब्रा का पहला सिग्नल शुरू! कौसा नाका पर डॉक्टर मुमताज शाह और यातायात विभाग मुंब्रा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अतुल अहेर ने किया उद्घाटन NCP AP गुट के सभी नगरसेवक और पदाधिकारी और कार्यकर्ता के उपस्थिति में किया सत्कार
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    मुंब्रा का पहला सिग्नल शुरू! कौसा नाका पर डॉक्टर मुमताज शाह और यातायात विभाग मुंब्रा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अतुल अहेर ने किया उद्घाटन NCP AP गुट के सभी नगरसेवक और पदाधिकारी और कार्यकर्ता के उपस्थिति में किया सत्कार
मुंब्रा का पहला सिग्नल शुरू! कौसा नाका पर डॉक्टर मुमताज शाह और यातायात विभाग मुंब्रा के वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक अतुल अहेर ने किया उद्घाटन NCP AP गुट के सभी नगरसेवक और पदाधिकारी और कार्यकर्ता के उपस्थिति में किया सत्कार
    user_News Vani 24
    News Vani 24
    News Anchor मुंबई, महाराष्ट्र•
    2 hrs ago
  • Post by Aleem Inamdar
    1
    Post by Aleem Inamdar
    user_Aleem Inamdar
    Aleem Inamdar
    News Anchor मुंबई, महाराष्ट्र•
    4 hrs ago
  • रिज़वी कॉलेज ने शांतिपूर्ण छात्र हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की अनूठी मिसाल पेश की रिज़वी कॉलेज ने शांतिपूर्ण छात्र हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की अनूठी मिसाल पेश की मुंबई: देशभर में छात्र मुद्दों को लेकर बढ़ती भावनाओं के बीच रिज़वी कॉलेज ने एक अलग और जिम्मेदार पहल करते हुए छात्रों को कॉलेज परिसर के भीतर शांतिपूर्ण हस्ताक्षर अभियान और लिखित विरोध-पत्र के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर दिया। कॉलेज ने छात्रों की आवाज़ दबाने के बजाय उन्हें संविधानसम्मत, सुरक्षित और सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराया, जहां वे अपनी चिंताओं को व्यक्त कर सकें और साथ ही उनकी सुरक्षा, गरिमा तथा शैक्षणिक वातावरण भी सुरक्षित रहे। संस्थान का मानना है कि लोकतंत्र और अनुशासन साथ-साथ चल सकते हैं तथा शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि छात्रों को नैतिकता और संवैधानिक जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखना भी सिखाना है। रिज़वी एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स की निदेशक एडवोकेट रुबीना अख्तर हसन रिज़वी ने कहा, "मैं सम्मानजनक विरोध में विश्वास रखती हूं। गाली-गलौज, व्यक्तिगत आरोप या अपमानजनक भाषा न तो नैतिक है और न ही हमारे अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के मूल्यों के अनुरूप। सरकार की नीतियों से मतभेद हो सकते हैं और मुस्लिम समुदाय की भावनाएं भी कुछ मुद्दों पर आहत हो सकती हैं, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत अपमान करना उचित नहीं है। असहमति भी गरिमा के साथ व्यक्त की जानी चाहिए।" उन्होंने कहा, "सड़क पर प्रदर्शन की इच्छा को शांतिपूर्ण दिशा देने के लिए मैंने छात्रों से संस्थान के भीतर ही विरोध-पत्र लिखवाया और उस पर हस्ताक्षर करवाए। एक वकील होने के नाते मेरी पहली जिम्मेदारी अपने संस्थान, शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा करना है। नेतृत्व का अर्थ अपने लोगों की रक्षा करते हुए उनकी आवाज़ को उचित मंच देना है।" उन्होंने आगे कहा, "हमने विरोध को रोका नहीं, बल्कि उसका तरीका बदला। हर छात्र को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संस्थान की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें यह भी सिखाए कि इस अधिकार का उपयोग सम्मान, अनुशासन और गरिमा के साथ कैसे किया जाए।" एडवोकेट रुबीना रिज़वी ने कहा कि उनके संस्थानों में नैतिकता और संस्कार सर्वोपरि हैं। "यदि कुछ छात्र कहीं और भी विरोध में शामिल हुए होंगे तो मुझे विश्वास है कि उन्होंने भी शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से अपनी बात रखी होगी। हम अपने छात्रों को किसी का अपमान करना या आक्रामक होना नहीं सिखाते, बल्कि जिम्मेदार, सम्मानजनक और साहसी नागरिक बनना सिखाते हैं।" उन्होंने इस पहल को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्राचार्यों, उप-प्राचार्यों, शिक्षकों, गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों और रिज़वी परिवार के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मैं हमारे सभी प्राचार्यों, उप-प्राचार्यों, शिक्षकों, गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों और रिज़वी परिवार के प्रत्येक सदस्य का हृदय से धन्यवाद करती हूं। आपके सहयोग से छात्रों को शांतिपूर्ण, नैतिक और लोकतांत्रिक वातावरण में अपनी बात रखने का अवसर मिला।" उन्होंने छात्रों की भी सराहना करते हुए कहा, "मुझे अपने छात्रों पर गर्व है कि उन्होंने यह साबित किया कि मजबूत विचार बिना नफरत के भी व्यक्त किए जा सकते हैं, असहमति बिना असम्मान के भी हो सकती है और लोकतंत्र अनुशासन एवं गरिमा से और मजबूत बनता है। उन्होंने दिखाया कि उकसावे से अधिक ताकत कलम में होती है।" रिज़वी कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की भूमिका जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की है। यह पहल संवैधानिक मूल्यों, नैतिक नेतृत्व और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों के हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
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    रिज़वी कॉलेज ने शांतिपूर्ण छात्र हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की अनूठी मिसाल पेश की
रिज़वी कॉलेज ने शांतिपूर्ण छात्र हस्ताक्षर अभियान के माध्यम से लोकतांत्रिक अभिव्यक्ति की अनूठी मिसाल पेश की
मुंबई: देशभर में छात्र मुद्दों को लेकर बढ़ती भावनाओं के बीच रिज़वी कॉलेज ने एक अलग और जिम्मेदार पहल करते हुए छात्रों को कॉलेज परिसर के भीतर शांतिपूर्ण हस्ताक्षर अभियान और लिखित विरोध-पत्र के माध्यम से अपनी बात रखने का अवसर दिया।
कॉलेज ने छात्रों की आवाज़ दबाने के बजाय उन्हें संविधानसम्मत, सुरक्षित और सम्मानजनक मंच उपलब्ध कराया, जहां वे अपनी चिंताओं को व्यक्त कर सकें और साथ ही उनकी सुरक्षा, गरिमा तथा शैक्षणिक वातावरण भी सुरक्षित रहे।
संस्थान का मानना है कि लोकतंत्र और अनुशासन साथ-साथ चल सकते हैं तथा शिक्षण संस्थानों का दायित्व केवल ज्ञान देना ही नहीं, बल्कि छात्रों को नैतिकता और संवैधानिक जिम्मेदारी के साथ अपनी बात रखना भी सिखाना है।
रिज़वी एजुकेशनल कॉम्प्लेक्स की निदेशक एडवोकेट रुबीना अख्तर हसन रिज़वी ने कहा,
"मैं सम्मानजनक विरोध में विश्वास रखती हूं। गाली-गलौज, व्यक्तिगत आरोप या अपमानजनक भाषा न तो नैतिक है और न ही हमारे अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के मूल्यों के अनुरूप। सरकार की नीतियों से मतभेद हो सकते हैं और मुस्लिम समुदाय की भावनाएं भी कुछ मुद्दों पर आहत हो सकती हैं, लेकिन माननीय प्रधानमंत्री का व्यक्तिगत अपमान करना उचित नहीं है। असहमति भी गरिमा के साथ व्यक्त की जानी चाहिए।"
उन्होंने कहा,
"सड़क पर प्रदर्शन की इच्छा को शांतिपूर्ण दिशा देने के लिए मैंने छात्रों से संस्थान के भीतर ही विरोध-पत्र लिखवाया और उस पर हस्ताक्षर करवाए। एक वकील होने के नाते मेरी पहली जिम्मेदारी अपने संस्थान, शिक्षकों और छात्रों की सुरक्षा करना है। नेतृत्व का अर्थ अपने लोगों की रक्षा करते हुए उनकी आवाज़ को उचित मंच देना है।"
उन्होंने आगे कहा,
"हमने विरोध को रोका नहीं, बल्कि उसका तरीका बदला। हर छात्र को अपनी बात रखने का अधिकार है, लेकिन संस्थान की जिम्मेदारी है कि वह उन्हें यह भी सिखाए कि इस अधिकार का उपयोग सम्मान, अनुशासन और गरिमा के साथ कैसे किया जाए।"
एडवोकेट रुबीना रिज़वी ने कहा कि उनके संस्थानों में नैतिकता और संस्कार सर्वोपरि हैं।
"यदि कुछ छात्र कहीं और भी विरोध में शामिल हुए होंगे तो मुझे विश्वास है कि उन्होंने भी शांतिपूर्ण और मर्यादित तरीके से अपनी बात रखी होगी। हम अपने छात्रों को किसी का अपमान करना या आक्रामक होना नहीं सिखाते, बल्कि जिम्मेदार, सम्मानजनक और साहसी नागरिक बनना सिखाते हैं।"
उन्होंने इस पहल को सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी प्राचार्यों, उप-प्राचार्यों, शिक्षकों, गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों और रिज़वी परिवार के सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया।
उन्होंने कहा,
"मैं हमारे सभी प्राचार्यों, उप-प्राचार्यों, शिक्षकों, गैर-शिक्षकीय कर्मचारियों और रिज़वी परिवार के प्रत्येक सदस्य का हृदय से धन्यवाद करती हूं। आपके सहयोग से छात्रों को शांतिपूर्ण, नैतिक और लोकतांत्रिक वातावरण में अपनी बात रखने का अवसर मिला।"
उन्होंने छात्रों की भी सराहना करते हुए कहा,
"मुझे अपने छात्रों पर गर्व है कि उन्होंने यह साबित किया कि मजबूत विचार बिना नफरत के भी व्यक्त किए जा सकते हैं, असहमति बिना असम्मान के भी हो सकती है और लोकतंत्र अनुशासन एवं गरिमा से और मजबूत बनता है। उन्होंने दिखाया कि उकसावे से अधिक ताकत कलम में होती है।"
रिज़वी कॉलेज प्रबंधन ने कहा कि शिक्षण संस्थानों की भूमिका जिम्मेदार नागरिक तैयार करने की है। यह पहल संवैधानिक मूल्यों, नैतिक नेतृत्व और शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक भागीदारी को बढ़ावा देने के साथ-साथ छात्रों के हितों की रक्षा करने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
    user_INDDIV
    INDDIV
    मुंबई, महाराष्ट्र•
    5 hrs ago
  • Special Video From PM Please Subscribe My Channel Mi Marathi India Special Special Video From PM Please Subscribe My Channel Mi Marathi India From PM
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    Special Video From PM Please Subscribe My Channel Mi Marathi India 
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    user_MI MARATHI INDIA
    MI MARATHI INDIA
    Photographer मुंबई, मुंबई, महाराष्ट्र•
    10 hrs ago
  • चंद्रशेखर आज़ाद बोले – मुझे 15 मिनट की जगह सिर्फ 5 मिनट बोलने दिया गया! | संसद में हंगामा 🚨 लोकसभा की कार्यवाही के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद ने आरोप लगाया कि उन्हें पूरा समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि 15 मिनट के बजाय उन्हें केवल कुछ मिनट ही बोलने का अवसर मिला। इस वीडियो में जानिए उनके बयान की मुख्य बातें और सदन में हुई चर्चा
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    चंद्रशेखर आज़ाद बोले – मुझे 15 मिनट की जगह सिर्फ 5 मिनट बोलने दिया गया! | संसद में हंगामा 🚨

लोकसभा की कार्यवाही के दौरान चंद्रशेखर आज़ाद ने आरोप लगाया कि उन्हें पूरा समय नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि 15 मिनट के बजाय उन्हें केवल कुछ मिनट ही बोलने का अवसर मिला। इस वीडियो में जानिए उनके बयान की मुख्य बातें और सदन में हुई चर्चा
    user_Qureshi Sakeel WJNP News
    Qureshi Sakeel WJNP News
    Media Consultant मुंबई, महाराष्ट्र•
    4 hrs ago
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