मध्य प्रदेश के मैहर जिले की ग्राम पंचायत देवरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 2021-2022 में दुर्गा देवी नामक एक महिला ने अपने जीवित पति वीरान को मृत घोषित करवाकर एक शासकीय योजना का वित्तीय लाभ उठा लिया। यह पूरा कृत्य सरपंच और सचिव की मिलीभगत से अंजाम दिया गया, जबकि महिला के पति वीरान आज भी जीवित हैं, जो इस घटना को और भी गंभीर बना देता है। यह मामला निजी स्वार्थ के चलते सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का एक स्पष्ट उदाहरण है और इसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरपंच और सचिव की मिलीभगत ने प्रशासनिक तंत्र की खामियों को भी उजागर किया है, जो दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग अनैतिक तरीकों से सरकारी लाभ उठाने के लिए नियमों का उल्लंघन करते हैं। यह मामला अब जिला कलेक्टर के संज्ञान में आ चुका है, और अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इसकी गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। हालांकि, इस बात की आशंका भी जताई जा रही है कि जांच में कोई ठोस कार्यवाही न भी हो।
मध्य प्रदेश के मैहर जिले की ग्राम पंचायत देवरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 2021-2022 में दुर्गा देवी नामक एक महिला ने अपने जीवित पति वीरान को मृत घोषित करवाकर एक शासकीय योजना का वित्तीय लाभ उठा लिया। यह पूरा कृत्य सरपंच और सचिव की मिलीभगत से अंजाम दिया गया, जबकि महिला के पति वीरान आज भी जीवित हैं, जो इस घटना को और भी गंभीर बना देता है। यह मामला निजी स्वार्थ के चलते सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का एक स्पष्ट उदाहरण है और इसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरपंच और सचिव की मिलीभगत ने प्रशासनिक तंत्र की खामियों को भी उजागर किया है, जो दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग अनैतिक तरीकों से सरकारी लाभ उठाने के लिए नियमों का उल्लंघन करते हैं। यह मामला अब जिला कलेक्टर के संज्ञान में आ चुका है, और अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इसकी गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। हालांकि, इस बात की आशंका भी जताई जा रही है कि जांच में कोई ठोस कार्यवाही न भी हो।
- मध्य प्रदेश के मैहर जिले की ग्राम पंचायत देवरा से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ 2021-2022 में दुर्गा देवी नामक एक महिला ने अपने जीवित पति वीरान को मृत घोषित करवाकर एक शासकीय योजना का वित्तीय लाभ उठा लिया। यह पूरा कृत्य सरपंच और सचिव की मिलीभगत से अंजाम दिया गया, जबकि महिला के पति वीरान आज भी जीवित हैं, जो इस घटना को और भी गंभीर बना देता है। यह मामला निजी स्वार्थ के चलते सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग का एक स्पष्ट उदाहरण है और इसने प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सरपंच और सचिव की मिलीभगत ने प्रशासनिक तंत्र की खामियों को भी उजागर किया है, जो दर्शाता है कि कैसे कुछ लोग अनैतिक तरीकों से सरकारी लाभ उठाने के लिए नियमों का उल्लंघन करते हैं। यह मामला अब जिला कलेक्टर के संज्ञान में आ चुका है, और अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे इसकी गहन जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे। हालांकि, इस बात की आशंका भी जताई जा रही है कि जांच में कोई ठोस कार्यवाही न भी हो।1
- उचेहरा पुलिस ने मंदिरों से पीतल के घंटे और अन्य सामग्री चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में चोरी का सामान खरीदने वालों सहित कुल 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी अभी भी फरार बताया जा रहा है। सतना पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा और उनकी टीम ने मिलकर मंदिरों में लगातार हो रही चोरियों के इस बड़े मामले का खुलासा किया। पुलिस की पूछताछ में, गिरफ्तार आरोपियों ने उचेहरा क्षेत्र के छह मंदिरों से चोरी की घटनाओं को स्वीकार किया। पुलिस ने इनके पास से पीतल के घंटे, कलश और अन्य सामग्री बरामद की है, जिसकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 37,600 रुपये आंकी गई है। सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जा चुका है।1
- रीवा जोन के आईजी गौरव राजपूत के निर्देशन में मैहर जिले के पिपरा कला गांव में 'जन चौपाल 3' का आयोजन किया गया। यह 'जन चौपाल' आईजी रीवा का एक नवाचार था जिसका उद्देश्य आमजन को पुलिस से जोड़ना था, जिससे अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने में अभूतपूर्व सफलता मिली है। इसी कड़ी में आज रीवा रेंज के सभी थाना क्षेत्रों और चौकियों में भी 'जन चौपाल थ्री' का आयोजन किया गया। पिपरा कला गांव में आयोजित इस 'जन चौपाल' के दौरान पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह ने जागरूकता के लिए शिक्षा को सबसे अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षा वह धरोहर है जिससे समाज और देश को नई दिशा दी जा सकती है। शिक्षित होकर ही व्यक्ति अपना और अपने परिवार का व्यवस्थित लालन-पालन कर पाएगा। पुलिस अधीक्षक ने यह भी बल दिया कि अगर हमें आने वाली पीढ़ी का भविष्य सुधारना है, तो उन्हें पढ़ाने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए, क्योंकि शिक्षा ही सार्थक निर्णय लेने में सक्षम बनाती है। पुलिस अधीक्षक ने बेटियों से संबंधित मुद्दों पर भी बात की, यह कहते हुए कि एक अजनबी के बहकावे में आकर माता-पिता से अलग होने के मामले समाज के लिए उचित नहीं हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपनी संतानों को प्यार और दुलार देने की अपील की, ताकि वे गलत रास्ते पर न जाएं। उन्होंने बताया कि बच्चों को हर समय अपनेपन का एहसास कराना प्राथमिकता होनी चाहिए, खासकर जब वे 12-13 साल की उम्र में हों। इसके अतिरिक्त, पुलिस अधीक्षक ने आमजन को साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूक किया, विशेष रूप से 'डिजिटल अरेस्ट' जैसी अवधारणाओं को स्पष्ट करते हुए कि ऐसी कोई गिरफ्तारी नहीं होती; गिरफ्तारी हमेशा भौतिक रूप से होगी और व्यक्ति को समय पर न्यायालय में पेश किया जाएगा। उन्होंने सड़क सुरक्षा और नशे के दुष्परिणामों के प्रति भी सचेत किया। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से समाज में होने वाले किसी भी अपराध की जानकारी देने का आग्रह किया, यह आश्वासन देते हुए कि उनकी पहचान गुप्त रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि हर एक नागरिक का सहयोग देश और समाज को सही दिशा देने के लिए महत्वपूर्ण है। इस आयोजन के दौरान नगर निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी और उनकी सहयोगी टीम के साथ सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक की मौजूदगी में आमजन की समस्याएं सुनी गईं और उनके त्वरित निराकरण के निर्देश भी जारी किए गए।2
- सतना जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत शिवराजपुर स्थित प्रसिद्ध काली मंदिर में बुधवार देर रात एक बड़ी चोरी की घटना सामने आई है। चोर मंदिर में लगी करीब 22 किलो चांदी की नक्काशी चोरी कर ले गए हैं, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 50 लाख रुपये बताई जा रही है। इस वारदात से पूरे क्षेत्र में दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त है। यह महज एक महीने के भीतर इसी मंदिर में हुई दूसरी बड़ी चोरी है; इससे पहले 2 जून को भी मंदिर से करीब 3 किलो चांदी की चोरी हुई थी। बताया जाता है कि मंदिर में कुल 25 किलो से अधिक चांदी की नक्काशी शिवराजपुर निवासी और महाराष्ट्र के उद्योगपति रुद्र प्रताप त्रिपाठी द्वारा श्रद्धा स्वरूप भेंट की गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि घटना की सूचना देने के बावजूद सिंहपुर पुलिस एफआईआर दर्ज करने में हीलाहवाली कर रही है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। लगातार हो रही इन चोरियों के बाद ग्रामीणों ने पुलिस से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी, चोरी गई चांदी की बरामदगी और मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।1
- वार्ड क्रमांक 11, इटमा बकुली के हनुमान मंदिर के पास बनी अमरपाटन-रामपुर मार्ग को जोड़ने वाली सड़क के घटिया निर्माण को लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 पर शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत में कहा गया है कि सड़क जगह-जगह से उखड़ चुकी है, जो निर्माण में गंभीर लापरवाही का स्पष्ट संकेत है। हालांकि, इस पर कार्रवाई करने के बजाय, शिकायत को लोक निर्माण विभाग, नगर परिषद उचेहरा और फिर अन्य विभागों के बीच लगातार घुमाया जा रहा है, जिससे शिकायतकर्ता ने इसे विभागों का 'फाइल घुमाओ अभियान' बताया है। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि समस्या का समाधान करने के बजाय, उन्हें बार-बार फोन कर शिकायत वापस लेने, बंद करने और 'संतुष्ट' बताने के लिए दबाव डाला जा रहा है। इस स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए, सवाल उठाया गया है कि क्या सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य जनता को न्याय दिलाना है या शिकायतों को ट्रांसफर कर-करके थका देना और अंततः फोर्स क्लोज करना है। शिकायतकर्ता ने लोक निर्माण विभाग को 'लोक लूट विभाग' तक कहा है, विशेषकर नगर परिषद रामपुर बघेलान की सड़कों के मामले में। सरकार से सीधा सवाल किया गया है कि क्या सीएम हेल्पलाइन जनता की मदद के लिए बनी है या विभागों को जवाबदेही से बचाने के लिए। जनता न्याय और समाधान चाहती है, न कि फाइलों का खेल या मानसिक उत्पीड़न। शिकायतकर्ता ने स्पष्ट किया है कि जब तक दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर कार्रवाई नहीं होती, उनकी आवाज उठती रहेगी।1
- मैहर जिला के अंतर्गत ग्राम पंचायत देवरा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक महिला ने अपने जीवित पति को मृत घोषित करवाकर शासकीय योजना का लाभ उठाया। यह मामला 2021-2022 का है, जब दुर्गा देवी नामक महिला ने सरपंच और सचिव की कथित मिलीभगत से सरकारी योजना के तहत वित्तीय लाभ प्राप्त किया, जबकि उनके पति वीरान आज भी जीवित हैं। यह घटना प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती है, क्योंकि यह सरपंच और सचिव के साथ मिलीभगत का स्पष्ट मामला प्रतीत होता है। इससे यह भी उजागर होता है कि कैसे कुछ लोग अपने निजी स्वार्थ के चलते सरकारी योजनाओं का दुरुपयोग करने के लिए अनैतिक मार्ग अपनाते हैं, और प्रशासनिक तंत्र की खामियों का लाभ उठाते हैं। जिला कलेक्टर के संज्ञान में यह मामला आने के बाद, जल्द ही इस पर कार्रवाई की उम्मीद की जा रही है। हालांकि, इस बात की आशंका भी व्यक्त की गई है कि जांच में कोई ठोस कार्यवाही न हो। अधिकारियों से अपेक्षा की गई है कि वे इस मामले की गहन जांच करें और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें, ताकि सरकारी योजनाओं के दुरुपयोग और प्रशासनिक खामियों को रोका जा सके।1
- सतना की उचेहरा पुलिस ने मंदिरों में चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें चोरी का सामान खरीदने वाले भी शामिल हैं। यह कार्रवाई उचेहरा क्षेत्र के 6 मंदिरों से पीतल के घंटे और अन्य सामग्री चोरी करने के मामले में की गई है। इस दौरान पुलिस ने कुल 37,600 रुपये मूल्य का चोरी किया गया सामान बरामद किया है। पुलिस अधीक्षक सतना के निर्देश और वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में उचेहरा थाना प्रभारी सतीश मिश्रा और उनकी टीम ने मिलकर लगातार हो रही मंदिर चोरियों के इस बड़े मामले का खुलासा किया। पकड़े गए चोरों और सामान खरीदने वालों से पूछताछ में उन्होंने उचेहरा क्षेत्र के कई मंदिरों से चोरी की घटनाओं को स्वीकार किया। बरामद सामग्री में पीतल के घंटे, कलश और मंदिर के सिक्के शामिल हैं। गिरफ्तार किए गए 8 आरोपियों में अमित कोल (22), अतुल साकेत (28), प्रीतम साकेत (24), विनय साकेत (23), योगेन्द्र उर्फ ओम साकेत (26) (सभी उरदनी, थाना उचेहरा निवासी), राजेश ताम्रकार (50), विजय ताम्रकार (40) और कैलाश ताम्रकार (41) (सभी उचेहरा निवासी) शामिल हैं। पुलिस ने बताया है कि इस गिरोह का एक आरोपी अभी भी फरार है। बरामद की गई विशिष्ट सामग्री में 11-11 किलोग्राम के 2 पीतल के घंटे (कीमत ₹17,600), 5-5 किलोग्राम के 2 पीतल के घंटे (कीमत ₹8,000), 3 किलोग्राम का 1 घंटा (कीमत ₹2,400), 2.5-2.5 किलोग्राम के 2 घंटे (कीमत ₹4,000), 1-1 किलोग्राम के 2 घंटे (कीमत ₹1,600) और एक पीतल का कलश (कीमत ₹4,000) के साथ मंदिर के सिक्के भी शामिल हैं। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है।2
- सतना पुलिस ने मारपीट और अड़ीबाजी से जुड़े एक मामले में एक शातिर अपराधी और निगरानी बदमाश को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक महोदय, सतना, श्री हंसराज सिंह (भा.पु.से.) के कुशल निर्देशन में संपन्न हुई है। इस गिरफ्तारी को थाना प्रभारी कोठी, निरीक्षक संतोष तिवारी द्वारा अंजाम दिया गया। इसमें श्री प्रेमलाल कुर्वे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (देहात) और श्री रघु केशरी, SDOP नागौद का मार्गदर्शन भी शामिल रहा, जिसके तहत इस शातिर अपराधी को पकड़ा गया है।1