छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस के उपलक्ष्य में, सुल्तानपुर के पर्यावरण पार्क में आज सुबह 6:00 बजे एक प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राष्ट्र, समाज और भारतीय संस्कृति के प्रति अपने दायित्वों पर गहन विचार-विमर्श किया। मुख्य वक्ता क्षेत्र शैक्षिक बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश नारायण ने इस दौरान महत्वपूर्ण उद्बोधन दिया, जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चा राष्ट्रनिर्माण केवल व्यक्तिगत स्वार्थ से संभव नहीं है। उनके अनुसार, 'मैं' के साथ-साथ भारत और भारतीयता के प्रति समर्पण का भाव भी अत्यंत आवश्यक है। नारायण ने समाज में फैली भ्रांतियों और विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए आत्मचिंतन, मंथन और सकारात्मक सोच पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को ऐसे एक लाख 'शिवाओं' की आवश्यकता है, जो 'गुरु दक्षिणा' के भाव से राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए कृत-संकल्पित हों। इस संगोष्ठी में नगर संचालक सुदीप पाल सिंह, विभाग संघ चालक डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. रमाशंकर मिश्रा, विभाग प्रचारक श्री प्रकाश, प्रांत प्रचारक रमेश जी, सह प्रांत प्रचारक सुनील, सह क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर, नगर कार्यवाह रमेश उपाध्याय सहित विजय त्रिपाठी, मुरारी सिंह, रमेश सिंह, डॉ. आर.ए. वर्मा, डॉ. डी.एस. मिश्रा, शशिकांत पाण्डेय, एच.डी. राम, नवीन श्रीवास्तव, अजय गुप्ता, अजय सिंह, भोलनाथ अग्रवाल, श्रीभद्र सिंह, रूपेश सिंह जैसे कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों एवं सैकड़ों स्वयंसेवकों तथा नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगोष्ठी का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण, सामाजिक समरसता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।
छत्रपति शिवाजी महाराज के राज्याभिषेक दिवस के उपलक्ष्य में, सुल्तानपुर के पर्यावरण पार्क में आज सुबह 6:00 बजे एक प्रेरणादायी संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्वयंसेवक, बुद्धिजीवी और गणमान्य नागरिक शामिल हुए, जिन्होंने राष्ट्र, समाज और भारतीय संस्कृति के प्रति अपने दायित्वों पर गहन विचार-विमर्श किया। मुख्य वक्ता क्षेत्र शैक्षिक बौद्धिक प्रमुख मिथिलेश नारायण ने इस दौरान महत्वपूर्ण उद्बोधन दिया, जिसमें उन्होंने जोर देकर कहा कि सच्चा राष्ट्रनिर्माण केवल व्यक्तिगत स्वार्थ से संभव नहीं है। उनके अनुसार, 'मैं'
के साथ-साथ भारत और भारतीयता के प्रति समर्पण का भाव भी अत्यंत आवश्यक है। नारायण ने समाज में फैली भ्रांतियों और विभिन्न चुनौतियों के समाधान के लिए आत्मचिंतन, मंथन और सकारात्मक सोच पर विशेष बल दिया। उन्होंने यह भी कहा कि समाज को ऐसे एक लाख 'शिवाओं' की आवश्यकता है, जो 'गुरु दक्षिणा' के भाव से राष्ट्र और संस्कृति की रक्षा के लिए कृत-संकल्पित हों। इस संगोष्ठी में नगर संचालक सुदीप पाल सिंह, विभाग संघ चालक डॉ. ए.के. सिंह, डॉ. रमाशंकर मिश्रा, विभाग प्रचारक
श्री प्रकाश, प्रांत प्रचारक रमेश जी, सह प्रांत प्रचारक सुनील, सह क्षेत्र सेवा प्रमुख युद्धवीर, नगर कार्यवाह रमेश उपाध्याय सहित विजय त्रिपाठी, मुरारी सिंह, रमेश सिंह, डॉ. आर.ए. वर्मा, डॉ. डी.एस. मिश्रा, शशिकांत पाण्डेय, एच.डी. राम, नवीन श्रीवास्तव, अजय गुप्ता, अजय सिंह, भोलनाथ अग्रवाल, श्रीभद्र सिंह, रूपेश सिंह जैसे कई अन्य गणमान्य व्यक्तियों एवं सैकड़ों स्वयंसेवकों तथा नागरिकों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। संगोष्ठी का समापन राष्ट्र के प्रति समर्पण, सामाजिक समरसता और भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के संरक्षण के संकल्प के साथ हुआ।
- एक अत्यंत मुखर और भावनात्मक टिप्पणी में, मौजूदा स्थिति पर गहरा रोष व्यक्त किया गया है, जिसमें 'करोड़ों हिंदुओं का भरोसा चुराने' वाले 'चोरों' पर तीखा हमला किया गया है। यह टिप्पणी रामायण के प्रसंग का उदाहरण देते हुए बताती है कि रावण ने तो 'सिर्फ माता जानकी का हरण किया था', लेकिन वर्तमान 'चोरों' का कृत्य उससे भी कहीं अधिक गंभीर है, जिन्होंने व्यापक स्तर पर हिंदुओं के विश्वास को पूरी तरह से भंग कर दिया है।1
- Post by Vikas kumar1
- अयोध्या में राम मंदिर दान गबन से जुड़े मामले में नामजद आठों आरोपियों को स्पेशल रिमांड मजिस्ट्रेट निवेदिता सिंह की कोर्ट में पेश किया गया, जहाँ से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस ने अभी तक इन आरोपियों की रिमांड नहीं ली है, जिसका कारण मोहर्रम की छुट्टी बताई गई है। अब सोमवार को फिर से पेशी होगी और पुलिस कस्टडी की मांग करने का प्रयास करेगी। इस मामले में आरोपियों से 79 लाख 85 हजार रुपये बरामद किए गए हैं। अयोध्या निवासियों और आम जनता में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है। लोगों का कहना है कि यह करोड़ों का घोटाला है, जिसमें सनातनियों का पैसा सनातनियों द्वारा ही लूटा गया है। वे सवाल उठा रहे हैं कि मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम की नगरी में इस लूट का असली मास्टरमाइंड कौन है। जनता की मांग है कि अगर पारदर्शिता लानी है तो सभी आठों लोगों का नार्को टेस्ट कराया जाना चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। लोगों का यह भी मानना है कि यह सब केवल दिखावा है, असली लोग कोई और हैं जिन्हें बचाया जा रहा है, और इन गिरफ्तार किए गए लोगों को बचाव में मोहरा बनाया गया है, क्योंकि सच्चाई कुछ और ही है।1
- बिहार के भोजपुर जिले से जुड़ी एक घटना में, पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी की तस्वीर मोहर्रम जुलूस में दिखाई देने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो के सामने आने के बाद कई तरह की चर्चाएँ फिर से शुरू हो गई हैं। उल्लेखनीय है कि भरत तिवारी की मृत्यु भोजपुर जिले में पुलिस और उनके बीच हुई मुठभेड़ के बाद हुई थी। इस मुठभेड़ में भरत तिवारी गंभीर रूप से घायल हो गए थे और बाद में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई थी। इस एनकाउंटर के बाद पुलिस की कार्रवाई को लेकर पहले भी कई सवाल उठाए गए थे। अब मोहर्रम जुलूस में उनकी तस्वीर दिखाई देने वाले इस वायरल वीडियो ने पूरे मामले को एक बार फिर से सुर्खियों में ला दिया है। हालांकि, Nation7TV इस वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं करता है, और न ही यह स्पष्ट है कि यह वीडियो कब या कहाँ का है। इस वायरल वीडियो पर संबंधित प्रशासन की ओर से किसी आधिकारिक बयान का अभी इंतजार है।1
- रामपुर भगन मार्केट से एक ताजिया जुलूस निकाला गया, जो गांव की गली से होते हुए कर्बला की ओर बढ़ा। इस ताजिया जुलूस में शामिल लोगों ने अपने अल्लाह को याद किया।1
- आज, 26 जून को, संपूर्ण भारतवर्ष सहित पूरे विश्व में अंतरराष्ट्रीय नशा निवारण दिवस मनाया जा रहा है। इस अवसर पर यह संदेश दिया जा रहा है कि लोग स्वस्थ रहें, एक अच्छा और खुशहाल जीवन जिएँ तथा दारू-शराब का सेवन छोड़कर अपने घर-परिवार के साथ सुखमय जीवन बिताएँ। यह रिपोर्ट लाल चंद सोनी ने आज सुबह टाइम्स टीम, लखनऊ के लिए तैयार की है।1
- अयोध्या में राम मंदिर निर्माण को लेकर देशभर में जहां उत्साह और आस्था का माहौल था, वहीं अब राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े चढ़ावे को लेकर एक नए विवाद ने राजनीतिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। बताया जा रहा है कि एक आम आदमी पार्टी के नेता द्वारा एसआईटी के समक्ष कुछ साक्ष्य प्रस्तुत किए जाने के बाद राम मंदिर ट्रस्ट से संबंधित मामलों पर सवाल उठने लगे हैं, जिसके चलते संबंधित पक्षों में खलबली मची हुई है। आरोपों के अनुसार, भाजपा सरकार के कार्यकाल में जिस भव्य राम मंदिर का निर्माण कराया गया था, उसी से जुड़े चढ़ावे में कुछ वर्षों के भीतर बड़े पैमाने पर लूट का मामला सामने आया है। इस पूरे प्रकरण को लेकर राजनीतिक गलियारों में विभिन्न तरह की चर्चाएं चल रही हैं, और विपक्ष लगातार सरकार को घेरने की कोशिश कर रहा है। हालांकि, इस पूरे मामले पर आधिकारिक स्तर पर जांच और तथ्यों की पुष्टि का अभी इंतजार किया जा रहा है।1
- अयोध्या के बीकापुर क्षेत्र में मुहर्रम की दसवीं तारीख यौम-ए-आशूरा के अवसर पर गमगीन माहौल में ताजियों को कर्बला में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने कर्बला की जंग में हजरत इमाम हुसैन और उनके 72 साथियों की शहादत को नम आंखों से याद करते हुए ताजियों को विदाई दी। सुबह से ही घरों से ताजिये जुलूस की शक्ल में निकलना शुरू हो गए थे। 'या हुसैन, या हुसैन' और 'हाय हुसैन हम न हुए' की सदाओं के बीच अकीदतमंद नौहा-मातम करते हुए कर्बला पहुंचे। जगह-जगह शरबत की सबील भी लगाई गई थी। बीकापुर कस्बा, खजुरहट, तोरोमाफी, रामपुर परेई, बनकट, कोंछा, चौरे बाजार सहित दर्जनों गांवों से ताजिये कर्बला लाए गए और दोपहर बाद एक-एक कर सभी ताजियों को दफन किया गया, जिससे माहौल बेहद भावुक हो गया। मुहर्रम को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। सीओ बीकापुर सुनील कुमार सिंह, कोतवाल देवेंद्र पांडे और नायब तहसीलदार की अगुवाई में भारी पुलिस बल के साथ जुलूस निकाला गया। इमामबाड़ा के मुतवल्ली ने बताया कि हजरत इमाम हुसैन ने कर्बला में सत्य और इंसानियत की खातिर अपने परिवार समेत शहादत दी थी, और उनकी यह कुर्बानी जुल्म के खिलाफ खड़े होने का पैगाम देती है। शाम को फातिहा-ख्वानी और दुआ के बाद मुहर्रम का समापन हुआ और पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम रही।1
- प्रचार माध्यमों ने स्पष्ट कर दिया है कि वे चंपत राय का इस्तीफा मिलने पर ही संतुष्ट होंगे।1