हाथरस के कमला बाजार में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ कनाडा के टोरंटो में रह रहीं एक बुजुर्ग प्रवासी भारतीय महिला सरोज बागला की पुश्तैनी संपत्ति पर उनके भतीजे ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। संपत्ति में तोड़फोड़, अवैध निर्माण और जबरन किराए पर उठाने के आरोपों के साथ, पीड़िता ने जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों, जिलाधिकारी श्री अतुल वत्स (IAS) और पुलिस अधीक्षक श्री चिरंजीव नाथ सिन्हा (IPS) को शिकायती पत्र भेजकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। सरोज बागला (स्वर्गीय कैलाश प्रसाद बागला की पत्नी) पिछले 59 वर्षों से कनाडा में रह रही हैं, और उनके पति का निधन बीते वर्ष 16 अप्रैल 2025 को वहीं हुआ था। उनकी पुश्तैनी संपत्ति, जो साल 1974 में पारिवारिक बंटवारे के तहत उनके पति के हिस्से में आई थी और जिसके वैधानिक दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं, पर उनके भतीजे नितिन बागला (स्वर्गीय पति के छोटे भाई दिवंगत अशोक बागला के बेटे) ने बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया है। आरोप है कि नितिन बागला संपत्ति में अवैध तोड़फोड़ और निर्माण कार्य करा रहे हैं, साथ ही बिना किसी मालिकाना हक के इसे किराए पर देकर अवैध वसूली भी कर रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि अत्यधिक अस्वस्थता और वृद्धावस्था के कारण वह और उनके बेटे (विकास, नवीन और मनीष बागला) तुरंत भारत आकर संपत्ति की देखरेख करने में असमर्थ हैं, जिसका फायदा उठाकर आरोपी संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास कर रहा है। अपनी शिकायत में, सरोज बागला ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में सासनी गेट थाना पुलिस द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच, संपत्ति पर चल रहे अवैध निर्माण, तोड़फोड़ और कब्जे की प्रक्रिया पर तत्काल रोक, संपत्ति को सुरक्षित रखने के लिए प्रशासनिक स्तर पर उचित कदम उठाना, और आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करना शामिल है। पीड़िता ने अपने देवर राकेश बागला को हाथरस में स्थानीय पैरवी और प्रशासनिक समन्वय के लिए अधिकृत किया है और प्रशासन को अपने ओसीआई कार्ड, पासपोर्ट तथा जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज भी सौंपे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन प्रवासी भारतीय महिला से जुड़े इस संवेदनशील मामले और भू-माफियाई प्रवृत्ति के इस कृत्य पर कितनी त्वरित कार्रवाई करते हैं।
हाथरस के कमला बाजार में एक गंभीर मामला सामने आया है, जहाँ कनाडा के टोरंटो में रह रहीं एक बुजुर्ग प्रवासी भारतीय महिला सरोज बागला की पुश्तैनी संपत्ति पर उनके भतीजे ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। संपत्ति में तोड़फोड़, अवैध निर्माण और जबरन किराए पर उठाने के आरोपों के साथ, पीड़िता ने जिला प्रशासन और पुलिस के आला अधिकारियों, जिलाधिकारी श्री अतुल वत्स (IAS) और पुलिस अधीक्षक श्री चिरंजीव नाथ सिन्हा (IPS) को शिकायती पत्र भेजकर न्याय और सुरक्षा की गुहार लगाई है। सरोज बागला (स्वर्गीय कैलाश प्रसाद बागला की पत्नी) पिछले 59 वर्षों से
कनाडा में रह रही हैं, और उनके पति का निधन बीते वर्ष 16 अप्रैल 2025 को वहीं हुआ था। उनकी पुश्तैनी संपत्ति, जो साल 1974 में पारिवारिक बंटवारे के तहत उनके पति के हिस्से में आई थी और जिसके वैधानिक दस्तावेज उनके पास सुरक्षित हैं, पर उनके भतीजे नितिन बागला (स्वर्गीय पति के छोटे भाई दिवंगत अशोक बागला के बेटे) ने बंद पड़े मकान का ताला तोड़कर अवैध कब्जा कर लिया है। आरोप है कि नितिन बागला संपत्ति में अवैध तोड़फोड़ और निर्माण कार्य करा रहे हैं, साथ ही बिना किसी मालिकाना हक के इसे किराए पर
देकर अवैध वसूली भी कर रहे हैं। पीड़िता ने बताया कि अत्यधिक अस्वस्थता और वृद्धावस्था के कारण वह और उनके बेटे (विकास, नवीन और मनीष बागला) तुरंत भारत आकर संपत्ति की देखरेख करने में असमर्थ हैं, जिसका फायदा उठाकर आरोपी संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने का प्रयास कर रहा है। अपनी शिकायत में, सरोज बागला ने जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में सासनी गेट थाना पुलिस द्वारा मामले की निष्पक्ष जांच, संपत्ति पर चल रहे अवैध निर्माण, तोड़फोड़ और कब्जे की प्रक्रिया पर तत्काल रोक, संपत्ति को सुरक्षित रखने के
लिए प्रशासनिक स्तर पर उचित कदम उठाना, और आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करना शामिल है। पीड़िता ने अपने देवर राकेश बागला को हाथरस में स्थानीय पैरवी और प्रशासनिक समन्वय के लिए अधिकृत किया है और प्रशासन को अपने ओसीआई कार्ड, पासपोर्ट तथा जमीन के मालिकाना हक के दस्तावेज भी सौंपे हैं। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन प्रवासी भारतीय महिला से जुड़े इस संवेदनशील मामले और भू-माफियाई प्रवृत्ति के इस कृत्य पर कितनी त्वरित कार्रवाई करते हैं।
- गुरुवार को इगलास में एक चौंकाने वाली खबर ने पुलिस में हड़कंप मचा दिया, जब हाईवे पर कार सवारों से नकदी और जेवरात लूटने की सूचना मिली। हालांकि, थाना प्रभारी कमलेश कुमार ने तत्काल जांच के बाद स्पष्ट किया कि लूट का यह दावा झूठा निकला। दरअसल, गांव नाबा निवासी सुमन ने गांव नगला गोपी के निवासियों पर मारपीट कर 1.20 लाख रुपये और आभूषण लूटने का आरोप लगाया था। लेकिन, पुलिस जांच में सामने आया कि यह विवाद सड़क पर गाड़ी हटाने को लेकर शुरू हुआ था, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच मारपीट हुई। इस मामले में दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर दी है, और पुलिस अब आगे की जांच कर रही है। थाना प्रभारी कमलेश कुमार के अनुसार, हाईवे पर लूट की यह सूचना महज एक अफवाह थी, और असल में गाड़ी निकालने की बात पर ही दोनों पक्ष आपस में भिड़ गए थे।1
- जनपद हाथरस के हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के सराय अमर सिंह गांव में एक महिला ने पांच वर्षीय मासूम बच्ची दुर्गेश, जो महेश की पुत्री है, के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस मारपीट के दौरान बच्ची के सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पीड़ित बच्ची के परिजनों ने तुरंत कोतवाली पहुंचकर पुलिस से इस मामले की शिकायत की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मासूम बच्ची का जिला अस्पताल में डॉक्टरी परीक्षण कराया है और मामले में आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।1
- अलीगढ़ में मोहर्रम के अवसर पर शाहजमाल कर्बला में एक अनोखी पहल की गई, जहाँ पहली बार रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 200 लोगों ने रक्तदान किया।1
- अलीगढ़ के जमालपुर में हजरत मोहम्मद के नवासे की याद में मोहर्रम का जुलूस निकाला गया। इस जुलूस के माध्यम से लोगों ने हजरत मोहम्मद के नवासे को याद किया।1
- एक बहन और बेटी अपने ससुराल कुछ मसाले लेने गई थीं, जहाँ ससुराल पक्ष ने उन्हें बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की।1
- मथुरा डिपो की एक रोडवेज बस सोमवार सुबह अलीगढ़ के बेसवां क्षेत्र में एक बड़े हादसे का शिकार होने से बाल-बाल बची। मथुरा से मुरादाबाद जा रही बस के चालक गणेश को अचानक सीने में तेज दर्द उठा, जिससे 60 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती बस अनियंत्रित हो गई। तभी आगे की सीट पर बैठे एक पूर्व सैनिक यात्री ने खतरा भांपकर तुरंत बस का स्टीयरिंग थाम लिया और उसे एक तरफ मोड़ दिया। हालांकि, बस एक गाय को चपेट में लेने के बाद सड़क किनारे एक पेड़ से टकराकर रुकी। यात्रियों ने चालक गणेश को बचाने के लिए कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन (सीपीआर) भी दिया, लेकिन उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। गोरई थाना प्रभारी जितेंद्र धामा ने पुष्टि की कि चालक की मौत हार्ट अटैक से हुई है। बस में सवार सभी 50 यात्री सुरक्षित बताए गए हैं। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम इगलास परितोष मिश्रा, एआरएम हेमचंद्र धारिवार्ल और मदनमोहन शर्मा मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बस को अपने कब्जे में ले लिया है और सभी यात्रियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य के लिए रवाना कर दिया गया। पूर्व फौजी, जिन्होंने यात्रियों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, अपना नाम बताए बिना मौके से चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, भारतीय सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद भी उनमें लोगों को सुरक्षित रखने की भावना मौजूद थी, जिसके कारण उन्होंने इस विषम परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई की।1
- जनपद हाथरस के हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र स्थित अलीगढ़ रोड मंडी समिति में मजदूरों और आढ़तियों के बीच जमकर मारपीट हुई। मारपीट के दौरान एक व्यक्ति ने बंदूक से हवा में फायरिंग भी की, जिसका हाथ में बंदूक लिए जाते हुए एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जानकारी के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक आढ़तिया ने एक मजदूर के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद गुस्साए मजदूरों ने आढ़त पर पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इसी हंगामे के बीच, एक व्यक्ति ने बंदूक से दो राउंड हवाई फायरिंग की। मौके पर मौजूद सैकड़ों मजदूरों ने हंगामा करते हुए आढ़तिया को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस घटना के बाद, मंडी समिति के मजदूरों ने हड़ताल कर दी है।1
- अलीगढ़ के शाहजमाल कर्बला में पहली बार 'या हुसैनी' के नाम पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। जन कल्याण समिति और या हुसैनी रक्तदान ने मिलकर इस ब्लड डोनेशन कैंप को सफल बनाया।1