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एक बहन और बेटी अपने ससुराल कुछ मसाले लेने गई थीं, जहाँ ससुराल पक्ष ने उन्हें बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की।
Faheem Khan
एक बहन और बेटी अपने ससुराल कुछ मसाले लेने गई थीं, जहाँ ससुराल पक्ष ने उन्हें बंधक बना लिया और उनके साथ मारपीट की।
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- Post by Yusufbaiga1
- जनपद अलीगढ़ की तहसील इगलास के कस्बा बेसवा में इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम का त्यौहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान ताजिए निकाले गए, जिसमें अलग-अलग अखाड़े वालों ने अपने-अपने करतब दिखाए। शरी P बाबा ने इस अवसर पर इमाम हुसैन के बलिदान का महत्व बताते हुए कहा कि यह हक और बाज़िव की लड़ाई थी, जो सच और बेईमानी के बीच का संघर्ष था। उन्होंने बताया कि इमाम हुसैन के पूरे घर का खाना-पीना सब बंद कर दिया गया था और वे चांद की 9 तारीख को कर्बला में शहीद हो गए थे। यह त्यौहार बेसवा में बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया।3
- अलीगढ़ शहर में शनिवार को मुहर्रम के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के विभिन्न निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से निकले कई अन्य ताजिया जुलूस भी शामिल हुए। सभी जुलूस अपने तय मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचे, जहाँ धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मुहर्रम के इस आयोजन के लिए शहर में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस के मार्गों पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष डायवर्जन योजना लागू की, जिससे आमजन को कम से कम असुविधा हुई। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने जंजीरी मातम किया। विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा शरबत और पानी की सबीलें लगाई गईं, जबकि कई राजनीतिक दलों ने भी सेवा शिविर लगाकर जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की कड़ी निगरानी में यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।1
- सासनी में मोहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर शुक्रवार को ताजिया जुलूस पूरे भक्तिभाव और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। नगला भूरा से शुरू हुआ मुख्य जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ बस स्टैंड पहुंचा, जिसके बाद इसे कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसके अतिरिक्त, कस्बे के कस्सावान मोहल्ले से भी एक अन्य ताजिया जुलूस बस स्टैंड तक निकाला गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने नम आँखों से मातम मनाया और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए अपनी श्रद्धा अर्पित की। स्थानीय प्रशासन ने मोहर्रम के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्कता बरती। कस्बे के महत्वपूर्ण तिराहों और चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, वहीं अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा की कड़ी निगरानी के लिए ड्यूटी पर लगाया गया था। प्रशासन ने अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की थी कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुलूस के दौरान तलवार प्रदर्शन और तेज आवाज में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी रहा। इस शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसमें रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी शामिल थी। एसडीएम नीरज शर्मा और प्रभारी निरीक्षक विपिन चौधरी ने सुबह से ही स्वयं क्षेत्र का लगातार भ्रमण किया और चप्पे-चप्पे पर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों की इस मुस्तैदी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण ताजिया जुलूस बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।3
- हाथरस के अलीगढ़ रोड स्थित मंडी समिति में मजदूरों और आढ़तियों के बीच का विवाद हिंसक हो उठा है। बताया जा रहा है कि एक मजदूर के साथ मारपीट की घटना के बाद यह तनाव बढ़ा, जिसने बाद में उग्र रूप ले लिया। घटनास्थल पर पहुंचे गुस्साए मजदूरों ने आढ़त पर जमकर हंगामा किया, जिसके बाद एक व्यक्ति ने बंदूक से हवा में दो राउंड फायरिंग कर दी। फायरिंग करते और हाथ में बंदूक लेकर जाते इस व्यक्ति का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसके उपरांत, मौके पर मौजूद सैकड़ों मजदूरों ने कथित तौर पर एक आढ़तिया को पकड़कर बुरी तरह पीटा। इस हिंसक झड़प के बाद मंडी समिति में तनावपूर्ण माहौल बना हुआ है, और मजदूरों ने अपनी मांगों को लेकर हड़ताल का ऐलान कर दिया है। सूचना मिलने पर पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू कर दी है।3