सासनी में मोहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर शुक्रवार को ताजिया जुलूस पूरे भक्तिभाव और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। नगला भूरा से शुरू हुआ मुख्य जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ बस स्टैंड पहुंचा, जिसके बाद इसे कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसके अतिरिक्त, कस्बे के कस्सावान मोहल्ले से भी एक अन्य ताजिया जुलूस बस स्टैंड तक निकाला गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने नम आँखों से मातम मनाया और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए अपनी श्रद्धा अर्पित की। स्थानीय प्रशासन ने मोहर्रम के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्कता बरती। कस्बे के महत्वपूर्ण तिराहों और चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, वहीं अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा की कड़ी निगरानी के लिए ड्यूटी पर लगाया गया था। प्रशासन ने अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की थी कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुलूस के दौरान तलवार प्रदर्शन और तेज आवाज में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी रहा। इस शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसमें रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी शामिल थी। एसडीएम नीरज शर्मा और प्रभारी निरीक्षक विपिन चौधरी ने सुबह से ही स्वयं क्षेत्र का लगातार भ्रमण किया और चप्पे-चप्पे पर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों की इस मुस्तैदी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण ताजिया जुलूस बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
सासनी में मोहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर शुक्रवार को ताजिया जुलूस पूरे भक्तिभाव और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। नगला भूरा से शुरू हुआ मुख्य जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ बस स्टैंड पहुंचा, जिसके बाद इसे कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसके अतिरिक्त, कस्बे के कस्सावान मोहल्ले से भी एक अन्य ताजिया जुलूस बस स्टैंड तक निकाला गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने नम आँखों से मातम मनाया और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए
अपनी श्रद्धा अर्पित की। स्थानीय प्रशासन ने मोहर्रम के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्कता बरती। कस्बे के महत्वपूर्ण तिराहों और चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, वहीं अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा की कड़ी निगरानी के लिए ड्यूटी पर लगाया गया था। प्रशासन ने अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की थी कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुलूस के दौरान तलवार प्रदर्शन और
तेज आवाज में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी रहा। इस शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसमें रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी शामिल थी। एसडीएम नीरज शर्मा और प्रभारी निरीक्षक विपिन चौधरी ने सुबह से ही स्वयं क्षेत्र का लगातार भ्रमण किया और चप्पे-चप्पे पर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों की इस मुस्तैदी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण ताजिया जुलूस बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।
- जनपद हाथरस के हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र के सराय अमर सिंह गांव में एक महिला ने पांच वर्षीय मासूम बच्ची दुर्गेश, जो महेश की पुत्री है, के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस मारपीट के दौरान बच्ची के सिर में गंभीर चोट लगी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। पीड़ित बच्ची के परिजनों ने तुरंत कोतवाली पहुंचकर पुलिस से इस मामले की शिकायत की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मासूम बच्ची का जिला अस्पताल में डॉक्टरी परीक्षण कराया है और मामले में आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है।1
- जनपद अलीगढ़ की तहसील इगलास के कस्बा बेसवा में इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम का त्यौहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान ताजिए निकाले गए, जिसमें अलग-अलग अखाड़े वालों ने अपने-अपने करतब दिखाए। शरी P बाबा ने इस अवसर पर इमाम हुसैन के बलिदान का महत्व बताते हुए कहा कि यह हक और बाज़िव की लड़ाई थी, जो सच और बेईमानी के बीच का संघर्ष था। उन्होंने बताया कि इमाम हुसैन के पूरे घर का खाना-पीना सब बंद कर दिया गया था और वे चांद की 9 तारीख को कर्बला में शहीद हो गए थे। यह त्यौहार बेसवा में बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया।3
- अलीगढ़ शहर में शनिवार को मुहर्रम के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के विभिन्न निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से निकले कई अन्य ताजिया जुलूस भी शामिल हुए। सभी जुलूस अपने तय मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचे, जहाँ धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मुहर्रम के इस आयोजन के लिए शहर में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस के मार्गों पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष डायवर्जन योजना लागू की, जिससे आमजन को कम से कम असुविधा हुई। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने जंजीरी मातम किया। विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा शरबत और पानी की सबीलें लगाई गईं, जबकि कई राजनीतिक दलों ने भी सेवा शिविर लगाकर जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की कड़ी निगरानी में यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।1
- हाथरस जिले के सासनी नगर में मोहर्रम के अवसर पर पारंपरिक रूप से ताज़ियों का जुलूस बड़ी अकीदत और श्रद्धा के साथ निकाला गया। इस जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने 'या हुसैन (अ.स.)' के नारे लगाते हुए इमाम हुसैन (अ.स.) की शहादत को याद किया और मातम किया। नगर के अलग-अलग मार्गों से निकले इन ताज़ियों को देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। जुलूस के दौरान पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी मुस्तैदी दिखाई और जगह-जगह व्यवस्था संभाली, जिसके परिणामस्वरूप पूरा कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। यह मोहर्रम जुलूस सिर्फ़ धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं रहा, बल्कि इसने गंगा-जमुनी तहज़ीब, आपसी सौहार्द, भाईचारे और इंसानियत का भी संदेश दिया। इस अवसर पर विभिन्न समुदायों के लोगों ने एक-दूसरे का सहयोग कर सामाजिक एकता की मिसाल पेश की।2
- दिल्ली में पिछले चुनाव के दौरान, भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने यह नारा दिया था कि 'जो राम को लाए हैं, उन्हें सत्ता में लाइए'।1
- सासनी में मोहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर शुक्रवार को ताजिया जुलूस पूरे भक्तिभाव और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। नगला भूरा से शुरू हुआ मुख्य जुलूस विभिन्न मार्गों से होता हुआ बस स्टैंड पहुंचा, जिसके बाद इसे कर्बला ले जाकर सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इसके अतिरिक्त, कस्बे के कस्सावान मोहल्ले से भी एक अन्य ताजिया जुलूस बस स्टैंड तक निकाला गया। इस दौरान अकीदतमंदों ने नम आँखों से मातम मनाया और धार्मिक परंपराओं का पालन करते हुए अपनी श्रद्धा अर्पित की। स्थानीय प्रशासन ने मोहर्रम के मद्देनजर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह सतर्कता बरती। कस्बे के महत्वपूर्ण तिराहों और चौराहों पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया, वहीं अतिरिक्त पुलिसकर्मियों को भी सुरक्षा की कड़ी निगरानी के लिए ड्यूटी पर लगाया गया था। प्रशासन ने अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखते हुए स्पष्ट चेतावनी जारी की थी कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जुलूस के दौरान तलवार प्रदर्शन और तेज आवाज में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध प्रभावी रहा। इस शांतिपूर्ण आयोजन के लिए प्रशासनिक स्तर पर व्यापक तैयारियां की गई थीं, जिसमें रूट डायवर्जन की व्यवस्था भी शामिल थी। एसडीएम नीरज शर्मा और प्रभारी निरीक्षक विपिन चौधरी ने सुबह से ही स्वयं क्षेत्र का लगातार भ्रमण किया और चप्पे-चप्पे पर कानून-व्यवस्था का जायजा लिया। प्रशासनिक अधिकारियों की इस मुस्तैदी और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के कारण ताजिया जुलूस बिना किसी बाधा के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका।3
- जनपद हाथरस के हाथरस गेट कोतवाली क्षेत्र स्थित अलीगढ़ रोड मंडी समिति में मजदूरों और आढ़तियों के बीच जमकर मारपीट हुई। मारपीट के दौरान एक व्यक्ति ने बंदूक से हवा में फायरिंग भी की, जिसका हाथ में बंदूक लिए जाते हुए एक व्यक्ति का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। जानकारी के अनुसार, यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक आढ़तिया ने एक मजदूर के साथ मारपीट की थी, जिसके बाद गुस्साए मजदूरों ने आढ़त पर पहुंचकर हंगामा करना शुरू कर दिया। इसी हंगामे के बीच, एक व्यक्ति ने बंदूक से दो राउंड हवाई फायरिंग की। मौके पर मौजूद सैकड़ों मजदूरों ने हंगामा करते हुए आढ़तिया को पकड़ लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इस घटना के बाद, मंडी समिति के मजदूरों ने हड़ताल कर दी है।1
- अलीगढ़ में मोहर्रम के अवसर पर शाहजमाल कर्बला में एक अनोखी पहल की गई, जहाँ पहली बार रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 200 लोगों ने रक्तदान किया।1
- हाथरस के अलीगढ़ रोड स्थित मंडी समिति के बाहर एक ढाबे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वायरल वीडियो में इंडस्ट्रियल एरिया चौकी पर तैनात बताए जा रहे सिपाही पारस ढाबे पर खाना खाते दिखाई दे रहे हैं, जबकि उनके सामने एक युवक खुलेआम शराब पीता हुआ नजर आ रहा है। वायरल वीडियो को लेकर सोशल मीडिया पर यह दावा किया जा रहा है कि सिपाही की मौजूदगी के बावजूद युवक को खुले में शराब पीने से नहीं रोका गया। इस घटना को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं और तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि यह वीडियो कब का है और इसमें दर्शाई गई परिस्थितियां क्या थीं। यह मामला थाना हाथरस गेट क्षेत्र का बताया जा रहा है, लेकिन फिलहाल इस संबंध में पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।1