अलीगढ़ शहर में शनिवार को मुहर्रम के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के विभिन्न निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से निकले कई अन्य ताजिया जुलूस भी शामिल हुए। सभी जुलूस अपने तय मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचे, जहाँ धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मुहर्रम के इस आयोजन के लिए शहर में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस के मार्गों पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष डायवर्जन योजना लागू की, जिससे आमजन को कम से कम असुविधा हुई। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने जंजीरी मातम किया। विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा शरबत और पानी की सबीलें लगाई गईं, जबकि कई राजनीतिक दलों ने भी सेवा शिविर लगाकर जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की कड़ी निगरानी में यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
अलीगढ़ शहर में शनिवार को मुहर्रम के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के विभिन्न निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से निकले कई अन्य ताजिया जुलूस भी शामिल हुए। सभी जुलूस अपने तय मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचे, जहाँ धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मुहर्रम के इस आयोजन के लिए शहर में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस के मार्गों पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष डायवर्जन योजना लागू की, जिससे आमजन को कम से कम असुविधा हुई। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने जंजीरी मातम किया। विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा शरबत और पानी की सबीलें लगाई गईं, जबकि कई राजनीतिक दलों ने भी सेवा शिविर लगाकर जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की कड़ी निगरानी में यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।
- जनपद अलीगढ़ की तहसील इगलास के कस्बा बेसवा में इमाम हुसैन की याद में मोहर्रम का त्यौहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान ताजिए निकाले गए, जिसमें अलग-अलग अखाड़े वालों ने अपने-अपने करतब दिखाए। शरी P बाबा ने इस अवसर पर इमाम हुसैन के बलिदान का महत्व बताते हुए कहा कि यह हक और बाज़िव की लड़ाई थी, जो सच और बेईमानी के बीच का संघर्ष था। उन्होंने बताया कि इमाम हुसैन के पूरे घर का खाना-पीना सब बंद कर दिया गया था और वे चांद की 9 तारीख को कर्बला में शहीद हो गए थे। यह त्यौहार बेसवा में बड़े ही हर्षोल्लास और उत्साह के साथ मनाया गया।3
- अलीगढ़ शहर में शनिवार को मुहर्रम के अवसर पर अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) परिसर से भव्य ताजिया जुलूस निकाला गया। यह जुलूस शहर के विभिन्न निर्धारित मार्गों से होकर गुजरा, जिसमें अलग-अलग क्षेत्रों से निकले कई अन्य ताजिया जुलूस भी शामिल हुए। सभी जुलूस अपने तय मार्गों से होते हुए कर्बला पहुँचे, जहाँ धार्मिक परंपराओं के अनुसार ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मुहर्रम के इस आयोजन के लिए शहर में सुरक्षा व्यवस्था के व्यापक इंतजाम किए गए थे। जुलूस के मार्गों पर भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहे। यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए ट्रैफिक पुलिस ने एक विशेष डायवर्जन योजना लागू की, जिससे आमजन को कम से कम असुविधा हुई। जुलूस के दौरान अकीदतमंदों ने जंजीरी मातम किया। विभिन्न स्थानों पर सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों द्वारा शरबत और पानी की सबीलें लगाई गईं, जबकि कई राजनीतिक दलों ने भी सेवा शिविर लगाकर जुलूस में शामिल लोगों का स्वागत किया। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासन की कड़ी निगरानी में यह कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।1
- डबल इंजन सरकार ने पारदर्शी, उत्तरदायी और संवेदनशील शासन के माध्यम से जन-आकांक्षाओं की पूर्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने आज @GorakhnathMndr परिसर में आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं के शीघ्र निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।1
- थाना हाथरस गेट क्षेत्र की मंडी समिति में पल्लेदार और आढ़तियों के बीच अनाज के एक रिक्शा के अंतर को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर और क्षेत्राधिकारी नगर मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की, उन्हें समझाया और उनके कार्य पर वापस लौटाया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा एक बाइट भी जारी की गई है।1
- शुक्रवार को हाथरस जनपद में कर्बला के शहीदों और इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का जुलूस एक गमगीन माहौल में निकाला गया। नगर और देहात क्षेत्रों के विभिन्न इमामबाड़ों से ताजिए उठाए गए, जो निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे और वहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जुलूस के दौरान, अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' के नारे लगाए और मातम किया। इसके साथ ही, कई स्थानों पर लोगों ने सबील लगाकर शरबत और पानी का वितरण भी किया। शहर के प्रमुख मार्गों, जिनमें मुरसान गेट, आगरा रोड, सासनी गेट और मेंडू रोड शामिल थे, से ताजिए गुजरे। मोहर्रम के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशों पर, संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल, पीएसी और क्यूआरटी को तैनात किया गया था। ड्रोन कैमरों की मदद से जुलूस की लगातार निगरानी की गई, जिससे यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। मजिस्ट्रेट और सीओ स्तर के अधिकारी भी पूरे समय भ्रमण पर रहकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में रूट डायवर्जन भी किया गया था। नगर पालिका ने जुलूस के मार्गों पर विशेष रूप से साफ-सफाई और प्रकाश की व्यवस्था की थी।4
- अलीगढ़ के थाना गोरई क्षेत्र में मथुरा डिपो की एक चलती बस के चालक, गणेश (45 वर्ष), की हार्ट अटैक से मौत हो गई। चालक के अचेत होते ही बस अनियंत्रित हो गई और बिजली के एक पोल तथा एक गाय से टकरा गई। बस में सवार करीब 50 यात्रियों की सूझबूझ के कारण इस घटना में एक बड़ा हादसा टल गया।1