Shuru
Apke Nagar Ki App…
थाना हाथरस गेट क्षेत्र की मंडी समिति में पल्लेदार और आढ़तियों के बीच अनाज के एक रिक्शा के अंतर को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर और क्षेत्राधिकारी नगर मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की, उन्हें समझाया और उनके कार्य पर वापस लौटाया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा एक बाइट भी जारी की गई है।
Journalists Sasni
थाना हाथरस गेट क्षेत्र की मंडी समिति में पल्लेदार और आढ़तियों के बीच अनाज के एक रिक्शा के अंतर को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर और क्षेत्राधिकारी नगर मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की, उन्हें समझाया और उनके कार्य पर वापस लौटाया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा एक बाइट भी जारी की गई है।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- थाना हाथरस गेट क्षेत्र की मंडी समिति में पल्लेदार और आढ़तियों के बीच अनाज के एक रिक्शा के अंतर को लेकर विवाद हो गया था। इस मामले की जानकारी मिलते ही उपजिलाधिकारी सदर और क्षेत्राधिकारी नगर मौके पर पहुँचे। अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की, उन्हें समझाया और उनके कार्य पर वापस लौटाया। इस संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर द्वारा एक बाइट भी जारी की गई है।1
- डबल इंजन सरकार ने पारदर्शी, उत्तरदायी और संवेदनशील शासन के माध्यम से जन-आकांक्षाओं की पूर्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। इसी क्रम में, मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज ने आज @GorakhnathMndr परिसर में आयोजित 'जनता दर्शन' कार्यक्रम में विभिन्न जनपदों से आए लोगों की समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने इन समस्याओं के शीघ्र निवारण हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।1
- शुक्रवार को हाथरस जनपद में कर्बला के शहीदों और इमाम हुसैन की शहादत की याद में मोहर्रम का जुलूस एक गमगीन माहौल में निकाला गया। नगर और देहात क्षेत्रों के विभिन्न इमामबाड़ों से ताजिए उठाए गए, जो निर्धारित मार्गों से होते हुए कर्बला पहुंचे और वहां उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जुलूस के दौरान, अकीदतमंदों ने 'या हुसैन' के नारे लगाए और मातम किया। इसके साथ ही, कई स्थानों पर लोगों ने सबील लगाकर शरबत और पानी का वितरण भी किया। शहर के प्रमुख मार्गों, जिनमें मुरसान गेट, आगरा रोड, सासनी गेट और मेंडू रोड शामिल थे, से ताजिए गुजरे। मोहर्रम के मद्देनजर जिला प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट रहा। जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के निर्देशों पर, संवेदनशील स्थानों पर भारी पुलिस बल, पीएसी और क्यूआरटी को तैनात किया गया था। ड्रोन कैमरों की मदद से जुलूस की लगातार निगरानी की गई, जिससे यह पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सका। मजिस्ट्रेट और सीओ स्तर के अधिकारी भी पूरे समय भ्रमण पर रहकर व्यवस्था का जायजा लेते रहे। यातायात व्यवस्था सुचारु बनाए रखने के लिए शहर में रूट डायवर्जन भी किया गया था। नगर पालिका ने जुलूस के मार्गों पर विशेष रूप से साफ-सफाई और प्रकाश की व्यवस्था की थी।4
- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के जनपद हाथरस में प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर, जिलाधिकारी अतुल वत्स और पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा ने संयुक्त रूप से औद्योगिक क्षेत्र सलेमपुर स्थित कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। आगामी 28 जून, 2026 को प्रस्तावित इस कार्यक्रम की तैयारियों और व्यवस्थाओं का जायजा लेने के उपरांत, अधिकारियों ने संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।1
- यौम-ए-आशूरा, यानी मुहर्रम की दसवीं तारीख के अवसर पर, सासनी कस्बा में हजरत इमाम हुसैन और कर्बला के 72 शहीदों की याद में मुख्य मातमी जुलूस अकीदत, एहतराम और बेहद गमगीन माहौल के बीच निकाला गया। इस दौरान पूरा सासनी कस्बा इमाम हुसैन की शहादत के गम में डूबा हुआ नजर आया और चारों तरफ ‘या हुसैन, या हुसैन’ की गूंज सुनाई देती रही। अकीदतमंदों ने नम आँखों से कर्बला के शहीदों को अपना पुरसा पेश किया। जुमे के दिन मुहल्ला कस्साबान के नूरी मस्जिद के पास स्थित इमाम चौक पर ताजिये रखे गए, जहाँ पूरी रात मर्सिए पढ़े गए। मुहर्रम की दसवीं तारीख को शहर और अलग-अलग स्थानों से ताजिया जुलूस करीब चार बजे निकला। यह परंपरागत जुलूस मोहल्ला कस्साबान से शुरू होकर मोहल्ला विष्णुपंुरी, आगरा अलीगढ़ राजमार्ग, प्रकाश एकाडमी, जामा मस्जिद, बच्चा पार्क, सेंट्रल बैंक, शहीद पार्क और बस स्टैंड होते हुए कर्बला पहुँचा, जहाँ ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। बस स्टैंड पर नगला भूरा के लोगों ने मातम मनाते हुए लाठी-डंडे और तलवारबाजी का हैरतअंगेज प्रदर्शन किया। जगह-जगह युवाओं की टोलियों ने मातमी धुनों पर सीना पीटकर और नौहाख्वानी पढ़कर कर्बला के दर्दनाक मंजर को याद किया। अजादार अपने हाथों में विशेष अलम थामे हुए थे, जिन्हें कर्बला में हक की लड़ाई का प्रतीक माना जाता है। गांव भूरा नगला, बिजलीघर और अन्य कई गाँवों से उठे ताजिये भी बस स्टैंड पहुँचे और वहाँ से कस्बा के ताजियों में शामिल होकर कर्बला पहुँचे। कस्बा के निकट बिजहारी में स्थित हजरत अलाउद्दीन हसन बिलाली के सज्जादा गद्दीनशीन डॉ. इरशाद हसन शाह बिलाली ने बताया कि मुहर्रम इस्लामी कैलेंडर का पहला महीना है। यूँ तो मुहर्रम के महीने को पैगम्बर मुहम्मद के नवासे हजरत इमाम हुसैन की शहादत की वजह से याद किया जाता है, लेकिन इस महीने की इमाम हुसैन की शहादत से पहले से भी इस्लाम धर्म में खास अहमियत है। उन्होंने यह भी बताया कि मुहर्रम उन चार महीनों में से एक है, जिन्हें अल्लाह तबारक व-तआला ने हुरमत यानी इज्जत वाला महीना बताया है। कर्बला पहुँचकर गमगीन माहौल और नम आँखों के बीच सभी ताजियों को सुपुर्द-ए-खाक किया गया। इस दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए एसडीएम नीरज शर्मा, प्रशासनिक अफसरों के साथ सासनी कोतवाली प्रभारी निरीक्षक श्रीमती विपिन चौधरी के नेतृत्व में भारी पुलिस बल और पीएसी के जवान जुलूस के निर्धारित रूट पर तैनात रहे।4