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ग्राम पंचायत दमाडिया जनपद पंचायत सिवनी मालवा मै नल जल योजना के मोटर पंप में गन्दा पानी आ रहा है इसमें PHE विभाग एवं ठेकेदार से बार बार कहने पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई इनके ही द्वारा हेण्यओवर के लिए भी बहुत जल्दबाजी की गई परन्तु पाईप में भी तीन जगह से लीकेज था ! PHE विभाग एवं ठेकेदार द्वारा किसी प्रकार का कोई भी आश्वासन नहीं दिया गया और न कोई कार्यवाही की गई दमाडिया की नागरिकों को गन्दा पानी मिल रहा है !
राजेन्द्र धुर्वे
ग्राम पंचायत दमाडिया जनपद पंचायत सिवनी मालवा मै नल जल योजना के मोटर पंप में गन्दा पानी आ रहा है इसमें PHE विभाग एवं ठेकेदार से बार बार कहने पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई इनके ही द्वारा हेण्यओवर के लिए भी बहुत जल्दबाजी की गई परन्तु पाईप में भी तीन जगह से लीकेज था ! PHE विभाग एवं ठेकेदार द्वारा किसी प्रकार का कोई भी आश्वासन नहीं दिया गया और न कोई कार्यवाही की गई दमाडिया की नागरिकों को गन्दा पानी मिल रहा है !
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- ग्राम पंचायत दमाडिया जनपद पंचायत सिवनी मालवा मै नल जल योजना के मोटर पंप में गन्दा पानी आ रहा है इसमें PHE विभाग एवं ठेकेदार से बार बार कहने पर किसी प्रकार की कार्यवाही नहीं की गई इनके ही द्वारा हेण्यओवर के लिए भी बहुत जल्दबाजी की गई परन्तु पाईप में भी तीन जगह से लीकेज था ! PHE विभाग एवं ठेकेदार द्वारा किसी प्रकार का कोई भी आश्वासन नहीं दिया गया और न कोई कार्यवाही की गई दमाडिया की नागरिकों को गन्दा पानी मिल रहा है !1
- डिंडोरी माता के दरबार में आस्था की पुकार, नर्मदा परिक्रमा कर श्रद्धालुओं ने मांगा जीवन की समस्याओं से मुक्ति का आशीर्वाद डिंडोरी (मध्यप्रदेश)। मां नर्मदा स्वर्ण मंदिर, डेम घाट स्थित डिंडोरी माता मंदिर आस्था, विश्वास और मनोकामना पूर्ति के लिए दूर-दूर तक प्रसिद्ध है। मान्यता है कि सच्चे मन से मां डिंडोरी माता के दरबार में की गई पूजा कभी निष्फल नहीं जाती। इसी गहरी आस्था के साथ नर्मदा परिक्रमा कर रहे श्रद्धालु श्री पी.डी. पंवार (चाचा जी) एवं चाची जी ने डिंडोरी माता के पावन स्थान पर विधिवत पूजन-अर्चन किया। इस दौरान उन्होंने अपने भतीजे के जीवन में आ रही लगातार समस्याओं, बाधाओं और कष्टों से मुक्ति के लिए मां नर्मदा एवं डिंडोरी माता से विशेष प्रार्थना की। पूजन के समय दीप प्रज्वलन, आरती एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां के चरणों में मनोकामना अर्पित की गई। श्रद्धालुओं का कहना है कि मां डिंडोरी माता का यह स्थान केवल मंदिर नहीं बल्कि संकटमोचक शक्ति का केंद्र है, जहाँ आने वाला हर भक्त मानसिक शांति और सकारात्मक ऊर्जा अनुभव करता है। डिंडोरी माता मंदिर का धार्मिक महत्व डिंडोरी माता मंदिर मां नर्मदा के तट पर स्थित एक प्राचीन और सिद्ध पीठ माना जाता है। कहा जाता है कि यहाँ की गई पूजा से— जीवन की समस्याओं से मुक्ति रोग, शोक और मानसिक तनाव का निवारण परिवार में सुख-शांति कार्यों में सफलता जैसी मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं। नर्मदा परिक्रमा के दौरान यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए विशेष आस्था का केंद्र है। स्थानीय पुजारियों और श्रद्धालुओं के अनुसार, मां नर्मदा और डिंडोरी माता की संयुक्त कृपा से भक्तों के जीवन में नई दिशा और ऊर्जा का संचार होता है। आस्था का संदेश आज के भागदौड़ भरे जीवन में जब व्यक्ति चारों ओर से समस्याओं से घिरा होता है, तब ऐसे पवित्र स्थल श्रद्धा, विश्वास और धैर्य का मार्ग दिखाते हैं। डिंडोरी माता का दरबार इसी विश्वास का जीवंत उदाहरण है। जय मां नर्मदा। जय डिंडोरी माता।4
- मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड द्वारा पचमढ़ी को एक प्रमुख रॉक क्लाइम्बिंग एडवेंचर डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से पचमढ़ी जटाशंकर रॉक क्लाइम्बिंग चैलेंज 2.0 का शुभारंभ दिनांक 9 जनवरी 2026 को किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में श्री राहुल गगजबिये, सीईओ, पचमढ़ी कैंटोनमेंट बोर्ड आज शनिवार को 3:00 बजे उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथियों के रूप में डॉ. संतोष कुमार श्रीवास्तव, संयुक्त संचालक, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड, श्री प्रकाश केलेस्कर, इंडियन माउंटेनियरिंग फाउंडेशन, श्री अवनीश यादव, परियोजना सहायक, मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड, श्री आदित्य धूत, फाउंडर – द जिप्सी एडवेंचर, श्री मुकेश शर्मा, एमपी क्लाइम्बिंग एसोसिएशन तथा श्री सहज भाटिया, मस्टैच एस्केप्स उपस्थित रहे। यह आयोजन अपने दूसरे संस्करण में आयोजित किया जा रहा है, जिसे मध्य प्रदेश पर्यटन बोर्ड की सूचीबद्ध संस्थाएँ द जिप्सी एडवेंचर्स और मस्टैच एस्केप्स द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता भारतीय पर्वतारोहण महासंघ (IMF) तथा मध्य प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग के मार्गदर्शन में, स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग एसोसिएशन के सहयोग से संपन्न की जा रही है। पचमढ़ी जटाशंकर रॉक क्लाइम्बिंग चैलेंज 2.0 सेंट्रल इंडिया का अपनी तरह का पहला नेचुरल रॉक क्लाइम्बिंग इवेंट है, जिसमें प्राकृतिक चट्टानों पर प्रोफेशनल स्पोर्ट्स क्लाइम्बिंग प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। इस इवेंट में देशभर से 45 से अधिक प्रतिभागी भाग ले रहे हैं, जिनमें पुणे, बेंगलुरु, हैदराबाद, मुंबई सहित मध्य प्रदेश के रायसेन, भोपाल और पचमढ़ी के क्लाइम्बर्स शामिल हैं। साथ ही, यह आयोजन अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी आकर्षण का केंद्र बना है, जहाँ रूस से आए अंतरराष्ट्रीय प्रतिभागी भी प्रतियोगिता में हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता के विजेताओं के लिए कुल ₹1,00,000 की कैश प्राइज़ मनी के साथ-साथ आकर्षक उपहार भी रखे गए हैं। इस आयोजन को सफल बनाने में रेड बुल, डेकाथलॉन, ASC360, बाज़ारविला, डेला एडवेंचर्स और कामधज जंगल कैंप जैसे प्रतिष्ठित ब्रांड्स स्पॉन्सर एवं पार्टनर के रूप में द जिप्सी एडवेंचर्स के साथ सहयोग कर रहे हैं। इस अवसर पर अपर प्रमुख सचिव, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, श्री शिव शेखर शुक्ला ने कहा कि “पचमढ़ी क्लाइम्बिंग चैलेंज 2.0 न केवल मध्य प्रदेश में एडवेंचर स्पोर्ट्स को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि पचमढ़ी और प्रदेश को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एडवेंचर टूरिज़्म मैप पर एक सशक्त पहचान भी दिला रहा है। मैं सभी प्रतिभागियों एवं सहयोगी संस्थाओं को शुभकामनाएँ देता हूँ।”1
- Post by Pankaj sahu1
- मुफ्त योजनाएं, बढ़ता कर्ज और थमता विकास। मध्यप्रदेश के बजट का 70% से ज्यादा हिस्सा सब्सिडी, वेतन-पेंशन और कर्ज अदायगी में खर्च हो रहा है। हर माह 1890 करोड़ लाड़ली बहना पर, 2800 करोड़ मुफ्त राशन पर, 95 हजार करोड़ सालाना वेतन-पेंशन में। साल 2025 खत्म होने से पहले ही सरकार ने 3500 करोड़ का नया कर्ज लिया, और चालू वित्त वर्ष में कुल कर्ज पहुंचा 53,100 करोड़। सवाल साफ है, क्या राहत के नाम पर कर्ज बढ़ेगा या विकास और रोजगार को मिलेगी प्राथमिकता?1
- शासकीय महाविद्यालय बनखेड़ी में लगा स्वास्थ्य शिविर, विद्यार्थियों ने कराया स्वास्थ्य एवं नेत्र परीक्षण शासकीय महाविद्यालय बनखेड़ी में स्वामी विवेकानंद युवा सप्ताह एवं मानसिक स्वास्थ्य प्रकोष्ठ के तहत शनिवार दोपहर 2 बजे स्वास्थ्य एवं नेत्र परिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनखेड़ी के नेत्र विशेषज्ञ सहित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने विद्यार्थियों का स्वास्थ्य परीक्षण कर शारीरिक एवं मानसिक रूप से स्वस्थ्य रहने के कई राज बताए। इस दौरान स्वास्थ्य विभिग टीम ने विद्यार्थियों को अपनी ओर से दवाएं भी बांटी। कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कार्यक्रम प्रभारी कार्यक्रम डॉ. आशीष बिल्लौरे, डा. नंदलाल ने बताया कि महाविद्यालय प्राचार्य डॉ. राकेश कुमार दिलावरे की अध्यक्षता में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इसमें स्वास्थ विभाग से सीएचओ डॉ. प्रकाश शुक्ला, डॅ. ज्योति साहू, डा. सुधा सोनी एवं लैब से प्रमोद गढ़वाल ने विद्यार्थियों के स्वस्थ्य परीक्षण किया।1
- आमला -नगर में यातायात नियमों के प्रति लोगों को जागरूक करने के उद्देश्य से बैतूल यातायात पुलिस एवं नगर चौक चौराहे पर नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने नागरिकों को सरल एवं सुलभ भाषा में यातायात नियमों की जानकारी दी।और दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने तथा नशे की हालत में वाहन न चलाने के महत्व को समझाया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यातायात नियमों का पालन करने से सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और स्वयं के साथ-साथ दूसरों की जान भी सुरक्षित रहती है। इस दौरान लोगों से अपील की गई कि वे नियमों का पालन करें और अपने परिवार व आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें। यातायात नियमों का पालन करने का पालन करने के उद्देश्य से आम नागरिकों कों शपथ देकर संकल्प दिलाया।2
- 🔴 नर्मदा परिक्रमा मार्ग बदला, श्रद्धालु परेशान विधायक आशीष शर्मा की चुप्पी पर सवाल, प्रशासन पूरी तरह फेल नेमावर / खातेगांव। नर्मदा परिक्रमा और पंचकोशी यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के साथ बड़ा अन्याय सामने आया है। नेमावर से कुडगांव, तुर्नाल, दैत, चीचली, करोंद होते हुए जाने वाला परंपरागत नर्मदा परिक्रमा मार्ग अचानक बदल दिया गया, जिससे यात्रियों को अब नेमावर से दुलवाफाटा होकर करीब 10 किलोमीटर अतिरिक्त चक्कर लगाना पड़ रहा है। इस मनमाने रूट परिवर्तन से क्षेत्र के नर्मदा सेवक और ग्रामवासी भारी नाराज़गी जता रहे हैं। वर्षों से सेवा में लगे ग्रामीण अब परिक्रमा यात्रियों को जल, भोजन और विश्राम जैसी सेवाएं नहीं दे पा रहे हैं, जिससे धार्मिक परंपराएं भी प्रभावित हो रही हैं। ❗ प्रशासन पूरी तरह फेल ग्रामीणों का आरोप है कि चीचली से दैत (2.5 किमी) और चीचली से करोंद (2.5 किमी) का मार्ग बेहद जर्जर हालत में है, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन आंख मूंदे बैठे हैं। रास्ता सुधारने के बजाय यात्रियों को घुमा दिया गया, जो प्रशासन की नाकामी और संवेदनहीनता को दर्शाता है। ❓ विधायक आशीष शर्मा की चुप्पी क्यों? सबसे बड़ा सवाल यह है कि खातेगांव विधायक आशीष शर्मा जी अब तक इस गंभीर मामले पर खामोश क्यों हैं? धार्मिक आस्था से जुड़ी नर्मदा परिक्रमा में आ रही इन समस्याओं पर विधायक का हस्तक्षेप न होना क्षेत्र की जनता और नर्मदा सेवकों को खटक रहा है। 🚨 आस्था के साथ खिलवाड़ रूट बदलने से यात्रियों को 10 किलोमीटर अतिरिक्त पैदल चलना पड़ रहा है बुजुर्ग, महिलाएं और बच्चे परेशान हैं नर्मदा सेवकों को सेवा से वंचित किया जा रहा है ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ➡️ पुराना परंपरागत मार्ग बहाल नहीं किया गया ➡️ खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत नहीं हुई ➡️ यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता नहीं दी गई तो क्षेत्र में जनआंदोलन भी खड़ा हो सकता है। अब देखना यह है कि विधायक आशीष शर्मा जी और जिला प्रशासन कब जागता है, या फिर नर्मदा परिक्रमा यात्रियों की पीड़ा यूँ ही अनसुनी होती रहेगी।3