गोवंश आश्रय स्थलों में चारा-पानी से लेकर ठंड से बचाव का करें इंतजाम -डीएम गौशालाओं में सोलर लाइट और खड़ंजा लगाने के निर्देश श्रावस्ती। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निराश्रित गोवंश की समस्या के समाधान तथा गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जनपद स्तरीय गोसंरक्षण, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को गोवंश के संरक्षण, भरण-पोषण और गौशालाओं में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि गोवंश आश्रय स्थलों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-पानी और छाया की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिन गौशालाओं में बिजली की व्यवस्था नहीं है, वहां सोलर लाइट लगवाई जाए। बारिश के दौरान कीचड़ की समस्या से निपटने के लिए आवश्यकतानुसार खड़ंजा लगवाने की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री तथा संबंधित पंजिकाओं को व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों एवं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करने और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही गोवंश के भरण-पोषण की धनराशि का भुगतान समय से सुनिश्चित करने तथा सभी गौशालाओं में हरे चारे की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सहभागिता योजना के तहत जिन गोवंशों के संबंध में आख्या प्राप्त नहीं हुई है, उनकी रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा।आगामी शीत ऋतु को देखते हुए जिलाधिकारी ने गोवंश को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आश्रय स्थलों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
गोवंश आश्रय स्थलों में चारा-पानी से लेकर ठंड से बचाव का करें इंतजाम -डीएम गौशालाओं में सोलर लाइट और खड़ंजा लगाने के निर्देश श्रावस्ती। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निराश्रित गोवंश की समस्या के समाधान तथा गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जनपद स्तरीय गोसंरक्षण, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को गोवंश के संरक्षण, भरण-पोषण और गौशालाओं में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि गोवंश आश्रय स्थलों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-पानी और छाया की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिन गौशालाओं में बिजली की व्यवस्था नहीं है, वहां सोलर लाइट लगवाई जाए। बारिश के दौरान कीचड़ की समस्या से निपटने के लिए आवश्यकतानुसार खड़ंजा लगवाने की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री तथा संबंधित पंजिकाओं को व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों एवं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करने और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही गोवंश के भरण-पोषण की धनराशि का भुगतान समय से सुनिश्चित करने तथा सभी गौशालाओं में हरे चारे की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सहभागिता योजना के तहत जिन गोवंशों के संबंध में आख्या प्राप्त नहीं हुई है, उनकी रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा।आगामी शीत ऋतु को देखते हुए जिलाधिकारी ने गोवंश को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आश्रय स्थलों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
- श्रावस्ती में नहरों की होगी सिल्ट सफाई, डीएम ने दिए सत्यापन के निर्देश कार्यों की गुणवत्ता और पारदर्शिता पर रहेगा जोर श्रावस्ती। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में नहरों की सिल्ट सफाई एवं स्क्रैपिंग कार्यों को लेकर समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के अंतर्गत जनपद में नहरों की सफाई के लिए प्रस्तुत कार्ययोजनाओं पर विचार-विमर्श कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।बैठक में अधिशासी अभियंता (नोडल), सरयू नहर खंड-6 श्रावस्ती द्वारा अवगत कराया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में विभागीय मद से जनपद की कुल 280.500 किलोमीटर नहरों की सिल्ट सफाई कराने के लिए कार्ययोजना अनुमोदनार्थ प्रस्तुत की गई है। विभिन्न नहर खंडों के अधिशासी अभियंताओं द्वारा प्रस्तुत सफाई एवं स्क्रैपिंग संबंधी कार्ययोजनाएं समिति के समक्ष रखी गईं, जिन पर विस्तार से चर्चा की गई।जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि नहरों की सिल्ट सफाई एवं स्क्रैपिंग का कार्य शुरू कराने से पहले एक संयुक्त समिति गठित की जाए। इसमें संबंधित उपजिलाधिकारी, संबंधित नहर खंड के सहायक अभियंता तथा संबंधित विकासखंड के ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के अवर अभियंता को शामिल किया जाए। समिति नहरों की सफाई के प्रस्तावित कार्यों का सत्यापन कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी, ताकि कार्य नियमानुसार और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जा सके।बैठक में अधिशासी अभियंता (नोडल) सरयू नहर खंड-6 श्रावस्ती विकास शिरोमणि सिंह, अधिशासी अभियंता सरयू नहर खंड नानपारा मलखान सिंह, अधिशासी अभियंता चित्तौड़गढ़ बांध निर्माण खंड बलरामपुर अखिलेश कुमार सहित विभिन्न नहर खंडों के सहायक अभियंता, अवर अभियंता एवं अन्य संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।1
- श्रावस्ती: गूलरा से शिवपुर गांव जाने वाली सड़क के निर्माण पर उठे सवाल, डामर सड़क पर बने ब्रेकर जैसी उभरी सतह मानक विहीन सामग्री के इस्तेमाल का आरोप, जिम्मेदार अधिकारियों से जांच और कार्रवाई की मांग सिरसिया, श्रावस्ती। सिरसिया क्षेत्र में गूलरा से शिवपुर गांव तक जाने वाली सड़क के निर्माण कार्य को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय स्तर पर सड़क निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का इस्तेमाल नहीं किए जाने का आरोप लगाया जा रहा है। आरोप है कि सड़क पर पीसी (प्रिमिक्स कारपेटिंग) डालने के बाद भी उसकी सतह समतल दिखाई नहीं दे रही है। सड़क पर जगह-जगह उभार होने के कारण यह सड़क कम और ब्रेकर जैसी अधिक नजर आ रही है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क निर्माण में गुणवत्ता का ध्यान रखा जाना बेहद जरूरी है, ताकि ग्रामीणों को लंबे समय तक आवागमन की बेहतर सुविधा मिल सके। लेकिन गूलरा से शिवपुरा गांव जाने वाली सड़क की मौजूदा स्थिति को देखकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सड़क की सतह पर दिखाई दे रहे उभारों को लेकर लोगों ने संबंधित विभाग से जांच कराने की मांग की है। निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कब होगी? सवाल यह है कि सड़क निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की नजर इस स्थिति पर क्यों नहीं पड़ रही है? क्या निर्माण कार्य के दौरान निर्धारित मानकों का पालन किया जा रहा है? यदि सड़क निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है, तो उसकी जिम्मेदारी किसकी तय होगी? ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कें विकास की महत्वपूर्ण कड़ी होती हैं। ऐसे में यदि निर्माण के दौरान गुणवत्ता की अनदेखी होती है, तो सरकारी धन के सदुपयोग और सड़क की मजबूती पर सवाल उठना स्वाभाविक है। जांच के बाद हो कार्रवाई अब जरूरत है कि संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर सड़क निर्माण की गुणवत्ता की जांच करें। इस्तेमाल की गई सामग्री, सड़क की मोटाई और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप हुए निर्माण की निष्पक्ष जांच कराई जाए। यदि जांच में अनियमितता की पुष्टि होती है, तो जिम्मेदार ठेकेदार और संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा आवश्यकतानुसार सड़क की मरम्मत कराई जाए। फिलहाल, गूलरा से शिवपुरा गांव तक बनी सड़क की गुणवत्ता को लेकर उठ रहे सवालों पर संबंधित विभाग का पक्ष सामने आना बाकी है।1
- #बलरामपुर नेपाल सीमा पर पकड़ी गई 19 किलो अफीम जरवा सीमा शुल्क चौकी पर 21 जुलाई को बरामद संदिग्ध पदार्थ की 97 दिन बाद आई जांच रिपोर्ट में अफीम होने की पुष्टि हुई है। केंद्रीय राजस्व नियंत्रण प्रयोगशाला, नई दिल्ली की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 किलो 315 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अफीम बरामद हुई थी। कस्टम विभाग न्यायालय से अनुमति लेकर इसे गाजीपुर स्थित अफीम फैक्टरी भेजने की तैयारी कर रहा है, जहां इसका इस्तेमाल दवाओं के निर्माण में किया जाएगा। वहीं, सीमा चौकी से करीब पांच किलोमीटर अंदर तक खेप पहुंचने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। #Balrampur #Jarwa #NepalBorder #OpiumSeizure #facebookpost #facebookviral #बलरामपुर नेपाल सीमा पर पकड़ी गई 19 किलो अफीम जरवा सीमा शुल्क चौकी पर 21 जुलाई को बरामद संदिग्ध पदार्थ की 97 दिन बाद आई जांच रिपोर्ट में अफीम होने की पुष्टि हुई है। केंद्रीय राजस्व नियंत्रण प्रयोगशाला, नई दिल्ली की रिपोर्ट के मुताबिक, 19 किलो 315 ग्राम उच्च गुणवत्ता वाली अफीम बरामद हुई थी। कस्टम विभाग न्यायालय से अनुमति लेकर इसे गाजीपुर स्थित अफीम फैक्टरी भेजने की तैयारी कर रहा है, जहां इसका इस्तेमाल दवाओं के निर्माण में किया जाएगा। वहीं, सीमा चौकी से करीब पांच किलोमीटर अंदर तक खेप पहुंचने को लेकर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। #Balrampur #Jarwa #NepalBorder #OpiumSeizure #facebookpost #facebookviral1
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- *चक्रवात के असर से यूपी में बदलेगा मौसम, 29 से 31 अक्टूबर तक पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट* आंध्र प्रदेश एवं दक्षिणी ओडिशा में चक्रवात के अलर्ट के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में 28 अक्टूबर से मौसम प्रभावित होने की संभावना है। मौसम के इस बदलाव के चलते तेज झोंकेदार हवाओं के साथ व्यापक बेमौसम बारिश हो सकती है। वहीं, 29 से 31 अक्टूबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसको लेकर जिलाधिकारी बहराइच श्री राजेश कुमार पाण्डेय ने आवश्यक जानकारी देते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की *चक्रवात के असर से यूपी में बदलेगा मौसम, 29 से 31 अक्टूबर तक पूर्वी यूपी में भारी बारिश का अलर्ट* आंध्र प्रदेश एवं दक्षिणी ओडिशा में चक्रवात के अलर्ट के मद्देनजर उत्तर प्रदेश में 28 अक्टूबर से मौसम प्रभावित होने की संभावना है। मौसम के इस बदलाव के चलते तेज झोंकेदार हवाओं के साथ व्यापक बेमौसम बारिश हो सकती है। वहीं, 29 से 31 अक्टूबर तक पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश और कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश की आशंका जताई गई है। इसको लेकर जिलाधिकारी बहराइच श्री राजेश कुमार पाण्डेय ने आवश्यक जानकारी देते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की1
- *खेत बचाओ अभियान का शुभारंभ, डीएम ने जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर किया रवाना* *जीरो टिलेज विधि से गेहूं की बुवाई, पराली प्रबंधन और टिकाऊ कृषि पद्धतियों के प्रति किसानों को किया जाएगा जागरूक* बहराइच । जनपद में किसानों को आधुनिक एवं जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से कलेक्ट्रेट परिसर से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने खेत बचाओ अभियान अन्तर्गत जागरूकता वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। आईटीसी मिशन सुनहरा कल एवं ग्रामीण डेवलपमेंट सर्विसेज के संयुक्त तत्वावधान में संचालित क्लाइमेट स्मार्ट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत इस अभियान की शुरुआत की गई। अभियान का उद्देश्य किसानों एवं ग्रामीण समुदाय को कृषि अवशेष प्रबंधन, जीरो टिलेज विधि से गेहूं की बुवाई तथा जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों के प्रति जागरूक करना है। अभियान के माध्यम से जागरूकता वाहन जनपद के विभिन्न विकासखंडों के चयनित ग्रामीण क्षेत्रों में पहुंचकर किसानों को जागरूक करेंगे। इन वाहनों के जरिए किसानों को जीरो टिलेज विधि से गेहूं की बुवाई करने, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, पराली का उचित प्रबंधन करने तथा टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अभियान के माध्यम से किसानों को फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन के लाभों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही उन्हें ऐसी कृषि तकनीकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा, जिनसे खेती की लागत कम करने, मिट्टी की गुणवत्ता बनाए रखने तथा पर्यावरण संरक्षण में मदद मिल सके। जलवायु अनुकूल कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर कृषि को अधिक टिकाऊ और पर्यावरण हितैषी बनाने का प्रयास किया जाएगा। इस पहल से ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि संबंधी जागरूकता बढ़ाने और किसानों को आधुनिक तकनीकों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित करने में मदद मिलेगी। इस अवसर पर आईटीसी मिशन सुनहरा कल के कार्यक्रम अधिकारी धनेश कुमार वर्मा तथा ग्रामीण डेवलपमेंट सर्विसेज के कार्यक्रम समन्वयक नरेंद्र देव पाण्डेय सहित परियोजना टीम के सदस्य एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।4
- आंध्र प्रदेश एवं दक्षिणी उड़ीसा में चक्रवात अलर्ट के कारण 28 अक्टूबर से प्रदेश के मौसम को प्रभावित करने की सम्भावना के दृष्टिगत प्रदेश में तेज झोंकेदार हवाओं और व्यापक बेमौसम वर्षा के साथ 29-31 अक्टूबर 2026 के दौरान पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी वर्षा के साथ कहीं-कहीं बहुत भारी वर्षा होने की संभावना के दृष्टिगत जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने ज़िले वासियों से सतर्क रहने और सावधानी बरतने कि की अपील।1
- गोवंश आश्रय स्थलों में चारा-पानी से लेकर ठंड से बचाव का करें इंतजाम -डीएम गौशालाओं में सोलर लाइट और खड़ंजा लगाने के निर्देश श्रावस्ती। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निराश्रित गोवंश की समस्या के समाधान तथा गोवंश आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जनपद स्तरीय गोसंरक्षण, अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को गोवंश के संरक्षण, भरण-पोषण और गौशालाओं में मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।जिलाधिकारी ने कहा कि गोवंश आश्रय स्थलों में पशुओं के लिए पर्याप्त चारा-पानी और छाया की व्यवस्था होनी चाहिए, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो। जिन गौशालाओं में बिजली की व्यवस्था नहीं है, वहां सोलर लाइट लगवाई जाए। बारिश के दौरान कीचड़ की समस्या से निपटने के लिए आवश्यकतानुसार खड़ंजा लगवाने की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही वर्मी कम्पोस्ट की बिक्री तथा संबंधित पंजिकाओं को व्यवस्थित रखने के निर्देश भी दिए।उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों एवं उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारियों को गौशालाओं का नियमित निरीक्षण करने और जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा। साथ ही गोवंश के भरण-पोषण की धनराशि का भुगतान समय से सुनिश्चित करने तथा सभी गौशालाओं में हरे चारे की समुचित व्यवस्था करने के निर्देश दिए। सहभागिता योजना के तहत जिन गोवंशों के संबंध में आख्या प्राप्त नहीं हुई है, उनकी रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत करने को कहा।आगामी शीत ऋतु को देखते हुए जिलाधिकारी ने गोवंश को ठंड से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आश्रय स्थलों में साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।1