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3 hrs ago
user_Ramsakal Maurya0087
Ramsakal Maurya0087
सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
3 hrs ago

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • क्या यही है अमृत सरोवर योजना की हकीकत? जहां पानी लहराना चाहिए था, वहां बच्चे क्रिकेट खेल रहे हैं… और जहां सौंदर्यीकरण का दावा था, वहां कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं। सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत तैयार किया गया यह सरोवर अब बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सरोवर में पानी पूरी तरह सूख चुका है और देखरेख के अभाव में यह मैदान में तब्दील हो गया है। बच्चे यहां क्रिकेट खेलते दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास गंदगी और कूड़े का अंबार लगा हुआ है। जिस योजना का उद्देश्य जल संरक्षण, सौंदर्यीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण सुधार था, वहीं अब यह स्थान उपेक्षा का शिकार नजर आ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही जलभराव की कोई व्यवस्था की गई है। लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या संबंधित विभाग और अधिकारी इस स्थिति से अनजान हैं या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो सरोवर पूरी तरह अनुपयोगी हो जाएगा। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सफाई अभियान चलाया जाए, जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था की जाए और योजना के मूल उद्देश्य को पुनर्जीवित किया जाए। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस बदहाली पर कब संज्ञान लेते हैं और अमृत सरोवर को उसकी वास्तविक पहचान वापस दिला पाते हैं या नहीं।
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    क्या यही है अमृत सरोवर योजना की हकीकत? जहां पानी लहराना चाहिए था, वहां बच्चे क्रिकेट खेल रहे हैं… और जहां सौंदर्यीकरण का दावा था, वहां कूड़े के ढेर नजर आ रहे हैं।
सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर योजना के तहत तैयार किया गया यह सरोवर अब बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सरोवर में पानी पूरी तरह सूख चुका है और देखरेख के अभाव में यह मैदान में तब्दील हो गया है। बच्चे यहां क्रिकेट खेलते दिखाई दे रहे हैं, जबकि आसपास गंदगी और कूड़े का अंबार लगा हुआ है।
जिस योजना का उद्देश्य जल संरक्षण, सौंदर्यीकरण और ग्रामीण क्षेत्रों में पर्यावरण सुधार था, वहीं अब यह स्थान उपेक्षा का शिकार नजर आ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि न तो नियमित सफाई हो रही है और न ही जलभराव की कोई व्यवस्था की गई है।
लोगों ने सवाल उठाया है कि क्या संबंधित विभाग और अधिकारी इस स्थिति से अनजान हैं या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया जा रहा है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ध्यान नहीं दिया गया तो सरोवर पूरी तरह अनुपयोगी हो जाएगा।
स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल प्रभाव से सफाई अभियान चलाया जाए, जल संरक्षण की स्थायी व्यवस्था की जाए और योजना के मूल उद्देश्य को पुनर्जीवित किया जाए।
अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी इस बदहाली पर कब संज्ञान लेते हैं और अमृत सरोवर को उसकी वास्तविक पहचान वापस दिला पाते हैं या नहीं।
    user_E RADIO INDIA
    E RADIO INDIA
    Media house सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में शुक्रवार का दिन सियासी हलचल से भरा रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद Rahul Gandhi गृह मंत्री Amit Shah पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। करीब 25 मिनट तक चली इस पेशी के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से साफ इनकार किया और इसे “राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित केस” बताया। कोर्ट में क्या हुआ, आइए अब इसको भी जानते हैं... राहुल गांधी सुबह करीब 9 बजे दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलते ही उनका काफिला सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गया। करीब साढ़े 10 बजे जब उनका काफिला कोर्ट परिसर पहुंचा, तो वहां पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था। राहुल गांधी की गाड़ी सुरक्षा कारणों से सीधे कोर्ट परिसर के अंदर ले जाई गई। वे उतरकर सीधे MP/MLA कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट में मौजूद अधिवक्ताओं के मुताबिक, राहुल गांधी ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सुनवाई पूरी होने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए जज को धन्यवाद भी कहा। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद वकीलों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा। राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। उनके वकील के अनुसार, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई आपत्तिजनक या गैरकानूनी बयान नहीं दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च तय की है। राहुल गांधी के पहुंचने से पहले ही कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई थी। ‘राहुल जिंदाबाद’ और ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ के नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन राहुल गांधी ने विनम्रता से मना कर दिया और मुस्कुराते हुए सीधे कोर्ट के अंदर चले गए। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती हर प्रवेश द्वार पर की गई थी। कोर्ट परिसर में प्रवेश से पहले सघन जांच की जा रही थी। मोची की दुकान पर फिर रुके राहुल कोर्ट की कार्रवाई के बाद राहुल गांधी का काफिला अचानक कूरेभार थाना क्षेत्र के विधायक नगर चौराहे पर रुका। यहां वे रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचे। रामचेत का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था। रामचेत वही मोची थे, जिनकी दुकान पर एक साल पहले राहुल गांधी ने खुद बैठकर जूते सिले थे। उस समय उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। बाद में राहुल गांधी ने उन्हें सिलाई मशीन भी भेजी थी। इस बार राहुल गांधी ने रामचेत के बेटे राघव राम से मुलाकात की। दुकान पर कुर्सी पर बैठे राघव की छोटी बेटी को राहुल ने गोद में उठाया, उसकी चोट देखी और परिवार का हालचाल जाना। करीब पांच मिनट तक वे वहां रुके और फिर आगे बढ़ गए। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक क्षण बन गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि बड़े नेता अक्सर चुनावी समय में ही दिखाई देते हैं, लेकिन राहुल गांधी का इस तरह अचानक रुकना और परिवार से मिलना एक अलग संदेश देता है। सियासी जानकारों का मानना है कि सुल्तानपुर की यह पेशी सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी अहम है। गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में अदालत में पेश होना और आरोपों से इनकार करना कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। राहुल गांधी लगातार यह कहते रहे हैं कि उनके खिलाफ दर्ज कई मामले राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। ऐसे में सुल्तानपुर की अदालत में उनका बयान इसी लाइन को आगे बढ़ाता दिखा। अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, उस दिन अदालत में आगे की दलीलें सुनी जा सकती हैं। फिलहाल राहुल गांधी ने अपने बयान में साफ कर दिया है कि वे आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं और इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मानते हैं। सुल्तानपुर की यह पेशी कानूनी प्रक्रिया से ज्यादा राजनीतिक मायनों में चर्चा में रही। एक तरफ कोर्ट में आरोपों से इनकार, दूसरी तरफ मोची के परिवार से मुलाकात—इन दोनों घटनाओं ने इस पूरे दौरे को खास बना दिया। अब सबकी निगाहें 9 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है। तब तक सुल्तानपुर की यह पेशी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी रहेगी।
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    उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में शुक्रवार का दिन सियासी हलचल से भरा रहा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सांसद Rahul Gandhi गृह मंत्री Amit Shah पर कथित टिप्पणी से जुड़े मामले में सुल्तानपुर की MP/MLA कोर्ट में पेश हुए। करीब 25 मिनट तक चली इस पेशी के दौरान राहुल गांधी ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों से साफ इनकार किया और इसे “राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित केस” बताया।
कोर्ट में क्या हुआ, आइए अब इसको भी जानते हैं...
राहुल गांधी सुबह करीब 9 बजे दिल्ली से लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। वहां कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। एयरपोर्ट से निकलते ही उनका काफिला सुल्तानपुर के लिए रवाना हो गया। करीब साढ़े 10 बजे जब उनका काफिला कोर्ट परिसर पहुंचा, तो वहां पहले से ही भारी पुलिस बल तैनात था। सुरक्षा के मद्देनजर कोर्ट परिसर को छावनी में तब्दील कर दिया गया था।
राहुल गांधी की गाड़ी सुरक्षा कारणों से सीधे कोर्ट परिसर के अंदर ले जाई गई। वे उतरकर सीधे MP/MLA कोर्ट में पहुंचे। कोर्ट में मौजूद अधिवक्ताओं के मुताबिक, राहुल गांधी ने जज को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। सुनवाई पूरी होने के बाद उन्होंने मुस्कुराते हुए जज को धन्यवाद भी कहा। यह पूरा घटनाक्रम वहां मौजूद वकीलों और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
राहुल गांधी ने अपने बयान में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज मामला राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है और इसमें कोई ठोस आधार नहीं है। उनके वकील के अनुसार, उन्होंने सभी आरोपों से इनकार करते हुए स्पष्ट किया कि उन्होंने कोई आपत्तिजनक या गैरकानूनी बयान नहीं दिया। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च तय की है।
राहुल गांधी के पहुंचने से पहले ही कोर्ट परिसर के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भीड़ जुट गई थी। ‘राहुल जिंदाबाद’ और ‘कांग्रेस पार्टी जिंदाबाद’ के नारों से माहौल गूंज उठा। कार्यकर्ताओं ने उन्हें माला पहनाने की कोशिश की, लेकिन राहुल गांधी ने विनम्रता से मना कर दिया और मुस्कुराते हुए सीधे कोर्ट के अंदर चले गए।
सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन ने चाक-चौबंद व्यवस्था की थी। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की तैनाती हर प्रवेश द्वार पर की गई थी। कोर्ट परिसर में प्रवेश से पहले सघन जांच की जा रही थी।
मोची की दुकान पर फिर रुके राहुल
कोर्ट की कार्रवाई के बाद राहुल गांधी का काफिला अचानक कूरेभार थाना क्षेत्र के विधायक नगर चौराहे पर रुका। यहां वे रामचेत मोची की दुकान पर पहुंचे। रामचेत का तीन महीने पहले कैंसर से निधन हो गया था।
रामचेत वही मोची थे, जिनकी दुकान पर एक साल पहले राहुल गांधी ने खुद बैठकर जूते सिले थे। उस समय उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे। बाद में राहुल गांधी ने उन्हें सिलाई मशीन भी भेजी थी।
इस बार राहुल गांधी ने रामचेत के बेटे राघव राम से मुलाकात की। दुकान पर कुर्सी पर बैठे राघव की छोटी बेटी को राहुल ने गोद में उठाया, उसकी चोट देखी और परिवार का हालचाल जाना। करीब पांच मिनट तक वे वहां रुके और फिर आगे बढ़ गए।
यह दृश्य वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक क्षण बन गया। स्थानीय लोगों का कहना था कि बड़े नेता अक्सर चुनावी समय में ही दिखाई देते हैं, लेकिन राहुल गांधी का इस तरह अचानक रुकना और परिवार से मिलना एक अलग संदेश देता है।
सियासी जानकारों का मानना है कि सुल्तानपुर की यह पेशी सिर्फ कानूनी प्रक्रिया नहीं, बल्कि राजनीतिक तौर पर भी अहम है। गृह मंत्री अमित शाह पर टिप्पणी के मामले में अदालत में पेश होना और आरोपों से इनकार करना कांग्रेस की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
राहुल गांधी लगातार यह कहते रहे हैं कि उनके खिलाफ दर्ज कई मामले राजनीतिक दबाव बनाने के उद्देश्य से किए गए हैं। ऐसे में सुल्तानपुर की अदालत में उनका बयान इसी लाइन को आगे बढ़ाता दिखा।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 9 मार्च को होगी। कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, उस दिन अदालत में आगे की दलीलें सुनी जा सकती हैं। फिलहाल राहुल गांधी ने अपने बयान में साफ कर दिया है कि वे आरोपों को सिरे से खारिज करते हैं और इसे राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई मानते हैं।
सुल्तानपुर की यह पेशी कानूनी प्रक्रिया से ज्यादा राजनीतिक मायनों में चर्चा में रही। एक तरफ कोर्ट में आरोपों से इनकार, दूसरी तरफ मोची के परिवार से मुलाकात—इन दोनों घटनाओं ने इस पूरे दौरे को खास बना दिया।
अब सबकी निगाहें 9 मार्च की सुनवाई पर टिकी हैं, जब यह तय होगा कि मामला किस दिशा में आगे बढ़ता है। तब तक सुल्तानपुर की यह पेशी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र बनी रहेगी।
    user_Distt Coresspondent NATION ONE tv
    Distt Coresspondent NATION ONE tv
    Corresspondant Amethi, Uttar Pradesh•
    6 hrs ago
  • दोस्तों, चैनल को सब्सक्राइब विडिओ को लाईक, शेयर और कमेंट जरूर करें।
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    दोस्तों, चैनल को सब्सक्राइब विडिओ को लाईक, शेयर और कमेंट जरूर करें।
    user_यूट्यूबर बब्लू पंडित 'टकाटक'
    यूट्यूबर बब्लू पंडित 'टकाटक'
    Content Creator (YouTuber) बलदीराय, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • अमेठी। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के टीकरमाफी चौकी अंतर्गत टीकरमाफी-भादर मार्ग स्थित एक कोको कोला एजेंसी में बीती रात अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर दुकान में रखी नकदी, सीसीटीवी का डीवीआर, शीतल पेय और कई क्रेडिट कार्ड उठा ले गए। जानकारी के अनुसार, पीड़ित आलोक शुक्ला निवासी पहिया तिवारीपुर की टीकरमाफी-भादर मार्ग पर कोको कोला की एजेंसी है। शुक्रवार रात चोरों ने दुकान के शटर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखी नकदी के साथ सीसीटीवी का डीवीआर, ठंडा पेय और अन्य सामान चोरी कर लिया। दुकान में रखे कई क्रेडिट कार्ड भी चोर अपने साथ ले गए। शनिवार सुबह जब दुकानदार दुकान खोलने पहुंचे तो शटर का ताला टूटा देख घटना की जानकारी हुई। अंदर सामान बिखरा पड़ा था और नकदी सहित अन्य सामान गायब मिला। इसके बाद पीड़ित ने संग्रामपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही घटना के खुलासे का दावा किया जा रहा है।
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    अमेठी। संग्रामपुर थाना क्षेत्र के टीकरमाफी चौकी अंतर्गत टीकरमाफी-भादर मार्ग स्थित एक कोको कोला एजेंसी में बीती रात अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर दुकान में रखी नकदी, सीसीटीवी का डीवीआर, शीतल पेय और कई क्रेडिट कार्ड उठा ले गए।
जानकारी के अनुसार, पीड़ित आलोक शुक्ला निवासी पहिया तिवारीपुर की टीकरमाफी-भादर मार्ग पर कोको कोला की एजेंसी है। शुक्रवार रात चोरों ने दुकान के शटर का ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया और गल्ले में रखी नकदी के साथ सीसीटीवी का डीवीआर, ठंडा पेय और अन्य सामान चोरी कर लिया। दुकान में रखे कई क्रेडिट कार्ड भी चोर अपने साथ ले गए।
शनिवार सुबह जब दुकानदार दुकान खोलने पहुंचे तो शटर का ताला टूटा देख घटना की जानकारी हुई। अंदर सामान बिखरा पड़ा था और नकदी सहित अन्य सामान गायब मिला। इसके बाद पीड़ित ने संग्रामपुर थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जल्द ही घटना के खुलासे का दावा किया जा रहा है।
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • पापड़ जैसी पतली सड़क बनवाई गई, जो बनते ही दुनिया से चल बसी 🤡 सड़क शोक सभा में आप सभी आमंत्रित हैं,बारी बारी शोक व्यक्त करिए। झांसी 📌 उत्तर प्रदेश
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    पापड़ जैसी पतली सड़क बनवाई गई, जो बनते ही दुनिया से चल बसी 🤡 
सड़क शोक सभा में आप सभी आमंत्रित हैं,बारी बारी शोक व्यक्त करिए।
झांसी 📌 उत्तर प्रदेश
    user_बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    Voice of people अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
  • सीडीओ के निरीक्षण से ब्लॉक में मचा हड़कम्प अमेठी जिला विकास अधिकारी ने स्थानीय ब्लाक का औचक निरीक्षण किया तथा अभिलेखों के रख रखाव और सफाई के लिए संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई जिला विकास अधिकारी बीरभान सिंह तहसील दिवस के बाद ब्लाक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया उन्होंने कार्यालय में अभिलेखों के रख रखाव बीडीओ कार्यालय का आधा घंटा निरीक्षण किया उसके बाद आजिविका मिशन कार्यालय एडीओ पंचायत कार्यालय में जानकारी ली स्वच्छता फ़ाइलों के रखरखाव को लेकर दिशा-निर्देश दिए
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    सीडीओ के निरीक्षण से ब्लॉक में मचा हड़कम्प
अमेठी 
जिला विकास अधिकारी ने स्थानीय ब्लाक का औचक निरीक्षण किया तथा अभिलेखों के रख रखाव और सफाई के लिए संबंधित कर्मचारियों को फटकार लगाई
जिला विकास अधिकारी बीरभान सिंह तहसील दिवस के बाद ब्लाक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया उन्होंने कार्यालय में अभिलेखों के रख रखाव बीडीओ कार्यालय का आधा घंटा निरीक्षण किया उसके बाद आजिविका मिशन कार्यालय एडीओ पंचायत कार्यालय में जानकारी ली स्वच्छता फ़ाइलों के  रखरखाव को लेकर दिशा-निर्देश दिए
    user_Madusoodan
    Madusoodan
    अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समय-समय पर ऐसे स्टेप्स लिए हैं जोना केवल आम जनता में उनकी पकड़ को मजबूत बनाने का उदाहरण है बल्कि सियासी समझ को भी बयां करने में सक्षम होता है। हाल ही में सरकार ने शिक्षामित्र की सैलरी में इजाफा विकी और साथ ही साथ बताया कि महिलाओं को बिना गारंटी लोन भी दिया जाएगा देख वीडियो में पूरी जानकारी
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    उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समय-समय पर ऐसे स्टेप्स लिए हैं जोना केवल आम जनता में उनकी पकड़ को मजबूत बनाने का उदाहरण है बल्कि सियासी समझ को भी बयां करने में सक्षम होता है। हाल ही में सरकार ने शिक्षामित्र की सैलरी में इजाफा विकी और साथ ही साथ बताया कि महिलाओं को बिना गारंटी लोन भी दिया जाएगा देख वीडियो में पूरी जानकारी
    user_E RADIO INDIA
    E RADIO INDIA
    Media house सुल्तानपुर, सुल्तानपुर, उत्तर प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मोहनगंज के पूरे दल सिंह गांव में 14 फरवरी को आयोजित कथा कार्यक्रम के दौरान हर्ष फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो सामने आते ही पुलिस सक्रिय हो गई और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू वायरल वीडियो में शिव बहादुर यादव लाइसेंसी सिंगल बैरल बंदूक से फायर करते दिख रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर इंटरनेट मीडिया पर साझा कर दिया। क्लिप फैलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपी शिव बहादुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में औपचारिक गिरफ्तारी की गई। हथियार भी कब्जे में लिया गया है। सीओ दिनेश कुमार मिश्र प्रारंभिक पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग की गई। इसे गंभीरता से लिया गया है। शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया जारी है। शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने संबंधी आख्या उच्चाधिकारियों को प्रेषित की है
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    मोहनगंज के पूरे दल सिंह गांव में 14 फरवरी को आयोजित कथा कार्यक्रम के दौरान हर्ष फायरिंग का वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो सामने आते ही पुलिस सक्रिय हो गई और मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू 
वायरल वीडियो में शिव बहादुर यादव लाइसेंसी सिंगल बैरल बंदूक से फायर करते दिख रहे हैं। कार्यक्रम स्थल पर मौजूद किसी व्यक्ति ने वीडियो रिकॉर्ड कर इंटरनेट मीडिया पर साझा कर दिया। क्लिप फैलते ही स्थानीय पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया। इंस्पेक्टर राकेश सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच के बाद संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई। आरोपी शिव बहादुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। बाद में औपचारिक गिरफ्तारी की गई। हथियार भी कब्जे में लिया गया है।
सीओ दिनेश कुमार मिश्र प्रारंभिक पड़ताल में स्पष्ट हुआ कि कार्यक्रम के दौरान सार्वजनिक स्थान पर फायरिंग की गई। इसे गंभीरता से लिया गया है। शस्त्र अधिनियम के प्रावधानों के तहत आगे की प्रक्रिया जारी है। शस्त्र लाइसेंस को निरस्त करने संबंधी आख्या उच्चाधिकारियों को प्रेषित की है
    user_Aditya Mishra
    Aditya Mishra
    पत्रकार अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    8 hrs ago
  • Breaking – उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज में एक मकान के अंदर 5 लोगों के शव मिले। मृतकों में सत्यवीर, पत्नी और 3 बच्चे हैं। सत्यवीर की लाश फांसी पर लटकी हुई थी। पत्नी और 3 बच्चों के शव नीचे पड़े हुए थे। पुलिस ने गेट तोड़कर लाशों को बाहर निकाला। सामूहिक सुसाइड की आशंका है।
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    Breaking –
उत्तर प्रदेश के जिला कासगंज में एक मकान के अंदर 5 लोगों के शव मिले। मृतकों में सत्यवीर, पत्नी और 3 बच्चे हैं। सत्यवीर की लाश फांसी पर लटकी हुई थी। पत्नी और 3 बच्चों के शव नीचे पड़े हुए थे। पुलिस ने गेट तोड़कर लाशों को बाहर निकाला। सामूहिक सुसाइड की आशंका है।
    user_बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    बृजेश मिश्रा “पत्रकार”
    Voice of people अमेठी, अमेठी, उत्तर प्रदेश•
    19 hrs ago
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