सीटू के आह्वान पर, सैकड़ों मजदूरों और महिला कार्यकर्ताओं ने कोटा में जिला कलेक्ट्रेट गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए करने और चार मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द करने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। इस दौरान सीटू के जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन संयुक्त श्रम आयुक्त को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने सभी कारखानों में 8 घंटे का कार्य दिवस सुनिश्चित करने, अतिरिक्त कार्य पर दोगुनी दर से ओवरटाइम देने, और मजदूर-किसान-महिला-छात्र आंदोलनों में पुलिस हस्तक्षेप बंद करने की भी मांग की। सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि 2014 से भाजपा सरकार लगातार मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है, न्यूनतम वेतन नहीं दे रही है, पुराने अधिकार छीन रही है और कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए कारखानों को बिना बकाया वेतन दिए बंद किया जा रहा है। इसी बीच, जेके फैक्ट्री के मजदूरों का बकाया वेतन और ग्रेच्युटी की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से चल रहा धरना सोमवार को 490वें दिन भी जारी रहा। इस धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया, और जेके सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों यूनियनों के संयुक्त नेतृत्व में श्रम विभाग कार्यालय के सामने एक रैली भी निकाली गई। प्रदर्शन में कामरेड उमाशंकर, अली मोहम्मद, कालीचरण सोनी, गोपाल शर्मा, अशोक सिंह, सतीश चंद त्रिवेदी, हनुमान सिंह जैसे नेता शामिल थे, साथ ही रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, मंजू कश्यप, बदाम बाई, रहीसा बानो, अनीसा सहित सैकड़ों मजदूर और महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं। मजदूर नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे एक उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
सीटू के आह्वान पर, सैकड़ों मजदूरों और महिला कार्यकर्ताओं ने कोटा में जिला कलेक्ट्रेट गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए करने और चार मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द करने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। इस दौरान सीटू के जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम
एक ज्ञापन संयुक्त श्रम आयुक्त को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने सभी कारखानों में 8 घंटे का कार्य दिवस सुनिश्चित करने, अतिरिक्त कार्य पर दोगुनी दर से ओवरटाइम देने, और मजदूर-किसान-महिला-छात्र आंदोलनों में पुलिस हस्तक्षेप बंद करने की भी मांग की। सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि 2014 से भाजपा सरकार लगातार मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है, न्यूनतम वेतन नहीं दे रही है, पुराने अधिकार छीन रही है और कॉर्पोरेट
घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए कारखानों को बिना बकाया वेतन दिए बंद किया जा रहा है। इसी बीच, जेके फैक्ट्री के मजदूरों का बकाया वेतन और ग्रेच्युटी की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से चल रहा धरना सोमवार को 490वें दिन भी जारी रहा। इस धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया, और जेके सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों यूनियनों के संयुक्त नेतृत्व में श्रम विभाग कार्यालय के सामने एक
रैली भी निकाली गई। प्रदर्शन में कामरेड उमाशंकर, अली मोहम्मद, कालीचरण सोनी, गोपाल शर्मा, अशोक सिंह, सतीश चंद त्रिवेदी, हनुमान सिंह जैसे नेता शामिल थे, साथ ही रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, मंजू कश्यप, बदाम बाई, रहीसा बानो, अनीसा सहित सैकड़ों मजदूर और महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं। मजदूर नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे एक उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।
- कोटा के इंदिरा गांधी नगर में पुलिया की दीवार गिरने और नालों की सफाई व्यवस्था में लापरवाही का मामला सामने आने पर लाडपुरा विधायक महारानी कल्पना देवी ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए तत्काल मरम्मत कार्य और नालों की समुचित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक ने स्पष्ट रूप से कहा कि आमजन की सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।1
- राजस्थान के कोटा में स्थित होटल सिटी पार्क में पिछले चार-पांच दिनों से 'एक ग्रुप' खड़ा है। जिस किसी भाई का भी यह 'ग्रुप' हो, या यदि यह चोरी हो गया हो, तो 7878725016 नंबर पर संपर्क करने की अपील की गई है।1
- कोटा के बोरखेडा थाना क्षेत्र के वसुन्धरा विहार में एक निर्माणाधीन मकान में चोरी करते हुए दो व्यक्तियों को लोगों ने पकड़ा है, जिससे 'खाकी' को शर्मसार होना पड़ा है। पकड़े गए इन व्यक्तियों में बर्खास्त कांस्टेबल मनीष यादव और पुलिस लाइन का लांगरी उस्मान अली शामिल हैं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।1
- कोटा में श्री माहेश्वरी समाज कोटा के तत्वाधान में महेश नवमी का पर्व अत्यंत हर्षोल्लास और भक्तिमय माहौल में मनाया गया। अध्यक्ष राजेश कृष्ण बिरला के सानिध्य में समाज के सैकड़ों लोगों ने एकजुट होकर सामूहिक शिवाभिषेक किया। मुख्य समन्वयक महेश अजमेरा और समन्वयक राजेश जाजू व सिद्धेश्वर झंवर ने बताया कि प्रातः 8:15 बजे झालावाड़ रोड स्थित श्री माहेश्वरी भवन में कार्यक्रम का मुख्य आयोजन हुआ। यहाँ 51 विद्वान पंडितों की उपस्थिति में 221 से अधिक यजमान दंपतियों ने 221 शिवलिंगों का विधि-विधान से मंत्रोच्चार के साथ पूजन और महाशिवाभिषेक प्रारंभ किया। माहेश्वरी बंधुओं ने मंगलपाठ, शुद्धीकरण, स्वास्तिक पूजन, संकल्प, गणपति, देव और नवग्रह पूजन के साथ महाअभिषेक संपन्न किया। सभी ने शिवलिंग में प्राण-प्रतिष्ठा कर रुद्राभिषेक व उत्तर पूजन पूर्ण किया, जिसके बाद महाआरती कर पूरे परिसर को भक्तिमय वातावरण में बदल दिया। इस दौरान सभी ने भगवान शिव का आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके अतिरिक्त, चारभुजा मंदिर, सती चबूतरा, नीलकंठ महादेव मंदिर और गोविंद देव जी मंदिर, गढ़ पैलेस में भी महेश पूजन व अभिषेक के कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस महोत्सव के मुख्य प्रायोजक विष्णु कुमार, बजरंग कुमार और सत्य प्रकाश साबू परिवार रहे।3
- सीटू के आह्वान पर, सैकड़ों मजदूरों और महिला कार्यकर्ताओं ने कोटा में जिला कलेक्ट्रेट गेट के सामने जोरदार प्रदर्शन किया, जिसमें न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपए करने और चार मजदूर विरोधी लेबर कोड रद्द करने सहित विभिन्न मांगें उठाई गईं। इस दौरान सीटू के जिला महामंत्री कामरेड उमाशंकर के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद की, जिसके बाद मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन संयुक्त श्रम आयुक्त को सौंपा गया। प्रदर्शनकारियों ने सभी कारखानों में 8 घंटे का कार्य दिवस सुनिश्चित करने, अतिरिक्त कार्य पर दोगुनी दर से ओवरटाइम देने, और मजदूर-किसान-महिला-छात्र आंदोलनों में पुलिस हस्तक्षेप बंद करने की भी मांग की। सीटू नेताओं ने आरोप लगाया कि 2014 से भाजपा सरकार लगातार मजदूरों के अधिकारों पर हमला कर रही है, न्यूनतम वेतन नहीं दे रही है, पुराने अधिकार छीन रही है और कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुँचाने के लिए कारखानों को बिना बकाया वेतन दिए बंद किया जा रहा है। इसी बीच, जेके फैक्ट्री के मजदूरों का बकाया वेतन और ग्रेच्युटी की मांग को लेकर 18 फरवरी 2025 से चल रहा धरना सोमवार को 490वें दिन भी जारी रहा। इस धरने का संचालन कामरेड अशोक सिंह ने किया, और जेके सिंथेटिक फैक्ट्री की तीनों यूनियनों के संयुक्त नेतृत्व में श्रम विभाग कार्यालय के सामने एक रैली भी निकाली गई। प्रदर्शन में कामरेड उमाशंकर, अली मोहम्मद, कालीचरण सोनी, गोपाल शर्मा, अशोक सिंह, सतीश चंद त्रिवेदी, हनुमान सिंह जैसे नेता शामिल थे, साथ ही रेशमा देवी, कैलाशी बाई, राजकुमारी, मंजू कश्यप, बदाम बाई, रहीसा बानो, अनीसा सहित सैकड़ों मजदूर और महिला कार्यकर्ता मौजूद रहीं। मजदूर नेताओं ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों को जल्द पूरा नहीं किया गया, तो वे एक उग्र आंदोलन शुरू करेंगे।4
- नाथद्वारा/मावली स्थित मावली जंक्शन इन दिनों सोशल मीडिया पर व्यूज और लाइक्स की होड़ में जान जोखिम में डालने वाले 'रील बाजों' का अड्डा बन गया है। कभी रेल यात्रियों की आवाजाही और ट्रेनों की सीटी से गूंजने वाला यह स्टेशन अब ऐसे युवाओं से भरा रहता है, जो अपनी जान की परवाह किए बिना चलते ट्रैक, प्लेटफॉर्म के किनारों और यहाँ तक कि खड़ी ट्रेनों के ऊपर चढ़कर खतरनाक रील्स बना रहे हैं। रील्स बनाने का यह जुनून आम यात्रियों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया है। युवा प्लेटफॉर्म पर दौड़ते-भागते रहते हैं, जिससे बुजुर्गों और बच्चों के टकराने का खतरा बना रहता है। सबसे चिंताजनक बात यह है कि रेलवे ट्रैक जैसी प्रतिबंधित और संवेदनशील जगहों पर ये गतिविधियाँ सरेआम हो रही हैं, फिर भी रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) इस पर कोई ध्यान नहीं दे रही हैं। स्टेशन परिसर में बिछे हाई-वोल्टेज ओवरहेड तार (OHE) किसी भी समय जानलेवा साबित हो सकते हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से पहले भी ट्रेन के आगे रील्स बनाने के चक्कर में कई युवाओं की मौत की खबरें आ चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद मावली जंक्शन पर यह खतरनाक स्टंट बदस्तूर जारी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिनभर युवा मोबाइल ट्राइपॉड लेकर स्टेशन के अलग-अलग कोनों में घूमते रहते हैं और ट्रेनों के आने पर उनका दुस्साहस और बढ़ जाता है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए, तो यहाँ कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है। रेलवे नियमों के अनुसार, रेलवे परिसर या ट्रैक पर बिना अनुमति के फोटोग्राफी या वीडियोग्राफी करना एक कानूनी अपराध है, जिसके लिए जुर्माना और जेल दोनों का प्रावधान है। अब देखना यह है कि स्थानीय रेल प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियाँ इन 'रील बाजों' पर लगाम लगाने के लिए कब और क्या कड़े कदम उठाती हैं।1
- मध्यप्रदेश की RE-NEET परीक्षा से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें एक छात्रा को परीक्षा केंद्र पर देर से पहुंचने के कारण नियमों के अनुसार प्रवेश नहीं दिया गया। इस घटना के बाद परीक्षा केंद्र के बाहर ही छात्रा और उसके पिता फूट-फूटकर रोने लगे। वीडियो में दिख रहा है कि पिता, जिसने अपनी बेटी के भविष्य के लिए कथित तौर पर जमीन-जायदाद तक बेचकर उसकी पढ़ाई की तैयारी करवाई थी, बेटी को अंदर न मिलने देने के कारण सड़क पर टूटकर रोने लगता है। अपने पिता की यह हालत देखकर बेटी भी खुद को संभाल नहीं पाती और वहीं जोर-जोर से रोने लगती है। यह घटना इस बात की एक बड़ी सीख देती है कि परीक्षा के दिन समय का एक-एक मिनट कितना कीमती होता है। ऐसे में हमेशा समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचना चाहिए, ताकि ऐसी दुखद स्थिति का सामना न करना पड़े।1
- कोटा के बोरखेड़ा थाना क्षेत्र स्थित कैनल रोड पर रविवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक वॉशिंग सेंटर के बाहर धुलाई के लिए लाई गई एक कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। बताया गया है कि वॉशिंग सेंटर पर कार को लगाने के दौरान चालक से एक्सीलरेटर ज़्यादा दब गया, जिसके परिणामस्वरूप वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह पलट गई। राहत की बात यह रही कि कार नहर में गिरने से बच गई, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया। इस घटना में कार चालक पूरी तरह सुरक्षित रहा। स्थानीय लोगों ने तुरंत मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभालने में मदद की। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और मामले से संबंधित जानकारी जुटाई।1