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2027 से पहले यूपी की सबसे बड़ी गलतफहमी! भाजपा भी खुश, सपा भी निश्चिंत... फैसला करेगी सिर्फ झूलती हुई जनता 2024 और 2027 में तकनीकी दृष्टि से पूरे तीन साल का अंतर है, यानी एक हजार से ज्यादा दिन। लेकिन उत्तर प्रदेश में न तो भाजपा एक इंच आगे बढ़ पाई है और न ही विपक्ष की सपा और कांग्रेस एक इंच आगे बढ़ पाई हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से जुलाई 2026 तक उत्तर प्रदेश में सत्ता पक्ष और विपक्ष लगभग वहीं के वहीं खड़े दिखाई देते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रचार जमीनी स्तर पर कुछ यूँ रहा। दो बड़े पदाधिकारी चुनाव प्रचार में निकलते थे, तो अपने से नीचे के पदाधिकारी के पास पहुंचकर पूछते—"क्या हाल है, क्या स्थिति है?" छोटा पदाधिकारी बताता—"बम-बम है, अबकी बार 400 पार।" फिर वही पदाधिकारी अपने से छोटे पदाधिकारी के पास पहुंचता, तो वहां से भी जवाब मिलता—"बहुत अच्छी हालत है, अबकी बार 400 पार।" यही क्रम देर रात तक चलता रहा और अंत में सभी एक सुर में घोषणा कर देते—"अबकी बार 400 पार।" लेकिन जनता के दरवाजे तक पहुंचने की बजाय अधिकांश पदाधिकारी एक-दूसरे से मिलकर ही प्रचार करते रहे और 400 पार के दावे करते रहे। जब परिणाम आया तो उत्तर प्रदेश में भाजपा का 400 पार का रथ सिर्फ रुका ही नहीं, बल्कि पार्टी लोकसभा सीटों के लिहाज से दूसरे नंबर पर पहुंच गई। इसके बाद भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष ने संविधान बदलने की बात कहकर जनता को गुमराह किया और उसका लाभ उठा लिया। उधर विपक्ष की समाजवादी पार्टी को यह गलतफहमी हो गई कि जनता पूरी तरह उसके साथ आ गई है। कांग्रेस को लगा कि उसके साथ गठबंधन होने से सपा को बड़ा फायदा हुआ, जबकि सपा को लगता है कि कांग्रेस को उसका लाभ मिला। दोनों दल इसी आत्मविश्वास, या कहें गलतफहमी, में 2027 का सुनहरा सपना देख रहे हैं। जुलाई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी के रविदास मंदिर पहुंचे। कार्यक्रम के लिए भाजपा ने काफी तैयारी की और बड़ी संख्या में लोगों को लाने का प्रयास किया। लेकिन सोशल मीडिया पर खाली कुर्सियों की तस्वीरें वायरल हो गईं। इसके बाद भाजपा समर्थकों ने कहना शुरू किया कि ये तस्वीरें कार्यक्रम शुरू होने से पहले या कार्यक्रम समाप्त होने के बाद की हैं और इन्हें विपक्ष ने जानबूझकर वायरल किया है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी खबरें लिखने वाले पत्रकार विपक्षी दलों से प्रभावित हैं। इसी गुरु पूर्णिमा के दिन वाराणसी के भाजपा विधायक अपने क्षेत्र के पांच मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे और पुजारियों को वस्त्र व मिष्ठान भी भेंट किए। हालांकि उनके पहुंचने का अंदाज कुछ लोगों को ऐसा लगा मानो वे दर्शन करने नहीं, बल्कि स्वयं दर्शन देने आए हों। रविदास मंदिर के कार्यक्रम में जाने वाले लोगों के लिए बसों में लंच पैकेट भी रखे गए। अब 2027 का विधानसभा चुनाव तेजी से करीब आ रहा है। इसी बीच लोगों के मोबाइल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रिकॉर्डेड आवाज सुनाई दे रही है—"माफिया को मिट्टी में मिला देंगे।" यह कॉल "सरकार दरबार" के नाम से दिखाई देता है। एक तरफ रिकॉर्डेड आवाज में माफिया को मिट्टी में मिलाने की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ कई चर्चित माफिया या बाहुबली प्रवृत्ति के लोग 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान भी कर चुके हैं। 2027 में उत्तर प्रदेश में नेता फंसेंगे या जनता फंसेगी, इसका जवाब चुनाव परिणाम ही देगा। फिलहाल सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों अपने-अपने सुनहरे सपनों और अपनी-अपनी गलतफहमियों में जी रहे हैं। करामात तो आखिरकार उत्तर प्रदेश की झूलती हुई जनता ही करेगी।

3 hrs ago
user_गजेन्द्र कुमार सिंह
गजेन्द्र कुमार सिंह
Pindra, Varanasi•
3 hrs ago
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2027 से पहले यूपी की सबसे बड़ी गलतफहमी! भाजपा भी खुश, सपा भी निश्चिंत... फैसला करेगी सिर्फ झूलती हुई जनता 2024 और 2027 में तकनीकी दृष्टि से पूरे तीन साल का अंतर है, यानी एक हजार से ज्यादा दिन। लेकिन उत्तर प्रदेश में न तो भाजपा एक इंच आगे बढ़ पाई है और न ही विपक्ष की सपा और कांग्रेस एक इंच आगे बढ़ पाई हैं। लोकसभा चुनाव 2024 के बाद से जुलाई 2026 तक उत्तर प्रदेश में सत्ता पक्ष और विपक्ष लगभग वहीं के वहीं खड़े दिखाई देते हैं। 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा का प्रचार जमीनी स्तर पर कुछ यूँ रहा। दो बड़े पदाधिकारी चुनाव प्रचार में निकलते थे, तो अपने से नीचे के पदाधिकारी के पास पहुंचकर पूछते—"क्या हाल है, क्या स्थिति है?" छोटा पदाधिकारी बताता—"बम-बम है, अबकी बार 400 पार।" फिर वही पदाधिकारी अपने से छोटे पदाधिकारी के पास पहुंचता, तो वहां से भी जवाब मिलता—"बहुत अच्छी हालत है, अबकी बार 400 पार।" यही क्रम देर रात तक चलता रहा और अंत में सभी एक सुर में घोषणा कर देते—"अबकी बार 400 पार।" लेकिन जनता के दरवाजे तक पहुंचने की बजाय अधिकांश पदाधिकारी एक-दूसरे से मिलकर ही प्रचार करते रहे और 400 पार के दावे करते रहे। जब परिणाम आया तो उत्तर प्रदेश में भाजपा का 400 पार का रथ सिर्फ रुका ही नहीं, बल्कि पार्टी लोकसभा सीटों के लिहाज से दूसरे नंबर पर पहुंच गई। इसके बाद भाजपा नेताओं ने कहा कि विपक्ष ने संविधान बदलने की बात कहकर जनता को गुमराह किया और उसका लाभ उठा लिया। उधर विपक्ष की समाजवादी पार्टी को यह गलतफहमी हो गई कि जनता पूरी तरह उसके साथ आ गई है। कांग्रेस को लगा कि उसके साथ गठबंधन होने से सपा को बड़ा फायदा हुआ, जबकि सपा को लगता है कि कांग्रेस को उसका लाभ मिला। दोनों दल इसी आत्मविश्वास, या कहें गलतफहमी, में 2027 का सुनहरा सपना देख रहे हैं। जुलाई में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरु पूर्णिमा के अवसर पर वाराणसी के रविदास मंदिर पहुंचे। कार्यक्रम के लिए भाजपा ने काफी तैयारी की और बड़ी संख्या में लोगों को लाने का प्रयास किया। लेकिन सोशल मीडिया पर खाली कुर्सियों की तस्वीरें वायरल हो गईं। इसके बाद भाजपा समर्थकों ने कहना शुरू किया कि ये तस्वीरें कार्यक्रम शुरू होने से पहले या कार्यक्रम समाप्त होने के बाद की हैं और इन्हें विपक्ष ने जानबूझकर वायरल किया है। कुछ लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि ऐसी खबरें लिखने वाले पत्रकार विपक्षी दलों से प्रभावित हैं। इसी गुरु पूर्णिमा के दिन वाराणसी के भाजपा विधायक अपने क्षेत्र के पांच मंदिरों में दर्शन करने पहुंचे और पुजारियों को वस्त्र व मिष्ठान भी भेंट किए। हालांकि उनके पहुंचने का अंदाज कुछ लोगों को ऐसा लगा मानो वे दर्शन करने नहीं, बल्कि स्वयं दर्शन देने आए हों। रविदास मंदिर के कार्यक्रम में जाने वाले लोगों के लिए बसों में लंच पैकेट भी रखे गए। अब 2027 का विधानसभा चुनाव तेजी से करीब आ रहा है। इसी बीच लोगों के मोबाइल पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की रिकॉर्डेड आवाज सुनाई दे रही है—"माफिया को मिट्टी में मिला देंगे।" यह कॉल "सरकार दरबार" के नाम से दिखाई देता है। एक तरफ रिकॉर्डेड आवाज में माफिया को मिट्टी में मिलाने की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ कई चर्चित माफिया या बाहुबली प्रवृत्ति के लोग 2027 का विधानसभा चुनाव लड़ने का एलान भी कर चुके हैं। 2027 में उत्तर प्रदेश में नेता फंसेंगे या जनता फंसेगी, इसका जवाब चुनाव परिणाम ही देगा। फिलहाल सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों अपने-अपने सुनहरे सपनों और अपनी-अपनी गलतफहमियों में जी रहे हैं। करामात तो आखिरकार उत्तर प्रदेश की झूलती हुई जनता ही करेगी।

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    पवार की पावर🥊

फिर ऊपर जाते तिरंगे🇮🇳 को देखकर आंखों में वो गौरवशाली खुशी......

एक खिलाड़ी के लिए दुनिया में इससे बेहतर पल कोई और कभी भी हो नही सकता

पोडियम पर खड़े होकर गले मे गोल्ड मैडल🥇

स्टेडियम में बजती राष्ट्रगान की धुन 🎷

और धीरे धीरे ऊपर जाता तिरंगा🇮🇳🇮🇳

स्टेडियम में भारत माता की जय के लगते उदघोष😍

Goose bump☺️

गोल्ड मैडल
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प्रीति पवार
    user_गजेन्द्र कुमार सिंह
    गजेन्द्र कुमार सिंह
    Pindra, Varanasi•
    2 hrs ago
  • एसडीएम कार्यालय पहुँच कर पिड़ित ने न्याय के संबंध में गुहार लगाया। जनपद जौनपुर तहसील केराकत में, एसडीएम कार्यालय पहुँच कर पिड़ित ने न्याय के संबंध में गुहार लगाया। आप लोगो को बतादे कि तहसील केराकत के विकास खंड मुफ्तीगंज के गाँव मटियारी निवासी धर्मराज पांल तहसील केराकत उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा कब्जा हटाने के संबंध में, वही पिड़ित धर्मराज पाल ने बताया कि भीटा का जमीन कब्जा किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया हूँ, वही पिड़ित शुरू एप के माध्यम से जिलाधिकारी से कब्जा हटवाने के संबंध में, गुहार लगाया।
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    एसडीएम कार्यालय पहुँच कर पिड़ित ने न्याय के संबंध में गुहार लगाया।
जनपद जौनपुर तहसील केराकत में, एसडीएम कार्यालय पहुँच कर पिड़ित ने न्याय के संबंध में गुहार लगाया। आप लोगो को बतादे कि तहसील केराकत के विकास खंड मुफ्तीगंज के गाँव मटियारी निवासी  धर्मराज पांल तहसील केराकत उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा कब्जा हटाने के संबंध में, वही पिड़ित धर्मराज पाल ने बताया कि भीटा का जमीन कब्जा किया जा रहा है। उपजिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया हूँ, वही पिड़ित शुरू एप के माध्यम से जिलाधिकारी से कब्जा हटवाने के संबंध में, गुहार लगाया।
    user_पत्रकार विकास पाठक जनपद जौनपुर
    पत्रकार विकास पाठक जनपद जौनपुर
    केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सावन मेले की तैयारियों को लेकर डीसीपी-एडीसीपी ने किया मार्कण्डेय महादेव मंदिर का निरीक्षण
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    सावन मेले की तैयारियों को लेकर डीसीपी-एडीसीपी ने किया मार्कण्डेय महादेव मंदिर का निरीक्षण
    user_Laik AFTAB
    Laik AFTAB
    Grain Trader सदर, वाराणसी, उत्तर प्रदेश•
    19 min ago
  • नेवढिया की इतनी जर्जर सड़क की आना जाना मुश्किल हो गया है सुबह के इतने स्कुल के बच्चे आते है जिन्हे बहुत तकलिक का सामना करना पड़ता है चुनाव के बहुत सारे नेता आते है अभी किशि का भी ध्यान नही जा रहा है
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    नेवढिया की इतनी जर्जर सड़क की आना जाना मुश्किल हो गया है सुबह के इतने स्कुल के बच्चे आते है जिन्हे बहुत तकलिक का सामना करना पड़ता है चुनाव के बहुत सारे नेता आते है अभी किशि का भी ध्यान नही जा रहा है
    user_Deepak chauhan
    Deepak chauhan
    मरियाहू, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • bjp neta
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    bjp neta
    user_NEWS TIME UP
    NEWS TIME UP
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    1 hr ago
  • जौनपुर थाना खुटहन पुलिस टीम के साथ हुई मुठभेड़ मुठभेड़ जौनपुर थाना खुटहन पुलिस टीम के साथ हुई मुठभेड़ में 01 अंतर्जनपदीय शातिर अभियुक्त सहित 02 अभियुक्त गिरफ्तार, एक अभियुक्त के पैर में लगी गोली/घायल, कब्जे से 01 देशी तमन्चा, 01 खोखा कारतूस व 01 जिन्दा कारतूस व एक मो0सा0 बरामद। उक्त गिरफ्तारी/बरामदगी के सम्बन्ध में क्षेत्राधिकारी शाहगंज की बाइट।
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    user_Jitendra bahadur Dubey
    Jitendra bahadur Dubey
    Nurse केराकत, जौनपुर, उत्तर प्रदेश•
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