चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली थाना पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 टन अवैध बजरी से भरी 5 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो ट्रैक्टर चालकों को भी गिरफ्तार किया। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एएसपी रावतभाटा भगवत सिंह हिंगड़ के निर्देशन और डीएसपी बेंगू अंजलीसिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी पारसोली ठाकराराम के नेतृत्व में बुधवार को की गई। पुलिस टीम ने थाना सर्किल के बिच्छोर गाँव के बाहर स्थित गिट्टी केशरों के पास शम्भुपुरा की तरफ से आने वाले रास्ते पर खनिज बजरी का परिवहन करते हुए इन ट्रैक्टरों को रोका। गिरफ्तार किए गए चालकों की पहचान महेंद्र नायक (उम्र 22 साल, निवासी होड़ा खाचरौल, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा) और महावीर (उम्र 19 साल, निवासी मेहताजी का खेड़ा, थाना बिगोद, जिला भीलवाड़ा) के रूप में हुई है। इन चालकों के पास बजरी परिवहन के लिए कोई अनुज्ञापत्र, रॉयल्टी रसीद या ई-रवाना नहीं मिला। पुलिस ने बजरी चोरी और अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले में अनुसंधान जारी है। कार्रवाई करने वाली पारसोली थाना पुलिस टीम में थानाधिकारी ठाकराराम के साथ एएसआई देवी लाल, गोविन्दसिंह, रामदयाल, हैडकानि. चान्दमल और कानि. राजेन्द्र, रघुवीर, प्रमोद, राकेश शामिल थे।
चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली थाना पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 टन अवैध बजरी से भरी 5 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो ट्रैक्टर चालकों को भी गिरफ्तार किया। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एएसपी रावतभाटा भगवत सिंह हिंगड़ के निर्देशन और डीएसपी बेंगू अंजलीसिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी पारसोली ठाकराराम के नेतृत्व में बुधवार को की गई। पुलिस टीम ने थाना सर्किल के बिच्छोर गाँव के बाहर स्थित गिट्टी केशरों के पास शम्भुपुरा की तरफ से आने वाले रास्ते पर खनिज बजरी का परिवहन करते हुए इन ट्रैक्टरों को रोका। गिरफ्तार किए गए चालकों की पहचान महेंद्र नायक (उम्र 22 साल, निवासी होड़ा खाचरौल, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा) और महावीर (उम्र 19 साल, निवासी मेहताजी का खेड़ा, थाना बिगोद, जिला भीलवाड़ा) के रूप में हुई है। इन चालकों के पास बजरी परिवहन के लिए कोई अनुज्ञापत्र, रॉयल्टी रसीद या ई-रवाना नहीं मिला। पुलिस ने बजरी चोरी और अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले में अनुसंधान जारी है। कार्रवाई करने वाली पारसोली थाना पुलिस टीम में थानाधिकारी ठाकराराम के साथ एएसआई देवी लाल, गोविन्दसिंह, रामदयाल, हैडकानि. चान्दमल और कानि. राजेन्द्र, रघुवीर, प्रमोद, राकेश शामिल थे।
- चित्तौड़गढ़ जिले के पारसोली थाना पुलिस ने अवैध बजरी खनन और परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 25 टन अवैध बजरी से भरी 5 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से दो ट्रैक्टर चालकों को भी गिरफ्तार किया। जिला पुलिस अधीक्षक श्री धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई एएसपी रावतभाटा भगवत सिंह हिंगड़ के निर्देशन और डीएसपी बेंगू अंजलीसिंह के सुपरविजन में थानाधिकारी पारसोली ठाकराराम के नेतृत्व में बुधवार को की गई। पुलिस टीम ने थाना सर्किल के बिच्छोर गाँव के बाहर स्थित गिट्टी केशरों के पास शम्भुपुरा की तरफ से आने वाले रास्ते पर खनिज बजरी का परिवहन करते हुए इन ट्रैक्टरों को रोका। गिरफ्तार किए गए चालकों की पहचान महेंद्र नायक (उम्र 22 साल, निवासी होड़ा खाचरौल, थाना बडलियास, जिला भीलवाड़ा) और महावीर (उम्र 19 साल, निवासी मेहताजी का खेड़ा, थाना बिगोद, जिला भीलवाड़ा) के रूप में हुई है। इन चालकों के पास बजरी परिवहन के लिए कोई अनुज्ञापत्र, रॉयल्टी रसीद या ई-रवाना नहीं मिला। पुलिस ने बजरी चोरी और अवैध परिवहन का प्रकरण दर्ज कर लिया है और मामले में अनुसंधान जारी है। कार्रवाई करने वाली पारसोली थाना पुलिस टीम में थानाधिकारी ठाकराराम के साथ एएसआई देवी लाल, गोविन्दसिंह, रामदयाल, हैडकानि. चान्दमल और कानि. राजेन्द्र, रघुवीर, प्रमोद, राकेश शामिल थे।1
- राजस्थान के रावतभाटा में प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोलती एक खबर सामने आई है, जहाँ तीन आवासीय कॉलोनियों के निवासी पिछले 21 सालों से मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। इन कॉलोनियों में पानी, बिजली, क्षतिग्रस्त सड़कें, टूटी नालियाँ और गंदगी जैसी गंभीर समस्याएँ बनी हुई हैं, जिससे क्षेत्रवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति उन कॉलोनियों की है जिनकी नींव सन 2005 में काटी गई थी। निवासियों का आरोप है कि सीवरेज के नाम पर सड़कों को खोद दिया गया है, लेकिन समस्याएँ जस की तस बनी हुई हैं। स्थानीय निवासी यूडी टैक्स चुकाने के बावजूद प्रशासन की लापरवाही से नाराज हैं। उनका कहना है कि शहरी सेवा शिविर भी केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं, और उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।1
- कोटा विकास प्राधिकरण (KDA) का अतिक्रमण हटाओ अभियान लगातार जारी है। बुधवार को जगपुरा क्षेत्र में सड़क निर्माण में बाधा बन रहे एक पत्थर कोट को हटाया गया। इसके अतिरिक्त, मेडिकल कॉलेज के सामने और रामचरण सर्किल क्षेत्र में सड़क सीमा पर लगाई गई गुमटियों, ठेलों और ढाबों को भी ध्वस्त किया गया। इसी कड़ी में, विनोबा भावे नगर योजना के एक भूखंड पर किए गए अतिक्रमण को भी प्राधिकरण द्वारा हटाया गया। कोटा विकास प्राधिकरण के आयुक्त बचनेश कुमार अग्रवाल ने सभी अतिक्रमणकारियों को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि प्राधिकरण की भूमि पर कब्जा करने वाले लोग स्वयं ही अपने अतिक्रमण हटा लें, अन्यथा उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।3
- नीट पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और युवाओं से संवाद करने के उद्देश्य से नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी कोटा पहुंचे। इस कार्यक्रम के तहत उन्होंने छात्रों और युवाओं से सीधा संवाद किया।1
- कोटा में, पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में हुई प्रसूताओं की मौत के मामले की जांच रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की है। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि वह मरीजों के परिजनों को इस मामले में चिंता मुक्त करे। गहलोत ने यह भी सवाल उठाया कि अब तक की जांच रिपोर्ट में मौतों के कारणों का पता क्यों नहीं चल पाया है।1
- लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी बुधवार को कोटा पहुंचे, जहाँ एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। राहुल गांधी के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एयरपोर्ट पर जुटे और कांग्रेस के समर्थन में नारे लगाए। इस दौरान राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट सहित कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेता एयरपोर्ट पर मौजूद रहे। नेताओं ने राहुल गांधी का स्वागत किया और उन्हें कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना किया। राहुल गांधी का शाम को कोटा के दशहरा मैदान में छात्रों और युवाओं के साथ संवाद कार्यक्रम प्रस्तावित है। इस कार्यक्रम में नीट परीक्षा पेपर लीक, बेरोजगारी, शिक्षा व्यवस्था और युवाओं से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। राहुल गांधी के इस दौरे को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं में काफी उत्साह का माहौल है। पार्टी पदाधिकारियों के अनुसार, संवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं, युवाओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। राहुल गांधी के कोटा दौरे से जिले में राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।4
- चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा में वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप की जयंती के अवसर पर लाहोटी अस्पताल परिसर में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में कुल 108 रक्तदाताओं ने उत्साहपूर्वक रक्तदान कर मानव सेवा का संदेश दिया। आयोजक चेतन सिंह सांखला ने बताया कि महाराणा प्रताप जयंती पर यह रक्तदान शिविर हर साल की तरह इस साल भी आयोजित किया गया था। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुशाल बारेशा, कमलेंद्र सिंह हाड़ा, राजकुमार वधवा, राजेंद्र दशोरा, भुवनेश नागर, पुष्पेंद्र सिंह हाड़ा, चंद्र सिंह भाटी और प्रहलाद जाट ने महाराणा प्रताप के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। चेतन सिंह सांखला ने सभी अतिथियों का साफा और दुपट्टा पहनाकर तथा स्मृति स्वरूप तलवार भेंट कर स्वागत किया। जागो रावतभाटा फिटनेस क्लब के अध्यक्ष बालकिशन गुलाटी ने भीषण गर्मी के बावजूद रक्तदाताओं के उत्साह की सराहना की। कई युवाओं ने पहली बार रक्तदान कर अपनी सामाजिक जिम्मेदारी निभाई और महाराणा प्रताप को अपना प्रेरणास्रोत बताया। इस शिविर में हरलाल मीणा और पूजा दीक्षित ने पहली बार रक्तदान किया, जबकि हर्षवर्धन गुप्ता ने 48वीं बार रक्तदान कर युवाओं के लिए प्रेरणा पेश की। बालू बंजारा ने अपने दोनों बेटों विजय बंजारा और विशाल बंजारा के साथ रक्तदान किया, वहीं कोटा से आए पिंकु बना, ओपी सिंह, जय सिंह और कुलविंदर सिंह ने अपनी पत्नी मधु शेखावत के साथ इसमें सहभागिता की। शिविर में महिलाओं और युवाओं की उल्लेखनीय भागीदारी दर्ज की गई। चेतन सिंह सांखला ने जागो रावतभाटा फिटनेस क्लब, क्षत्रिय समाज, सेवा भारती, हिंदू जागरण मंच, बजरंग दल, विश्व हिंदू परिषद, पेंशनर समाज सहित सभी सहयोगी संस्थाओं और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। हिंदू जागरण मंच, पेंशनर समाज और सेवा भारती द्वारा चेतन सिंह सांखला को प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया गया। रक्तदान शिविर के सफल आयोजन में विशेष योगदान के लिए आशुतोष सिंह, ललित सैनी, भूपेंद्र सिंह और महेश निषाद को आयोजन समिति द्वारा सम्मानित किया गया। इस दौरान कार्यक्रम में महावीर चौधरी, मनोज मलिक, विजय सिंह सांखला, रवि प्रताप सिंह, डॉ. बी.एस. परमार सहित सर्व समाज के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।1
- राजस्थान के कोटा में कांग्रेस के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस और कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के बीच जमकर हंगामा और तीखी झड़प देखने को मिली। इस प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे कोटा देहात कांग्रेस जिला अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह और पुलिस कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की हुई। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का आरोप है कि भीड़ को नियंत्रित करने के दौरान पुलिस ने जिला अध्यक्ष के साथ बदसलूकी की और उन्हें धक्का दिया। यह विवाद तब बढ़ा जब कांग्रेस कार्यकर्ता जनहित के विभिन्न मुद्दों और सरकार की नीतियों के खिलाफ कलेक्ट्रेट का घेराव करने पहुंचे थे। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने बैरिकेडिंग लगा रखी थी, जिसे कार्यकर्ताओं ने पार करने की कोशिश की। इसके बाद, पुलिस ने बल प्रयोग कर उन्हें पीछे धकेलना शुरू कर दिया। घटना के बाद भानु प्रताप सिंह और अन्य वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने पुलिस की कार्यशैली पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। जिला अध्यक्ष का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे, लेकिन पुलिस ने तानाशाही रवैया अपनाते हुए कार्यकर्ताओं पर लाठियां भांजी और उनके साथ धक्का-मुक्की की। उन्होंने यह भी कहा कि जनप्रतिनिधियों और संगठन के पदाधिकारियों के साथ इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दूसरी ओर, मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने और सरकारी संपत्ति को नुकसान से बचाने के लिए उन्हें हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। पुलिस का दावा है कि प्रदर्शनकारियों को बार-बार समझाया जा रहा था, लेकिन बैरिकेडिंग तोड़ने और धक्का-मुक्की की शुरुआत प्रदर्शनकारियों की तरफ से ही हुई थी। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक माहौल गर्मा गया है और कांग्रेस नेताओं ने उच्च अधिकारियों से शिकायत करने की चेतावनी दी है।1