बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत के ग्राम बरती खुर्द में चुनावी मौसम में बड़े-बड़े वादे लेकर पहुंच रहे नेताओं को अब ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सालों से जर्जर और कीचड़ से भरी सड़क से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा अब सोशल मीडिया पर फूट पड़ा है, जहाँ वे स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि खोखले वादे करने वाले नेताओं की अब गाँव में खैर नहीं। गाँव के युवाओं और अन्य ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है, जहाँ उन्होंने एक खास गाने के साथ अपने गाँव की बदहाल सड़क का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया है। यह वीडियो उन नेताओं के लिए एक सीधा तमाचा है जो चुनाव आते ही गाँव के विकास का दावा करते हैं, और ग्रामीण इसके माध्यम से 'सड़क नहीं तो वोट नहीं!' का सीधा संदेश दे रहे हैं। ग्रामीणों की साफ मांग है कि नेताओं को भाषण देने से पहले गाँव की इस बदहाल सड़क पर चलकर दिखाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले समय में नेताओं को वोट की जगह केवल विरोध ही मिलेगा। अब देखना यह होगा कि इस बार क्या होता है।
बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत के ग्राम बरती खुर्द में चुनावी मौसम में बड़े-बड़े वादे लेकर पहुंच रहे नेताओं को अब ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सालों से जर्जर और कीचड़ से भरी सड़क से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा अब सोशल मीडिया पर फूट पड़ा है, जहाँ वे स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि खोखले वादे करने वाले नेताओं की अब गाँव में खैर नहीं। गाँव के युवाओं और अन्य ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है, जहाँ उन्होंने एक खास गाने के साथ अपने गाँव की बदहाल सड़क का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया है। यह वीडियो उन नेताओं के लिए एक सीधा तमाचा है जो चुनाव आते ही गाँव के विकास का दावा करते हैं, और ग्रामीण इसके माध्यम से 'सड़क नहीं तो वोट नहीं!' का सीधा संदेश दे रहे हैं। ग्रामीणों की साफ मांग है कि नेताओं को भाषण देने से पहले गाँव की इस बदहाल सड़क पर चलकर दिखाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले समय में नेताओं को वोट की जगह केवल विरोध ही मिलेगा। अब देखना यह होगा कि इस बार क्या होता है।
- बलरामपुर जिले के वाड्रफनगर जनपद पंचायत के ग्राम बरती खुर्द में चुनावी मौसम में बड़े-बड़े वादे लेकर पहुंच रहे नेताओं को अब ग्रामीणों के कड़े विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सालों से जर्जर और कीचड़ से भरी सड़क से परेशान ग्रामीणों का गुस्सा अब सोशल मीडिया पर फूट पड़ा है, जहाँ वे स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि खोखले वादे करने वाले नेताओं की अब गाँव में खैर नहीं। गाँव के युवाओं और अन्य ग्रामीणों ने विरोध का एक अनोखा तरीका अपनाया है, जहाँ उन्होंने एक खास गाने के साथ अपने गाँव की बदहाल सड़क का वीडियो बनाकर इंटरनेट पर वायरल कर दिया है। यह वीडियो उन नेताओं के लिए एक सीधा तमाचा है जो चुनाव आते ही गाँव के विकास का दावा करते हैं, और ग्रामीण इसके माध्यम से 'सड़क नहीं तो वोट नहीं!' का सीधा संदेश दे रहे हैं। ग्रामीणों की साफ मांग है कि नेताओं को भाषण देने से पहले गाँव की इस बदहाल सड़क पर चलकर दिखाना होगा। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि सड़क का निर्माण जल्द शुरू नहीं हुआ, तो आने वाले समय में नेताओं को वोट की जगह केवल विरोध ही मिलेगा। अब देखना यह होगा कि इस बार क्या होता है।1
- छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले में एक भीषण सड़क हादसे में चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। यह घटना सनवाल रोड पर ग्राम पीपर पान के पास हुई, जहाँ एक तेज रफ्तार बाइक ईंटों से भरे ट्रैक्टर से पीछे से जा टकराई। पुलिस के अनुसार, इस दर्दनाक टक्कर में बाइक पर सवार सभी चारों लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतक बीती शाम डिंडो बाजार से अपने घर वापस लौट रहे थे। सनवाल थाना पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है।1
- सोनभद्र जिले के दुद्धी में, विंढमगंज थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत महुली में कब्रिस्तान महुली से पतरिहा बॉर्डर तक सड़क निर्माण कार्य का आज शुभ उद्घाटन किया गया। ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल ने विधिवत फीता काटकर इस महत्वपूर्ण परियोजना का शुभारंभ किया, जिससे क्षेत्रीय ग्रामीणों में खुशी की लहर दौड़ गई है। बताया गया कि यह सड़क लंबे समय से जर्जर अवस्था में थी, जिसके कारण ग्रामीणों को आवागमन में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। विशेषकर बरसात के दिनों में स्थिति और भी गंभीर हो जाती थी। ग्रामीणों की इस समस्या और मांग को देखते हुए, ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल ने पूर्व में भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल गुप्ता को सड़क निर्माण के लिए प्रस्ताव दिया था। ग्रामीणों के हित को प्राथमिकता देते हुए इस प्रस्ताव को स्वीकृति मिली। उद्घाटन के अवसर पर ग्राम प्रधान अरविंद जायसवाल ने कहा कि गांव के विकास के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं और सड़क, बिजली, पानी तथा सुरक्षा जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता दी जा रही है। इस सड़क के निर्माण से महुली एवं आसपास के क्षेत्रों के लोगों को सीधा लाभ मिलेगा और आवागमन सुगम हो जाएगा। ग्रामीणों ने इस पहल के लिए ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया है।1
- आम जनता पर अपनी धौंस जमाने वाली पुलिस एक गैंगस्टर के सामने नतमस्तक हो गई है। इस घटना के बाद, अब खुद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर जांच शुरू कर दी गई है।1
- झारखंड के गढ़वा जिले के नगरउंटारी क्षेत्र में एक सड़क की हालत बेहद खराब है। यह सड़क लंबे समय से नहीं बन पा रही है, जिससे स्थिति और बिगड़ती जा रही है। इस मामले में स्थानीय मुखिया पर कोई कदम न उठाने और निष्क्रियता का आरोप लगाया गया है।2
- छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के प्रतापपुर ब्लॉक अंतर्गत ग्राम कोरंधा में प्रधानमंत्री आवास योजना में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों में इस बात को लेकर भारी नाराजगी है कि योजना के तहत कई अधूरे पड़े आवासों को सरकारी रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाकर राशि निकाल ली गई है। इन आरोपों ने पंचायत स्तर से लेकर जनपद पंचायत तक की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, साथ ही ऑडिट प्रक्रिया की पारदर्शिता पर भी संदेह उत्पन्न किया है। ग्रामीणों के अनुसार, जिन गरीब परिवारों को पक्का मकान देने का वादा किया गया था, वे आज भी अधूरे निर्माण वाले घरों में रहने को मजबूर हैं, जहाँ छत अधूरी है, प्लास्टर नहीं हुआ है और दरवाजे-खिड़कियाँ तक नहीं लगी हैं। आरोप है कि कई मामलों में अधूरे आवासों को पूर्ण दिखाने के लिए दूसरे मकानों की तस्वीरें खींची गईं और इसी आधार पर भुगतान प्रक्रिया पूरी कर राशि का आहरण कर लिया गया। वास्तविक स्थिति और सरकारी रिकॉर्ड के बीच भारी अंतर होने का दावा किया गया है, जहाँ कई हितग्राहियों के आवास अधूरे होने के बावजूद दस्तावेजों में उन्हें पूर्ण बताया गया। ग्रामीणों ने योजना की राशि में बड़े स्तर पर गड़बड़ी और बंदरबाट का आरोप लगाते हुए कहा है कि सहायता राशि पारदर्शिता के साथ हितग्राहियों तक नहीं पहुँच रही है और बीच में ही दुरुपयोग किया जा रहा है। कुछ ग्रामीणों को किस्तों की सही जानकारी न देने और निर्माण कार्य पूरा किए बिना ही कागजों में प्रक्रिया आगे बढ़ाने के आरोप भी लगाए गए हैं। अधूरे मकानों को पूर्ण दिखाकर सरकार द्वारा मिलने वाली 90 दिनों की मजदूरी भुगतान राशि भी प्राप्त करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने ग्राम पंचायतों की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी नाराजगी जताई है, जहाँ एक सचिव को तीन-तीन ग्राम पंचायतों का प्रभार सौंपने से योजनाओं की निगरानी प्रभावित हो रही है। रोजगार सहायकों और आवास मित्रों की भूमिका पर भी सवाल उठे हैं, क्योंकि आरोप है कि जिम्मेदार कर्मचारी नियमित रूप से गांवों में नहीं पहुंचते और कार्य केवल कागजी प्रक्रिया तक सीमित रह गया है। सबसे गंभीर आरोप ऑडिट और सत्यापन प्रक्रिया को लेकर हैं, जिसमें कर्मचारियों पर बिना हितग्राहियों के घर पहुंचे और बिना भौतिक निरीक्षण किए कागजों में प्रक्रिया पूर्ण करने का आरोप लगाया गया है। कुछ ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर कराए गए, जबकि ऑडिट कर्मचारी कभी उनके घर पहुंचे ही नहीं। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्राम कोरंधा सहित संबंधित पंचायतों में बने सभी प्रधानमंत्री आवासों की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय भौतिक जांच कराई जाए, हितग्राहियों के बयान दर्ज किए जाएं तथा दोषी कर्मचारियों और जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई हो, अन्यथा यह महत्वाकांक्षी योजना अपने उद्देश्य को पूरा नहीं कर पाएगी। इस मामले में ग्राम पंचायत सचिव कमला ठाकुर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव न होने के कारण उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।3
- सिंगरौली में एक व्यक्ति ने केस संबंधी बातचीत के दौरान अचानक एक वकील पर हमला कर दिया। यह घटना उस समय हुई जब व्यक्ति वकील से अपने केस को लेकर चर्चा कर रहा था।1
- सनातन धर्म ने एक पिता-पुत्र की जोड़ी को कोटि-कोटि नमन करते हुए कहा है कि यह धर्म सदा ही उनका ऋणी रहेगा। इस गहन सम्मान का मुख्य कारण उनके उस योगदान को बताया गया है जो उपासना स्थल अधिनियम, 1991 (प्लेसेस ऑफ वर्शिप एक्ट) से संबंधित है। इस संदर्भ में, विष्णु शंकर जैन जी की विशेष रूप से सराहना की गई है और उन्हें 'आज़ाद भारत के वीर शिवाजी' के रूप में संबोधित किया गया है।1