logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…
  • Latest News
  • News
  • Politics
  • Elections
  • Viral
  • Astrology
  • Horoscope in Hindi
  • Horoscope in English
  • Latest Political News
logo
Shuru
Apke Nagar Ki App…

जनपद कौशाम्बी में पुलिस टीमों ने मोबाइल चोरी, स्नैचिंग और खोने से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 121 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई गई है। यह बरामदगी कौशाम्बी के सभी थानों की पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस और मैनुअल इनपुट की सहायता से की गई, जिसमें थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों और सीसीटीएनएस पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके स्वामियों की पहचान कर उन्हें वापस सौंप दिए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में सी.ई.आई.आर. (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो एक केंद्रीकृत नागरिक पोर्टल है। यह पोर्टल चोरी हुए, खोए हुए या छीने गए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में सहायता करता है। आम जनता स्वयं भी अपने मोबाइल खोने या चोरी होने की सूचना ऑनलाइन ceir.gov.in वेबसाइट पर दर्ज कर सकती है। इसी तरह, थानों पर प्राप्त होने वाले मोबाइल चोरी और खो जाने संबंधी प्रार्थना पत्रों को भी सी.ई.आई.आर. पोर्टल पर दर्ज करके ट्रैक किया जाता है, जिससे पूरे भारतवर्ष में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को संबंधित थानों को सूचित करते हुए बरामद कर उसके स्वामी को सुपुर्द किया जा सके। मोबाइल फोन की सर्वाधिक बरामदगी करने वाले थानों में मंझनपुर थाना 20 मोबाइल के साथ प्रथम स्थान पर रहा, जबकि सराय अकड़ थाना 19 मोबाइल के साथ दूसरे और पश्चिम शरीरा थाना 18 मोबाइल के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

1 hr ago
user_Rani Singh
Rani Singh
Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
1 hr ago

जनपद कौशाम्बी में पुलिस टीमों ने मोबाइल चोरी, स्नैचिंग और खोने से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 121 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई गई है। यह बरामदगी कौशाम्बी के सभी थानों की पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस और मैनुअल इनपुट की सहायता से की गई, जिसमें थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों और सीसीटीएनएस पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके स्वामियों की पहचान कर उन्हें वापस सौंप दिए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में सी.ई.आई.आर. (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो एक केंद्रीकृत नागरिक पोर्टल है। यह पोर्टल चोरी हुए, खोए हुए या छीने गए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में सहायता करता है। आम जनता स्वयं भी अपने मोबाइल खोने या चोरी होने की सूचना ऑनलाइन ceir.gov.in वेबसाइट पर दर्ज कर सकती है। इसी तरह, थानों पर प्राप्त होने वाले मोबाइल चोरी और खो जाने संबंधी प्रार्थना पत्रों को भी सी.ई.आई.आर. पोर्टल पर दर्ज करके ट्रैक किया जाता है, जिससे पूरे भारतवर्ष में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को संबंधित थानों को सूचित करते हुए बरामद कर उसके स्वामी को सुपुर्द किया जा सके। मोबाइल फोन की सर्वाधिक बरामदगी करने वाले थानों में मंझनपुर थाना 20 मोबाइल के साथ प्रथम स्थान पर रहा, जबकि सराय अकड़ थाना 19 मोबाइल के साथ दूसरे और पश्चिम शरीरा थाना 18 मोबाइल के साथ तीसरे स्थान पर रहा।

More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
  • कौशाम्बी जनपद में पुलिस ने मोबाइल चोरी, स्नेचिंग और खोने से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 121 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹25 लाख है। यह कार्रवाई जनपद कौशाम्बी के विभिन्न थानों पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर, सी ई आई आर (सेन्ट्रल इक्वीपमेंट आईडेंटीटी रजिस्टर) पोर्टल, सर्विलांस और मैनुअल इनपुट की सहायता से की गई। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके स्वामियों की पहचान कर उन्हें सौंप दिए गए हैं। इस अभियान में जनपद कौशाम्बी के समस्त थानों की पुलिस टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों और सीसीटीएनएस पुलिस टीम ने मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। सी ई आई आर पोर्टल एक केंद्रीकृत सिटीजन पोर्टल है, जो चोरी हुए, खोए हुए या छीने गए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में मदद करता है। आम जनता स्वयं भी अपने मोबाइल खोने या चोरी होने की जानकारी इस पोर्टल की वेबसाइट ceir.gov.in पर ऑनलाइन दर्ज कर सकती है। इसी तरह, थानों पर मोबाइल चोरी या खो जाने के संबंध में प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों को भी CEIR पोर्टल पर दर्ज करके ट्रैक किया जाता है। इस प्रणाली से पूरे भारत में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को आवश्यकतानुसार संबंधित थानों को सूचित करते हुए बरामद किया जाता है और उनके मालिकों को सुपुर्द किया जाता है। सर्वाधिक फोन बरामद करने वाले थानों में मंझनपुर थाना 20 मोबाइल फोन के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि सराय अकिल थाना 19 मोबाइल फोन के साथ दूसरे और पश्चिम शरीरा थाना 18 मोबाइल फोन की बरामदगी के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
    1
    कौशाम्बी जनपद में पुलिस ने मोबाइल चोरी, स्नेचिंग और खोने से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 121 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹25 लाख है। यह कार्रवाई जनपद कौशाम्बी के विभिन्न थानों पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर, सी ई आई आर (सेन्ट्रल इक्वीपमेंट आईडेंटीटी रजिस्टर) पोर्टल, सर्विलांस और मैनुअल इनपुट की सहायता से की गई। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके स्वामियों की पहचान कर उन्हें सौंप दिए गए हैं।

इस अभियान में जनपद कौशाम्बी के समस्त थानों की पुलिस टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों और सीसीटीएनएस पुलिस टीम ने मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया।

सी ई आई आर पोर्टल एक केंद्रीकृत सिटीजन पोर्टल है, जो चोरी हुए, खोए हुए या छीने गए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में मदद करता है। आम जनता स्वयं भी अपने मोबाइल खोने या चोरी होने की जानकारी इस पोर्टल की वेबसाइट ceir.gov.in पर ऑनलाइन दर्ज कर सकती है। इसी तरह, थानों पर मोबाइल चोरी या खो जाने के संबंध में प्राप्त होने वाले प्रार्थना पत्रों को भी CEIR पोर्टल पर दर्ज करके ट्रैक किया जाता है। इस प्रणाली से पूरे भारत में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को आवश्यकतानुसार संबंधित थानों को सूचित करते हुए बरामद किया जाता है और उनके मालिकों को सुपुर्द किया जाता है।

सर्वाधिक फोन बरामद करने वाले थानों में मंझनपुर थाना 20 मोबाइल फोन के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि सराय अकिल थाना 19 मोबाइल फोन के साथ दूसरे और पश्चिम शरीरा थाना 18 मोबाइल फोन की बरामदगी के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
    user_Rani Singh
    Rani Singh
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • प्रयागराज के ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के छात्रावास में अवैध रूप से रह रहे दबंगों और असामाजिक तत्वों से स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। पीड़ित शुभम मालवीय ने मीडिया के सामने अपनी व्यथा रखते हुए जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। शुभम मालवीय के अनुसार, उनके चांद पुर सलोरी सती मंदिर स्थित आवास के ठीक सामने मौजूद इस हॉस्टल में वर्तमान में कोई भी वैध छात्र नहीं रह रहा है, बल्कि 40 से 50 की संख्या में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए हैं और खुद को कॉलेज का छात्र बताकर वहां रहते हैं। आरोप है कि हॉस्टल में रहने वाले ये असामाजिक तत्व आए दिन शराब के नशे में धुत रहते हैं, जुआ खेलते हैं और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। वे शुभम मालवीय के घर के नीचे और आसपास ठेला लगाने वाले गरीब दुकानदारों तथा उनके किराएदारों को लगातार प्रताड़ित करते हैं, जो मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ये लोग छोटी-छोटी बातों पर लड़ने-झगड़ने को उतारू रहते हैं, और यदि कोई शांतिपूर्वक बातचीत या समझा-बुझाकर मामला सुलझाने की कोशिश करता है, तो वे सीधे मारपीट पर आमदा हो जाते हैं। पीड़ित शुभम मालवीय ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस और जिला प्रशासन से कई बार लिखित शिकायत की है, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शुभम मालवीय ने मीडिया को ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र भी दिखाया, जिसमें कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हॉस्टल में रह रहे इन लोगों को रहने की कोई अनुमति नहीं दी गई है और वे पूरी तरह से अवैध रूप से वहां निवास कर रहे हैं। स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप और ठोस कार्रवाई की मांग की है ताकि उन्हें इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।
    1
    प्रयागराज के ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज के छात्रावास में अवैध रूप से रह रहे दबंगों और असामाजिक तत्वों से स्थानीय निवासी बेहद परेशान हैं। पीड़ित शुभम मालवीय ने मीडिया के सामने अपनी व्यथा रखते हुए जिला प्रशासन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। शुभम मालवीय के अनुसार, उनके चांद पुर सलोरी सती मंदिर स्थित आवास के ठीक सामने मौजूद इस हॉस्टल में वर्तमान में कोई भी वैध छात्र नहीं रह रहा है, बल्कि 40 से 50 की संख्या में आपराधिक प्रवृत्ति के लोग अवैध रूप से कब्जा जमाए हुए हैं और खुद को कॉलेज का छात्र बताकर वहां रहते हैं।

आरोप है कि हॉस्टल में रहने वाले ये असामाजिक तत्व आए दिन शराब के नशे में धुत रहते हैं, जुआ खेलते हैं और अन्य नशीले पदार्थों का सेवन करते हैं। वे शुभम मालवीय के घर के नीचे और आसपास ठेला लगाने वाले गरीब दुकानदारों तथा उनके किराएदारों को लगातार प्रताड़ित करते हैं, जो मेहनत-मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। ये लोग छोटी-छोटी बातों पर लड़ने-झगड़ने को उतारू रहते हैं, और यदि कोई शांतिपूर्वक बातचीत या समझा-बुझाकर मामला सुलझाने की कोशिश करता है, तो वे सीधे मारपीट पर आमदा हो जाते हैं।

पीड़ित शुभम मालवीय ने बताया कि उन्होंने इस संबंध में पुलिस और जिला प्रशासन से कई बार लिखित शिकायत की है, लेकिन अब तक उन्हें केवल आश्वासन ही मिला है और कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। शुभम मालवीय ने मीडिया को ईश्वर शरण डिग्री कॉलेज प्रशासन द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र भी दिखाया, जिसमें कॉलेज प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हॉस्टल में रह रहे इन लोगों को रहने की कोई अनुमति नहीं दी गई है और वे पूरी तरह से अवैध रूप से वहां निवास कर रहे हैं।

स्थानीय निवासियों ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप और ठोस कार्रवाई की मांग की है ताकि उन्हें इस परेशानी से मुक्ति मिल सके।
    user_Arvind singh kumar
    Arvind singh kumar
    Media house इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही "बेबुनियाद, अनर्गल टिप्पणी एवं आपत्तिजनक सामग्री" के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का यह आक्रोश भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों द्वारा राम मंदिर दान चोरी मामले में अभियुक्त टुन्नू यादव से अखिलेश यादव के कथित संबंध होने और उनसे फोन पर बात करने जैसे आरोपों को लेकर था। इस प्रदर्शन के दौरान, आक्रोषित सपा नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचकर महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन टिप्पणियों के माध्यम से न केवल एक वरिष्ठ जन नेता की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि समाज में आपसी सद्भाव बिगाड़ने और अनावश्यक तनाव पैदा करने का काम भी हो रहा है। सपा ने इन टिप्पणियों को समाजवादियों और जन भावनाओं को आहत करने वाला और कानून व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करने वाला बताया। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से ऐसे कृत्य करने वालों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस विरोध प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन, जिलाध्यक्ष गंगापार अनिल यादव, यमुनापार पप्पूलाल निषाद, एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव, विधायक संदीप पटेल, श्रीमती गीता शास्त्री, पूर्व सांसद धर्मराज पटेल, अमरनाथ मौर्य, पूर्व एमएलसी बासुदेव यादव, पूर्व विधायक हाजी मुजतबा सिद्दीकी, हाजी परवेज अहमद, सत्यवीर मुन्ना, संदीप यादव, दूधनाथ पटेल, अब्दुल सलमान मो. गौस, फसाहत, मुजफ्फर बागी, ओ. पी. पाल, महबूब उस्मानी, प्रवक्ता दान बहादुर मधुर, तारिक सईद अज्जू, लाल चंद्र कुशवाहा, डॉ. पूजा मिश्रा, राम मिलन यादव, कृष्णमूर्ति सिंह, डॉ. अमर बहादुर यादव, मुस्ताक काजमी, रविन्द्र यादव एडवोकेट, राम सुमेर पाल, महेन्द्र सरोज, पूर्व प्रमुख संदीप यादव, शांति प्रकाश पटेल, मोईन हबीबी, मो. शारिक, रमाकांत पटेल, संगम लाल मौर्य, मयंक जोंटी, आदिल हमजा, शकील अहमद, मेराज आरिफ, मो. अजहर, संजीव यादव, मुकेश यादव एडवोकेट, बृजलाल यादव, जगदीश यादव, रिटा. मेजर दिनेश यादव, सचिन यादव, राजू पासी, दीना नाथ यादव, श्रीमती कमला यादव, आसुतोष तिवारी, तहजीब, नवीन यादव, शिवा केसरवानी, अखिलेश गुप्ता, श्रीमती मंजू पाठक, गुड्डी यादव, निर्मला यादव, विनोद गौतम, रंग बहादुर पटेल, आर. एन. यादव, संतोष यादव, रवि गुप्ता, संदीप विश्वकर्मा, महेन्द्र निषाद, राजेश गुप्ता, मो. हामिद, मो. सऊद, हसीब, निरेन्द्र यादव एडवोकेट, संदीप एडवोकेट, अरविन्द हेला, कल्लू यादव, संजू यादव, प्रखर एडवोकेट, आशीष पाल एडवोकेट, संगीता पटेल और मो. माशाहद सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख व्यक्तियों में एमएलसी मानसिंह यादव, समाजवादी अम्बेडकरवाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजू पासी, समाजवादी पार्टी प्रयागराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता दान बहादुर मधुर और महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन प्रमुख रहे। लोकप्रिय टीवी पत्रकार पवनदेव का नाम भी उपस्थित लोगों में दर्ज है।
    1
    समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं ने प्रयागराज के सिविल लाइंस स्थित धरना स्थल पर पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के खिलाफ सोशल मीडिया पर की जा रही "बेबुनियाद, अनर्गल टिप्पणी एवं आपत्तिजनक सामग्री" के विरोध में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं का यह आक्रोश भाजपा नेताओं और उनके समर्थकों द्वारा राम मंदिर दान चोरी मामले में अभियुक्त टुन्नू यादव से अखिलेश यादव के कथित संबंध होने और उनसे फोन पर बात करने जैसे आरोपों को लेकर था। इस प्रदर्शन के दौरान, आक्रोषित सपा नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय में पहुंचकर महामहिम राज्यपाल को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।

ज्ञापन में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इन टिप्पणियों के माध्यम से न केवल एक वरिष्ठ जन नेता की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि समाज में आपसी सद्भाव बिगाड़ने और अनावश्यक तनाव पैदा करने का काम भी हो रहा है। सपा ने इन टिप्पणियों को समाजवादियों और जन भावनाओं को आहत करने वाला और कानून व्यवस्था की स्थिति को प्रभावित करने वाला बताया। कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन के माध्यम से ऐसे कृत्य करने वालों के विरुद्ध तत्काल कानूनी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही यह चेतावनी भी दी है कि यदि इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की जाती है, तो उनका आंदोलन जारी रहेगा।

इस विरोध प्रदर्शन में महानगर अध्यक्ष सैयद इफ्तेखार हुसैन, जिलाध्यक्ष गंगापार अनिल यादव, यमुनापार पप्पूलाल निषाद, एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव, विधायक संदीप पटेल, श्रीमती गीता शास्त्री, पूर्व सांसद धर्मराज पटेल, अमरनाथ मौर्य, पूर्व एमएलसी बासुदेव यादव, पूर्व विधायक हाजी मुजतबा सिद्दीकी, हाजी परवेज अहमद, सत्यवीर मुन्ना, संदीप यादव, दूधनाथ पटेल, अब्दुल सलमान मो. गौस, फसाहत, मुजफ्फर बागी, ओ. पी. पाल, महबूब उस्मानी, प्रवक्ता दान बहादुर मधुर, तारिक सईद अज्जू, लाल चंद्र कुशवाहा, डॉ. पूजा मिश्रा, राम मिलन यादव, कृष्णमूर्ति सिंह, डॉ. अमर बहादुर यादव, मुस्ताक काजमी, रविन्द्र यादव एडवोकेट, राम सुमेर पाल, महेन्द्र सरोज, पूर्व प्रमुख संदीप यादव, शांति प्रकाश पटेल, मोईन हबीबी, मो. शारिक, रमाकांत पटेल, संगम लाल मौर्य, मयंक जोंटी, आदिल हमजा, शकील अहमद, मेराज आरिफ, मो. अजहर, संजीव यादव, मुकेश यादव एडवोकेट, बृजलाल यादव, जगदीश यादव, रिटा. मेजर दिनेश यादव, सचिन यादव, राजू पासी, दीना नाथ यादव, श्रीमती कमला यादव, आसुतोष तिवारी, तहजीब, नवीन यादव, शिवा केसरवानी, अखिलेश गुप्ता, श्रीमती मंजू पाठक, गुड्डी यादव, निर्मला यादव, विनोद गौतम, रंग बहादुर पटेल, आर. एन. यादव, संतोष यादव, रवि गुप्ता, संदीप विश्वकर्मा, महेन्द्र निषाद, राजेश गुप्ता, मो. हामिद, मो. सऊद, हसीब, निरेन्द्र यादव एडवोकेट, संदीप एडवोकेट, अरविन्द हेला, कल्लू यादव, संजू यादव, प्रखर एडवोकेट, आशीष पाल एडवोकेट, संगीता पटेल और मो. माशाहद सहित कई अन्य नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। ज्ञापन सौंपने वाले प्रमुख व्यक्तियों में एमएलसी मानसिंह यादव, समाजवादी अम्बेडकरवाहिनी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजू पासी, समाजवादी पार्टी प्रयागराज के राष्ट्रीय प्रवक्ता दान बहादुर मधुर और महानगर अध्यक्ष इफ्तेखार हुसैन प्रमुख रहे। लोकप्रिय टीवी पत्रकार पवनदेव का नाम भी उपस्थित लोगों में दर्ज है।
    user_पवनदेव,रिपोर्टर,टीवी पत्रकार
    पवनदेव,रिपोर्टर,टीवी पत्रकार
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन में सहभागिता की। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान, उन्होंने 119 सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ एक विस्तृत बैठक की। बैठक में सीमा सुरक्षा, विभिन्न जिलों के बीच समन्वय स्थापित करने और कानून व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
    1
    दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीमांत जिला पुलिस अधीक्षक सम्मेलन में सहभागिता की। इस महत्वपूर्ण सम्मेलन के दौरान, उन्होंने 119 सीमावर्ती जिलों के पुलिस अधीक्षकों के साथ एक विस्तृत बैठक की। बैठक में सीमा सुरक्षा, विभिन्न जिलों के बीच समन्वय स्थापित करने और कानून व्यवस्था से जुड़े कई अहम मुद्दों पर गहन चर्चा हुई।
    user_Ishwar Deen Sahu
    Ishwar Deen Sahu
    Newspaper advertising department इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • प्रयागराज जिले के मूरतगंज विकासखंड के सिकंदरपुर बजहा गांव में मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भारी कीचड़ और जल जमाव की स्थिति बनी हुई है।
    1
    प्रयागराज जिले के मूरतगंज विकासखंड के सिकंदरपुर बजहा गांव में मंदिर की ओर जाने वाले रास्ते पर भारी कीचड़ और जल जमाव की स्थिति बनी हुई है।
    user_Afaan Ahmad
    Afaan Ahmad
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • जनपद कौशाम्बी में विभिन्न थानों पर दर्ज मोबाइल चोरी, स्नेचिंग और खोने संबंधी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कुल 121 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई सर्विलांस और मैनुअल इनपुट के साथ-साथ सी ई आई आर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की सहायता से की गई। थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों और सीसीटीएनएस पुलिस टीम ने मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। बरामद होने के बाद, इन मोबाइल फोन को उनके सही स्वामियों की पहचान कर उन्हें वापस सौंप दिया गया है। सी ई आई आर पोर्टल एक केंद्रीकृत नागरिक पोर्टल है, जो चोरी हुए, खोए हुए या छीने गए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में मदद करता है। आम जनता स्वयं भी ceir.gov.in वेबसाइट पर अपने मोबाइल के खोने या चोरी होने की ऑनलाइन सूचना दर्ज कर सकती है। इसी प्रकार, थानों में प्राप्त होने वाले ऐसे प्रार्थना पत्रों को भी CEIR पोर्टल पर दर्ज करके ट्रैक किया जाता है, जिससे भारत भर में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को आवश्यकतानुसार संबंधित थानों को सूचित करते हुए बरामद कर उसके स्वामी को सुपुर्द किया जा सके। इस अभियान में सर्वाधिक फोन बरामद करने वाले थानों में मंझनपुर थाना 20 मोबाइल के साथ प्रथम स्थान पर रहा, जबकि सराय अकिल थाना 19 मोबाइल के साथ द्वितीय और पश्चिम शरीरा थाना 18 मोबाइल के साथ तृतीय स्थान पर रहा।
    1
    जनपद कौशाम्बी में विभिन्न थानों पर दर्ज मोबाइल चोरी, स्नेचिंग और खोने संबंधी शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने कुल 121 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई सर्विलांस और मैनुअल इनपुट के साथ-साथ सी ई आई आर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की सहायता से की गई।

थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों और सीसीटीएनएस पुलिस टीम ने मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। बरामद होने के बाद, इन मोबाइल फोन को उनके सही स्वामियों की पहचान कर उन्हें वापस सौंप दिया गया है।

सी ई आई आर पोर्टल एक केंद्रीकृत नागरिक पोर्टल है, जो चोरी हुए, खोए हुए या छीने गए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में मदद करता है। आम जनता स्वयं भी ceir.gov.in वेबसाइट पर अपने मोबाइल के खोने या चोरी होने की ऑनलाइन सूचना दर्ज कर सकती है। इसी प्रकार, थानों में प्राप्त होने वाले ऐसे प्रार्थना पत्रों को भी CEIR पोर्टल पर दर्ज करके ट्रैक किया जाता है, जिससे भारत भर में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को आवश्यकतानुसार संबंधित थानों को सूचित करते हुए बरामद कर उसके स्वामी को सुपुर्द किया जा सके।

इस अभियान में सर्वाधिक फोन बरामद करने वाले थानों में मंझनपुर थाना 20 मोबाइल के साथ प्रथम स्थान पर रहा, जबकि सराय अकिल थाना 19 मोबाइल के साथ द्वितीय और पश्चिम शरीरा थाना 18 मोबाइल के साथ तृतीय स्थान पर रहा।
    user_Ritesh Singh
    Ritesh Singh
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • जनपद कौशाम्बी में पुलिस टीमों ने मोबाइल चोरी, स्नैचिंग और खोने से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 121 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई गई है। यह बरामदगी कौशाम्बी के सभी थानों की पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस और मैनुअल इनपुट की सहायता से की गई, जिसमें थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों और सीसीटीएनएस पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके स्वामियों की पहचान कर उन्हें वापस सौंप दिए गए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में सी.ई.आई.आर. (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो एक केंद्रीकृत नागरिक पोर्टल है। यह पोर्टल चोरी हुए, खोए हुए या छीने गए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में सहायता करता है। आम जनता स्वयं भी अपने मोबाइल खोने या चोरी होने की सूचना ऑनलाइन ceir.gov.in वेबसाइट पर दर्ज कर सकती है। इसी तरह, थानों पर प्राप्त होने वाले मोबाइल चोरी और खो जाने संबंधी प्रार्थना पत्रों को भी सी.ई.आई.आर. पोर्टल पर दर्ज करके ट्रैक किया जाता है, जिससे पूरे भारतवर्ष में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को संबंधित थानों को सूचित करते हुए बरामद कर उसके स्वामी को सुपुर्द किया जा सके। मोबाइल फोन की सर्वाधिक बरामदगी करने वाले थानों में मंझनपुर थाना 20 मोबाइल के साथ प्रथम स्थान पर रहा, जबकि सराय अकड़ थाना 19 मोबाइल के साथ दूसरे और पश्चिम शरीरा थाना 18 मोबाइल के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
    1
    जनपद कौशाम्बी में पुलिस टीमों ने मोबाइल चोरी, स्नैचिंग और खोने से संबंधित शिकायतों पर प्रभावी कार्रवाई करते हुए कुल 121 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 25 लाख रुपये बताई गई है। यह बरामदगी कौशाम्बी के सभी थानों की पुलिस टीम द्वारा सर्विलांस और मैनुअल इनपुट की सहायता से की गई, जिसमें थानों पर नियुक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों और सीसीटीएनएस पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों का गहन विश्लेषण किया। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके स्वामियों की पहचान कर उन्हें वापस सौंप दिए गए हैं।

इस पूरी प्रक्रिया में सी.ई.आई.आर. (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो एक केंद्रीकृत नागरिक पोर्टल है। यह पोर्टल चोरी हुए, खोए हुए या छीने गए मोबाइल फोन को ट्रैक करने में सहायता करता है। आम जनता स्वयं भी अपने मोबाइल खोने या चोरी होने की सूचना ऑनलाइन ceir.gov.in वेबसाइट पर दर्ज कर सकती है। इसी तरह, थानों पर प्राप्त होने वाले मोबाइल चोरी और खो जाने संबंधी प्रार्थना पत्रों को भी सी.ई.आई.आर. पोर्टल पर दर्ज करके ट्रैक किया जाता है, जिससे पूरे भारतवर्ष में कहीं भी मौजूद मोबाइल फोन को संबंधित थानों को सूचित करते हुए बरामद कर उसके स्वामी को सुपुर्द किया जा सके।

मोबाइल फोन की सर्वाधिक बरामदगी करने वाले थानों में मंझनपुर थाना 20 मोबाइल के साथ प्रथम स्थान पर रहा, जबकि सराय अकड़ थाना 19 मोबाइल के साथ दूसरे और पश्चिम शरीरा थाना 18 मोबाइल के साथ तीसरे स्थान पर रहा।
    user_Rani Singh
    Rani Singh
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    1 hr ago
  • सीतापुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के नैपालापुर इलाके में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो में मोहम्मद आरिफ नामक व्यक्ति को दूध के डिब्बे में 3 से 4 बार थूकते हुए साफ देखा गया। वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है, जो शरीफ का पुत्र और इमलिया सुल्तानपुर, जनपद सीतापुर का निवासी बताया गया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और मामले की आगे की जांच जारी है।
    1
    सीतापुर जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के नैपालापुर इलाके में एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ है। इस वीडियो में मोहम्मद आरिफ नामक व्यक्ति को दूध के डिब्बे में 3 से 4 बार थूकते हुए साफ देखा गया। वीडियो वायरल होने के बाद, पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मोहम्मद आरिफ को गिरफ्तार कर लिया है, जो शरीफ का पुत्र और इमलिया सुल्तानपुर, जनपद सीतापुर का निवासी बताया गया है। पुलिस ने जानकारी दी है कि आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है और मामले की आगे की जांच जारी है।
    user_Ishwar Deen Sahu
    Ishwar Deen Sahu
    Newspaper advertising department इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    4 hrs ago
  • प्रयागराज में हुई एक छोटी सी बारिश ने नगर निगम के "बारिश से निपटने के दावों" की एक बार फिर पोल खोल दी है। शहर के व्यस्ततम मेडिकल चौराहे पर भीषण जलभराव हो गया, जिससे सड़क तालाब में तब्दील हो गई और गटर का गंदा पानी बाहर निकलकर सड़क पर बहने लगा। यह चौराहा रोजाना हजारों मरीजों, तीमारदारों और छात्रों का आवागमन स्थल है, लेकिन थोड़ी सी बारिश में ही यहां घुटने तक पानी भर गया, गटर के ढक्कन उखड़ गए और गंदा पानी उफन कर बहने लगा। इस स्थिति में बाइक, ऑटो और कारें पानी में धीरे-धीरे निकलने को मजबूर हो गईं, जबकि पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा। स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने आरोप लगाया कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, मगर हकीकत में कुछ नहीं होता। उनका कहना है कि मात्र एक घंटे की बारिश में ही मेडिकल चौराहा डूब जाता है, जिससे एंबुलेंस तक फंस जाती हैं। लोगों ने नगर निगम और जलकल विभाग पर सिर्फ फोटो खिंचवाने और काम न करने का आरोप लगाया। उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए ड्रेनेज सिस्टम और मानसून से पहले हुई सफाई पर भी सवाल उठाए, यह चिंता व्यक्त करते हुए कि अगर छोटी बारिश में शहर के मुख्य चौराहे का यह हाल है तो तेज बारिश में क्या होगा। अब यह देखना बाकी है कि नगर निगम इस स्थिति से निपटने के लिए क्या व्यवस्था करता है।
    1
    प्रयागराज में हुई एक छोटी सी बारिश ने नगर निगम के "बारिश से निपटने के दावों" की एक बार फिर पोल खोल दी है। शहर के व्यस्ततम मेडिकल चौराहे पर भीषण जलभराव हो गया, जिससे सड़क तालाब में तब्दील हो गई और गटर का गंदा पानी बाहर निकलकर सड़क पर बहने लगा। यह चौराहा रोजाना हजारों मरीजों, तीमारदारों और छात्रों का आवागमन स्थल है, लेकिन थोड़ी सी बारिश में ही यहां घुटने तक पानी भर गया, गटर के ढक्कन उखड़ गए और गंदा पानी उफन कर बहने लगा। इस स्थिति में बाइक, ऑटो और कारें पानी में धीरे-धीरे निकलने को मजबूर हो गईं, जबकि पैदल चलने वालों को सबसे ज्यादा दिक्कत का सामना करना पड़ा।

स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों ने आरोप लगाया कि हर साल मानसून से पहले नालों की सफाई के दावे किए जाते हैं, मगर हकीकत में कुछ नहीं होता। उनका कहना है कि मात्र एक घंटे की बारिश में ही मेडिकल चौराहा डूब जाता है, जिससे एंबुलेंस तक फंस जाती हैं। लोगों ने नगर निगम और जलकल विभाग पर सिर्फ फोटो खिंचवाने और काम न करने का आरोप लगाया। उन्होंने करोड़ों रुपये खर्च कर बनाए गए ड्रेनेज सिस्टम और मानसून से पहले हुई सफाई पर भी सवाल उठाए, यह चिंता व्यक्त करते हुए कि अगर छोटी बारिश में शहर के मुख्य चौराहे का यह हाल है तो तेज बारिश में क्या होगा।

अब यह देखना बाकी है कि नगर निगम इस स्थिति से निपटने के लिए क्या व्यवस्था करता है।
    user_पुष्पराज सिंह
    पुष्पराज सिंह
    Local News Reporter इलाहाबाद, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
View latest news on Shuru App
Download_Android
  • Terms & Conditions
  • Career
  • Privacy Policy
  • Blogs
Shuru, a product of Close App Private Limited.