आज की सच्चाई यह है कि कॉर्पोरेट, बैंक, शिक्षा माफिया, भू माफिया, नेता और उनके चमचे सभी मिलकर गरीबों को मिटाने में लगे हुए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में बैंकों का योगदान सबसे अधिक है, जो आसान लोन प्रक्रियाओं के बहाने गरीबों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। सरकार की योजनाओं का दिखावा करके वे लोन तो स्वीकृत कर देते हैं, लेकिन ब्याज दरों या सरकारी लाभ से जुड़े अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं करते। बताया गया ब्याज दर अक्सर दुगुना होता है और सरकारी लाभ तो मिलता ही नहीं है। इस स्थिति का सीधा परिणाम यह है कि अमीर लगातार और अमीर होते जा रहे हैं, जबकि बैंकों की धन-संपत्ति हर साल दुगुनी हो रही है। इसके विपरीत, गरीब जनता पीस रही है, नीचे गिरती जा रही है और रो-रोकर अपना जीवन जी रही है। यदि कोई इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, तो सरकार के पास उसकी आवाज दबाने के लिए एक हथियार है: जिस विभाग के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है, उसी विभाग को उस गरीब व्यक्ति के पीछे लगा दिया जाता है, जिससे गरीब व्यक्ति चुपचाप बैठ जाता है।
आज की सच्चाई यह है कि कॉर्पोरेट, बैंक, शिक्षा माफिया, भू माफिया, नेता और उनके चमचे सभी मिलकर गरीबों को मिटाने में लगे हुए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में बैंकों का योगदान सबसे अधिक है, जो आसान लोन प्रक्रियाओं के बहाने गरीबों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। सरकार की योजनाओं का दिखावा करके वे लोन तो स्वीकृत कर देते हैं, लेकिन ब्याज दरों या सरकारी लाभ से जुड़े अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं करते। बताया गया ब्याज दर अक्सर दुगुना होता है और सरकारी लाभ तो मिलता ही नहीं है। इस स्थिति का सीधा परिणाम यह है कि अमीर लगातार और अमीर होते जा रहे हैं, जबकि बैंकों की धन-संपत्ति हर साल दुगुनी हो रही है। इसके विपरीत, गरीब जनता पीस रही है, नीचे गिरती जा रही है और रो-रोकर अपना जीवन जी रही है। यदि कोई इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, तो सरकार के पास उसकी आवाज दबाने के लिए एक हथियार है: जिस विभाग के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है, उसी विभाग को उस गरीब व्यक्ति के पीछे लगा दिया जाता है, जिससे गरीब व्यक्ति चुपचाप बैठ जाता है।
- इंदौर के टंट्या भील चौराहे पर छात्र पिछले तीन दिनों से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं। यह प्रदर्शन दिल्ली में चल रहे 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के आंदोलन के समर्थन में किया जा रहा है। छात्रों की प्रमुख और एकमात्र मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है।1
- इंदौर में बारिश का एक विरोधाभासी नज़ारा देखने को मिला, जहाँ शहर के अलग-अलग इलाकों में मौसम का मिज़ाज बेहद भिन्न रहा। नवलखा एबी रोड पर जहाँ ज़बरदस्त बारिश दर्ज की गई, वहीं इससे कुछ ही किलोमीटर दूर स्थित राजेंद्र नगर और पालदा क्षेत्रों में केवल बूँदा-बाँदी हुई।1
- इंदौर में हाल ही में 'एक पेड़ माँ के नाम' और 'पेड़ लगाओ, पानी बचाओ' जैसे महाअभियानों को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने शहर में 21 लाख पौधे लगाने का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि इंदौर को स्वच्छता के साथ-साथ पौधारोपण के क्षेत्र में भी देश का नंबर-1 शहर बनाया जाएगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में सांसद शंकर लालवानी, विधायक गोलू शुक्ला और महेंद्र हार्डिया, नगर निगम आयुक्त क्षितिज सिंघल, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन और डीएफओ सहित अनेक जनप्रतिनिधि व विभिन्न गैर-सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। मंत्री विजयवर्गीय ने विशेष रूप से देवगुराड़िया की टेकरी पर 1 से 2 लाख बड़े पौधे लगाने का सुझाव दिया। इसके अतिरिक्त, उन्होंने उद्योगपतियों से भी अपील की कि वे अपने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के तहत पौधे उपलब्ध कराकर इस अभियान में सहयोग करें।1
- भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव, माननीय श्री कैलाश विजयवर्गी जी ने 2 लाख पौधारोपण का लक्ष्य निर्धारित किया है। उन्होंने 'एक पौधा मां के नाम' कार्यक्रम में सभी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए इस लक्ष्य की जानकारी दी।1
- कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को इंदौर के एआईसीटीएसएल सभाकक्ष में "एक पेड़ माँ के नाम" और "पेड़ लगाओ पानी बचाओ" अभियानों की शुरुआती बैठक की। इस दौरान उन्होंने इंदौर को पौधारोपण में भी नम्बर वन बनाने का लक्ष्य रखते हुए, देव गुराड़िया के पास टेकरी पर एक से दो लाख बड़े पौधे लगाने की बात कही। यह बैठक 21 लाख पौधा रोपण और जल संरक्षण के महाअभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई थी, जिसमें जनप्रतिनिधि, सरकारी विभाग के अधिकारी और विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।1
- दिल्ली के जंतर मंतर पर पेपर लीक के खिलाफ एक विरोध प्रदर्शन चल रहा है। इसी बीच, भाजपा के कुछ 'गुंडे' प्रदर्शन को खराब करने और छात्रों को मारने के लिए वहां पहुंच गए हैं। इन 'गुंडों' ने विरोध प्रदर्शन को बाधित किया और छात्रों पर हमला कर उन्हें मारा। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस ने हमलावर 'गुंडों' को अपने कार्यालय में बिठाकर चाय पिलाई। इस पूरी घटना को देखकर पुलिस पर गहरा सवाल उठता है और यह निंदनीय है।1
- डीसीपी अमन सिंह राठौड़ के अनुसार, इंदौर के परदेशीपुरा थाना पुलिस ने मुखबिर से मिली सूचना पर कार्रवाई करते हुए दो ट्रकों पर फर्जी जीएसटी बिल और अन्य संदिग्ध दस्तावेज़ों की जाँच की। यह सूचना मिली थी कि ये ट्रक सूरत से आए थे और उनके पास ऐसे दस्तावेज़ मौजूद हैं। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और ट्रकों के दस्तावेज़ों का गहनता से सत्यापन किया। जाँच-पड़ताल के बाद, पुलिस ने तत्काल इस मामले की जानकारी जीएसटी विभाग को दी। आवश्यक पत्राचार और दस्तावेज़ संबंधी सभी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद, पुलिस ने दोनों ट्रकों और उनसे संबंधित सभी रिकॉर्ड को लिखित रूप में जीएसटी विभाग के सुपुर्द कर दिया। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि फिलहाल थाना स्तर पर इस संबंध में कोई अलग से मामला दर्ज नहीं किया गया है, और इस मामले में आगे की सभी जाँच एवं अग्रिम कार्रवाई जीएसटी विभाग द्वारा ही की जाएगी।1
- बुधवार शाम से देर रात तक हुई तेज बारिश के कारण शहर के कई इलाकों में जलभराव और नालों में तेज बहाव की स्थिति उत्पन्न हो गई। इसी कड़ी में, लसूडिया थाना क्षेत्र में 34 वर्षीय गोलू पंवार अपने पिता को खाना देने जाते समय एक नाले के तेज बहाव की चपेट में आकर बह गया। परिजन और स्थानीय लोग रातभर उसकी तलाश करते रहे, लेकिन सफलता नहीं मिली। गुरुवार सुबह रेस्क्यू टीम ने पुल के पास कचरे में फंसा उसका शव बरामद किया, जिसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमार्टम के लिए एमवाय अस्पताल भेज दिया। वहीं, अहीरखेड़ी क्षेत्र में भी एक अन्य घटना में महेश चौहान रपट पार करते समय तेज बहाव में बह गया। उसके साथ मौजूद साथी मनीष किसी तरह अपनी जान बचाने में कामयाब रहा, लेकिन महेश का अब तक कोई पता नहीं चल सका है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम महेश की तलाश में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही है। इस घटनाक्रम पर अतिरिक्त डीसीपी अमरेंद्र सिंह ने जानकारी दी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि बारिश के दौरान उफनते नालों, रपटों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखें ताकि ऐसी दुर्घटनाओं से बचा जा सके।1