Shuru
Apke Nagar Ki App…
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को इंदौर के एआईसीटीएसएल सभाकक्ष में "एक पेड़ माँ के नाम" और "पेड़ लगाओ पानी बचाओ" अभियानों की शुरुआती बैठक की। इस दौरान उन्होंने इंदौर को पौधारोपण में भी नम्बर वन बनाने का लक्ष्य रखते हुए, देव गुराड़िया के पास टेकरी पर एक से दो लाख बड़े पौधे लगाने की बात कही। यह बैठक 21 लाख पौधा रोपण और जल संरक्षण के महाअभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई थी, जिसमें जनप्रतिनिधि, सरकारी विभाग के अधिकारी और विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
एस. एस. न्यूज सर्विस
कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने बुधवार को इंदौर के एआईसीटीएसएल सभाकक्ष में "एक पेड़ माँ के नाम" और "पेड़ लगाओ पानी बचाओ" अभियानों की शुरुआती बैठक की। इस दौरान उन्होंने इंदौर को पौधारोपण में भी नम्बर वन बनाने का लक्ष्य रखते हुए, देव गुराड़िया के पास टेकरी पर एक से दो लाख बड़े पौधे लगाने की बात कही। यह बैठक 21 लाख पौधा रोपण और जल संरक्षण के महाअभियान की तैयारियों को लेकर आयोजित की गई थी, जिसमें जनप्रतिनिधि, सरकारी विभाग के अधिकारी और विभिन्न एनजीओ के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
More news from मध्य प्रदेश and nearby areas
- एक अवसर पर समाजवादी पार्टी से जुड़े पत्रकार सुरेश सूरजवानी ने एक सुंदर गीत प्रस्तुत किया। इस प्रस्तुति के लिए उपस्थित सभी लोगों ने उनका आभार व्यक्त किया।1
- दिल्ली पुलिस ने छत्रपति शिवाजी महाराज जी की किताब फेंक दी और कुछ छात्रों के साथ मारपीट की। इस घटना को लेकर फाउंडर अभिजीत दिल्ली पुलिस के तत्काल निलंबन की मांग उठा रहे हैं।1
- इंदौर स्थित द्वारकापुरी पुलिस थाने से एक आरोपी हथकड़ी खोलकर फरार हो गया।1
- इंदौर में शाम को गरज और आकाशीय बिजली चमकने के साथ बारिश हुई। शाम होते ही आकाश में बिजली कड़कने लगी और बादल गरजने लगे, जिसके बाद झमाझम बारिश शुरू हो गई। कृषि महाविद्यालय मौसम वेधशाला में पिछले 24 घंटों के दौरान 65.0 मिमी वर्षा दर्ज की गई। 2.7.2026।1
- आज की सच्चाई यह है कि कॉर्पोरेट, बैंक, शिक्षा माफिया, भू माफिया, नेता और उनके चमचे सभी मिलकर गरीबों को मिटाने में लगे हुए हैं। इस पूरी प्रक्रिया में बैंकों का योगदान सबसे अधिक है, जो आसान लोन प्रक्रियाओं के बहाने गरीबों को अपने जाल में फंसा लेते हैं। सरकार की योजनाओं का दिखावा करके वे लोन तो स्वीकृत कर देते हैं, लेकिन ब्याज दरों या सरकारी लाभ से जुड़े अपने किसी भी वादे को पूरा नहीं करते। बताया गया ब्याज दर अक्सर दुगुना होता है और सरकारी लाभ तो मिलता ही नहीं है। इस स्थिति का सीधा परिणाम यह है कि अमीर लगातार और अमीर होते जा रहे हैं, जबकि बैंकों की धन-संपत्ति हर साल दुगुनी हो रही है। इसके विपरीत, गरीब जनता पीस रही है, नीचे गिरती जा रही है और रो-रोकर अपना जीवन जी रही है। यदि कोई इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की कोशिश करता है, तो सरकार के पास उसकी आवाज दबाने के लिए एक हथियार है: जिस विभाग के खिलाफ आवाज उठाई जा रही है, उसी विभाग को उस गरीब व्यक्ति के पीछे लगा दिया जाता है, जिससे गरीब व्यक्ति चुपचाप बैठ जाता है।1
- इंदौर में एक लिफ्ट कंपनी के नाम पर ₹6 लाख की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। सुभाष सोनी नाम के एक व्यक्ति ने लसूड़िया थाने में शिकायत दर्ज कराई है कि उन्होंने छह महीने पहले अपने घर में 'ए के ओ एन लिफ्ट कंपनी' के कथित मालिक शैलेंद्र राजावत से लिफ्ट लगवाई थी। इसके लिए सुभाष सोनी ने राजावत को ₹6 लाख का भुगतान किया था, लेकिन आरोप है कि राजावत ने लिफ्ट में नकली सामान लगाया। शिकायत के अनुसार, यह लिफ्ट हर दूसरे दिन खराब हो जाती है। जब भी लिफ्ट खराब होती है और शैलेंद्र राजावत को फोन किया जाता है, तो वह एक व्यक्ति को भेज देते हैं, जो केवल दस मिनट में ही वापस चला जाता है। इस स्थिति से परेशान होकर सुभाष सोनी ने अब लसूड़िया थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह जल्द ही इंदौर कमिश्नर श्री संतोष सिंह जी और उपभोक्ता केंद्र पर भी शैलेंद्र राजावत के खिलाफ शिकायत करेंगे और इस मामले में कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।1
- इंदौर में पुलिस पर हुए हमले से संबंधित एक मामले में, 500 करोड़ रुपये के एक बड़े जमीन विवाद की जांच अब तेज कर दी गई है।1
- इंदौर शहर के चोइथराम अस्पताल में एक गरीब महिला के मेडिकल क्लेम के भुगतान को लेकर तीखा विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि पीड़ित परिवार की सहायता करने अस्पताल पहुंचे अखिल भारतीय सर्व समाज समरसता संगठन के संस्थापक लक्ष्मण खेड़े और अस्पताल स्टाफ के बीच तीखी बहस हुई। इस दौरान अस्पताल कर्मचारियों पर लक्ष्मण खेड़े के साथ अभद्रता करने और उन्हें कथित तौर पर घसीटते हुए अस्पताल के मुख्य गेट से बाहर निकालने का गंभीर आरोप लगाया गया है। घटना के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभिन्न सामाजिक संगठनों में गहरी नाराजगी देखी जा रही है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे गरीब महिला को मेडिकल क्लेम की राशि दिलाने के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इन संगठनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, साथ ही प्रशासन से मामले में हस्तक्षेप करने की अपील भी की गई है। फिलहाल, यह मामला पूरे शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है और अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस पूरे घटनाक्रम पर आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है। यह समाचार सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो, तस्वीरों और लगाए गए आरोपों पर आधारित है, और अस्पताल प्रबंधन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।1