महुआडांड में सरहुल महोत्सव की धूम: पारंपरिक हर्षोल्लास और शोभायात्रा के साथ गूंजा पूरा क्षेत्र* रामप्रवेश गुप्ता प्रकृति पर्व सरहुल महुआडांड में आदिवासी समाज द्वारा पूरे पारंपरिक उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अनुमंडल सह प्रखंड सनातन सरना समिति और वनवासी कल्याण केंद्र महुआडांड (लातेहार) के संयुक्त तत्वावधान में विशाल शोभायात्रा निकाली गई। फुलवार बगीचा से प्रारंभ होकर यह शोभायात्रा बिरसा मुंडा चौक, रामपुर चौक, डीपाटोली, पकरीमुहल्ला, मुख्य बाजार और शास्त्री चौक होते हुए वापस फुलवार बगीचा पहुंची। हजारों की संख्या में पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ शामिल हुए लोगों के 'जय सरना' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। *सांस्कृतिक संगम और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति* सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में जशपुर नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों में सरहुल समिति जशपुर के जिला उपाध्यक्ष मनीजर राम नगेसिया, अखिल भारतीय सह श्रद्धा जागरण प्रमुख महरंग उरांव, अनुमंडल सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल, पश्चिमी हिंदू महासभा के अध्यक्ष रामदत्त प्रसाद, बजरंग दल के पलामू विभाग संयोजक सूरज साहू, मुखिया ओरसा अमृता देवी, मुखिया चटकपुर रेखा नगेसिया, पूनम बडाईक, डा. ए.के. शाह, आरपीएस पब्लिक स्कूल के निदेशक सत्यानंद वर्मा, आरपीएस सेवा संस्थान के संयोजक जशवन्त यादव, जितेंद्र यादव, राम जायसवाल आदि सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विभिन्न गांवों से आई मंडलियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इससे पूर्व सुबह बैगा-पाहन द्वारा महादेव सरना में सामूहिक पूजा-अर्चना संपन्न की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने मे वनवासी कल्याण केन्द्र के जिलाध्यक्ष अजय उरांव, अनुमंडल सह प्रखंड सनातन सरना समिती के अध्यक्ष कामेश्वर मुण्डा, जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक बालेश्वर बड़ाईक, वनवासी कल्याण केन्द्र के प्रखण्ड प्रमुख संजय कुमार सिंह, सरना समिति के प्रखण्ड उपाध्यक्ष विनय उरांव, ईश्वर मुण्डा,धनकुंवर मुण्डा, सुरेश उरांव, कृष्णा मुण्डा, सुखपाल नगेसिया, जनजाति सुरक्षा मंच के प्रखण्ड अध्यक्ष ललकु सिंह, जिला महिला संयोजक पानपति देवी आदि का योगदान सराहनीय रहा। *बजरंग दल द्वारा सेवा कार्य और जनसहयोग* महोत्सव के दौरान सेवा की मिसाल पेश करते हुए महुआडांड बजरंग दल द्वारा शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच चना, चूड़ा और गुड़ का वितरण किया गया। बजरंग दल के इस कार्य की स्थानीय लोगों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस सेवा कार्य में सूरज साहू, पंकज दास बाबू और उज्ज्वल धनुष की सक्रिय भूमिका रही। *सरना आदिवासी विकास एकता मंच द्वारा भी निकाली गई शोभायात्रा* सरहुल महोत्सव को लेकर सरना आदिवासी विकास एकता मंच द्वारा भी शोभायात्रा निकाली गई। ये शोभायात्रा रेंज ऑफिस के समीप स्थित सरना भवन से निकल कर पुरे बाजार का भ्रमण करते हुए वापस सरना भवन स्थल पहुंच कर जनसभा मे तब्दील हो गई। जंहा लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। *कार्यक्रम में शामिल हुए लोकप्रिय विधायक रामचंद्र सिंह।* सरहुल महोत्सव को लेकर सरना आदिवासी विकास एकता मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लोकप्रिय विधायक रामचंद्र सिंह, महुआडांड एसडीएम बिपिन कुमार दुबे, बीडीओ सह सीओ संतोष कुमार बैठा, थाना प्रभारी मनोज कुमार, कांग्रेस के वरिये नेता मो. इफ्तेखार अहमद, रामनरेश ठाकुर, अजीत पाल कुजूर आदि शामिल हुए एवं हार्दिक बधाई दी।
महुआडांड में सरहुल महोत्सव की धूम: पारंपरिक हर्षोल्लास और शोभायात्रा के साथ गूंजा पूरा क्षेत्र* रामप्रवेश गुप्ता प्रकृति पर्व सरहुल महुआडांड में आदिवासी समाज द्वारा पूरे पारंपरिक उत्साह और भव्यता के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अनुमंडल सह प्रखंड सनातन सरना समिति और वनवासी कल्याण केंद्र महुआडांड (लातेहार) के संयुक्त तत्वावधान में विशाल शोभायात्रा निकाली गई। फुलवार बगीचा से प्रारंभ होकर यह शोभायात्रा बिरसा मुंडा चौक, रामपुर चौक, डीपाटोली, पकरीमुहल्ला, मुख्य बाजार और शास्त्री चौक होते हुए वापस फुलवार बगीचा पहुंची। हजारों की संख्या में पारंपरिक वेशभूषा और वाद्ययंत्रों के साथ शामिल हुए लोगों के 'जय सरना' और 'भारत माता की जय' के नारों से पूरा क्षेत्र गुंजायमान हो उठा। *सांस्कृतिक संगम और विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति* सांस्कृतिक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप
में जशपुर नगर पालिका परिषद के उपाध्यक्ष यश प्रताप सिंह जुदेव शामिल हुए। विशिष्ट अतिथियों में सरहुल समिति जशपुर के जिला उपाध्यक्ष मनीजर राम नगेसिया, अखिल भारतीय सह श्रद्धा जागरण प्रमुख महरंग उरांव, अनुमंडल सांसद प्रतिनिधि संजय जायसवाल, पश्चिमी हिंदू महासभा के अध्यक्ष रामदत्त प्रसाद, बजरंग दल के पलामू विभाग संयोजक सूरज साहू, मुखिया ओरसा अमृता देवी, मुखिया चटकपुर रेखा नगेसिया, पूनम बडाईक, डा. ए.के. शाह, आरपीएस पब्लिक स्कूल के निदेशक सत्यानंद वर्मा, आरपीएस सेवा संस्थान के संयोजक जशवन्त यादव, जितेंद्र यादव, राम जायसवाल आदि सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। विभिन्न गांवों से आई मंडलियों ने आकर्षक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। इससे पूर्व सुबह बैगा-पाहन द्वारा महादेव सरना में सामूहिक पूजा-अर्चना संपन्न की गई। कार्यक्रम को सफल बनाने मे वनवासी कल्याण केन्द्र के
जिलाध्यक्ष अजय उरांव, अनुमंडल सह प्रखंड सनातन सरना समिती के अध्यक्ष कामेश्वर मुण्डा, जनजाति सुरक्षा मंच के संयोजक बालेश्वर बड़ाईक, वनवासी कल्याण केन्द्र के प्रखण्ड प्रमुख संजय कुमार सिंह, सरना समिति के प्रखण्ड उपाध्यक्ष विनय उरांव, ईश्वर मुण्डा,धनकुंवर मुण्डा, सुरेश उरांव, कृष्णा मुण्डा, सुखपाल नगेसिया, जनजाति सुरक्षा मंच के प्रखण्ड अध्यक्ष ललकु सिंह, जिला महिला संयोजक पानपति देवी आदि का योगदान सराहनीय रहा। *बजरंग दल द्वारा सेवा कार्य और जनसहयोग* महोत्सव के दौरान सेवा की मिसाल पेश करते हुए महुआडांड बजरंग दल द्वारा शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं के बीच चना, चूड़ा और गुड़ का वितरण किया गया। बजरंग दल के इस कार्य की स्थानीय लोगों ने मुक्त कंठ से प्रशंसा की। इस सेवा कार्य में सूरज साहू, पंकज दास बाबू और उज्ज्वल धनुष की
सक्रिय भूमिका रही। *सरना आदिवासी विकास एकता मंच द्वारा भी निकाली गई शोभायात्रा* सरहुल महोत्सव को लेकर सरना आदिवासी विकास एकता मंच द्वारा भी शोभायात्रा निकाली गई। ये शोभायात्रा रेंज ऑफिस के समीप स्थित सरना भवन से निकल कर पुरे बाजार का भ्रमण करते हुए वापस सरना भवन स्थल पहुंच कर जनसभा मे तब्दील हो गई। जंहा लोगों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। *कार्यक्रम में शामिल हुए लोकप्रिय विधायक रामचंद्र सिंह।* सरहुल महोत्सव को लेकर सरना आदिवासी विकास एकता मंच द्वारा आयोजित कार्यक्रम में लोकप्रिय विधायक रामचंद्र सिंह, महुआडांड एसडीएम बिपिन कुमार दुबे, बीडीओ सह सीओ संतोष कुमार बैठा, थाना प्रभारी मनोज कुमार, कांग्रेस के वरिये नेता मो. इफ्तेखार अहमद, रामनरेश ठाकुर, अजीत पाल कुजूर आदि शामिल हुए एवं हार्दिक बधाई दी।
- जिला बलरामपुर रामानुजगंज लोकेशन........... बलरामपुर एंकर....छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले से भ्रष्टाचार की एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जिसने सिस्टम की पारदिर्शता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला जनपद पंचायत शंकरगढ़ के आमगांव का है, जहाँ विकास के नाम पर सरकारी खजाने में ऐसी सेंध लगाई गई कि नाली निर्माण की राशि तो साल 2023-24 में ही निकाल ली गई, लेकिन जमीन पर नाली का एक कंक्रीट तक नहीं बिछा। बीओ1...ग्रामीणों को जब सूचना मिली कि जिस नाली का वे वर्षों से इंतजार कर रहे हैं, उसका पैसा कागजों में पहले ही 'हजम' किया जा चुका है, तो उनका गुस्सा फूट पड़ा। ग्रामीणों ने सीधे जनपद पंचायत CEO से इसकी लिखित शिकायत कर दी। बीओ02..हैरानी की बात तो यह है कि जैसे ही जांच की आंच सचिव तक पहुँचने लगी, पंचायत में 'जादुई सक्रियता' आ गई। जो काम 3 साल से रुका था, शिकायत होते ही रातों-रात गांव में बालू और गिट्टी गिरनी शुरू हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि यह निर्माण सिर्फ भ्रष्टाचार को छिपाने की एक नाकाम कोशिश है। बाइट ग्रामीण2
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- लातेहार में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन ने सामाजिक, सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का एक भव्य उदाहरण प्रस्तुत किया। इस अवसर पर पर्यावरण संयोजक झारखंड प्रांत के सच्चिदानंद जी ने अपने संबोधन में कहा कि आज हिंदू समाज तेजी से जागृत हो रहा है, और यह जागरण केवल भारत तक सीमित नहीं, बल्कि विश्व शांति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आज पूरा विश्व भारत की ओर आशा भरी निगाहों से देख रहा है, क्योंकि भारत की संस्कृति और हिंदू जीवन पद्धति में ही शांति, सहिष्णुता और समरसता का संदेश निहित है। उन्होंने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में देशभर में लगभग 8100 कार्यक्रम विभिन्न नामों से आयोजित किए जा रहे हैं। उसी क्रम में लातेहार का यह सम्मेलन भी एक महत्वपूर्ण कड़ी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि हिंदू समाज हर क्षेत्र में आगे बढ़ रहा है और अब वह जाग चुका है। जहां हिंदू समाज संगठित नहीं है, वहां उसे कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, इसलिए एकता और संगठन आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। विभाग संचालक जानकीनंद जी ने अपने संबोधन में बताया कि एक समय नागपुर जैसे छोटे स्थान से शुरू हुआ संगठन आज देश-विदेश में अपनी पहचान बना चुका है। संघ की शाखाओं के माध्यम से तैयार हुए स्वयंसेवक आज प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, मंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल और आईएएस-आईपीएस जैसे उच्च पदों पर देश की सेवा कर रहे हैं। यह संगठन की शक्ति और संस्कार का परिणाम है। जिला संचालक अनिल ठाकुर ने सभी उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए हिंदू धर्म की महिमा का विस्तार से वर्णन किया। उनके विचारों से प्रभावित होकर उपस्थित जनसमूह ने जयकारों के साथ उत्साह प्रकट किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए राजधानी प्रसाद ने कहा कि इस विराट आयोजन के पीछे एक महीने की कड़ी मेहनत है, जिसका परिणाम आज इतने भव्य रूप में देखने को मिल रहा है। उन्होंने सभी से आग्रह किया कि इसी प्रकार संगठित रहकर समाज को आगे बढ़ाते रहें। अधिवक्ता राजू रंजन पांडे ने धन्यवाद ज्ञापन करते हुए कहा कि इस सम्मेलन में भाग लेना भी ईश्वर की विशेष कृपा का परिणाम है। लाखों लोगों में से जो यहां उपस्थित हुए हैं, वे वास्तव में सौभाग्यशाली हैं। उन्होंने सभी आगंतुकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए उन्हें नमन किया। इस सम्मेलन में अनेक गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति रही, जिनमें पूर्व संचालक, राजमणि जिला परिषद अध्यक्ष पुनम देवी, नगर पंचायत अध्यक्ष महेश सिंह , उपाध्यक्ष संतोष रंजन, पूर्व नगर पंचायत सीतामढ़ी तिर्की जिला अध्यक्ष बंसी यादव पंकज सिंह अमलेश सिंह नीतू रानी सुनीता गुप्ता जय सिंह श्याम अग्रवाल संजय तिवारी मोहन प्रसाद रमेश गुप्ता अवध किशोर पांडे अवध किशोर यादव भवन पासवान सतीश कुमार धीरज कुमार सुरेश ठाकुर धर्मेंद्र जायसवाल सत्येंद्र जी दुर्गा प्रसाद दीपक गुप्ता प्रकाश गुप्ता सुनील प्रसाद पप्पू जी धनंजय जी महेश गुप्ता शीला देवी त्रिभुवन पांडे कल्याण कल्याणी पांडे अंजू गुप्ता शीला देवी विमला देवी वार्ड पार्षद मनोज गुप्ता वीरेंद्र ललित पांडे विभिन्न सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। हजारों की संख्या में लोगों की भागीदारी ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। कार्यक्रम से पूर्व लातेहार बाजारडाढ स्थित शिव मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें “जय श्री राम” और “हिंदू एकता” के नारों से पूरा शहर गूंज उठा। यह आयोजन केवल एक सम्मेलन नहीं, बल्कि हिंदू समाज की एकता, जागरूकता और भविष्य की दिशा का प्रतीक बनकर उभरा।1
- बलरामपुर में अवैध ऑटो संचालन से बस मालिकों में आक्रोश, कई शिकायतों के बाद भी कार्रवाई नहीं, आंदोलन की चेतावनी बलरामपुर। जिले में अवैध रूप से संचालित हो रहे ऑटो के कारण बस संचालकों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। बस मालिकों का आरोप है कि कई बार प्रशासन से शिकायत करने के बावजूद आज तक इस समस्या पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। लगातार अनदेखी से नाराज बस मालिकों ने अब आंदोलन की चेतावनी दे दी है। बस संचालकों के अनुसार जिले के कई मार्गों पर बसों के आगे-आगे चार से पांच ऑटो दादागीरी से चलाए जा रहे हैं। ये ऑटो बस स्टैंड और निर्धारित स्टॉप से पहले ही सवारियां भर लेते हैं, जिससे बसों में यात्रियों की संख्या कम हो जाती है। इस कारण बस मालिकों को प्रतिदिन हजारों रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। बस मालिकों का कहना है कि अधिकांश ऑटो तीन सवारी (3-सीटर) के रूप में पंजीकृत हैं, लेकिन उनमें अवैध रूप से 10 सीटें लगाकर 15 से 17 यात्रियों को बैठाकर चलाया जा रहा है। इस तरह का संचालन पूरी तरह नियमों के खिलाफ है और इससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। आरोप यह भी है कि कई ऑटो चालकों के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस तक नहीं है और न ही उनके पास वाहन से संबंधित पूरे दस्तावेज होते हैं। बस संचालकों ने बताया कि कई बार ऑटो चालक बसों को ओवरटेक करते हुए लापरवाही से वाहन चलाते हैं, जिससे सड़क पर दुर्घटना का खतरा और बढ़ जाता है। जब बस स्टाफ इन चालकों को नियमों का पालन करने के लिए कहता है तो वे गाली-गलौज और मारपीट पर उतर आते हैं। उन्होंने बताया कि पहले भी वाड्रफनगर में विजय बस के स्टाफ के साथ खुलेआम चौक पर मारपीट की घटना हो चुकी है। इस दौरान बस स्टाफ को लात-घूंसों और जूतों से मारा गया था, जिसकी शिकायत वाड्रफनगर चौकी में दर्ज कराई गई थी। इसके बावजूद ऑटो चालकों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। बस मालिकों ने बताया कि एक बस को चलाने में हर महीने लाखों रुपये का खर्च आता है। इसमें बस की किस्त, कर्मचारियों का वेतन, लेबर भुगतान, टैक्स और बीमा जैसी कई जिम्मेदारियां शामिल हैं। लेकिन अवैध ऑटो संचालन के कारण बसों में यात्रियों की संख्या घट गई है, जिससे कई बार डीजल का खर्च निकालना भी मुश्किल हो जाता है। स्थिति यह हो गई है कि कंडक्टर और ड्राइवर भी इन रूटों पर बस चलाने से कतराने लगे हैं, क्योंकि उन्हें पर्याप्त आमदनी नहीं मिल रही है। इससे बस संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। बस मालिकों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध रूप से चल रहे ऑटो के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और परिवहन व्यवस्था को नियमों के तहत संचालित किया जाए। उनका कहना है कि ऑटो चालकों के लिए भी व्यवस्थित व्यवस्था बनाई जाए, ताकि वे भी नियमों के तहत अपना काम कर सकें और बस संचालकों को भी नुकसान न उठाना पड़े। बस संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि एक सप्ताह के भीतर इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे मजबूर होकर अपनी बसों को एसडीएम कार्यालय के सामने खड़ा कर प्रदर्शन करेंगे। उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिले में परिवहन व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।1
- Post by AAM JANATA1
- Post by Shamsher Alam2
- बलरामपुर ब्रेकिंग चोरी करने के शक में एक युवक को दी गई तालिबानी सजा ग्रामीणों ने मिलकर एक युवक की जमकर की पिटाई सिर के बाल के कुछ हिस्से भी छिले गए ,कपड़े भी फाड़े गए पिटाई के बाद युवक को आई है गंभीर चोट शंकरगढ़ थाना क्षेत्र के डूमरपानी गांव की घटना सरसों और करीब 300 रुपए नगदी चोरी करने का था युवक पर आरोप जांच में जुटी पुलिस की टीम।1
- बलरामपुर जिला के जनपद शंकरगढ़ ग्राम आमगांव में नाली निर्माण के नाम पर लाखों का खेल, पोल खुली तो 'कागज' की नाली जमीन पर उतारने की हड़बड़ाहट बलरामपुर जिला के आमगांव विकास कार्यों के नाम पर सरकारी खजाने को चूना लगाने का एक बड़ा मामला जनपद पंचायत शंकरगढ़ के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत आमगांव से सामने आया है। यहाँ वर्ष 2023 और 2024 में स्वीकृत हुई नाली निर्माण की राशि का आहरण तो कर लिया गया, लेकिन धरातल पर नाली का नामोनिशान तक नहीं था। 2026 में फूटा भ्रष्टाचार का घड़ा मामले का खुलासा तब हुआ जब वर्ष 2026 में ग्रामीणों को सूचना मिली कि जिस नाली के लिए वे वर्षों से तरस रहे हैं, उसका पैसा कागजों में पहले ही निकाला जा चुका है। यह जानकर ग्रामीणों के पैरों तले जमीन खिसक गई। भ्रष्टाचार आने पर ग्रामीणों ने लामबंद होकर इसकी लिखित शिकायत जनपद पंचायत सीईओ से की। शिकायत होते ही सचिव की 'जादुई सक्रियता जैसे ही मामला जनपद सीईओ की चौखट तक पहुँचा और जांच की सुगबुगाहट तेज हुई, पंचायत सचिव और संबंधित तंत्र की नींद उड़ गई। अपने भ्रष्टाचार और आयब को छिपाने के लिए आनन-फानन में रातों-रात गांव में बालू और निर्माण सामग्री गिराना शुरू कर दिया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि गबन की कोशिश 2023-24 का पैसा 2026 में शिकायत होने के बाद खर्च किया जा रहा है, जो सीधे तौर पर वित्तीय अनियमितता है। दबाव की राजनीति: सचिव अब निर्माण कार्य शुरू कर मामले को रफा-दफा करने की कोशिश कर रहे हैं ताकि जांच की आंच से बचा जा सके। ग्रामीणों की मांग जांच के बिना न हो नाली निर्माण ग्राम पंचायत आमगांव के निवासियों ने मांग की है कि जब तक इस पूरे गबन की उच्च स्तरीय जांच नहीं हो जाती, तब तक इस लीपापोती वाले निर्माण को मान्यता न दी जाए। ग्रामीणों का कहना है कि इतने वर्षों तक पैसा किसके पास था और बिना काम कराए सीसी लगा कैसे जारी हुआ, इसकी भी जांच होनी चाहिए। प्रमुख बिंदु जो प्रशासन के लिए सवाल खड़े करते हैं तीन साल तक निर्माण क्यों नहीं हुआ क्या जनपद स्तर के अधिकारियों की मिलीभगत से राशि का बंदरबांट हुआ शिकायत के बाद ही सामग्री गिराना चालू कर दिया गाँव वाले दोषियों के ऊपर कारवाई मांग रहे हैं आखिर इतनी बड़ा घोटाला कैसे हुआ और बिना निर्माण के सीसी जारी कैसे हुआ1
- भड़गांव ग्राम में निजी पड़ाव गैरेज में खड़ी कार में शॉर्ट सर्किट से लगी आग कोई हताहत नही वाहन शतिग्रस्त1