पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में 27 मई 2026 को आयोजित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक में कई वर्षों पुराने पारिवारिक विवादों का समाधान हुआ, जिससे भावुक चेहरे सामने आए। इस बैठक में कोर कमेटी के सदस्य श्री आर. कुलश्रेष्ठ, श्री प्रमोद व्यास, डॉ. सचिन गर्ग, श्री विनोद शाह, श्री डी.के. वाजपेयी, श्री पार्थ पितलिया और श्री अजय टंडन उपस्थित रहे। पंचायत के दौरान वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित कुल 09 प्रकरणों पर चर्चा और सुनवाई की गई, जिनमें से कई मामलों में भावनात्मक और सकारात्मक समाधान निकले। इनमें से एक प्रमुख मामला विदिशा निवासी एक वरिष्ठ नागरिक का था, जिन्होंने शिकायत की थी कि उनके बड़े बेटे ने उनकी पत्नी के नाम के मकान पर कब्जा कर लिया था और उन्हें वहां जाने से रोका जाता था। शिकायत में झगड़ा-विवाद और मानसिक प्रताड़ना की बात भी सामने आई थी। पंचायत में मामला लगने की जानकारी मिलते ही बेटे ने अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांगी और शांतिपूर्वक व्यवहार करना शुरू कर दिया, जिससे मकान और जमीन संबंधी विवाद समाप्त हो गए। पंचायत ने भविष्य में किसी समस्या के लिए तत्काल संपर्क करने के निर्देश दिए। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रकरण 80 वर्षीय एक वृद्ध महिला से संबंधित था, जिनके चार बेटों ने भरण-पोषण में सहयोग नहीं किया, जबकि उन्हें अपनी जमीन और संपत्ति पहले ही दे दी थी। महिला बड़े बेटे के साथ रह रही थीं, लेकिन उनकी देखभाल और आवश्यक जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं। पंचायत में बेटों ने पहले एक-एक महीने, फिर दो-दो महीने माँ को अपने पास रखने का प्रस्ताव दिया, जिस पर पंचायत ने कड़ी आपत्ति और गंभीर नाराजगी जताई। पंचायत सदस्यों की समझाइश और भर्त्सना के बाद सभी बेटे सहमत हुए कि माँ उनकी इच्छा अनुसार बड़े बेटे के साथ ही रहेंगी और अन्य तीनों बेटे प्रत्येक माह की 15 तारीख तक एक-एक हजार रुपये भरण-पोषण के लिए देंगे। यह भी तय हुआ कि राशि न देने की स्थिति में वृद्ध महिला को वैधानिक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार होगा। विदिशा के एक शिक्षित परिवार में चल रहे लंबे समय के पारिवारिक विवाद, जो मारपीट और एफआईआर तक पहुंच गया था, को भी पंचायत ने सुलझाया। बुजुर्ग पिता की शिकायत पर विस्तृत सुनवाई और कई चरणों की समझाइश के बाद परिवार के सभी सदस्यों के बीच वर्षों पुराने गिले-शिकवे दूर हुए। पंचायत के समक्ष एक अंतिम राजीनामा तैयार किया गया, जिस पर सभी पक्षों ने सहमति व्यक्त की। इसमें मारपीट से संबंधित प्रकरण को आपसी सहमति से समाप्त करने और संपत्ति संबंधी मामलों में पिता की विस्तृत वसीयत तैयार करने पर भी सहमति बनी। इस विवाद से पूरा परिवार मानसिक तनाव और बीमारी से प्रभावित था, लेकिन पंचायत के प्रयासों से सभी सदस्य एक-दूसरे से गले मिलकर भावुक हो उठे। इसके अलावा, एक अत्यधिक वृद्ध वरिष्ठ नागरिक की शिकायत पर भूमि विक्रय संबंधी विवाद में पंचायत ने विवादित भाग की पुनः रजिस्ट्री आवेदक के नाम करने का सुझाव दिया, जिस पर आवेदक ने संतोष व्यक्त किया। अन्य प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और साक्षियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु आगामी तिथियां निर्धारित की गईं। विदिशा पुलिस द्वारा संचालित यह सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान, पारिवारिक समन्वय और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में 27 मई 2026 को आयोजित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक में कई वर्षों पुराने पारिवारिक विवादों का समाधान हुआ, जिससे भावुक चेहरे सामने आए। इस बैठक में कोर कमेटी के सदस्य श्री आर. कुलश्रेष्ठ, श्री प्रमोद व्यास, डॉ. सचिन गर्ग, श्री विनोद शाह, श्री डी.के. वाजपेयी, श्री पार्थ पितलिया और श्री अजय टंडन उपस्थित रहे। पंचायत के दौरान वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित कुल 09 प्रकरणों पर चर्चा और सुनवाई की गई, जिनमें से कई मामलों में भावनात्मक और सकारात्मक समाधान निकले। इनमें से एक प्रमुख मामला विदिशा निवासी एक वरिष्ठ नागरिक का था, जिन्होंने शिकायत की थी कि उनके बड़े बेटे ने उनकी पत्नी के नाम के मकान पर कब्जा कर लिया था और उन्हें वहां जाने से रोका जाता था। शिकायत में झगड़ा-विवाद और मानसिक प्रताड़ना की बात भी सामने आई थी। पंचायत में मामला लगने की जानकारी मिलते ही बेटे ने अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांगी और शांतिपूर्वक व्यवहार करना शुरू कर दिया, जिससे मकान और जमीन संबंधी विवाद समाप्त हो गए। पंचायत ने भविष्य में किसी समस्या के लिए तत्काल संपर्क करने के निर्देश दिए। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रकरण 80 वर्षीय एक वृद्ध महिला से संबंधित था, जिनके चार बेटों ने भरण-पोषण में सहयोग नहीं किया, जबकि उन्हें अपनी जमीन और संपत्ति पहले ही दे दी थी। महिला बड़े बेटे के साथ रह रही थीं, लेकिन उनकी देखभाल और आवश्यक जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं। पंचायत में बेटों ने पहले एक-एक महीने, फिर दो-दो महीने माँ को अपने पास रखने का प्रस्ताव दिया, जिस पर पंचायत ने कड़ी आपत्ति और गंभीर नाराजगी जताई। पंचायत सदस्यों की समझाइश और भर्त्सना के बाद सभी बेटे सहमत हुए कि माँ उनकी इच्छा अनुसार बड़े बेटे के साथ ही रहेंगी और अन्य तीनों बेटे प्रत्येक माह की 15 तारीख तक एक-एक हजार रुपये भरण-पोषण के लिए देंगे। यह भी तय हुआ कि राशि न देने की स्थिति में वृद्ध महिला को वैधानिक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार होगा। विदिशा के एक शिक्षित परिवार में चल रहे लंबे समय के पारिवारिक विवाद, जो मारपीट और एफआईआर तक पहुंच गया था, को भी पंचायत ने सुलझाया। बुजुर्ग पिता की शिकायत पर विस्तृत सुनवाई और कई चरणों की समझाइश के बाद परिवार के सभी सदस्यों के बीच वर्षों पुराने गिले-शिकवे दूर हुए। पंचायत के समक्ष एक अंतिम राजीनामा तैयार किया गया, जिस पर सभी पक्षों ने सहमति व्यक्त की। इसमें मारपीट से संबंधित प्रकरण को आपसी सहमति से समाप्त करने और संपत्ति संबंधी मामलों में पिता की विस्तृत वसीयत तैयार करने पर भी सहमति बनी। इस विवाद से पूरा परिवार मानसिक तनाव और बीमारी से प्रभावित था, लेकिन पंचायत के प्रयासों से सभी सदस्य एक-दूसरे से गले मिलकर भावुक हो उठे। इसके अलावा, एक अत्यधिक वृद्ध वरिष्ठ नागरिक की शिकायत पर भूमि विक्रय संबंधी विवाद में पंचायत ने विवादित भाग की पुनः रजिस्ट्री आवेदक के नाम करने का सुझाव दिया, जिस पर आवेदक ने संतोष व्यक्त किया। अन्य प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और साक्षियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु आगामी तिथियां निर्धारित की गईं। विदिशा पुलिस द्वारा संचालित यह सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान, पारिवारिक समन्वय और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में लगातार काम कर रही है।
- पुलिस अधीक्षक विदिशा श्री रोहित काशवानी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के मार्गदर्शन में 27 मई 2026 को आयोजित सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत की बैठक में कई वर्षों पुराने पारिवारिक विवादों का समाधान हुआ, जिससे भावुक चेहरे सामने आए। इस बैठक में कोर कमेटी के सदस्य श्री आर. कुलश्रेष्ठ, श्री प्रमोद व्यास, डॉ. सचिन गर्ग, श्री विनोद शाह, श्री डी.के. वाजपेयी, श्री पार्थ पितलिया और श्री अजय टंडन उपस्थित रहे। पंचायत के दौरान वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित कुल 09 प्रकरणों पर चर्चा और सुनवाई की गई, जिनमें से कई मामलों में भावनात्मक और सकारात्मक समाधान निकले। इनमें से एक प्रमुख मामला विदिशा निवासी एक वरिष्ठ नागरिक का था, जिन्होंने शिकायत की थी कि उनके बड़े बेटे ने उनकी पत्नी के नाम के मकान पर कब्जा कर लिया था और उन्हें वहां जाने से रोका जाता था। शिकायत में झगड़ा-विवाद और मानसिक प्रताड़ना की बात भी सामने आई थी। पंचायत में मामला लगने की जानकारी मिलते ही बेटे ने अपनी गलती स्वीकार कर माफी मांगी और शांतिपूर्वक व्यवहार करना शुरू कर दिया, जिससे मकान और जमीन संबंधी विवाद समाप्त हो गए। पंचायत ने भविष्य में किसी समस्या के लिए तत्काल संपर्क करने के निर्देश दिए। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रकरण 80 वर्षीय एक वृद्ध महिला से संबंधित था, जिनके चार बेटों ने भरण-पोषण में सहयोग नहीं किया, जबकि उन्हें अपनी जमीन और संपत्ति पहले ही दे दी थी। महिला बड़े बेटे के साथ रह रही थीं, लेकिन उनकी देखभाल और आवश्यक जरूरतें पूरी नहीं हो पा रही थीं। पंचायत में बेटों ने पहले एक-एक महीने, फिर दो-दो महीने माँ को अपने पास रखने का प्रस्ताव दिया, जिस पर पंचायत ने कड़ी आपत्ति और गंभीर नाराजगी जताई। पंचायत सदस्यों की समझाइश और भर्त्सना के बाद सभी बेटे सहमत हुए कि माँ उनकी इच्छा अनुसार बड़े बेटे के साथ ही रहेंगी और अन्य तीनों बेटे प्रत्येक माह की 15 तारीख तक एक-एक हजार रुपये भरण-पोषण के लिए देंगे। यह भी तय हुआ कि राशि न देने की स्थिति में वृद्ध महिला को वैधानिक कार्रवाई और एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार होगा। विदिशा के एक शिक्षित परिवार में चल रहे लंबे समय के पारिवारिक विवाद, जो मारपीट और एफआईआर तक पहुंच गया था, को भी पंचायत ने सुलझाया। बुजुर्ग पिता की शिकायत पर विस्तृत सुनवाई और कई चरणों की समझाइश के बाद परिवार के सभी सदस्यों के बीच वर्षों पुराने गिले-शिकवे दूर हुए। पंचायत के समक्ष एक अंतिम राजीनामा तैयार किया गया, जिस पर सभी पक्षों ने सहमति व्यक्त की। इसमें मारपीट से संबंधित प्रकरण को आपसी सहमति से समाप्त करने और संपत्ति संबंधी मामलों में पिता की विस्तृत वसीयत तैयार करने पर भी सहमति बनी। इस विवाद से पूरा परिवार मानसिक तनाव और बीमारी से प्रभावित था, लेकिन पंचायत के प्रयासों से सभी सदस्य एक-दूसरे से गले मिलकर भावुक हो उठे। इसके अलावा, एक अत्यधिक वृद्ध वरिष्ठ नागरिक की शिकायत पर भूमि विक्रय संबंधी विवाद में पंचायत ने विवादित भाग की पुनः रजिस्ट्री आवेदक के नाम करने का सुझाव दिया, जिस पर आवेदक ने संतोष व्यक्त किया। अन्य प्रकरणों में आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने और साक्षियों की उपस्थिति सुनिश्चित कराने हेतु आगामी तिथियां निर्धारित की गईं। विदिशा पुलिस द्वारा संचालित यह सीनियर सिटीजन पुलिस पंचायत वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के समाधान, पारिवारिक समन्वय और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में लगातार काम कर रही है।1
- सिरोंज थाना क्षेत्र के ग्राम भोरिया में हाल ही में एक 16 वर्षीय किशोर का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था, जिसके शरीर पर कई जगह चोटों के निशान थे। इस मामले में पुलिस द्वारा अब तक कोई व्यापक कार्रवाई न किए जाने से नाराज़ मृतक के परिवार के सदस्यों ने आज पुलिस अधीक्षक (SP) कार्यालय पहुँचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई है। परिवार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि उनके पड़ोसी और उनकी बेटी ने युवक की हत्या की है और इस घटना के पीछे उन्हीं पर संदेह व्यक्त किया है। उन्होंने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है।4
- 3 जून 2026, बुधवार को गंज बासौदा में सिर्फ 30 सेकंड की एक तेज आंधी ने पूरे मौसम का रुख बदल दिया। इस आंधी के दौरान तेज हवाएं, बिजली की चमक और बारिश देखने को मिली, जिससे क्षेत्र में अचानक बदलाव आया। करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली इन हवाओं ने कई जगहों पर अपना असर दिखाया, लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि इसने भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत दिलाई। यह 30 सेकंड की आंधी अपने साथ हलचल तो लाई, पर इसने गर्मी से मुक्ति का एहसास भी कराया।1
- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यह स्पष्ट कर दिया है कि राज्य में समान नागरिक संहिता (UCC) को जल्द ही लागू किया जाएगा।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने देश के पहले ऐसे मुख्यमंत्री बनकर एक बड़ा फैसला किया है, जिन्होंने अपने काफिले में इलेक्ट्रिक व्हीकल को शामिल किया है। यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मितव्ययता की अपील का लगातार पालन करने की दिशा में उठाया गया है। 3 जून को मुख्यमंत्री के काफिले में महिंद्रा कंपनी की XEV 9e इलेक्ट्रिक कार को शामिल किया गया है, जिसके बारे में कंपनी का दावा है कि यह एक बार चार्ज करने पर 500 किलोमीटर का सफर तय करती है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस ईवी से मुख्यमंत्री निवास से स्टेट हैंगर भोपाल तक का सफर किया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की इस नई कार को MP-02-VB-2047 नंबर दिया गया है, जिसमें 'VB' का अर्थ 'विकसित भारत' से जोड़ा जा रहा है, और '2047' को प्रधानमंत्री मोदी के 'विकसित भारत' के लक्ष्य के प्रतीक के तौर पर देखा जा रहा है। इस आधुनिक कार में 360 डिग्री कैमरा सहित सभी सुविधाएं मौजूद हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव इस कार से यात्रा कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी देंगे, जिसके लिए ड्राइवरों को विशेष प्रशिक्षण भी दिया गया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव पर्यावरण संरक्षण और सौर ऊर्जा के प्रति काफी संवेदनशील हैं और इन क्षेत्रों में नई-नई योजनाओं पर काम कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने अलग-अलग स्थानों पर गिद्धों और मगरमच्छों को छोड़ा था। उनका दृढ़ विश्वास है कि कोई भी विकास पर्यावरण संरक्षण के बिना अधूरा है और सौर ऊर्जा से उत्पन्न विकल्प देश-दुनिया को विकास का नया मार्ग दिखा सकते हैं। इससे पहले भी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दौरे के दौरान कई बार सादगी और मितव्ययता की मिसाल पेश की है। हाल ही में, उन्होंने इंदौर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ एचआर ग्रीन से राजवाड़ा तक टेम्पो ट्रेवलर बस में यात्रा की थी। सिंगरौली दौरे के दौरान भी वे टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल पहुंचे थे। इसके अतिरिक्त, मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पहले ही अपने काफिले में गाड़ियों की संख्या को कम कर दिया था।1
- बीना के एसडीएम कार्यालय सभागार में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान एक व्यक्ति ने चार साल से लंबित भूमि सीमांकन की समस्या का समाधान न होने पर आत्मदाह करने की धमकी दी, जिसके बाद प्रशासन हरकत में आया और उसकी समस्या का तत्काल निराकरण किया गया। यह जनसुनवाई एसडीएम रवीश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई, जिसमें सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। कुल 31 लोगों ने इसमें अपनी मांगें और शिकायतें दर्ज कराईं और आवेदनों की अधिकता के कारण जनसुनवाई अपने नियत समय से एक घंटे अधिक देर तक चली। बीना के आगासौद गांव निवासी सपना तिवारी के पति सतीश तिवारी ने बताया कि उनकी पत्नी के नाम की जमीन का सीमांकन पिछले चार साल से नहीं हो पा रहा है। वे चार बार सीमांकन का खर्चा भर चुके हैं और उन्होंने इसकी फाइल भी लगा दी है। सतीश तिवारी ने आरोप लगाया कि वे चार साल से तहसील कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं और हर बार जनसुनवाई में आकर भी उन्हें निराशा ही मिलती है। इस बार जब उन्हें फिर से निराशा हाथ लगी और वे वापस जाने लगे, तो उन्होंने तेल डालकर आत्मदाह करने की धमकी दी। इस पर प्रशासन तुरंत सक्रिय हुआ और नायब तहसीलदार हेमराज मेहर ने मौके पर ही पटवारी से फोन पर बात कर समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया। अन्य शिकायतों में, शिकायतकर्ता पुरुषोत्तम टोंटे ने बताया कि खिरिया वार्ड स्थित सामुदायिक भवन के पास विधायक निधि से चबूतरा निर्माण के लिए 27 फरवरी, 2024 को 2 लाख रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। उन्होंने अपनी लागत लगाने के बाद भी राशि न मिलने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि वह कई बार जनसुनवाई में आवेदन दे चुके हैं। वहीं, बीना के गांधी वार्ड निवासी सुनील अहिरवार ने बताया कि वह एक मजदूर है और उसके परिवार में तीन लड़कियां हैं, लेकिन उसे पिछले छह माह से राशन पर्ची नहीं मिल पाई है, जिससे उसे काफी परेशानी हो रही है। जनसुनवाई में सीमांकन, आर्थिक सहायता, पीएम आवास योजना का लाभ दिलाने, पट्टा दिलाने की मांग, कब्जा दिलाने, खाद्यान्न पर्ची और गरीबी रेखा की सूची में नाम जोड़ने सहित कुल 31 आवेदन प्राप्त हुए। एसडीएम रवीश श्रीवास्तव ने सभी आवेदनों के त्वरित निराकरण के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। जनसुनवाई में तहसीलदार अंबर पंथी, नायब तहसीलदार हेमराज मेहर, नायब तहसीलदार रतिराम अहिरवार, सीएमओ राहुल कौरव सहित कई विभागों के प्रमुख अधिकारी उपस्थित रहे।4
- भोपाल के ईटखेड़ी फार्महाउस में एक गरिमामय कार्यक्रम के दौरान ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेख इस्माइल का नफीस बाबा की टीम द्वारा भव्य स्वागत किया गया। इस कार्यक्रम में समाज के विभिन्न वर्गों के लोग, गणमान्य नागरिक और संगठन के पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे। नफीस बाबा की टीम ने शेख इस्माइल का फूल-मालाओं के साथ सम्मानपूर्वक स्वागत किया, जिससे उनके प्रति अपना आदर व्यक्त किया गया। इस अवसर पर विशेष रूप से सामाजिक एकता, भाईचारे और सौहार्द को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई। कार्यक्रम के दौरान सभी अतिथियों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था भी की गई थी, जिसकी उपस्थित लोगों ने सराहना करते हुए इसे सामाजिक सद्भाव और आपसी मेल-मिलाप को मजबूत करने वाला आयोजन बताया। अपने संबोधन में, शेख इस्माइल ने आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि समाज में प्रेम, भाईचारे और आपसी सहयोग की भावना को बढ़ावा देने के लिए ऐसे आयोजन महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी उपस्थित लोगों से एकजुट होकर समाज की बेहतरी के लिए कार्य करने का आह्वान भी किया। यह कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें उपस्थित अतिथियों ने आयोजन की सफलता के लिए नफीस बाबा और उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं।1
- विधायक रामेश्वर शर्मा ने समान नागरिक संहिता (UCC) पर कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भारत सरकार और माननीय गृह मंत्री श्री अमित शाह पूरे देश में UCC लागू करने की दिशा में लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि इसी तारतम्य में मध्य प्रदेश की मोहन सरकार ने भी UCC को लेकर एक समिति का गठन किया है। शर्मा ने सीधे तौर पर मांग करते हुए कहा, "5 बीवी 25 बच्चों की फैक्ट्री बंद होनी चाहिए।" उन्होंने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कांग्रेस पर निशाना साधा और कहा कि स्वर्गीय इंदिरा गांधी ने देश से कहा था कि 'पहला बच्चा जल्दी नहीं, दूसरा बच्चा अभी नहीं, तीसरा बच्चा कभी नहीं', इसलिए उन्हें लगता है कि कांग्रेस को इंदिरा जी की बात माननी चाहिए और अपने 'मुस्लिम चश्मे' को उतारना चाहिए। विधायक शर्मा ने दावा किया कि देश में मुस्लिम आबादी बढ़ने के कारण देश के अनेक हिस्सों की जनसांख्यिकी बदल गई है, जिसके चलते धार्मिक संघर्ष की घटनाएँ बढ़ रही हैं। शर्मा ने जोर देकर कहा कि देश UCC के लिए एकजुट है और भाजपा की भारत सरकार एवं प्रदेश सरकार इस कानून को निश्चित रूप से लागू करेगी।1