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MdBabar... ward number 11
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- Post by MdBabar... ward number 111
- पाकुड़ मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के इशाकपुर नया टोला में शनिवार देर शाम लोन की किस्त वसूली करने गए आर.बी.एल. कंपनी के तीन कर्मचारियों को कुछ महिलाओं ने अपने घर में बंधक बना लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और समझा-बुझाकर तीनों कर्मचारियों को मुक्त कराया। यह घटना लोन की किस्त जमा करने को लेकर हुए विवाद से जुड़ी है। आर.बी.एल. कंपनी के ये कर्मचारी महिला स्वयं सहायता समूहों को दिए गए ऋण की वसूली के लिए गांव-गांव जाते हैं। शनिवार देर शाम वे इशाकपुर नया टोला में महिला समूह के सदस्यों से किस्त की राशि जमा करने पहुंचे थे। इसी दौरान, मौके पर मौजूद कुछ महिलाओं ने कर्मचारियों को बताया कि उनकी कंपनी के कुछ लोग पिछले कई महीनों से किस्त का पैसा लेकर जा चुके हैं। कर्मचारियों ने जवाब दिया कि उनकी किस्त की राशि कंपनी में जमा नहीं हुई है। इस बात पर महिलाओं और कर्मचारियों के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते महिलाएं उग्र हो गईं और उन्होंने तीनों कर्मचारियों को एक घर में बंधक बना लिया। इस बीच, बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जमा हो गए और काफी देर तक हंगामा चलता रहा। देर रात आसपास के गांवों में 'बच्चा चोर' की अफवाह भी फैल गई, जिससे स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मामले की जानकारी मिलने पर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने महिलाओं को समझा-बुझाकर सबसे पहले तीनों कर्मचारियों को बंधन से मुक्त कराया। पुलिस ने महिलाओं को सलाह दी कि वे कंपनी के पाकुड़ स्थित कार्यालय जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं और मामले को सुलझाएं। महिलाओं ने पुलिस को बताया कि उन्होंने कई किस्तों का भुगतान कंपनी के एजेंटों को किया था, लेकिन एजेंटों ने वह राशि कंपनी में जमा नहीं की, जिसके कारण यह विवाद उत्पन्न हुआ। महिलाओं ने कंपनी से इस मामले पर संज्ञान लेने की मांग की। पुलिस की सूझबूझ से यह पूरा मामला शांतिपूर्ण ढंग से सुलझ गया।1
- आजमनगर प्रखंड क्षेत्र के अमरसिंहपुर पंचायत अंतर्गत पंका गांव ग्रामीणों ने जिला पदाधिकारी से हस्तक्षेप की मांग करते हुए अविलंब प्राथमिक विद्यालय पंका के सामने वाले गड्ढे को भरवाने सहित बाउंड्री वाल निर्माण कराते हुए नियमित पठन-पाठन शुरू कराने की मांग कर रहे हैं बता दे कि नया प्राथमिक विद्यालय पंका की स्थापना वर्ष 2013में हुआ और विद्यालय को अपना भवन2024में बनकर तैयार आमिला।भवन निर्माण प्राप्ति के एक वर्ष बाद भी नए भवन में बच्चों को मूलभूत शिक्षा नहीं मिल पा रही है।इसको लेकर स्थानीय ग्रामीण मो.एजाज के नेतृत्व में लोगों ने विद्यालय की दुर्दशा सुधरे इसको लेकर प्रदर्शन किया।और जिला पदाधिकारी से अविलंब मांग कर रहे हैं।कि इस विद्यालय के सामने जो गड्ढा है उसे भरवाने की दिशा में पहल करें।अगर यहां गड्ढे को भर बाउंड्री वॉल का निर्माण कर दिया जाता है।तो निश्चित तौर पर यहां भी नामांकित बच्चे इसी विद्यालय में शिक्षा अध्ययन कर पाएंगे। विरोध जाता रहे ग्रामीणों ने कहा अगर इस दिशा में जिला पदाधिकारी के हस्तक्षेप के बाद भी समस्या का समाधान नहीं होता है।तो बड़े जन आंदोलन की बाध्यता होगी।ग्रामीणों ने कहा विद्यालय के सामने गड्ढा है।बरसात के वक्त यहां पर पानी जम जाता है।और अधिकांश समय तक यहां जल जमाव की समस्या बनी रहती है। किसी तरह की संभावित घटनाएं न हो इसको लेकर विद्यालय का संचालन यहां पर नहीं होता है।उक्त विद्यालय में नामांकित बच्चों को इस विद्यालय से लग-भग तीन किलोमीटर दूर तेतलिया विद्यालय में समायोजित कर पठन-पाठन कार्य किया जा रहा है। तो ऐसे में बच्चों को कितनी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलती होगी।कितनी परेशानी होती होगी।इसकी कल्पना की जा सकती है। स्थानीय ग्रामीणों ने कई बार इस मामले को लेकर आवाज उठाई लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया।जिसके चलते इस विद्यालय में ताला लटका हुआ है।और सड़क किनारे बना भवन मुंह चिढ़ा रहा है।तो अब सवाल उठता है।कि लाखों रुपए खर्च कर दो मंजिला भवन तो विद्यालय पंका को दे दिया गया।लेकिन इसके औचित्य पर सवाल अब भी खड़े हो रहे हैं। पंचायत समिति सदस्य एजाज अहमद ने बताया नया प्राथमिक विद्यालय पंका को राज्य सरकार ने लाखों रुपए खर्च कर जो दो मंजिला भवन दिया है।इस विद्यालय में नामांकित बच्चों को यहां पर शिक्षा नहीं मिल पा रही है।विद्यालय के आगे गड्ढा है। जिसे भरने की मांग वर्षों से की जा रही है।लेकिन यहां पर निर्माण कार्य नहीं किया जाता है।जिसके चलते यहां पानी भरा रहता है।संभावित दुर्घटनाओं को देखते हुए शिक्षा विभाग की तरफ से विद्यालय में नामांकित बच्चों को यहां से लग-भग3किलोमीटर दूर तेतलिया विद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया है। किस तरह गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल रही होगी इसका अंदाजा लगा सकते हैं।अगर अविलंब यहां विद्यालय के आगे गड्ढा नहीं भरा जाता है।बाउंड्री वॉल नहीं किया जाता है।तो आगामी दिनों में बड़े जन आंदोलन की मजबूरी होगी। और कहा जिला पदाधिकारी से मांग करते हैं।कि मनरेगा से बहुत सारी योजनाएं चल रही हैं।गड्ढा भरा जा सकता है।तब विद्यालय में नामांकित बच्चों को यहीं शिक्षा मिल पाएगी।साथ हीं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा मिलेगा। वही प्रभारी शिक्षा पदाधिकारी मुमताज अहमद ने बताया कि विद्यालय के सामने मिट्टी भराई के लिए वीडिओ को चिट्ठी लिखकर देंगे ताकि गड्ढे को भरा जाए एवं पठन पाठन सुचारू रूप से शुरू हो सके।1
- पाकुड़ जिले में रसोई गैस की कोई किल्लत नहीं है... रसोई गैस की आपूर्ति सामान्य बनी हुई है... इंडेन गैस और भरत की एजेंसियां उपभोक्ताओं के घर-घर तक सिलेंडर पहुंचा रही हैं... ग्रामीण क्षेत्रों में भी गैस की आपूर्ति सुचारु रुप से जारी है... अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच युद्ध की आशंका को लेकर रसोई गैस की कमी की अफवाहें फैली थीं... इन अफवाहों के कारण कुछ होटल और रेस्टोरेंट में कोयले के चूल्हे पर भोजन बनाया जा रहा है... इंडेन गैस एजेंसी पुष्पदंत के डिलीवरी वर्कर ललन कुमार सिंह ने बताया कि गैस की कोई कमी नहीं है... जिन उपभोक्ताओं ने गैस बुक की है, उन्हें घर तक सिलेंडर पहुंचाए जा रहे हैं... उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में1
- Banipur1
- कहने का मतलब यही है सरकार कह रहे हैं अफवाह पर ध्यान न दें और यहां हकीकत में गैस नहीं मिलता है। बताया जाता है कि कांग्रेस पार्टी के सरकार में देश को बर्बाद करने में 70 वर्ष लग गया था और आज भाजपा पार्टी की सरकार में सब कुछ अपना है फिर भी देश तबाही के कगार पर हो गया है। देखा ने का मतलब यह है कि सरदार जी ढाबा एण्ड रेसटूरेंट बायसी भारत पेट्रोल के बगल में गैस की किल्लत से ढाबा बंद कर दिया था कस्टुमर खाने पीने से मोहताज हो गया था बाद में सरदार जी अपना दिमाग से कोयला भट्टी बनाकर कस्टुमर को सुविधा दिया।2
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