वीडियो ब्लॉगिंग न्यूज़ समचार भरस्टाचार के खिलाफ आवाज 🚩 बरही विधानसभा के 'बेंदी 2' गांव की बदहाली का कड़वा सच! 🚩 कोडरमा: कागजों पर विकास, ज़मीन पर सिर्फ विनाश! (बेंदी 2 गांव की लाइव तस्वीरें) 📸 मैं डिजिटल क्रिएटर जितेन्द्र अगेरी, इन तस्वीरों के माध्यम से कोडरमा जिला, चन्दवारा ब्लॉक के बेंदी पंचायत के 'बेंदी 2' गांव की वो खौफनाक हकीकत दिखा रहा हूँ, जिसे हमारा सिस्टम पिछले 15 सालों से छुपा रहा है पार्टियां आईं और गईं, पर हालात वही हैं: पिछले 15 सालों में सूबे (राज्य) में कई पार्टियां आईं और कई पार्टियां गईं, बरही विधानसभा में कई विधायक बदले, लेकिन हमारे गांव की इस सड़क का जो हाल था, वो आज भी वही है। सत्ता किसी के भी हाथ में हो, बेंदी 2 गांव की जनता को हमेशा सिर्फ धोखा ही मिला है। सिर्फ कागजी टेंडर और घोटाला: इस मार्ग के निर्माण के लिए हर चुनाव से पहले कागजों पर करोड़ों के टेंडर निकलते हैं, लेकिन धरातल पर कभी काम पूरा नहीं होता। यह पैसा जनता के विकास के बजाय सीधे भ्रष्टाचार और घोटालों की भेंट चढ़ जाता है। :तस्वीर नंबर 1 (सड़क का दलदल) : यह हमारे गांव की मुख्य सड़क है जो पिछले 15 सालों से ऐसी ही बदहाल है। हर बार चुनाव में बरही विधानसभा के विधायक बदलते हैं, टेंडर निकलते हैं, लेकिन धरातल पर सिर्फ घोटाला और भ्रष्टाचार दिखाई देता है। तस्वीर नंबर 2 (स्कूली बच्चों का दर्द): इस बरसात के मौसम में यह रास्ता मौत का कुआँ बन चुका है। स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों के कपड़े कीचड़ से सन जाते हैं, वे गिरते हैं और चोटिल होते हैं। नेताओं के घरों तक आलीशान सड़कें पहुँच जाती हैं, लेकिन हमारे बच्चों के लिए सिर्फ यह कीचड़ छोड़ दिया जाता है। तस्वीर नंबर 3 (खेतों का खतरा): आप खुद देखिए, सड़क के दोनों तरफ गहरे खेत हैं। यहाँ बिना गढ़वाल (Retaining Wall) के गाड़ी निकालना जान जोखिम में डालने जैसा है। क्या कोडरमा प्रशासन को यहाँ किसी बड़ी दुर्घटना या लाश के गिरने का इंतज़ार है? निकम्मे जनप्रतिनिधि और चमचे: ऐसा नहीं है कि स्थानीय मुखिया या नेताओं को इस रास्ते का पता नहीं है। सब जानते हुए भी आँखें मूंदकर बैठे हैं। जो प्रतिनिधि अपनी जनता को एक सुरक्षित रास्ता न दे सके, वो पूरी तरह फालतू है।ताज़ा बरसात की हकीकत: मैंने ये तस्वीरें बिल्कुल इसी बरसात के मौसम में ग्राउंड पर जाकर खुद क्लिक की हैं, ताकि सोए हुए अधिकारी और नेता अपनी आँखों से ताज़ा बर्बादी देख सकें। मेरा मकसद किसी राजनीतिक पार्टी, नेता या अधिकारी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना या उन्हें बदनाम करना बिल्कुल नहीं है। मैं सिर्फ अपने गांव का जल्द से जल्द शुरू किया जाए!
वीडियो ब्लॉगिंग न्यूज़ समचार भरस्टाचार के खिलाफ आवाज 🚩 बरही विधानसभा के 'बेंदी 2' गांव की बदहाली का कड़वा सच! 🚩 कोडरमा: कागजों पर विकास, ज़मीन पर सिर्फ विनाश! (बेंदी 2 गांव की लाइव तस्वीरें) 📸 मैं डिजिटल क्रिएटर जितेन्द्र अगेरी, इन तस्वीरों के माध्यम से कोडरमा जिला, चन्दवारा ब्लॉक के बेंदी पंचायत के 'बेंदी 2' गांव की वो खौफनाक हकीकत दिखा रहा हूँ, जिसे हमारा सिस्टम पिछले 15 सालों से छुपा रहा है पार्टियां आईं और गईं, पर हालात वही हैं: पिछले 15 सालों में सूबे (राज्य) में कई पार्टियां आईं और कई पार्टियां गईं, बरही विधानसभा में कई विधायक बदले, लेकिन हमारे गांव की इस सड़क का जो हाल था, वो आज भी वही है। सत्ता किसी के भी हाथ में हो, बेंदी 2 गांव की जनता को हमेशा सिर्फ धोखा ही मिला है। सिर्फ कागजी टेंडर और घोटाला: इस मार्ग के निर्माण के लिए हर चुनाव से पहले कागजों पर करोड़ों के टेंडर निकलते हैं, लेकिन धरातल पर कभी काम पूरा नहीं होता। यह पैसा जनता के विकास के बजाय सीधे भ्रष्टाचार और घोटालों की भेंट चढ़ जाता है। :तस्वीर नंबर 1 (सड़क का दलदल) : यह हमारे गांव की मुख्य सड़क है जो पिछले 15 सालों से ऐसी ही बदहाल है। हर बार चुनाव में बरही विधानसभा के विधायक बदलते हैं, टेंडर निकलते हैं, लेकिन धरातल पर सिर्फ घोटाला और भ्रष्टाचार दिखाई देता है। तस्वीर नंबर 2 (स्कूली बच्चों का दर्द): इस बरसात के मौसम में यह रास्ता मौत का कुआँ बन चुका है। स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों के कपड़े कीचड़ से सन जाते हैं, वे गिरते हैं और चोटिल होते हैं। नेताओं के घरों तक आलीशान सड़कें पहुँच जाती हैं, लेकिन हमारे बच्चों के लिए सिर्फ यह कीचड़ छोड़ दिया जाता है। तस्वीर नंबर 3 (खेतों का खतरा): आप खुद देखिए, सड़क के दोनों तरफ गहरे खेत हैं। यहाँ बिना गढ़वाल (Retaining Wall) के गाड़ी निकालना जान जोखिम में डालने जैसा है। क्या कोडरमा प्रशासन को यहाँ किसी बड़ी दुर्घटना या लाश के गिरने का इंतज़ार है? निकम्मे जनप्रतिनिधि और चमचे: ऐसा नहीं है कि स्थानीय मुखिया या नेताओं को इस रास्ते का पता नहीं है। सब जानते हुए भी आँखें मूंदकर बैठे हैं। जो प्रतिनिधि अपनी जनता को एक सुरक्षित रास्ता न दे सके, वो पूरी तरह फालतू है।ताज़ा बरसात की हकीकत: मैंने ये तस्वीरें बिल्कुल इसी बरसात के मौसम में ग्राउंड पर जाकर खुद क्लिक की हैं, ताकि सोए हुए अधिकारी और नेता अपनी आँखों से ताज़ा बर्बादी देख सकें। मेरा मकसद किसी राजनीतिक पार्टी, नेता या अधिकारी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना या उन्हें बदनाम करना बिल्कुल नहीं है। मैं सिर्फ अपने गांव का जल्द से जल्द शुरू किया जाए!
- वीडियो ब्लॉगिंग न्यूज़ समचार भरस्टाचार के खिलाफ आवाज 🚩 बरही विधानसभा के 'बेंदी 2' गांव की बदहाली का कड़वा सच! 🚩 कोडरमा: कागजों पर विकास, ज़मीन पर सिर्फ विनाश! (बेंदी 2 गांव की लाइव तस्वीरें) 📸 मैं डिजिटल क्रिएटर जितेन्द्र अगेरी, इन तस्वीरों के माध्यम से कोडरमा जिला, चन्दवारा ब्लॉक के बेंदी पंचायत के 'बेंदी 2' गांव की वो खौफनाक हकीकत दिखा रहा हूँ, जिसे हमारा सिस्टम पिछले 15 सालों से छुपा रहा है पार्टियां आईं और गईं, पर हालात वही हैं: पिछले 15 सालों में सूबे (राज्य) में कई पार्टियां आईं और कई पार्टियां गईं, बरही विधानसभा में कई विधायक बदले, लेकिन हमारे गांव की इस सड़क का जो हाल था, वो आज भी वही है। सत्ता किसी के भी हाथ में हो, बेंदी 2 गांव की जनता को हमेशा सिर्फ धोखा ही मिला है। सिर्फ कागजी टेंडर और घोटाला: इस मार्ग के निर्माण के लिए हर चुनाव से पहले कागजों पर करोड़ों के टेंडर निकलते हैं, लेकिन धरातल पर कभी काम पूरा नहीं होता। यह पैसा जनता के विकास के बजाय सीधे भ्रष्टाचार और घोटालों की भेंट चढ़ जाता है। :तस्वीर नंबर 1 (सड़क का दलदल) : यह हमारे गांव की मुख्य सड़क है जो पिछले 15 सालों से ऐसी ही बदहाल है। हर बार चुनाव में बरही विधानसभा के विधायक बदलते हैं, टेंडर निकलते हैं, लेकिन धरातल पर सिर्फ घोटाला और भ्रष्टाचार दिखाई देता है। तस्वीर नंबर 2 (स्कूली बच्चों का दर्द): इस बरसात के मौसम में यह रास्ता मौत का कुआँ बन चुका है। स्कूल जाने वाले मासूम बच्चों के कपड़े कीचड़ से सन जाते हैं, वे गिरते हैं और चोटिल होते हैं। नेताओं के घरों तक आलीशान सड़कें पहुँच जाती हैं, लेकिन हमारे बच्चों के लिए सिर्फ यह कीचड़ छोड़ दिया जाता है। तस्वीर नंबर 3 (खेतों का खतरा): आप खुद देखिए, सड़क के दोनों तरफ गहरे खेत हैं। यहाँ बिना गढ़वाल (Retaining Wall) के गाड़ी निकालना जान जोखिम में डालने जैसा है। क्या कोडरमा प्रशासन को यहाँ किसी बड़ी दुर्घटना या लाश के गिरने का इंतज़ार है? निकम्मे जनप्रतिनिधि और चमचे: ऐसा नहीं है कि स्थानीय मुखिया या नेताओं को इस रास्ते का पता नहीं है। सब जानते हुए भी आँखें मूंदकर बैठे हैं। जो प्रतिनिधि अपनी जनता को एक सुरक्षित रास्ता न दे सके, वो पूरी तरह फालतू है।ताज़ा बरसात की हकीकत: मैंने ये तस्वीरें बिल्कुल इसी बरसात के मौसम में ग्राउंड पर जाकर खुद क्लिक की हैं, ताकि सोए हुए अधिकारी और नेता अपनी आँखों से ताज़ा बर्बादी देख सकें। मेरा मकसद किसी राजनीतिक पार्टी, नेता या अधिकारी की भावनाओं को ठेस पहुँचाना या उन्हें बदनाम करना बिल्कुल नहीं है। मैं सिर्फ अपने गांव का जल्द से जल्द शुरू किया जाए!1
- डूमरझारा में अवैध महुआ शराब भट्टी पर पुलिस का छापा, कई लीटर शराब व जावा महुआ नष्ट डूमरझारा में अवैध महुआ शराब भट्टी पर पुलिस का छापा, कई लीटर शराब व जावा महुआ नष्ट गिरिडीह जिले गांवा थाना क्षेत्र डूमरझारा गांव में घर संचालित अवैध महुआ शराब निर्माण की सूचना सामने आने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अवैध शराब कारोबार पर शिकंजा कस दिया। खोरी महुआ थाना के पुलिस पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी कर अवैध रूप से संचालित महुआ शराब भट्टी को ध्वस्त कर दिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से कई लीटर तैयार महुआ शराब बरामद की, जिसे विधि-सम्मत प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया गया। इसके अलावा शराब निर्माण के लिए तैयार किया गया बड़ी मात्रा में जावा महुआ भी नष्ट किया गया। पुलिस की कार्रवाई से अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण और बिक्री की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने सूचना का सत्यापन किया और कार्रवाई को अंजाम दिया। हालांकि पुलिस के पहुंचने से पहले संचालक मौके से फरार हो गए। उनकी पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब निर्माण, भंडारण और बिक्री में संलिप्त लोगों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। स्थानीय लोगों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं अवैध शराब का निर्माण या बिक्री हो रही हो तो इसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके। इस कार्रवाई को स्थानीय लोगों ने सराहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अवैध शराब के कारोबार पर रोक लगाने के लिए प्रशासन की ऐसी कार्रवाई लगातार जारी रहनी चाहिए, जिससे क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनी रहे और सामाजिक बुराइयों पर अंकुश लगाया जा सके।1
- कोडरमा: 30 वर्षों की सेवा के बाद शिक्षक सुधीर कुमार सिंह को भावभीनी विदाई, छात्रों की आंखें हुईं नम1
- चंदवारा प्रखंड के पथलगड्डा पंचायत का मामला, उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग चंदवारा प्रखंड अंतर्गत पथलगड्डा पंचायत में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हाल ही में बनी लगभग चार किलोमीटर लंबी सड़क पहली ही बारिश में कई स्थानों पर धंसने लगी है। सड़क के किनारे मिट्टी भराई और समतलीकरण ठीक से नहीं होने के कारण बरसात शुरू होते ही किनारे टूटने लगे, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों का शनिवार को 12 बजे कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान ही गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। अब सड़क के कई हिस्सों में किनारे धंसने और गड्ढे बनने से राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार ने भुगतान प्राप्त कर लिया, जबकि सड़क कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त होने लगी। उन्होंने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच, दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तथा सड़क की शीघ्र मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है। चंदवारा प्रखंड के पथलगड्डा पंचायत का मामला, उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग चंदवारा प्रखंड अंतर्गत पथलगड्डा पंचायत में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत हाल ही में बनी लगभग चार किलोमीटर लंबी सड़क पहली ही बारिश में कई स्थानों पर धंसने लगी है। सड़क के किनारे मिट्टी भराई और समतलीकरण ठीक से नहीं होने के कारण बरसात शुरू होते ही किनारे टूटने लगे, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं।ग्रामीणों का शनिवार को 12 बजे कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान ही गुणवत्ता को लेकर आपत्ति जताई गई थी, लेकिन संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया। अब सड़क के कई हिस्सों में किनारे धंसने और गड्ढे बनने से राहगीरों के साथ-साथ स्कूली बच्चों और स्थानीय लोगों के लिए आवागमन जोखिम भरा हो गया है।ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार ने भुगतान प्राप्त कर लिया, जबकि सड़क कुछ ही महीनों में क्षतिग्रस्त होने लगी। उन्होंने निर्माण कार्य की उच्चस्तरीय तकनीकी जांच, दोषी ठेकेदार एवं संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई तथा सड़क की शीघ्र मरम्मत कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित करने की मांग की है।1
- कंधे पर जिंदा मगरमच्छ को लेकर थाने पहुंच गया युवक,बिहार के सुपौल में दिखा हैरान करने वाला दृश्य1