जमीन के बदले सिर्फ मुआवजा नहीं, किसानों को कंपनी में शेयरहोल्डर बनाने की पहल तुलबुल में रोजगार और उद्योग की नई इबारत लिखेगा ओमेगा ग्रुप -- हजारीबाग निवासी शादाब अंसारी की पहल से चतरा में बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी -- बायोगैस से सोलर और फूड पार्क तक पांच बड़ी योजनाएं प्रस्तावित -- --- रोजगार सृजन की उम्मीद से रैयतों और युवाओं में उत्साह --- हजारीबाग। चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड अंतर्गत तुलबुल पंचायत में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की तैयारी है। ओमेगा ग्रुप होल्डिंग द्वारा स्थानीय किसानों और रैयतों के सहयोग से उनकी जमीन का सदुपयोग करते हुए कई रोजगारोन्मुखी परियोजनाएं स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। परियोजना को लेकर क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट की प्रस्तावित योजना के तहत तुलबुल में 15 टीपीडी बायोगैस प्लांट, 20 मेगावाट सोलर प्लांट, 40 एमडब्ल्यूएच बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, 10 एकड़ में फूड पार्क तथा 100 गायों की क्षमता वाला डेयरी फार्म स्थापित किया जाना है। इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने की योजना है। परियोजना का भव्य शुभारंभ जल्द किए जाने की तैयारी चल रही है। *किसानों में उत्साह, अपनी जमीन पर विकास देखने की उम्मीद* प्रस्तावित परियोजनाओं को लेकर तुलबुल और आसपास के क्षेत्र के रैयतों एवं किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि उनकी जमीन का उपयोग सिर्फ मुआवजा देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसी जमीन से क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का नया अध्याय शुरू होगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना ने भी ग्रामीणों की उम्मीद बढ़ाई है। किसानों का मानना है कि यदि परियोजनाएं योजना के अनुरूप धरातल पर उतरती हैं तो इसका लाभ स्थानीय परिवारों, युवाओं और छोटे कारोबारियों तक पहुंच सकता है। *किसानों को कंपनी में हिस्सेदारी देने की पहल* ओमेगा ग्रुप होल्डिंग की इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष किसानों की कंपनी में भागीदारी से जुड़ा है। ट्रस्ट की योजना के अनुसार जमीन उपलब्ध कराने वाले किसानों को केवल मुआवजा देकर अलग करने के बजाय उन्हें कंपनी में शेयरहोल्डर के रूप में जोड़कर विकास में भागीदार बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। यह पहल किसानों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे उन्हें परियोजना के साथ दीर्घकालिक रूप से जुड़े रहने और कंपनी की विकास यात्रा में अपनी हिस्सेदारी रखने का अवसर मिलेगा। *हजारीबाग निवासी शादाब अंसारी बोले- स्थानीय लोगों को मिलेगा अवसर* ओमेगा ग्रुप होल्डिंग के वाइस चेयरमैन एवं हजारीबाग निवासी शादाब अंसारी ने परियोजना की तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि तुलबुल में प्रस्तावित योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट का लक्ष्य क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। परियोजनाओं के शुरू होने के बाद आवश्यक योग्यता और निर्धारित अहर्ता रखने वाले स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। शादाब अंसारी के अनुसार रैयत किसानों को भी रोजगार सृजन की प्रक्रिया में भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। किसान अपने क्षेत्र के ऐसे योग्य लोगों को रोजगार से जोड़ने में सहयोग कर सकेंगे, जो कंपनी की निर्धारित अहर्ताओं को पूरा करते हों और कंपनी के साथ जुड़कर उसके विकास में अपनी भूमिका निभाने में सक्षम हों। *ऊर्जा, कृषि और फूड प्रोसेसिंग पर रहेगा जोर* तुलबुल में प्रस्तावित परियोजनाओं में ऊर्जा और कृषि आधारित गतिविधियों को विशेष महत्व दिया गया है। बायोगैस प्लांट, सोलर प्लांट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ फूड पार्क और डेयरी फार्म स्थापित करने की योजना है। इन परियोजनाओं के एक साथ विकसित होने से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही कृषि आधारित गतिविधियों को बाजार और औद्योगिक ढांचे से जोड़ने में भी मदद मिल सकती है। *तुलबुल से झारखंड के लिए नई पहल का संदेश* ओमेगा ग्रुप होल्डिंग का कहना है कि तुलबुल की यह परियोजना केवल उद्योग स्थापित करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों की जमीन का बेहतर उपयोग, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। परियोजना के शुभारंभ की तैयारियां तेज हैं। स्थानीय रैयत और किसान अब उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब उनकी जमीन पर प्रस्तावित योजनाएं वास्तविक रूप में धरातल पर दिखाई देंगी। किसानों में इस बात को लेकर विशेष उत्साह है कि वे पहली बार अपनी जमीन को किसी ऐसी विकास परियोजना का हिस्सा बनते देखेंगे, जिसमें उन्हें कंपनी में भागीदारी और रोजगार सृजन की प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही जा रही है। ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट की यह पहल तुलबुल से रोजगार, ऊर्जा और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं की शुरुआत का संकेत दे रही है।
जमीन के बदले सिर्फ मुआवजा नहीं, किसानों को कंपनी में शेयरहोल्डर बनाने की पहल तुलबुल में रोजगार और उद्योग की नई इबारत लिखेगा ओमेगा ग्रुप -- हजारीबाग निवासी शादाब अंसारी की पहल से चतरा में बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी -- बायोगैस से सोलर और फूड पार्क तक पांच बड़ी योजनाएं प्रस्तावित -- --- रोजगार सृजन की उम्मीद से रैयतों और युवाओं में उत्साह --- हजारीबाग। चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड अंतर्गत तुलबुल पंचायत में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की तैयारी है। ओमेगा ग्रुप होल्डिंग द्वारा स्थानीय किसानों और रैयतों के सहयोग से उनकी जमीन का सदुपयोग करते हुए कई रोजगारोन्मुखी परियोजनाएं स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। परियोजना को लेकर क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट की प्रस्तावित योजना के तहत तुलबुल में 15 टीपीडी बायोगैस प्लांट, 20 मेगावाट सोलर प्लांट, 40 एमडब्ल्यूएच बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, 10 एकड़ में फूड पार्क तथा 100 गायों की क्षमता वाला डेयरी फार्म स्थापित किया जाना है। इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने की योजना है। परियोजना का भव्य शुभारंभ जल्द किए जाने की तैयारी चल रही है। *किसानों में उत्साह, अपनी जमीन पर विकास देखने की उम्मीद* प्रस्तावित परियोजनाओं को लेकर तुलबुल और आसपास के क्षेत्र के रैयतों एवं किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि उनकी जमीन का उपयोग सिर्फ मुआवजा देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसी जमीन से क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का नया अध्याय शुरू होगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना ने भी ग्रामीणों की उम्मीद बढ़ाई है। किसानों का मानना है कि यदि परियोजनाएं योजना के अनुरूप धरातल पर उतरती हैं तो इसका लाभ स्थानीय परिवारों, युवाओं और छोटे कारोबारियों तक पहुंच सकता है। *किसानों को कंपनी में हिस्सेदारी देने की पहल* ओमेगा ग्रुप होल्डिंग की इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष किसानों की कंपनी में भागीदारी से जुड़ा है। ट्रस्ट की योजना के अनुसार जमीन उपलब्ध कराने वाले किसानों को केवल मुआवजा देकर अलग करने के बजाय उन्हें कंपनी में शेयरहोल्डर के रूप में जोड़कर विकास में भागीदार बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। यह पहल किसानों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे उन्हें परियोजना के साथ दीर्घकालिक रूप से जुड़े रहने और कंपनी की विकास यात्रा में अपनी हिस्सेदारी रखने का अवसर मिलेगा। *हजारीबाग निवासी शादाब अंसारी बोले- स्थानीय लोगों को मिलेगा अवसर* ओमेगा ग्रुप होल्डिंग के वाइस चेयरमैन एवं हजारीबाग निवासी शादाब अंसारी ने परियोजना की तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि तुलबुल में प्रस्तावित योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट का लक्ष्य क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। परियोजनाओं के शुरू होने के बाद आवश्यक योग्यता और निर्धारित अहर्ता रखने वाले स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। शादाब अंसारी के अनुसार रैयत किसानों को भी रोजगार सृजन की प्रक्रिया में भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। किसान अपने क्षेत्र के ऐसे योग्य लोगों को रोजगार से जोड़ने में सहयोग कर सकेंगे, जो कंपनी की निर्धारित अहर्ताओं को पूरा करते हों और कंपनी के साथ जुड़कर उसके विकास में अपनी भूमिका निभाने में सक्षम हों। *ऊर्जा, कृषि और फूड प्रोसेसिंग पर रहेगा जोर* तुलबुल में प्रस्तावित परियोजनाओं में ऊर्जा और कृषि आधारित गतिविधियों को विशेष महत्व दिया गया है। बायोगैस प्लांट, सोलर प्लांट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ फूड पार्क और डेयरी फार्म स्थापित करने की योजना है। इन परियोजनाओं के एक साथ विकसित होने से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही कृषि आधारित गतिविधियों को बाजार और औद्योगिक ढांचे से जोड़ने में भी मदद मिल सकती है। *तुलबुल से झारखंड के लिए नई पहल का संदेश* ओमेगा ग्रुप होल्डिंग का कहना है कि तुलबुल की यह परियोजना केवल उद्योग स्थापित करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों की जमीन का बेहतर उपयोग, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। परियोजना के शुभारंभ की तैयारियां तेज हैं। स्थानीय रैयत और किसान अब उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब उनकी जमीन पर प्रस्तावित योजनाएं वास्तविक रूप में धरातल पर दिखाई देंगी। किसानों में इस बात को लेकर विशेष उत्साह है कि वे पहली बार अपनी जमीन को किसी ऐसी विकास परियोजना का हिस्सा बनते देखेंगे, जिसमें उन्हें कंपनी में भागीदारी और रोजगार सृजन की प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही जा रही है। ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट की यह पहल तुलबुल से रोजगार, ऊर्जा और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं की शुरुआत का संकेत दे रही है।
- जमीन के बदले सिर्फ मुआवजा नहीं, किसानों को कंपनी में शेयरहोल्डर बनाने की पहल तुलबुल में रोजगार और उद्योग की नई इबारत लिखेगा ओमेगा ग्रुप -- हजारीबाग निवासी शादाब अंसारी की पहल से चतरा में बड़े प्रोजेक्ट की तैयारी -- बायोगैस से सोलर और फूड पार्क तक पांच बड़ी योजनाएं प्रस्तावित -- --- रोजगार सृजन की उम्मीद से रैयतों और युवाओं में उत्साह --- हजारीबाग। चतरा जिले के सिमरिया प्रखंड अंतर्गत तुलबुल पंचायत में रोजगार और औद्योगिक विकास को नई दिशा देने की तैयारी है। ओमेगा ग्रुप होल्डिंग द्वारा स्थानीय किसानों और रैयतों के सहयोग से उनकी जमीन का सदुपयोग करते हुए कई रोजगारोन्मुखी परियोजनाएं स्थापित करने की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। परियोजना को लेकर क्षेत्र के किसानों और स्थानीय लोगों में उत्साह का माहौल है। ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट की प्रस्तावित योजना के तहत तुलबुल में 15 टीपीडी बायोगैस प्लांट, 20 मेगावाट सोलर प्लांट, 40 एमडब्ल्यूएच बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, 10 एकड़ में फूड पार्क तथा 100 गायों की क्षमता वाला डेयरी फार्म स्थापित किया जाना है। इन परियोजनाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर रोजगार के बड़े अवसर पैदा करने की योजना है। परियोजना का भव्य शुभारंभ जल्द किए जाने की तैयारी चल रही है। *किसानों में उत्साह, अपनी जमीन पर विकास देखने की उम्मीद* प्रस्तावित परियोजनाओं को लेकर तुलबुल और आसपास के क्षेत्र के रैयतों एवं किसानों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। किसानों को उम्मीद है कि उनकी जमीन का उपयोग सिर्फ मुआवजा देने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि उसी जमीन से क्षेत्र में रोजगार और आर्थिक गतिविधियों का नया अध्याय शुरू होगा। स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना ने भी ग्रामीणों की उम्मीद बढ़ाई है। किसानों का मानना है कि यदि परियोजनाएं योजना के अनुरूप धरातल पर उतरती हैं तो इसका लाभ स्थानीय परिवारों, युवाओं और छोटे कारोबारियों तक पहुंच सकता है। *किसानों को कंपनी में हिस्सेदारी देने की पहल* ओमेगा ग्रुप होल्डिंग की इस पहल का एक महत्वपूर्ण पक्ष किसानों की कंपनी में भागीदारी से जुड़ा है। ट्रस्ट की योजना के अनुसार जमीन उपलब्ध कराने वाले किसानों को केवल मुआवजा देकर अलग करने के बजाय उन्हें कंपनी में शेयरहोल्डर के रूप में जोड़कर विकास में भागीदार बनाने की दिशा में पहल की जा रही है। यह पहल किसानों के लिए इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि इससे उन्हें परियोजना के साथ दीर्घकालिक रूप से जुड़े रहने और कंपनी की विकास यात्रा में अपनी हिस्सेदारी रखने का अवसर मिलेगा। *हजारीबाग निवासी शादाब अंसारी बोले- स्थानीय लोगों को मिलेगा अवसर* ओमेगा ग्रुप होल्डिंग के वाइस चेयरमैन एवं हजारीबाग निवासी शादाब अंसारी ने परियोजना की तैयारियों की जानकारी साझा करते हुए बताया कि तुलबुल में प्रस्तावित योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए युद्धस्तर पर तैयारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट का लक्ष्य क्षेत्र में उद्योग स्थापित करने के साथ-साथ रोजगार सृजन और स्थानीय लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। परियोजनाओं के शुरू होने के बाद आवश्यक योग्यता और निर्धारित अहर्ता रखने वाले स्थानीय युवाओं को रोजगार से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा। शादाब अंसारी के अनुसार रैयत किसानों को भी रोजगार सृजन की प्रक्रिया में भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा। किसान अपने क्षेत्र के ऐसे योग्य लोगों को रोजगार से जोड़ने में सहयोग कर सकेंगे, जो कंपनी की निर्धारित अहर्ताओं को पूरा करते हों और कंपनी के साथ जुड़कर उसके विकास में अपनी भूमिका निभाने में सक्षम हों। *ऊर्जा, कृषि और फूड प्रोसेसिंग पर रहेगा जोर* तुलबुल में प्रस्तावित परियोजनाओं में ऊर्जा और कृषि आधारित गतिविधियों को विशेष महत्व दिया गया है। बायोगैस प्लांट, सोलर प्लांट और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम के साथ फूड पार्क और डेयरी फार्म स्थापित करने की योजना है। इन परियोजनाओं के एक साथ विकसित होने से स्थानीय स्तर पर प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की उम्मीद है। साथ ही कृषि आधारित गतिविधियों को बाजार और औद्योगिक ढांचे से जोड़ने में भी मदद मिल सकती है। *तुलबुल से झारखंड के लिए नई पहल का संदेश* ओमेगा ग्रुप होल्डिंग का कहना है कि तुलबुल की यह परियोजना केवल उद्योग स्थापित करने तक सीमित नहीं होगी, बल्कि इसका उद्देश्य किसानों की जमीन का बेहतर उपयोग, स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देना है। परियोजना के शुभारंभ की तैयारियां तेज हैं। स्थानीय रैयत और किसान अब उस दिन का इंतजार कर रहे हैं, जब उनकी जमीन पर प्रस्तावित योजनाएं वास्तविक रूप में धरातल पर दिखाई देंगी। किसानों में इस बात को लेकर विशेष उत्साह है कि वे पहली बार अपनी जमीन को किसी ऐसी विकास परियोजना का हिस्सा बनते देखेंगे, जिसमें उन्हें कंपनी में भागीदारी और रोजगार सृजन की प्रक्रिया से जोड़ने की बात कही जा रही है। ओमेगा ग्रुप ट्रस्ट की यह पहल तुलबुल से रोजगार, ऊर्जा और औद्योगिक विकास की नई संभावनाओं की शुरुआत का संकेत दे रही है।1
- अरगोड़ा: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से छेड़छाड़ पर बीजेपी का आवेदन अरगोड़ा: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से छेड़छाड़ के मामले में आज बीजेपी की ओर से अरगोड़ा थाना में लिखित आवेदन दिया गया है। इस आवेदन में इस घटना की शिकायत की गई है और उचित कार्रवाई की मांग की गई है। बीजेपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस से शीघ्र मामले की जांच कर दोषियों को सजा देने की अपील की है। इस घटना ने इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है। अरगोड़ा: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से छेड़छाड़ पर बीजेपी का आवेदन अरगोड़ा: डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी की प्रतिमा से छेड़छाड़ के मामले में आज बीजेपी की ओर से अरगोड़ा थाना में लिखित आवेदन दिया गया है। इस आवेदन में इस घटना की शिकायत की गई है और उचित कार्रवाई की मांग की गई है। बीजेपी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस से शीघ्र मामले की जांच कर दोषियों को सजा देने की अपील की है। इस घटना ने इलाके में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा कर दी है।1
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- SIR को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रामगढ़ में किया प्रदर्शन SIR को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा ने रामगढ़ में किया प्रदर्शन1
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- सुबह की हेल्थ से संबंधित पांच महत्वपूर्ण टिप्स... सुबह की हेल्थ से संबंधित पांच महत्वपूर्ण टिप्स सुबह की हेल्थ से संबंधित पांच महत्वपूर्ण टिप्स बरकट्ठा की आवाज। Barkatha ki Awaz1
- 11 केवी फीडर में मेंटनेंस का होगा काम, तीन घंटे बिजली रहेगी गुल रातू। 11 केवी ग्रामीण फीडर में मेंटनेंस कार्य को लेकर बुधवार को तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विभाग के अनुसार सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक फीडर को बंद रखकर आवश्यक रखरखाव कार्य किया जाएगा। इस दौरान ललित ग्राम, गोविंद नगर, कमड़े, तिलता, फ्रेंच कॉलोनी, विंध्यवासिनी नगर, द्वारिकापुरी और सूर्य नगर समेत आसपास के इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि निर्धारित अवधि को ध्यान में रखते हुए आवश्यक कार्य पहले से निपटा लें। मेंटनेंस कार्य पूरा होने के बाद विद्युत आपूर्ति सामान्य कर दी जाएगी।1
- उपायुक्त ऋतुराज की अध्यक्षता में आयोजित जनता दरबार बना आमजनों का सहारा: त्वरित समाधान से खिल रहे आवेदकों के चेहरे रामगढ़: जिला प्रशासन, रामगढ़ द्वारा आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित एवं पारदर्शी समाधान हेतु प्रत्येक मंगलवार एवं शुक्रवार को नियमित रूप से ‘जनता दरबार’ का आयोजन किया जा रहा है। उपायुक्त श्री ऋतुराज की अध्यक्षता में आयोजित होने वाले इस जनता दरबार से जिलेवासियों को सीधे अपनी फरियाद रखने और उनका त्वरित निष्पादन कराने में काफी सहूलियत मिल रही है। इसी क्रम में कुजू, मांडू निवासी नितेश कुमार द्वारा उपायुक्त महोदय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा की ऑनलाइन रसीद न कट पाने की समस्या को लेकर पिछले कई महीने से परेशान थे। अंततः उन्होंने उपायुक्त महोदय के जनता दरबार में उपस्थित होकर अपनी समस्या साझा की। उपायुक्त श्री ऋतुराज ने मामले की गंभीरता को समझते हुए संबंधित अधिकारियों को तुरंत आवश्यक निर्देश दिए। इसका सुखद परिणाम यह रहा कि महज 7 दिनों के भीतर उनकी जमीन की ऑनलाइन रसीद कट गई और उनकी समस्या का पूर्ण समाधान हो गया। समस्या का त्वरित और प्रभावी निष्पादन होने पर आवेदक नितेश कुमार ने उपायुक्त श्री ऋतुराज एवं जिला प्रशासन का हृदय से धन्यवाद करते हुए अपनी कृतज्ञता प्रकट की है। जिला प्रशासन रामगढ़ जिले के सभी नागरिकों से अपील करता है कि वे अपनी समस्याओं एवं शिकायतों के निवारण हेतु प्रत्येक मंगलवार और शुक्रवार को आयोजित होने वाले जनता दरबार में निसंकोच आएँ, जहाँ उनकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर त्वरित समाधान किया जाएगा।1