लायंस आई हॉस्पिटल परासिया में "अवैध नेत्र उत्खनन नेत्र प्रत्यारोपण" और "अंग तस्करी" का बड़ा खुलासा न्यूज़ ऐसीपी भारत से गोपाल मालवीय की खास रिपोर्ट समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सौंपे प्रमाण (न्यूज़ ऐसीपी भारत छिंदवाड़ा)- छिंदवाड़ा। जिला मुख्यालय में आज 31 मार्च 2026 दिन मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में उस समय हड़कंप मच गया, जब क्षेत्र के सुप्रसिद्ध प्रखर समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने लायंस क्लब, लायंस आई हॉस्पिटल परासिया के विरुद्ध अवैध मानव अंग प्रत्यारोपण, मानव अंग आंख तस्करी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर साक्ष्यों के साथ जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत पत्र सौंपा। आरटीआई (RTI) से प्राप्त चौंकाने वाले दस्तावेजों के आधार पर चौरसिया ने संस्थान के पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही और एफ.आई. आर. दर्ज करने की मांग की है। क्या है पूरा मामला? •• शिकायत के अनुसार, यह प्रकरण 20 मई 2016 को समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के स्वर्गीय मामा श्री अशोक चौरसिया के निधन से जुड़ा है। आरोप है कि लायंस आई हॉस्पिटल के पदाधिकारियों ने बिना किसी अधिकृत डॉक्टर, विशेषज्ञ या पुलिस की उपस्थिति के, एक निजी कंपाउंडर के माध्यम से अवैध रूप से नेत्र निष्कर्षण (Removal) करवाया। जब परिवार ने इन नेत्रों के उपयोग और प्राप्तकर्ता की जानकारी मांगी, तो अस्पताल प्रबंधन ने कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया। संस्था के द्वारा बनाए प्रमाण पत्र में नेत्रदान प्रमाण पत्र दिया एवं संस्था के लेटर पैड में पदाधिकारी द्वारा लिखित रूप से स्वीकार किया की आंखें प्राप्त हुई थी, आंख किसी कारण से आंख खराब हुई जो की यह सिद्ध करता है कि संस्था नेत्रदान का काम कर रही है। आरटीआई से हुए सनसनीखेज खुलासे •• समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार:पंजीकरण का अभाव: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला छिंदवाड़ा द्वारा सूचना का अधिकार आरटीआई में लिखित सत्यापित प्रमाणित जानकारी दी गई उक्त संस्था के पास मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (THOTA), 1994 के तहत नेत्र निष्कर्षण या प्रत्यारोपण के लिए कोई वैधानिक पंजीकरण नहीं है। •• नेत्रदान लेने से संस्था का अस्वीकार किया जाना: आरटीआई से प्राप्त जानकारी अनुसार स्वास्थ्य विभाग छिंदवाड़ा द्वारा पूर्व में कि जांच में उक्त संस्था ने नेत्रदान लेने से अस्वीकार किया है। जबकि संस्था नेत्रदान एवं नेत्र प्रत्यारोपण की खबरें अखबार समाचार पत्रों और टीवी न्यूज़ समाचारों में दम में भरते हुए प्रकाशित करवाई गई है। इसके समस्त साक्ष्य समाज सेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने एकत्रित किया है। अंग तस्करी की आशंका: •• जिला छिंदवाड़ा में विगत 25 वर्षों से लायंस क्लब लाइंस आई हॉस्पिटल संस्था गैर पंजीकृत संस्था द्वारा बिना रिकॉर्ड के आँखों का निकाला जाना एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोह की ओर इशारा करता है,जिसकी कड़ियाँ भोपाल और अन्य बड़े शहरों से जुड़ी होने की आशंका है। •• राष्ट्रीय स्तर पर हुई जांच के निर्देश: समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के कठोर परिश्रम एवं निरंतर प्रयासों के कारण यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) और देश के प्रमुख 14 विभागों सहित मानव अधिकार आयोग, तक पहुँच चुका है। •• प्रधानमंत्री कार्यालय भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को 'यथोचित कार्यवाही' के निर्देश दिए हैं। NOTTO ने स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से THOTA अधिनियम के उल्लंघन की गहन जांच कर 'कार्रवाई रिपोर्ट' (ATR) मांगी है। कठोर धाराओं मे एफ. आई.आर.की मांग! •• आज सौंपे गए आवेदन में समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 211, 238, 316, 318(4) और THOTA अधिनियम की धारा 14, 18, 19 व 20 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। ••समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने कहा "यह लड़ाई केवल मेरे परिवार की नहीं, बल्कि मानवता की है। सेवा के नाम पर मानव अंगों का व्यापार करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रशासन के पास अब पर्याप्त साक्ष्य हैं कि लायंस आई हॉस्पिटल परासिया बिना अनुमति के यह अवैध कार्य कई वर्षों से कर रहा था। जब तक दोषियों को जेल नहीं होती, यह संघर्ष जारी रहेगा।" •• पूर्व में भी समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया की शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय अंधतत्व मुक्त निवारण मिशन भारत सरकार की योजना में उक्त संस्था द्वारा फर्जी बिलों को लगाकर गवन करने पर संस्था के विरुद्ध अपराध क्रमांक 12/2025 दिनांक 10 जनवरी 2025 को थाना परसिया में मध्य प्रदेश शासन द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसमें संस्था के सात पदाधिकारियों पर 420,409,34 के तहत मामला पंजीबद्ध हुआ है अभी मामला माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है। इसके साथ ही संस्था के द्वारा गवन की हुई लगभग 2 करोड़ कि राशि की वसूली के लिए लायंस क्लब लायंस आई हॉस्पिटल परासिया संस्था की संपत्ति पर कुर्की चश्पा की कार्रवाई की जा चुकी है। •• जिला कलेक्टर कार्यालय में आज बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने इस भ्रष्टाचार और अवैध कृत्य के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन पुख्ता सबूतों के आधार पर क्या ठोस कार्यवाही करता है। माननीय जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता एवं समस्त साक्ष्य प्रमाणों को देखते हुए तत्काल अनुविभागीय राजस्व अधिकारी परासिया को फोन पर जानकारी देते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच एवं कठोर दंडात्मक कार्यवाही करवाने के निर्देश दिए है, एवं जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा ने शिकायत को टी.एल. पर लिया है।
लायंस आई हॉस्पिटल परासिया में "अवैध नेत्र उत्खनन नेत्र प्रत्यारोपण" और "अंग तस्करी" का बड़ा खुलासा न्यूज़ ऐसीपी भारत से गोपाल मालवीय की खास रिपोर्ट समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सौंपे प्रमाण (न्यूज़ ऐसीपी भारत छिंदवाड़ा)- छिंदवाड़ा। जिला मुख्यालय में आज 31 मार्च 2026 दिन मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में उस समय हड़कंप मच गया, जब क्षेत्र के सुप्रसिद्ध प्रखर समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने लायंस क्लब, लायंस आई हॉस्पिटल परासिया के विरुद्ध अवैध मानव अंग प्रत्यारोपण, मानव अंग आंख तस्करी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर साक्ष्यों के साथ जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत पत्र सौंपा। आरटीआई (RTI) से प्राप्त चौंकाने वाले दस्तावेजों के आधार पर चौरसिया ने संस्थान के पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही और एफ.आई. आर. दर्ज करने की मांग की है। क्या है पूरा मामला? •• शिकायत के अनुसार, यह प्रकरण 20 मई 2016 को समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के स्वर्गीय मामा श्री अशोक चौरसिया के निधन से जुड़ा है। आरोप है कि लायंस आई हॉस्पिटल के पदाधिकारियों ने बिना किसी अधिकृत डॉक्टर, विशेषज्ञ या पुलिस की उपस्थिति के, एक निजी कंपाउंडर के माध्यम से अवैध रूप से नेत्र निष्कर्षण (Removal) करवाया। जब परिवार ने इन नेत्रों के उपयोग और प्राप्तकर्ता की जानकारी मांगी, तो अस्पताल प्रबंधन ने कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया। संस्था
के द्वारा बनाए प्रमाण पत्र में नेत्रदान प्रमाण पत्र दिया एवं संस्था के लेटर पैड में पदाधिकारी द्वारा लिखित रूप से स्वीकार किया की आंखें प्राप्त हुई थी, आंख किसी कारण से आंख खराब हुई जो की यह सिद्ध करता है कि संस्था नेत्रदान का काम कर रही है। आरटीआई से हुए सनसनीखेज खुलासे •• समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार:पंजीकरण का अभाव: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला छिंदवाड़ा द्वारा सूचना का अधिकार आरटीआई में लिखित सत्यापित प्रमाणित जानकारी दी गई उक्त संस्था के पास मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (THOTA), 1994 के तहत नेत्र निष्कर्षण या प्रत्यारोपण के लिए कोई वैधानिक पंजीकरण नहीं है। •• नेत्रदान लेने से संस्था का अस्वीकार किया जाना: आरटीआई से प्राप्त जानकारी अनुसार स्वास्थ्य विभाग छिंदवाड़ा द्वारा पूर्व में कि जांच में उक्त संस्था ने नेत्रदान लेने से अस्वीकार किया है। जबकि संस्था नेत्रदान एवं नेत्र प्रत्यारोपण की खबरें अखबार समाचार पत्रों और टीवी न्यूज़ समाचारों में दम में भरते हुए प्रकाशित करवाई गई है। इसके समस्त साक्ष्य समाज सेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने एकत्रित किया है। अंग तस्करी की आशंका: •• जिला छिंदवाड़ा में विगत 25 वर्षों से लायंस क्लब लाइंस आई हॉस्पिटल संस्था गैर पंजीकृत संस्था द्वारा बिना रिकॉर्ड के आँखों का निकाला जाना एक बड़े
अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोह की ओर इशारा करता है,जिसकी कड़ियाँ भोपाल और अन्य बड़े शहरों से जुड़ी होने की आशंका है। •• राष्ट्रीय स्तर पर हुई जांच के निर्देश: समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के कठोर परिश्रम एवं निरंतर प्रयासों के कारण यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) और देश के प्रमुख 14 विभागों सहित मानव अधिकार आयोग, तक पहुँच चुका है। •• प्रधानमंत्री कार्यालय भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को 'यथोचित कार्यवाही' के निर्देश दिए हैं। NOTTO ने स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से THOTA अधिनियम के उल्लंघन की गहन जांच कर 'कार्रवाई रिपोर्ट' (ATR) मांगी है। कठोर धाराओं मे एफ. आई.आर.की मांग! •• आज सौंपे गए आवेदन में समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 211, 238, 316, 318(4) और THOTA अधिनियम की धारा 14, 18, 19 व 20 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। ••समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने कहा "यह लड़ाई केवल मेरे परिवार की नहीं, बल्कि मानवता की है। सेवा के नाम पर मानव अंगों का व्यापार करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रशासन के पास अब पर्याप्त साक्ष्य हैं कि लायंस आई हॉस्पिटल परासिया बिना अनुमति के यह अवैध कार्य कई वर्षों से कर रहा था। जब तक दोषियों को जेल नहीं होती,
यह संघर्ष जारी रहेगा।" •• पूर्व में भी समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया की शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय अंधतत्व मुक्त निवारण मिशन भारत सरकार की योजना में उक्त संस्था द्वारा फर्जी बिलों को लगाकर गवन करने पर संस्था के विरुद्ध अपराध क्रमांक 12/2025 दिनांक 10 जनवरी 2025 को थाना परसिया में मध्य प्रदेश शासन द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसमें संस्था के सात पदाधिकारियों पर 420,409,34 के तहत मामला पंजीबद्ध हुआ है अभी मामला माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है। इसके साथ ही संस्था के द्वारा गवन की हुई लगभग 2 करोड़ कि राशि की वसूली के लिए लायंस क्लब लायंस आई हॉस्पिटल परासिया संस्था की संपत्ति पर कुर्की चश्पा की कार्रवाई की जा चुकी है। •• जिला कलेक्टर कार्यालय में आज बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने इस भ्रष्टाचार और अवैध कृत्य के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन पुख्ता सबूतों के आधार पर क्या ठोस कार्यवाही करता है। माननीय जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता एवं समस्त साक्ष्य प्रमाणों को देखते हुए तत्काल अनुविभागीय राजस्व अधिकारी परासिया को फोन पर जानकारी देते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच एवं कठोर दंडात्मक कार्यवाही करवाने के निर्देश दिए है, एवं जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा ने शिकायत को टी.एल. पर लिया है।
- न्यूज़ ऐसीपी भारत से गोपाल मालवीय की खास रिपोर्ट समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सौंपे प्रमाण (न्यूज़ ऐसीपी भारत छिंदवाड़ा)- छिंदवाड़ा। जिला मुख्यालय में आज 31 मार्च 2026 दिन मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में उस समय हड़कंप मच गया, जब क्षेत्र के सुप्रसिद्ध प्रखर समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने लायंस क्लब, लायंस आई हॉस्पिटल परासिया के विरुद्ध अवैध मानव अंग प्रत्यारोपण, मानव अंग आंख तस्करी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर साक्ष्यों के साथ जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत पत्र सौंपा। आरटीआई (RTI) से प्राप्त चौंकाने वाले दस्तावेजों के आधार पर चौरसिया ने संस्थान के पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही और एफ.आई. आर. दर्ज करने की मांग की है। क्या है पूरा मामला? •• शिकायत के अनुसार, यह प्रकरण 20 मई 2016 को समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के स्वर्गीय मामा श्री अशोक चौरसिया के निधन से जुड़ा है। आरोप है कि लायंस आई हॉस्पिटल के पदाधिकारियों ने बिना किसी अधिकृत डॉक्टर, विशेषज्ञ या पुलिस की उपस्थिति के, एक निजी कंपाउंडर के माध्यम से अवैध रूप से नेत्र निष्कर्षण (Removal) करवाया। जब परिवार ने इन नेत्रों के उपयोग और प्राप्तकर्ता की जानकारी मांगी, तो अस्पताल प्रबंधन ने कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया। संस्था के द्वारा बनाए प्रमाण पत्र में नेत्रदान प्रमाण पत्र दिया एवं संस्था के लेटर पैड में पदाधिकारी द्वारा लिखित रूप से स्वीकार किया की आंखें प्राप्त हुई थी, आंख किसी कारण से आंख खराब हुई जो की यह सिद्ध करता है कि संस्था नेत्रदान का काम कर रही है। आरटीआई से हुए सनसनीखेज खुलासे •• समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार:पंजीकरण का अभाव: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला छिंदवाड़ा द्वारा सूचना का अधिकार आरटीआई में लिखित सत्यापित प्रमाणित जानकारी दी गई उक्त संस्था के पास मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (THOTA), 1994 के तहत नेत्र निष्कर्षण या प्रत्यारोपण के लिए कोई वैधानिक पंजीकरण नहीं है। •• नेत्रदान लेने से संस्था का अस्वीकार किया जाना: आरटीआई से प्राप्त जानकारी अनुसार स्वास्थ्य विभाग छिंदवाड़ा द्वारा पूर्व में कि जांच में उक्त संस्था ने नेत्रदान लेने से अस्वीकार किया है। जबकि संस्था नेत्रदान एवं नेत्र प्रत्यारोपण की खबरें अखबार समाचार पत्रों और टीवी न्यूज़ समाचारों में दम में भरते हुए प्रकाशित करवाई गई है। इसके समस्त साक्ष्य समाज सेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने एकत्रित किया है। अंग तस्करी की आशंका: •• जिला छिंदवाड़ा में विगत 25 वर्षों से लायंस क्लब लाइंस आई हॉस्पिटल संस्था गैर पंजीकृत संस्था द्वारा बिना रिकॉर्ड के आँखों का निकाला जाना एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोह की ओर इशारा करता है,जिसकी कड़ियाँ भोपाल और अन्य बड़े शहरों से जुड़ी होने की आशंका है। •• राष्ट्रीय स्तर पर हुई जांच के निर्देश: समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के कठोर परिश्रम एवं निरंतर प्रयासों के कारण यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) और देश के प्रमुख 14 विभागों सहित मानव अधिकार आयोग, तक पहुँच चुका है। •• प्रधानमंत्री कार्यालय भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को 'यथोचित कार्यवाही' के निर्देश दिए हैं। NOTTO ने स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से THOTA अधिनियम के उल्लंघन की गहन जांच कर 'कार्रवाई रिपोर्ट' (ATR) मांगी है। कठोर धाराओं मे एफ. आई.आर.की मांग! •• आज सौंपे गए आवेदन में समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 211, 238, 316, 318(4) और THOTA अधिनियम की धारा 14, 18, 19 व 20 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। ••समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने कहा "यह लड़ाई केवल मेरे परिवार की नहीं, बल्कि मानवता की है। सेवा के नाम पर मानव अंगों का व्यापार करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रशासन के पास अब पर्याप्त साक्ष्य हैं कि लायंस आई हॉस्पिटल परासिया बिना अनुमति के यह अवैध कार्य कई वर्षों से कर रहा था। जब तक दोषियों को जेल नहीं होती, यह संघर्ष जारी रहेगा।" •• पूर्व में भी समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया की शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय अंधतत्व मुक्त निवारण मिशन भारत सरकार की योजना में उक्त संस्था द्वारा फर्जी बिलों को लगाकर गवन करने पर संस्था के विरुद्ध अपराध क्रमांक 12/2025 दिनांक 10 जनवरी 2025 को थाना परसिया में मध्य प्रदेश शासन द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसमें संस्था के सात पदाधिकारियों पर 420,409,34 के तहत मामला पंजीबद्ध हुआ है अभी मामला माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है। इसके साथ ही संस्था के द्वारा गवन की हुई लगभग 2 करोड़ कि राशि की वसूली के लिए लायंस क्लब लायंस आई हॉस्पिटल परासिया संस्था की संपत्ति पर कुर्की चश्पा की कार्रवाई की जा चुकी है। •• जिला कलेक्टर कार्यालय में आज बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने इस भ्रष्टाचार और अवैध कृत्य के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन पुख्ता सबूतों के आधार पर क्या ठोस कार्यवाही करता है। माननीय जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता एवं समस्त साक्ष्य प्रमाणों को देखते हुए तत्काल अनुविभागीय राजस्व अधिकारी परासिया को फोन पर जानकारी देते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच एवं कठोर दंडात्मक कार्यवाही करवाने के निर्देश दिए है, एवं जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा ने शिकायत को टी.एल. पर लिया है।4
- 1 अप्रैल से बदल जाएगा सैलरी स्ट्रक्चर इन-हैंड सैलरी घटेगी लेकिन भविष्य सुरक्षित होगा नया लेबर कोड लागू अब कंपनियों को 2 दिन1
- छिंदवाड़ा जिले के तामिया तहसील अंतर्गत ग्राम चौरा डोंगरी ढाना और कुर्सी डोबरा की महिलाओं ने मंगलवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर पेयजल और सड़क की गंभीर समस्या को लेकर विरोध जताया। महिलाएं अपने हाथों में खाली गुंडी (पानी के बर्तन) लेकर पहुंचीं और अनोखे तरीके से प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया। ग्रामीणों ने बताया कि गांव में लंबे समय से पेयजल की भारी किल्लत बनी हुई है। हालात यह हैं कि लोगों को रोजाना 3 से 4 किलोमीटर दूर नाला और झिरिया से पानी लाना पड़ रहा है। इसके बावजूद पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा, जिससे दिनभर का समय पानी की व्यवस्था में ही निकल जाता है और मजदूरी पर भी असर पड़ रहा है। सचिव पर लगाया लापरवाही का आरोप महिलाओं ने बताया कि कई बार ग्राम पंचायत चौरा डोंगरी के सचिव को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि सचिव गांव में नियमित रूप से नहीं आते और समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। ग्रामीणों ने मांग की है कि दोनों गांवों में तत्काल एक-एक नलकूप (बोरवेल) खुदवाया जाए, ताकि पेयजल की स्थायी व्यवस्था हो सके। साथ ही मवेशियों के लिए भी पानी की गंभीर समस्या बनी हुई है, जिससे पशुपालन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों ने गांव तक पक्की सड़क निर्माण की मांग भी उठाई। उन्होंने बताया कि अभी कच्चे और धूल भरे रास्तों से आवागमन करना पड़ता है, जो बरसात में दलदल में बदल जाते हैं। इससे गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है1
- रिंकू रितेश चौरसिया द्वारा प्रेस विज्ञप्ति दिनांक: 31 मार्च 2026 स्थान: छिंदवाड़ा *समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक को सौंपे प्रमाण* छिंदवाड़ा जिला मुख्यालय में आज 31 मार्च 2026 दिन मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई में उस समय हड़कंप मच गया, जब क्षेत्र के सुप्रसिद्ध प्रखर समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने लायंस क्लब, लायंस आई हॉस्पिटल परासिया के विरुद्ध अवैध मानव अंग प्रत्यारोपण, मानव अंग आंख तस्करी और वित्तीय अनियमितताओं के गंभीर साक्ष्यों के साथ जिला कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक (SP) को शिकायत पत्र सौंपा। आरटीआई (RTI) से प्राप्त चौंकाने वाले दस्तावेजों के आधार पर चौरसिया ने संस्थान के पदाधिकारियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्यवाही और एफ.आई. आर. दर्ज करने की मांग की है। क्या है पूरा मामला? शिकायत के अनुसार, यह प्रकरण 20 मई 2016 को समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के स्वर्गीय मामा श्री अशोक चौरसिया के निधन से जुड़ा है। आरोप है कि लायंस आई हॉस्पिटल के पदाधिकारियों ने बिना किसी अधिकृत डॉक्टर, विशेषज्ञ या पुलिस की उपस्थिति के, एक निजी कंपाउंडर के माध्यम से अवैध रूप से नेत्र निष्कर्षण (Removal) करवाया। जब परिवार ने इन नेत्रों के उपयोग और प्राप्तकर्ता की जानकारी मांगी, तो अस्पताल प्रबंधन ने कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया। संस्था के द्वारा बनाए प्रमाण पत्र में नेत्रदान प्रमाण पत्र दिया एवं संस्था के लेटर पैड में पदाधिकारी द्वारा लिखित रूप से स्वीकार किया की आंखें प्राप्त हुई थी, आंख किसी कारण से आंख खराब हुई जो की यह सिद्ध करता है कि संस्था नेत्रदान का काम कर रही है। आरटीआई से हुए सनसनीखेज खुलासे समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और आरटीआई से प्राप्त जानकारी के अनुसार: पंजीकरण का अभाव: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला छिंदवाड़ा द्वारा सूचना का अधिकार आरटीआई में लिखित सत्यापित प्रमाणित जानकारी दी गई उक्त संस्था के पास मानव अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण अधिनियम (THOTA), 1994 के तहत नेत्र निष्कर्षण या प्रत्यारोपण के लिए कोई वैधानिक पंजीकरण नहीं है। नेत्रदान लेने से संस्था का अस्वीकार किया जाना: आरटीआई से प्राप्त जानकारी अनुसार स्वास्थ्य विभाग छिंदवाड़ा द्वारा पूर्व में कि जांच में उक्त संस्था ने नेत्रदान लेने से अस्वीकार किया है। जबकि संस्था नेत्रदान एवं नेत्र प्रत्यारोपण की खबरें अखबार समाचार पत्रों और टीवी न्यूज़ समाचारों में दम में भरते हुए प्रकाशित करवाई गई है। इसके समस्त साक्ष्य समाज सेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने एकत्रित किया है। अंग तस्करी की आशंका: जिला छिंदवाड़ा में विगत 25 वर्षों से लायंस क्लब लाइंस आई हॉस्पिटल संस्था गैर पंजीकृत संस्था द्वारा बिना रिकॉर्ड के आँखों का निकाला जाना एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अंग तस्करी गिरोह की ओर इशारा करता है,जिसकी कड़ियाँ भोपाल और अन्य बड़े शहरों से जुड़ी होने की आशंका है। राष्ट्रीय स्तर पर हुई जांच के निर्देश: समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया के कठोर परिश्रम एवं निरंतर प्रयासों के कारण यह मामला प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), राष्ट्रीय अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन (NOTTO) और देश के प्रमुख 14 विभागों सहित मानव अधिकार आयोग, तक पहुँच चुका है। प्रधानमंत्री कार्यालय भारत सरकार द्वारा मध्य प्रदेश के मुख्य सचिव को 'यथोचित कार्यवाही' के निर्देश दिए हैं। NOTTO ने स्वास्थ्य मंत्रालय के माध्यम से THOTA अधिनियम के उल्लंघन की गहन जांच कर 'कार्रवाई रिपोर्ट' (ATR) मांगी है। कठोर धाराओं मे एफ. आई.आर.की मांग आज सौंपे गए आवेदन में समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2), 211, 238, 316, 318(4) और THOTA अधिनियम की धारा 14, 18, 19 व 20 के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया का वक्तव्य: > "यह लड़ाई केवल मेरे परिवार की नहीं, बल्कि मानवता की है। सेवा के नाम पर मानव अंगों का व्यापार करने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए। प्रशासन के पास अब पर्याप्त साक्ष्य हैं कि लायंस आई हॉस्पिटल परासिया बिना अनुमति के यह अवैध कार्य कई वर्षों से कर रहा था। जब तक दोषियों को जेल नहीं होती, यह संघर्ष जारी रहेगा।" अपराधिक प्रवृत्ति पूर्व में भी समाजसेवी रिंकू रितेश चौरसिया की शिकायत के आधार पर राष्ट्रीय अंधतत्व मुक्त निवारण मिशन भारत सरकार की योजना में उक्त संस्था द्वारा फर्जी बिलों को लगाकर गवन करने पर संस्था के विरुद्ध अपराध क्रमांक 12/2025 दिनांक 10 जनवरी 2025 को थाना परसिया में मध्य प्रदेश शासन द्वारा एफआईआर दर्ज कराई गई है। जिसमें संस्था के सात पदाधिकारियों पर 420,409,34 के तहत मामला पंजीबद्ध हुआ है अभी मामला माननीय उच्च न्यायालय जबलपुर में विचाराधीन है। इसके साथ ही संस्था के द्वारा गवन की हुई लगभग 2 करोड़ कि राशि की वसूली के लिए लायंस क्लब लायंस आई हॉस्पिटल परासिया संस्था की संपत्ति पर कुर्की चश्पा की कार्रवाई की जा चुकी है। जिला कलेक्टर कार्यालय में आज बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे, जिन्होंने इस भ्रष्टाचार और अवैध कृत्य के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की। अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इन पुख्ता सबूतों के आधार पर क्या ठोस कार्यवाही करता है। माननीय जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता एवं समस्त साक्ष्य प्रमाणों को देखते हुए तत्काल अनुविभागीय राजस्व अधिकारी परासिया को फोन पर जानकारी देते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच एवं कठोर दंडात्मक कार्यवाही करवाने के निर्देश दिए है, एवं जिला कलेक्टर छिंदवाड़ा ने शिकायत को टी.एल. पर लिया है।1
- एसडीएम ने किया उद्घाटन, पालकों से बच्चों के साथ अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने की अपील3
- मुलताई पुलिस ने रंगे हाथों को तस्करों को क्या गिरफ्तार1
- छिंदवाड़ा से वाराणसी अयोध्या के लिए ट्रेन हुई रवाना1
- छिंदवाड़ा गैस एजेंसी पर भारी भीड़ सुबह से लंबी लाइनें नहीं मिल रही गैस गैस की परेशानी से जूझते उपभोक्ता छिंदवाड़ा में गैस एजेंसी पर आज मंगलवार सुबह 9 बजे ही लंबी लाइनें लग गईं। गैस की कमी से आम लोगों की परेशानी बढ़ गई है। ग्राहकों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है, फिर भी गैस नहीं मिल पा रही।गैस उपभोक्ताओं का कहना है कि ओटीपी आने के बाद भी पारली गैस खत्म हो जाती है। एक ग्राहक ने बताया, "लाइन में घंटा लगाने के बाद भी गैस नहीं मिली जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।" एजेंसी पर भीड़ इतनी ज्यादा है कि लोग परेशान हो रहे हैं।1