भारतीय सेना में अग्निवीर की ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार अपने गाँव तेलीखेड़ा (भीलवाड़ा) लौटे नव चयनित अग्निवीर पूरण बैरवा का चित्तौड़गढ़ जिले में भव्य स्वागत और अभिनन्दन किया गया। ग्रामवासियों ने पूरण बैरवा को साफा बांधकर, मिठाई खिलाकर और फूल मालाओं से लादकर उनका जोरदार स्वागत किया, जिसके बाद एक भव्य वाहन रैली निकाली गई। बैरवा युवा जागृति सामाजिक सेवा संस्थान के अध्यक्ष हीरालाल बैरवा ने बताया कि स्वागत कार्यक्रम की शुरुआत रेलवे स्टेशन पर हुई, जहाँ सर्व प्रथम संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद वाहन रैली कलेक्ट्रेट, टंकी के बालाजी, पालड़ी होते हुए ढोल नगाड़े और डी.जे. के साथ तेलीखेड़ा अपने गंतव्य स्थान पर पहुँची। वहाँ पूरण बैरवा ने अपनी माँ और भाई को आर्मी कैप पहनाई। इस भव्य रैली में 'भारत माता की जय' तथा 'जय भीम, जय भारत' के गगनभेदी नारों और जयकारों से पूरा शहर गूँज उठा, चारों तरफ देशप्रेम और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। रैली के मार्ग में सभी समाजजनों और विभिन्न संगठनों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनन्दन और स्वागत सत्कार किया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ समाज सेवी अखेराम बड़ोदिया, रामेश्वर लाल बैरवा, जोगणियां सैनेट्री के प्रोपराइटर देवकरण बैरवा, कालूलाल (राज. पुलिस), भाई कमलेश बैरवा, भागीरथ, राकेश, राधेश्याम, सुरेश, महावीर, राजवीर, राजू लाल, राजेश, नरेश कुमार, माण्डल विधायक प्रतिनिधि व ग्राम पंचायत पालड़ी प्रशासक, साथ ही सर्व समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा शक्ति और विद्यार्थी सहित हजारों ग्रामवासी शामिल हुए। फौजी पूरण बैरवा ने इस सम्मान के लिए सभी उपस्थित साथियों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
भारतीय सेना में अग्निवीर की ट्रेनिंग पूरी कर पहली बार अपने गाँव तेलीखेड़ा (भीलवाड़ा) लौटे नव चयनित अग्निवीर पूरण बैरवा का चित्तौड़गढ़ जिले में भव्य स्वागत और अभिनन्दन किया गया। ग्रामवासियों ने पूरण बैरवा को साफा बांधकर, मिठाई खिलाकर और फूल मालाओं से लादकर उनका जोरदार स्वागत किया, जिसके बाद एक भव्य वाहन रैली निकाली गई। बैरवा युवा जागृति सामाजिक सेवा संस्थान के अध्यक्ष हीरालाल बैरवा ने बताया कि स्वागत कार्यक्रम की शुरुआत रेलवे स्टेशन पर हुई, जहाँ सर्व प्रथम संविधान निर्माता बाबासाहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। इसके बाद वाहन रैली कलेक्ट्रेट, टंकी के बालाजी, पालड़ी होते हुए ढोल नगाड़े और डी.जे. के साथ तेलीखेड़ा अपने गंतव्य स्थान पर पहुँची। वहाँ पूरण बैरवा ने अपनी माँ और भाई को आर्मी कैप पहनाई। इस भव्य रैली में 'भारत माता की जय' तथा 'जय भीम, जय भारत' के गगनभेदी नारों और जयकारों से पूरा शहर गूँज उठा, चारों तरफ देशप्रेम और उत्साह का माहौल दिखाई दिया। रैली के मार्ग में सभी समाजजनों और विभिन्न संगठनों ने पुष्प वर्षा कर उनका अभिनन्दन और स्वागत सत्कार किया। इस कार्यक्रम में वरिष्ठ समाज सेवी अखेराम बड़ोदिया, रामेश्वर लाल बैरवा, जोगणियां सैनेट्री के प्रोपराइटर देवकरण बैरवा, कालूलाल (राज. पुलिस), भाई कमलेश बैरवा, भागीरथ, राकेश, राधेश्याम, सुरेश, महावीर, राजवीर, राजू लाल, राजेश, नरेश कुमार, माण्डल विधायक प्रतिनिधि व ग्राम पंचायत पालड़ी प्रशासक, साथ ही सर्व समाज के वरिष्ठजन, मातृशक्ति, युवा शक्ति और विद्यार्थी सहित हजारों ग्रामवासी शामिल हुए। फौजी पूरण बैरवा ने इस सम्मान के लिए सभी उपस्थित साथियों का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया।
- राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित मानगढ़ धाम पर पैंथरों का आतंक देखने को मिल रहा है। जानकारी के अनुसार, शाम होते ही एक साथ 3 से 4 पैंथर दिखाई दिए, जिसके बाद वन विभाग ने इस संबंध में चेतावनी जारी कर दी है।1
- समाचार प्लस की खबर के अनुसार, निम्बाहेड़ा में हुई आत्महत्या के मामले की जांच में एक नया मोड़ सामने आया है।1
- मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले में एक सनसनीखेज हत्याकांड सामने आया है। फूल तोड़कर लौट रहे रवि माली की धारदार हथियार से हत्या कर दी गई है। इस घटना से आक्रोशित परिजन शव रखकर प्रदर्शन कर रहे हैं।1
- मध्य प्रदेश के नीमच स्थित सब्जी मंडी की मौजूदा स्थिति को 'नरक' जैसा बताया गया है। मंडी से सामने आईं तस्वीरें इतनी भयावह हैं कि वे देखने वालों के होश उड़ा देंगी। इन बेहद खराब हालातों के लिए प्रशासन की बड़ी लापरवाही को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराया गया है।1
- चित्तौड़गढ़ में होटल पैराडाइज से जुड़े देह व्यापार प्रकरण को लेकर कई महिलाएं और पुरुष महत्वपूर्ण जानकारी साझा करने के लिए तैयार हो गए हैं। इन लोगों ने पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर इस मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। 'हेलो चित्तौड़गढ़ न्यूज़ चैनल' ने भी इस पूरे प्रकरण में उचित मार्गदर्शन और सुनवाई की अपील की है।1
- निम्बाहेड़ा जिला हॉस्पिटल से बाईक चोरी करते हुए कुछ चोरों को ग्रामीणों ने रंगे हाथ पकड़ लिया है। ग्रामीणों ने मौके पर ही बाईक चुरा रहे इन चोरों को धर दबोचा।1
- एक ही समाज और एक ही रिश्ते में सोच का कितना बड़ा अंतर है, यह दो अलग-अलग वीडियो में साफ देखा जा सकता है। एक वीडियो में एक बहू अपने बुजुर्ग ससुर को अमानवीय तरीके से घसीटती हुई दिख रही है, मानो वह इंसान नहीं बल्कि एक बोझ हों। वहीं, दूसरे वीडियो में एक बहू अपने ससुर को अपने पिता के समान मानकर पूरी सेवा कर रही है, उन्हें नहला रही है और सम्मान दे रही है। यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि रिश्तों की खूबसूरती खून के रिश्तों से नहीं, बल्कि संस्कारों और व्यवहार से तय होती है। यह केवल बहू या ससुर का नहीं, बल्कि सीधे तौर पर इंसानियत का सवाल है। आज की पीढ़ी को यह तय करना होगा कि वे अपने बच्चों के लिए कैसा उदाहरण स्थापित करना चाहते हैं। शब्द 'बहू' भले ही एक हो, लेकिन किसी के लिए बुजुर्ग बोझ के समान हैं तो किसी के लिए वे भगवान का रूप। यह अंतर सिर्फ संस्कारों का ही है।1