भीलवाड़ा शहर विधायक अशोक कुमार कोठारी ने अपने कार्यालय में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए, साथ ही यह भी कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में विधायक कोठारी ने आरएसआरडीसी द्वारा महात्मा गांधी चिकित्सालय में ₹35 करोड़ की लागत से बन रहे आईपीडी वार्ड के कार्यों की समीक्षा की और इसे आगामी दो माह में पूर्ण करने तथा गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, डीएमएफटी फंड से लगभग ₹20 करोड़ की लागत से विद्यालयों में बनने वाले नवीन कक्षा-कक्षों और अन्य निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। डीएमएफटी फंड से प्रस्तावित ₹12.50 करोड़ और बजट घोषणा के तहत ₹10 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़कों के निर्माण कार्यों के प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विधायक कोठारी ने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य तय समय में पूर्ण कर आमजन को समर्पित किए जाएं, क्योंकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर सड़क सुविधाएं नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के साथ-साथ शहर के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शहर में बार-बार क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अधिकाधिक सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़कें बनाने की आवश्यकता जताई गई, ताकि सड़कें टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बन सकें। बैठक में मुरली टावर के पीछे डी-ब्लॉक, दूदूवाला कंपाउंड और टेक्सटाइल मार्केट क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों एवं नालियों के निर्माण कार्यों पर भी चर्चा की गई। इस बैठक में अधिशासी अभियंता संदीप झंवर, सहायक अभियंता साहिल शर्मा एवं सुखी माली, आरएसआरडीसी के अधिकारी, विधायक कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी एडवोकेट अर्पित कोठारी, भगवान सिंह चौहान, संजय राठी, गजेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। यह जानकारी विधायक मीडिया प्रभारी ने सोमवार रात करीब 8 बजे दी।
भीलवाड़ा शहर विधायक अशोक कुमार कोठारी ने अपने कार्यालय में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए, साथ ही यह भी कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में विधायक कोठारी ने आरएसआरडीसी द्वारा महात्मा गांधी चिकित्सालय में ₹35 करोड़ की लागत से बन रहे आईपीडी वार्ड के कार्यों की समीक्षा की और इसे आगामी दो माह में पूर्ण करने तथा गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, डीएमएफटी फंड से लगभग ₹20 करोड़ की लागत से विद्यालयों में बनने वाले नवीन कक्षा-कक्षों और अन्य निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। डीएमएफटी फंड से प्रस्तावित ₹12.50 करोड़ और बजट घोषणा के तहत ₹10 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़कों के निर्माण कार्यों के प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विधायक कोठारी ने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य तय समय में पूर्ण कर आमजन को समर्पित किए जाएं, क्योंकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर सड़क सुविधाएं नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के साथ-साथ शहर के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शहर में बार-बार क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अधिकाधिक सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़कें बनाने की आवश्यकता जताई गई, ताकि सड़कें टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बन सकें। बैठक में मुरली टावर के पीछे डी-ब्लॉक, दूदूवाला कंपाउंड और टेक्सटाइल मार्केट क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों एवं नालियों के निर्माण कार्यों पर भी चर्चा की गई। इस बैठक में अधिशासी अभियंता संदीप झंवर, सहायक अभियंता साहिल शर्मा एवं सुखी माली, आरएसआरडीसी के अधिकारी, विधायक कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी एडवोकेट अर्पित कोठारी, भगवान सिंह चौहान, संजय राठी, गजेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। यह जानकारी विधायक मीडिया प्रभारी ने सोमवार रात करीब 8 बजे दी।
- भीलवाड़ा में दिनभर की भीषण गर्मी और उमस के बाद दोपहर होते-होते मौसम ने अचानक करवट बदल ली। सुबह से तीखी धूप और भारी उमस से बेहाल लोगों को तेज आंधी के बाद शुरू हुई बारिश से राहत मिली है, जिससे शहर का मौसम सुहाना हो गया और पारे में भारी गिरावट दर्ज की गई। हालांकि, इस बदले हुए मौसम के साथ आई तेज आंधी शहरवासियों के लिए कुछ जगहों पर सिरदर्द भी बन गई। शहर के आर सी व्यास कॉलोनी में तेज अंधड़ के कारण एक विद्युत पोल धराशायी हो गया, जिससे एक वाहन भी क्षतिग्रस्त हुआ। इसके अतिरिक्त, कुछ अन्य जगहों पर भी टेंट और तंबू उड़ गए। आसमान में अचानक काले बादलों के छा जाने से दिन में ही अंधेरा सा हो गया, जिसके कुछ ही देर बाद तेज हवाओं और आंधी के साथ झमाझम बारिश ने पूरे शहरी और आसपास के क्षेत्र को सराबोर कर दिया।1
- भीलवाड़ा शहर विधायक अशोक कुमार कोठारी ने अपने कार्यालय में सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अधिकारियों के साथ एक बैठक की। इस दौरान उन्होंने विभिन्न विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने के सख्त निर्देश दिए, साथ ही यह भी कहा कि गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। बैठक में विधायक कोठारी ने आरएसआरडीसी द्वारा महात्मा गांधी चिकित्सालय में ₹35 करोड़ की लागत से बन रहे आईपीडी वार्ड के कार्यों की समीक्षा की और इसे आगामी दो माह में पूर्ण करने तथा गुणवत्ता बनाए रखने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, डीएमएफटी फंड से लगभग ₹20 करोड़ की लागत से विद्यालयों में बनने वाले नवीन कक्षा-कक्षों और अन्य निर्माण कार्यों को निर्धारित समय सीमा में पूरा करने पर विशेष जोर दिया गया। डीएमएफटी फंड से प्रस्तावित ₹12.50 करोड़ और बजट घोषणा के तहत ₹10 करोड़ की लागत से बनने वाली सड़कों के निर्माण कार्यों के प्रस्तावों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। विधायक कोठारी ने अधिकारियों से कहा कि सभी कार्य तय समय में पूर्ण कर आमजन को समर्पित किए जाएं, क्योंकि विकास कार्यों में पारदर्शिता और गुणवत्ता उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर सड़क सुविधाएं नागरिकों के जीवन स्तर को सुधारने के साथ-साथ शहर के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। शहर में बार-बार क्षतिग्रस्त होने वाली सड़कों की समस्या के स्थायी समाधान के लिए अधिकाधिक सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़कें बनाने की आवश्यकता जताई गई, ताकि सड़कें टिकाऊ और गुणवत्तापूर्ण बन सकें। बैठक में मुरली टावर के पीछे डी-ब्लॉक, दूदूवाला कंपाउंड और टेक्सटाइल मार्केट क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों एवं नालियों के निर्माण कार्यों पर भी चर्चा की गई। इस बैठक में अधिशासी अभियंता संदीप झंवर, सहायक अभियंता साहिल शर्मा एवं सुखी माली, आरएसआरडीसी के अधिकारी, विधायक कार्यालय के प्रशासनिक अधिकारी एडवोकेट अर्पित कोठारी, भगवान सिंह चौहान, संजय राठी, गजेन्द्र सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी उपस्थित रहे। यह जानकारी विधायक मीडिया प्रभारी ने सोमवार रात करीब 8 बजे दी।1
- भीलवाड़ा/आकोला क्षेत्र में कृषि विभाग द्वारा राज्य योजना के अंतर्गत एक दिवसीय कृषक महिला प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन ग्राम पंचायत दौलपुरा के राजस्व ग्राम नवलपुरा में किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र की करीबन 30 कृषक महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रशिक्षण के दौरान, कृषक महिलाओं को कृषि से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, दौलपुरा के महावीर वैष्णव ने मिट्टी का नमूना लेने की विधि और सॉइल हेल्थ कार्ड के महत्व को समझाया। वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, माल का खेड़ा के सत्यनारायण जोशी ने विभागीय अनुदानित योजनाओं, वंदे गंगा जल संरक्षण अभियान, खरीफ फसलों की पूर्व तैयारी और गर्मी की गहरी जुताई के लाभों पर विस्तार से चर्चा की। इसी क्रम में, कृषि पर्यवेक्षक, श्यामपुरा के मेघवंशी लाल मेघवंशी ने बीज उपचार, खरपतवार प्रबंधन, किसान सुविधा एप और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की जानकारी दी, जबकि कृषि पर्यवेक्षक, मांगटला के दयाराम तेली ने उत्पादकता वृद्धि के लिए 21 मूल मंत्र, फसल अवशेष प्रबंधन और समन्वित पोषक तत्व प्रबंधन जैसे विषयों पर प्रकाश डाला। वरिष्ठ कृषि पर्यवेक्षक, श्रीनगर के मोडू लाल धाकड़ ने महिलाओं को वैज्ञानिक खेती अपनाने, मृदा स्वास्थ्य सुधारने और सरकारी योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया, साथ ही खरीफ सीजन से पूर्व आवश्यक कृषि तैयारियों और जल संरक्षण के महत्व पर भी विशेष जानकारी दी। प्रशिक्षण के समापन पर, कृषि पर्यवेक्षक मानपुरा के मनीष कुमार मीणा ने प्रतिभागी कृषक महिलाओं के ज्ञानार्जन का परीक्षण किया, जिसमें प्रशिक्षण में दी गई जानकारियों से संबंधित प्रश्न पूछे गए। इस परीक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त कृषक महिलाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के बाद सभी प्रतिभागियों को भोजन कराया गया। कृषक महिलाओं ने इस प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी बताया और कृषि विभाग के प्रति आभार व्यक्त किया। अंत में, कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ किया गया।4
- बनेड़ा थाना के वर्तमान थानाधिकारी बछराज चौधरी और कांस्टेबल घनश्याम, जिनका बेल्ट नंबर 1988 है, के विरुद्ध कानूनी कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है। इन पुलिसकर्मियों पर 'तानाशाह', 'गालीबाज' होने और अपने पद का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया गया है।1
- इस समय भयंकर बारिश और तूफान दोनों एक साथ चल रहे हैं। लोगों को सलाह दी गई है कि वे पूरी तरह सावधान रहें।1
- राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले में आज का दिन विभिन्न महत्वपूर्ण घटनाओं और गतिविधियों से भरा रहा, जिसके चलते यह शहर दिनभर सुर्खियों में छाया रहा। दिन की शुरुआत में जहाँ कांग्रेस द्वारा एक प्रदर्शन आयोजित किया गया, वहीं दूसरी ओर विभिन्न समाजों के सम्मान समारोहों ने भी ध्यान खींचा। इन आयोजनों के बीच, एक ट्रैफिक पुलिस जवान द्वारा प्रस्तुत किए गए भजनों ने लोगों का दिल जीत लिया और खूब सराहना बटोरी। इसके अतिरिक्त, दोपहर बाद हुई झमाझम बारिश ने भीषण गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की, जिससे स्थानीय निवासियों को काफी सुकून मिला।1
- चित्तौड़गढ़ जिले के ग्रामीण इलाकों में जोरदार बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान क्षेत्र में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चलीं।1
- गुर्जर समाज के लोगों ने सोमवार दोपहर करीब 2 बजे जिला कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया, जिसमें हमीरगढ़ थाना क्षेत्र में दर्ज एफआईआर संख्या 87/2026 को लेकर मुख्यमंत्री के नाम जिला प्रशासन को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि पुलिसकर्मियों ने बिलिया कला निवासी कमलेश उर्फ कम्मू गुर्जर के साथ कथित तौर पर हिरासत में मारपीट की, जिससे उसका पैर टूट गया। ज्ञापन के अनुसार, 28 मई की रात करीब 8:40 बजे डीएसटी टीम द्वारा कमलेश को बरडोद चौराहे स्थित देवनारायण मंदिर के पास से बिना किसी कारण के उठाकर स्वरूपगंज चौकी ले जाया गया, जहाँ उसके साथ मारपीट की गई। गुर्जर समाज का दावा है कि बाद में पुलिस ने अपने बचाव के लिए कमलेश के खिलाफ एफआईआर संख्या 87/2026 दर्ज की, जिसमें यह दर्शाया गया कि वह हथियार लेकर जा रहा था और पुलिस को देखकर भागते समय पुलिया से कूदने पर घायल हुआ। समाज ने इस पूरे प्रकरण को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदर्शनकारियों ने मामले की सीआईडी-सीबी से निष्पक्ष जांच कराने तथा कथित रूप से दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने प्रशासन के समक्ष जांच के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदु भी रखे हैं, जिनमें बरडोद चौराहे से स्वरूपगंज चौकी तक लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, संबंधित पुलिसकर्मियों और कमलेश की मोबाइल लोकेशन व कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), पुलिस चौकी और थाने की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग, साथ ही पुलिस की आमद-रवानगी रजिस्टर की जांच शामिल है। गुर्जर समाज ने प्रशासन से आग्रह किया है कि सभी डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों को समय रहते सुरक्षित कर वैज्ञानिक तरीके से जांच कराई जाए, ताकि घटना की सच्चाई सामने आ सके और पीड़ित को न्याय मिल सके।1