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यह संदेश भगवान श्री राम के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, जिसमें "जय श्री राम" का पवित्र उद्घोष किया गया है।

17 hrs ago
user_Damodar kushwaha
Damodar kushwaha
Farmer Rampur Naikin, Sidhi•
17 hrs ago

यह संदेश भगवान श्री राम के प्रति गहरी श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक है, जिसमें "जय श्री राम" का पवित्र उद्घोष किया गया है।

More news from Rewa and nearby areas
  • सिंगरौली जिले में स्थित बरका महाविद्यालय की दयनीय स्थिति को लेकर गहरा दुख और शर्मिंदगी व्यक्त की गई है। इस पर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि ऐसी व्यवस्था पर शर्म आती है, जहाँ महाविद्यालयों की ऐसी हालत हो।
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    सिंगरौली जिले में स्थित बरका महाविद्यालय की दयनीय स्थिति को लेकर गहरा दुख और शर्मिंदगी व्यक्त की गई है। इस पर टिप्पणी करते हुए कहा गया कि ऐसी व्यवस्था पर शर्म आती है, जहाँ महाविद्यालयों की ऐसी हालत हो।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    11 hrs ago
  • शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने 30 जून 2026 को अपने साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत संभाग के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इन समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई के दौरान, अनूपपुर जिले के ग्राम गोरसी निवासी मुखीराम कोल ने खेत तालाब निर्माण कार्य के भुगतान की मांग की। इसी तरह, शहडोल जिले के ग्राम पिपरिया निवासी संजू चौधरी ने भूमि सीमांकन कराने, उमरिया जिले के ग्राम देवगांव निवासी यूनुस खान ने विद्युत प्रवाह के लिए कार्यवाही करने, और ग्राम चंदिया निवासी ललन सिंह ने भूमि पर कब्जा हटवाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किए। कमिश्नर ने इन सभी आवेदनों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित करते हुए शीघ्रता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अन्य आवेदकों ने भी अपनी शिकायतें और समस्याओं से संबंधित आवेदन सौंपे, और इस अवसर पर संभाग स्तरीय विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
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    शहडोल संभाग की कमिश्नर श्रीमती सुरभि गुप्ता ने 30 जून 2026 को अपने साप्ताहिक जनसुनवाई कार्यक्रम के तहत संभाग के दूर-दराज क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं और शिकायतें सुनीं। उन्होंने संबंधित विभाग के अधिकारियों को इन समस्याओं का समय-सीमा में निराकरण करने के निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान, अनूपपुर जिले के ग्राम गोरसी निवासी मुखीराम कोल ने खेत तालाब निर्माण कार्य के भुगतान की मांग की। इसी तरह, शहडोल जिले के ग्राम पिपरिया निवासी संजू चौधरी ने भूमि सीमांकन कराने, उमरिया जिले के ग्राम देवगांव निवासी यूनुस खान ने विद्युत प्रवाह के लिए कार्यवाही करने, और ग्राम चंदिया निवासी ललन सिंह ने भूमि पर कब्जा हटवाने के संबंध में आवेदन प्रस्तुत किए।

कमिश्नर ने इन सभी आवेदनों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित करते हुए शीघ्रता से निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनसुनवाई में अन्य आवेदकों ने भी अपनी शिकायतें और समस्याओं से संबंधित आवेदन सौंपे, और इस अवसर पर संभाग स्तरीय विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।
    user_Durgesh Kumar Gupta
    Durgesh Kumar Gupta
    Electrician Beohari, Shahdol•
    16 hrs ago
  • मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर अंतर्गत जल्हा गांव में एक सीसी सड़क के निर्माण में ऐसा चौंकाने वाला नजारा सामने आया है, जिसे देखकर लोग और इंजीनियरिंग जगत भी हैरान हैं। यहां लगभग 100 मीटर लंबी यह सड़क, जिसकी लागत करीब 2.92 लाख रुपये बताई गई है, सड़क के बीच में खड़े उच्च वोल्टेज बिजली के खंभे को हटाए बिना ही बना दी गई है। खंभे को हटाने की जहमत न उठाते हुए, उसे सड़क के चारों ओर घेरकर मानो एक "स्मारक" का दर्जा दे दिया गया है। यह खंभा अब सड़क का स्थायी हिस्सा बन चुका है, जिससे वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को रोजाना एक "इंजीनियरिंग अजूबे" का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क प्राथमिक पाठशाला की बाउंड्रीवाल से सटी होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। रात के समय किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। इस मामले में जब जिम्मेदार उपयंत्री योगेंद्र सिंह परमार से जानकारी मांगी गई, तो उनका जवाब और भी हैरान करने वाला था; उन्होंने साफ कहा कि "मैं तो जाकर देखा ही नहीं"। ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या सड़क निर्माण में खंभा हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया, संबंधित विभाग से समन्वय क्यों नहीं किया गया, और तकनीकी स्वीकृति देते समय इस खामी को किसी ने क्यों नहीं देखा। लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या सरकारी धन का उपयोग इसी तरह के निर्माण कार्यों में किया जाएगा। कुछ लोग व्यंग्यात्मक रूप से यह भी कह रहे हैं कि भविष्य में कहीं इस खंभे को "विकास स्तंभ" घोषित कर पर्यटन स्थल न बना दिया जाए, क्योंकि फिलहाल यह खंभा विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर इस मामले की जांच करें और संभावित दुर्घटना को दावत देने वाली इस व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। मौजूदा स्थिति में, यह निर्माण कार्य सड़क कम और सरकारी लापरवाही का जीता-जागता प्रदर्शन अधिक प्रतीत होता है।
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    मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर अंतर्गत जल्हा गांव में एक सीसी सड़क के निर्माण में ऐसा चौंकाने वाला नजारा सामने आया है, जिसे देखकर लोग और इंजीनियरिंग जगत भी हैरान हैं। यहां लगभग 100 मीटर लंबी यह सड़क, जिसकी लागत करीब 2.92 लाख रुपये बताई गई है, सड़क के बीच में खड़े उच्च वोल्टेज बिजली के खंभे को हटाए बिना ही बना दी गई है। खंभे को हटाने की जहमत न उठाते हुए, उसे सड़क के चारों ओर घेरकर मानो एक "स्मारक" का दर्जा दे दिया गया है।

यह खंभा अब सड़क का स्थायी हिस्सा बन चुका है, जिससे वाहन चालकों, स्कूली बच्चों और ग्रामीणों को रोजाना एक "इंजीनियरिंग अजूबे" का सामना करना पड़ रहा है। यह सड़क प्राथमिक पाठशाला की बाउंड्रीवाल से सटी होने के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। रात के समय किसी संभावित दुर्घटना की स्थिति में जिम्मेदारी किसकी होगी, यह भी एक बड़ा प्रश्न है। इस मामले में जब जिम्मेदार उपयंत्री योगेंद्र सिंह परमार से जानकारी मांगी गई, तो उनका जवाब और भी हैरान करने वाला था; उन्होंने साफ कहा कि "मैं तो जाकर देखा ही नहीं"।

ऐसे में कई सवाल उठ रहे हैं कि क्या सड़क निर्माण में खंभा हटाने का कोई प्रस्ताव नहीं बनाया गया, संबंधित विभाग से समन्वय क्यों नहीं किया गया, और तकनीकी स्वीकृति देते समय इस खामी को किसी ने क्यों नहीं देखा। लोग यह भी पूछ रहे हैं कि क्या सरकारी धन का उपयोग इसी तरह के निर्माण कार्यों में किया जाएगा। कुछ लोग व्यंग्यात्मक रूप से यह भी कह रहे हैं कि भविष्य में कहीं इस खंभे को "विकास स्तंभ" घोषित कर पर्यटन स्थल न बना दिया जाए, क्योंकि फिलहाल यह खंभा विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर इस मामले की जांच करें और संभावित दुर्घटना को दावत देने वाली इस व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त किया जाए। मौजूदा स्थिति में, यह निर्माण कार्य सड़क कम और सरकारी लापरवाही का जीता-जागता प्रदर्शन अधिक प्रतीत होता है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
  • सतना जिले के रामपुर बाघेलन की ग्राम पंचायत केमार में आज शाम 5 बजे एक जन चौपाल का आयोजन किया गया, जहाँ पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस चौपाल का मुख्य फोकस नशा, साइबर फ्रॉड और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर रहा। कार्यक्रम में बेला चौकी प्रभारी इंद्रवली सिंह ने साइबर अपराध से बचाव के तरीके विस्तार से बताए। उन्होंने ग्रामीणों को OTP, संदिग्ध लिंक और फर्जी कॉल से सावधान रहने, तथा किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी। इस जन चौपाल में जनपद सदस्य प्रजेश द्विवेदी, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष लक्ष्मण रावत, जनपद सदस्य बद्री दहिया, राजेश सिंह तिवारी, बेला सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, केमार सरपंच प्रतिनिधि बृजेश सेन और भाजपा मंडल मीडिया प्रभारी रामदत्त दाहिया सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे। जन चौपाल में भारी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने नशा, अवैध शराब की बिक्री, सड़क-सुरक्षा और गाँव से संबंधित अन्य समस्याएँ सामने रखीं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी सभी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का आश्वासन दिया। ग्राम पंचायत केमार के ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। इस जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को जागरूक करना और पुलिस तथा जनता के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
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    सतना जिले के रामपुर बाघेलन की ग्राम पंचायत केमार में आज शाम 5 बजे एक जन चौपाल का आयोजन किया गया, जहाँ पुलिस और जनप्रतिनिधियों ने ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। इस चौपाल का मुख्य फोकस नशा, साइबर फ्रॉड और कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं पर रहा।

कार्यक्रम में बेला चौकी प्रभारी इंद्रवली सिंह ने साइबर अपराध से बचाव के तरीके विस्तार से बताए। उन्होंने ग्रामीणों को OTP, संदिग्ध लिंक और फर्जी कॉल से सावधान रहने, तथा किसी भी संदेहास्पद गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना देने की सलाह दी। इस जन चौपाल में जनपद सदस्य प्रजेश द्विवेदी, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष लक्ष्मण रावत, जनपद सदस्य बद्री दहिया, राजेश सिंह तिवारी, बेला सरपंच प्रतिनिधि महेंद्र सिंह, केमार सरपंच प्रतिनिधि बृजेश सेन और भाजपा मंडल मीडिया प्रभारी रामदत्त दाहिया सहित कई प्रमुख लोग उपस्थित रहे।

जन चौपाल में भारी संख्या में उपस्थित ग्रामीणों ने नशा, अवैध शराब की बिक्री, सड़क-सुरक्षा और गाँव से संबंधित अन्य समस्याएँ सामने रखीं। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों को उनकी सभी समस्याओं का त्वरित निराकरण करने का आश्वासन दिया।

ग्राम पंचायत केमार के ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासन द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। इस जन चौपाल का मुख्य उद्देश्य आम जनता को जागरूक करना और पुलिस तथा जनता के बीच समन्वय को मजबूत करना था।
    user_रामदत्त दाहिया
    रामदत्त दाहिया
    Firefighter रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    12 hrs ago
  • राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत द्वारा 19 जुलाई को सतना जिले के हिरौदी मझगवा में एक ऐतिहासिक पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को संपादक एडवोकेट राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह चंदेल संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन के लिए सभी प्रदेशों के पत्रकारों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के पत्रकार भी शामिल हैं।
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    राष्ट्रीय पत्रकार संघ भारत द्वारा 19 जुलाई को सतना जिले के हिरौदी मझगवा में एक ऐतिहासिक पत्रकार सम्मेलन आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को संपादक एडवोकेट राष्ट्रीय अध्यक्ष जगदीश सिंह चंदेल संबोधित करेंगे। इस सम्मेलन के लिए सभी प्रदेशों के पत्रकारों को आमंत्रित किया गया है, जिसमें मध्यप्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ के पत्रकार भी शामिल हैं।
    user_पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
    पत्रकार सुधाकर त्रिपाठी सतना
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    18 hrs ago
  • सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में रोगी कल्याण समिति के माध्यम से विभिन्न कार्यों पर खर्च हुए सरकारी धन के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उपलब्ध दस्तावेज़ों के आधार पर, सीसीटीवी कैमरे लगाने, उनके रखरखाव और अन्य संबंधित कार्यों पर किए गए भुगतानों में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है, जिसके बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। जांचकर्ताओं द्वारा कई बिलों, भुगतान संबंधी अभिलेखों और अन्य दस्तावेज़ों के अध्ययन के बाद यह आवश्यक प्रतीत हुआ है कि विशेष रूप से उन भुगतानों की गहन पड़ताल की जाए जो ₹30,000 या उससे अधिक के हैं। ऐसे मामलों में यह स्पष्ट होना चाहिए कि कार्य किस प्रक्रिया के तहत कराया गया, संबंधित फर्म का जीएसटी विवरण क्या है, भुगतान किस आधार पर किया गया और क्या सरकारी नियमों का पूरी तरह से पालन हुआ या नहीं। इस मुद्दे को उठाने वाले व्यक्ति ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य के साथ, संबंधित अधिकारियों से सभी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस पूरी मुहिम का जोर इस बात पर है कि जनता का पैसा जनता के हित में और पूरी पारदर्शिता के साथ खर्च होना चाहिए।
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    सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रामपुर बघेलान में रोगी कल्याण समिति के माध्यम से विभिन्न कार्यों पर खर्च हुए सरकारी धन के उपयोग पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। उपलब्ध दस्तावेज़ों के आधार पर, सीसीटीवी कैमरे लगाने, उनके रखरखाव और अन्य संबंधित कार्यों पर किए गए भुगतानों में अनियमितताओं की आशंका जताई गई है, जिसके बाद पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

जांचकर्ताओं द्वारा कई बिलों, भुगतान संबंधी अभिलेखों और अन्य दस्तावेज़ों के अध्ययन के बाद यह आवश्यक प्रतीत हुआ है कि विशेष रूप से उन भुगतानों की गहन पड़ताल की जाए जो ₹30,000 या उससे अधिक के हैं। ऐसे मामलों में यह स्पष्ट होना चाहिए कि कार्य किस प्रक्रिया के तहत कराया गया, संबंधित फर्म का जीएसटी विवरण क्या है, भुगतान किस आधार पर किया गया और क्या सरकारी नियमों का पूरी तरह से पालन हुआ या नहीं।

इस मुद्दे को उठाने वाले व्यक्ति ने स्पष्ट किया है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष को निशाना बनाना नहीं, बल्कि सरकारी धन के उपयोग में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। इसी उद्देश्य के साथ, संबंधित अधिकारियों से सभी अभिलेखों की निष्पक्ष जांच कराने और यदि कहीं भी अनियमितता पाई जाती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की गई है। इस पूरी मुहिम का जोर इस बात पर है कि जनता का पैसा जनता के हित में और पूरी पारदर्शिता के साथ खर्च होना चाहिए।
    user_प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    प्रशांत कुमार त्रिपाठी
    Lawyer रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    23 hrs ago
  • मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित इटमा वॉटरफॉल में एक बार फिर हादसा हो गया है। यहाँ सेल्फी लेने की कोशिश करते समय एक युवक जलप्रपात में गिर गया।
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    मध्य प्रदेश के रीवा जिले में स्थित इटमा वॉटरफॉल में एक बार फिर हादसा हो गया है। यहाँ सेल्फी लेने की कोशिश करते समय एक युवक जलप्रपात में गिर गया।
    user_शेखर तिवारी
    शेखर तिवारी
    Journalist गुढ़, रीवा, मध्य प्रदेश•
    13 hrs ago
  • मूल पाठ में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन और भगवान श्री राम की अयोध्या नगरी का उल्लेख किया गया है।
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    मूल पाठ में बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन और भगवान श्री राम की अयोध्या नगरी का उल्लेख किया गया है।
    user_Abhishek Pandey
    Abhishek Pandey
    Huzur, Rewa•
    12 hrs ago
  • मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर अंतर्गत जल्हा गांव में सीसी सड़क निर्माण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सड़क के बीचोंबीच एक उच्च वोल्टेज बिजली का खंभा खड़ा है। अधिकारियों ने इसे हटाने की बजाय लगभग 100 मीटर लंबी और 2.92 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क को उसी खंभे के चारों ओर बना दिया, जिससे यह खंभा अब सड़क का स्थायी 'स्मारक' बन गया है। इस अजीबोगरीब निर्माण को देखकर लोग और इंजीनियरिंग जगत भी हैरान है। यह सड़क प्राथमिक पाठशाला की बाउंड्रीवाल से लगी हुई है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों और वाहन चालकों को अब रोजाना इस 'इंजीनियरिंग अजूबे' का सामना करना पड़ेगा, और रात के समय किसी संभावित दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है। जब इस निर्माण कार्य के संबंध में उपयंत्री योगेंद्र सिंह परमार से जानकारी मांगी गई, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला था; उन्होंने कहा कि वे तो मौके पर देखने ही नहीं गए। इस बयान के बाद निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा और तकनीकी मानकों के पालन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। लोग जानना चाहते हैं कि क्या खंभा हटाने का प्रस्ताव नहीं बना, संबंधित विभाग से समन्वय क्यों नहीं किया गया, और तकनीकी स्वीकृति देते समय यह खामी क्यों नहीं देखी गई। फिलहाल, सड़क के बीचोंबीच खड़ा यह खंभा विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, और ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने और इस दुर्घटना को न्योता देने वाली व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है। यह निर्माण कार्य सड़क कम, और सरकारी लापरवाही का जीता-जागता प्रदर्शन अधिक नजर आ रहा है।
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    मैहर जनपद पंचायत क्षेत्र के ग्राम कंचनपुर अंतर्गत जल्हा गांव में सीसी सड़क निर्माण का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहाँ सड़क के बीचोंबीच एक उच्च वोल्टेज बिजली का खंभा खड़ा है। अधिकारियों ने इसे हटाने की बजाय लगभग 100 मीटर लंबी और 2.92 लाख रुपये की लागत से बनी सड़क को उसी खंभे के चारों ओर बना दिया, जिससे यह खंभा अब सड़क का स्थायी 'स्मारक' बन गया है।

इस अजीबोगरीब निर्माण को देखकर लोग और इंजीनियरिंग जगत भी हैरान है। यह सड़क प्राथमिक पाठशाला की बाउंड्रीवाल से लगी हुई है, जिससे बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों और वाहन चालकों को अब रोजाना इस 'इंजीनियरिंग अजूबे' का सामना करना पड़ेगा, और रात के समय किसी संभावित दुर्घटना की आशंका भी बढ़ गई है।

जब इस निर्माण कार्य के संबंध में उपयंत्री योगेंद्र सिंह परमार से जानकारी मांगी गई, तो उनका जवाब और भी चौंकाने वाला था; उन्होंने कहा कि वे तो मौके पर देखने ही नहीं गए। इस बयान के बाद निर्माण की गुणवत्ता, सुरक्षा और तकनीकी मानकों के पालन पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं। लोग जानना चाहते हैं कि क्या खंभा हटाने का प्रस्ताव नहीं बना, संबंधित विभाग से समन्वय क्यों नहीं किया गया, और तकनीकी स्वीकृति देते समय यह खामी क्यों नहीं देखी गई।

फिलहाल, सड़क के बीचोंबीच खड़ा यह खंभा विकास कार्यों की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है, और ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल मौके पर पहुंचकर जांच करने और इस दुर्घटना को न्योता देने वाली व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग की है। यह निर्माण कार्य सड़क कम, और सरकारी लापरवाही का जीता-जागता प्रदर्शन अधिक नजर आ रहा है।
    user_ऋषिकेश त्रिपाठी
    ऋषिकेश त्रिपाठी
    रामपुर बघेलन, सतना, मध्य प्रदेश•
    9 hrs ago
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